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ममता के गढ़ में शाह की दहाड़! शुभेंदु के नामांकन में शक्ति प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम सियासी दलों की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को भवानीपुर विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। पार्टी नेताओं ने बताया कि अमित शाह भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके रोड शो का भी हिस्सा होंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी के साथ मिलकर अमित शाह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक गढ़ में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। अमित शाह बुधवार की देर रात कोलकाता पहुंचेभाजपा नेताओं के अनुसार, शाह और अधिकारी दोपहर के आसपास हाजरा क्रॉसिंग से रोड शो शुरू करेंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य भी उनके साथ होंगे। यह रोड शो भवानीपुर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए सर्वे बिल्डिंग पर समाप्त होगा, जहां अधिकारी अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि काफिला सर्वे बिल्डिंग से लगभग 200 मीटर पहले रुकेगा। अमित शाह शुभेंदु अधिकारी के साथ उस कार्यालय तक जाएंगे, जहां भाजपा नेता अपने कागजात जमा करेंगे। भाजपा नेताओं ने कहा कि नामांकन दाखिल करने में शाह की भागीदारी का उद्देश्य भवानीपुर चुनाव को पार्टी द्वारा दिए जा रहे महत्व को रेखांकित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी भवानीपुर में चुनाव प्रचार करने की संभावना है। गौरतलब है कि अमित शाह बुधवार की देर रात कोलकाता पहुंचे थे।

नक्सलवाद पर रिजिजू का ‘एटमी’ वार! कांग्रेस और माओवादियों के बीच ‘गुपचुप’ रिश्तों का दावा

देश में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी वामपंथी उग्रवादियों को जानते हैं और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ऐसे समूहों से संपर्क भी बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कुछ नेताओं पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ लोग वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन लोगों को जानते हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिरकेंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात भी की थी और उनसे संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाके, जो पहले नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, अब विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य भी रखा है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नक्सलियों द्वारा हत्या की गई, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।

नक्सलवाद पर रिजिजू का ‘एटमी’ वार! कांग्रेस और माओवादियों के बीच ‘गुपचुप’ रिश्तों का दावा

देश में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी वामपंथी उग्रवादियों को जानते हैं और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ऐसे समूहों से संपर्क भी बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कुछ नेताओं पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ लोग वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन लोगों को जानते हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिरकेंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात भी की थी और उनसे संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाके, जो पहले नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, अब विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य भी रखा है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नक्सलियों द्वारा हत्या की गई, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।

बंगाल चुनाव से पहले सियासी वार तेज: TMC का भाजपा पर पलटवार, ‘मोटा भाई-जवाब चाई’ से मांगा जवाब

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के चलते आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ ‘आरोप-पत्र’ जारी किया। अब इस पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पलटवार करते हुए भाजपा के खिलाफ ‘चार्जशीट’ जारी की है। तृणमूल कांग्रेस ने न केवल भाजपा-शासित राज्यों में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि मणिपुर में जातीय हिंसा और बंगाल में डिटेंशन कैंप मॉडल लागू करने की भाजपा की कथित मंशा पर भी तीखा हमला बोला। टीएमसी के इस आरोप-पत्र का नाम ‘मोटा भाई-जवाब चाई’ रखा है। आप हमें वंचित करतेटीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा पर अमित शाह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह पूर्वोत्तर राज्य पिछले तीन वर्षों से ‘खून से लथपथ’ है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा बंगाली और बांग्लादेशियों के बीच की लकीर को धुंधला करना चाहती है, ताकि वह असम की तर्ज पर बनाए गए अपने नफरत भरे डिटेंशन कैंप मॉडल को बंगाल में भी लागू कर सके। महुआ मोइत्रा ने अमित शाह की पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ ‘चार्जशीट’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आपने हर बंगाली को अपराधी घोषित कर दिया है। आप इसे चार चरणों में करते हैं: पहले आप हमारा अपमान करते हैं, फिर आप हमें वंचित करते हैं, फिर आप हमें अपराधी बनाते हैं, और फिर आप हमें परेशान करते हैं।”

संसद के दरवाजे पर पकौड़े खाना लोकतंत्र का अपमान, राहुल गांधी पर अमित शाह का सीधा प्रहार

असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ गई है। आरोप-प्रत्यारोप की तेज होती सियासत के बीच राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी रण में अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच दो दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं की शुरुआत भी की। इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है और वहां इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी-कभी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं और विरोध प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार संसद परिसर ऐसा स्थान नहीं है जहां इस तरह का प्रदर्शन किया जाए। शाह ने कहा कि इससे देश की छवि दुनिया में खराब होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार का विरोध करने और प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन संसद के अंदर चर्चा करने के बजाय इस तरह का तरीका अपनाना सही नहीं है। शाह ने यह भी कहा कि संसद में बहस से बचना और बाहर इस तरह की गतिविधियां करना लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है। गृह मंत्री ने कहा कि जब दुनिया भर के लोग भारत की ताकत और युवाओं की क्षमता देखने आते हैं, तब इस तरह के कदम देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी। महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्तर तक पहुंचने लगीउद्घाटन के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय अपने नेताओं के परिवारों की आर्थिक सेहत सुधारने पर ज्यादा ध्यान दिया। उनके अनुसार उस समय असम का स्वास्थ्य तंत्र काफी खराब हालत में था और लोगों को बेहतर इलाज के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही गृह मंत्री ने गोलाघाट और तिनसुकिया में बने कैंसर केंद्रों का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने वर्चुअल माध्यम से दिफू, जोरहाट और बरपेटा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बनने वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की आधारशिला रखी। इतना ही नहीं अमित शाह ने गुवाहाटी के सिक्समाइल इलाके में बनने वाले स्वास्थ्य भवन और अभयापुरी जिला अस्पताल की भी आधारशिला रखी। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने सीएम सरमा की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। शाह के मुताबिक अब असम की स्वास्थ्य व्यवस्था देश के विकसित राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्तर तक पहुंचने लगी है।