
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने मदुरै औरकोयंबटूर के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट इसलिए खारिज किए हैं क्योंकि तमिलनाडु ने चुनावों में भाजपा को नकारा है। स्टालिन ने इसे जनता से बदला लेने जैसाकदम बताया। सीएम स्टालिन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मदुरै- जिसे ‘मंदिरों का शहर’ कहा जाता है और कोयंबटूर- जिसे ‘दक्षिण भारत कामैनचेस्टर’ कहा जाता है- दोनों को मेट्रो की जरूरत है। लेकिन केंद्र ने कमजोर और तर्कहीन कारणों के आधार पर इन प्रोजेक्ट्स को ठुकरा दिया। रिपोर्टोंके अनुसार, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य सरकार की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) लौटा दी है। मंत्रालय का कहना है कि मेट्रोरेल पॉलिसी 2017 के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं शहरों को केंद्रीय मदद दी जा सकती है जिनकी आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 20 लाख सेज्यादा हो। जबकि कोयंबटूर की आबादी- लगभग 15.84 लाख और मदुरै की आबादी- लगभग 15 लाख है। इस आधार पर दोनों शहर पात्रता सेबाहर बताए गए।
मेट्रो जवाब उनकी आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाता
सीएम स्टालिन ने कहा कि नीति का एक जैसा उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आगरा, भोपाल और पटना, जहां आबादी 20 लाख से कम है, को मेट्रो मंजूर हो सकती है, तो मदुरै और कोयंबटूर को क्यों नहीं? उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण रवैया और विपक्ष-शासित राज्यों को सजादेने जैसा बताया। सीएम स्टालिन ने आगे कहा कि सरकार जनता की सेवा के लिए होती है, लेकिन केंद्र प्रतिशोध की भावना से काम कर रहा है औरयह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मदुरै और कोयंबटूर जैसे तेजी से बढ़ते शहर आधुनिक मेट्रो सिस्टम के हकदार हैं, औरकेंद्र का नो मेट्रो जवाब उनकी आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाता है।
नीति को नाकाम करेंगे और मदुरै व कोयंबटूर में मेट्रो रेल बनवाकर रहेंगे
तमिलनाडु सरकार ने फरवरी से दिसंबर 2024 के बीच दोनों शहरों के लिए, डीपीआर, कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान, अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट, केंद्र को भेजी थी। मार्च 2025 में केंद्र ने संसद में कहा था कि प्रोजेक्ट्स पर विचार हो रहा है, लेकिन अब इन्हें खारिज कर दिया गया। केंद्र सरकार कीतरफ से तमिलनाडु के दो शहरों, मदुरै और कोयंबटूर के लिए मेट्रो का प्रस्ताव लौटाए जाने के बाद सीएम स्टालिन ने करारा हमला बोला है। इस दौरानउन्होंने कहा कि उनकी सरकार और दोनों शहरों के लोग मिलकर केंद्र की प्रतिशोधी नीति को नाकाम करेंगे और मदुरै व कोयंबटूर में मेट्रो रेल बनवाकररहेंगे।