कनाडा के प्रिंस एडवर्ड आइलैंड में चल रही G7 शिखर बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही रवाना हो गए। यहफैसला ऐसे समय पर आया जब मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ट्रंप के अचानक लौटने के बाद यह अटकलेंलगाई जा रही थीं कि वे वॉशिंगटन लौटकर संघर्ष विराम की संभावनाओं पर काम करना चाहते हैं।
गलत जानकारी’ देने पर मैक्रों पर भड़के ट्रंप
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बयान में कहा था कि ट्रंप इजरायल-ईरान संघर्ष पर काम करने के लिए अमेरिका लौट रहे हैं। इस परप्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर लिखा, “पब्लिसिटी के भूखे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने झूठा दावा किया कि मैंयुद्धविराम के लिए लौट रहा हूं। उन्हें असल वजह की जानकारी नहीं है।”
तेहरान को दी चेतावनी, सैन्य कार्रवाई के संकेत
ट्रंप ने G7 छोड़ने से पहले तेहरान के नागरिकों को राजधानी खाली करने की सलाह देते हुए संकेत दिया कि यदि हालात नहीं बदले तो अमेरिका सैन्यहस्तक्षेप कर सकता है। वॉशिंगटन लौटकर उन्होंने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को अलर्ट रहने का निर्देश भी दिया है।
इतिहास दोहराया, 2018 में भी छोड़ा था G7
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने G7 समिट को अधूरा छोड़ा हो। 2018 में कनाडा के क्यूबेक में हुई समिट के दौरान भी ट्रंप पहले ही रवाना हो गए थेऔर सिंगापुर में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से मुलाकात के लिए निकल पड़े थे। उस समय उन्होंने साझा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार करदिया था और कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो को “बेईमान और कमजोर” करार दिया था।
इस बार भी साझा बयान से बनाई दूरी
इस बार भी जब G7 सदस्य देशों ने एक संयुक्त शांति अपील जारी करने की तैयारी की, ट्रंप ने उसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस केराष्ट्रपति मैक्रों ने दावा किया कि ट्रंप किसी युद्धविराम के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, मगर ट्रंप की आक्रामक भाषा ने उनकी गंभीरता पर सवाल खड़ेकर दिए। इस फैसले से सबसे ज्यादा निराश ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज हुए, जो AUKUS डील और व्यापार को लेकर ट्रंप से पहलीबैठक की उम्मीद में थे।
अमेरिका फर्स्ट’ की नीति फिर सामने आई
ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति एक बार फिर उजागर हुई है। चाहे वह जलवायु सम्मेलन हो या अंतरराष्ट्रीय समझौते, ट्रंप हमेशा घरेलू प्राथमिकताओं कोआगे रखते हैं। इजरायल-ईरान संकट, वॉशिंगटन की स्थिति पर नियंत्रण और अपनी राजनीतिक छवि को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक बार फिरअंतरराष्ट्रीय मंच को पीछे छोड़ने में संकोच नहीं किया।