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20–21 जनवरी को BJP के कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे नितिन नबीन, पार्टी कार्यालय में पूरी होगी औपचारिकता

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने की औपचारिकता 20-21 जनवरी तक पूरी की जा सकती है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में यह प्रक्रिया पूरी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह उनके अध्यक्ष बनने के प्रस्तावक हो सकते हैं। अध्यक्ष पद हेतु केवल नितिन नबीन ही नामांकन कर सकते हैं। इस अवसर पर पार्टी के सभी मुख्यमंत्री, प्रदेशों के अध्यक्ष और अन्य उच्च पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बुधवार को मकरसंक्रांति के दिन नितिन नबीन ने पार्टी की दिल्ली प्रदेश इकाई के पूर्वांचल मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। नितिन नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मकरसंक्रांति की शुभकामना देते हुए कहा कि उन सबको मिलकर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हित के लिए कार्य करना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है जिसे पूरा करने के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है। बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहेदिल्ली भाजपा के पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा ने अमर उजाला से कहा कि मकरसंक्रांति पूर्वांचल का बहुत लोकप्रिय त्योहार है। यह पूरे विश्व के कल्याण के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के सभी भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। दिल्ली सरकार का भी इसमें सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से हर बस्ती में कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। मकरसंक्रांति पर प्रदेश कार्यालय पर पूर्वांचली गीत – संगीत का कार्यक्रम किया गया जिसमें भारी संख्या में पूर्वांचली कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में लगाए गए हेल्थ कैंप पर लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच भी कराई।

अमित शाह: सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले मिट गए, लेकिन यह आज भी गर्व से खड़ा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत के सनातन धर्म, संस्कृति, लोगों की आस्था को खत्म करना आसान नहीं है। अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर के बीती सदियों में बार-बार तोड़े जाने और 16 बार पुनर्निर्माण का हवाला दिया। शाह ने कहा कि जिन लोगों ने सोमनाथ मंदिर पर हमले किए, वो मिट गए, लेकिन मंदिर आज भी उसी जगह पर पूरे गर्व के साथ खड़ा है। लोगों को जागरूक किया जाएगाबीती 11 जनवरी को पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ किया था। यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनी के हमले और मंदिर के पुनर्निर्माण के 1000 हजार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। महमूद गजनी ने साल 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था। केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर के भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे सालभर देश में मनाया जाएगा। इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और लोगों को जागरूक किया जाएगा। मंदिर आज भी पूरे गर्व के साथ खड़ाशाह ने कहा, ‘एक हजार साल पहले महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और इसे तोड़ा। उसके बाद अन्य हमलावरों जैसे अलाउद्दीन खिलजी, अहमद शाह, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने भी हमले किए, लेकिन हर हमले के बाद मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गांधीनगर में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान शाह ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और इस पर बार-बार हमले का जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर को मिटाने वाले मिट गए, लेकिन मंदिर आज भी पूरे गर्व के साथ खड़ा है।

केरल दौरे पर अमित शाह का भाजपा का बड़ा संदेश, “कमल निशान की सरकार और मुख्यमंत्री लाना हमारा अंतिम लक्ष्य”

केरल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पिनरई विजयन सरकार को जमकर घेरा। तिरुवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह नगर निगम में भाजपा की जीत पर बात करते हुए कहा, ‘विजय हमारा लक्ष्य नहीं है, बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का एक पड़ाव है। हमारा अंतिम लक्ष्य है, कमल निशान की केरल में सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना है। इसी के साथ शाह ने केरल सरकार को सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी मामले पर भी घेरा। शाह ने अपने बयान में कहा कि जो मंदिर का सोना नहीं बचा पाए, वो धर्म क्या बचाएंगे। इसी के साथ उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की। शाह ने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य है केरल को पूर्ण विकसित बनाना, केरल को देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित करना और केरल में जो सदियों से आस्था की ताकत है, उसकी भी रक्षा करना है। शाह ने दावे के साथ कहा कि केरल के लोग भी मानते हैं कि यूडीएफ और एलडीएफ काम नहीं कर सकते हैं, सिर्फ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही यह काम कर सकती है। विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाएअमित शाह ने अपने बयान में कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2047 तक इस देश को एक विकसित भारत बनाने का सपना देखा है। मैं आज यहां केरल के लोगों को यह बताने आया हूं कि विकसित भारत का रास्ता विकसित केरल से होकर जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं केरल के लोगों से अपील करने के लिए इस कार्यकर्ता सम्मेलन में आया हूं। केरल के भविष्य का रास्ता, चाहे वह विकास हो, सुरक्षा हो, या हमारी मान्यताओं की रक्षा हो, LDF या UDF के जरिए हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियां पूरी दुनिया से गायब हो गई हैं, और कांग्रेस पार्टी पूरे देश में खत्म हो रही है। अब केरल के विकास का रास्ता सिर्फ नरेंद्र मोदी के एनडीए के साथ है। जरूरत इस बात की है कि केरल के लोगों के पास विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाए। असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगीकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए उन्होंने इन राज्यों में चुनावी दौरे भी शुरू कर दिए हैं। इन सभी चुनावी राज्यों में शाह की रणनीति बिहार के तर्ज पर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, संगठन को सक्रिय करने और सहयोगी दलों के साथ साझा अभियान और ठोस संयुक्त रणनीति को अमली जामा पहनाने की है। इन राज्यों में भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगी।

तमिलनाडु चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज, भाजपा का डीएमके पर बड़ा हमला, अमित शाह बोले 2026 में बनेगी NDA सरकार

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बीच अब यहां सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने सोमवार को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम पर तीखा हमला किया। उन्होंने डीएमके पर वंशवादी राजनीति, भ्रष्टाचार और जनविरोधी और हिंदू विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि तमिलनाडु की जनता अब डीएमके को वंशवादी मुन्नेत्र कजगम कह रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु की मौजूदा भावना को बखूबी व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने डीएमके सरकार को हराने, संकल्प लेने और अस्वीकार करने का मन बना लिया है, जो अब भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है। जनता डीएमके के जनविरोधी शासन का विरोध कर रही है, जिसका एकमात्र लक्ष्य अब एमके स्टालिन को सर्वोच्च पद पर बिठाना है। हम सभी डीएमके की हिंदू विरोधी विचारधारा से परिचित हैं। श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने के लिए भी जाएंगेकेसवन की टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय दौरे पर रविवार को तमिलनाडु पहुंचने के बाद आई, जिसके दौरान उन्होंने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंध्रान के नेतृत्व में तमिलगम थलाई निमिरा तमिलानिन पायनम अभियान यात्रा के समापन समारोह में भाग लिया। अमित शाह आज तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में आयोजित होने वाले “नम्मा ऊरु मोदी पोंगल” समारोह में भाग लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह मन्नारपुरम में मोदी पागल उत्सव में भाग लेने से पहले तिरुचिरापल्ली के श्रीरगम स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने के लिए भी जाएंगे। दुर्भाग्य से वह तमिलनाडु मेंरविवार को राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की मैराथन यात्रा के समापन समारोह में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने घोषणा की, “अप्रैल 2026 में तमिलनाडु में एनडीए सरकार का गठन होगा ।” हाल के वर्षों में मिली चुनावी जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “2024 और 2025 भारतीय जनता पार्टी के लिए जीत के वर्ष थे। अब, 2026 वह वर्ष होगा जब हम उस जनादेश को तमिलनाडु और बंगाल में लाएंगे। गृह मंत्री ने तमिलनाडु के नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण में एकजुट होने और उसका समर्थन करने का आग्रह किया। शाह के भाषण ने सत्तारूढ़ डीएमके का विरोध करने के लिए भाजपा की गठबंधन रणनीति की औपचारिक पुष्टि की । उन्होंने घोषणा की कि भाजपा एआईए डीएमके और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ एक मजबूत गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि भाजपा, एआईए डीएमके और अन्य दलों के गठबंधन की अंतिम लड़ाई कांग्रेस और डीएमके के खिलाफ होगी । गृह मंत्री ने मौजूदा प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा, ” डीएमके सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। अगर पूरे भारत में कहीं सबसे भ्रष्ट सरकार है, तो दुर्भाग्य से वह तमिलनाडु में है।”

असम दौरे पर अमित शाह का बड़ा बयान,1 लाख बीघा जमीन घुसपैठियों से मुक्त, शंकरदेव की धरती को अतिक्रमण से कराया आज़ाद

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम के एक दिन के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले असम के नगांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान बटाद्रवा का उद्घाटन किया। बटाद्रवा को 227 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा और राज्य के संस्कृति मंत्री बिमल बोरा मौजूद रहे। गृह मंत्री ने असम दौरे की शुरुआत गुवाहाटी में ‘शहीद स्मारक क्षेत्र’ में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। इसके बाद बटाद्रवा पहुंचने पर गृह मंत्री का ‘गायन-बयान’ (गायक और ढोल वादक) द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। शाह ने संत शंकरदेव के जन्मस्थल का पुनर्विकास के बाद उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद शाह केंद्रीय भवन में भी गए जहां ‘गुरु आसन’ (पूजनीय संत की सीट) रखी है। ‘महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव आविर्भाव क्षेत्र’ नाम की इस जगह को फिर से विकसित करने का फैसला सबसे पहले 2021-22 के राज्य बजट में प्रस्तावित किया गया था। ज्यादा जमीन खाली करवाईइस परियोजना को न केवल ऐतिहासिक स्थल बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने के लिए भी डिजाइन किया गया है। यहां महापुरुष शंकरदेव से जुड़े जीवन, आदर्शों और कलात्मक विरासत और राज्य की व्यापक सांस्कृतिक परंपराओं को भी दर्शाया गया है। सरमा ने कहा कि यह परियोजना (आविर्भाव क्षेत्र), महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की विरासत का सम्मान करते हुए, ‘असम के सत्रों, नामघरों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की हमारी प्रतिबद्धता’ को मजबूत करती है। बोरदुरवा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने ‘एक भारत’ का आह्वान किया था, जिसका अब पीएम नरेंद्र मोदी पालन कर रहे हैं। अमित शाह ने दावा किया कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन खाली करवाई है। हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते किए, इन समझौतों की 92% शर्तें पूरी हो चुकी हैं। बसने का कानूनी रास्ता बनायाशाह ने कहा, ‘बीजेपी पूरे देश से सभी घुसपैठियों को हटाने का संकल्प लेती है। क्या यह सही था कि शंकरदेव की इस जगह पर बांग्लादेशी घुसपैठिए थे? मैं हिमंत बिस्वा सरमा को यहां से घुसपैठियों को हटाने और नामघर को फिर से स्थापित करने के लिए बधाई देता हूं। एक लाख बीघा से ज्यादा जमीन घुसपैठियों से आजाद कराई गई है। कांग्रेस ने इतने वर्षों तक राज किया, लेकिन उसने असम आंदोलन में जान देने वालों के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस पार्टी वर्षों तक घुसपैठियों को आगे बढ़ाती रही और 1983 में आईएमडीटी एक्ट लाकर उन्होंने घुसपैठियों को यहां बसने का कानूनी रास्ता बनाया।’