गाजा युद्ध में अमेरिका ने दी 21.7 अरब डॉलर की सैन्य सहायता, रिपोर्ट में हुई खुलासा

मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका, बीते दो साल में इस्राइल को करीब 21.7 अरब डॉलर की सैन्य सहायता दे चुका है। इसमें बाइडन प्रशासन और ट्रंप प्रशासन द्वारा दी गई मदद शामिल है। हमास के इस्राइल पर हमले औरगाजा में इस्राइल की जवाबी कार्रवाई को दो साल पूरे हो चुके हैं। हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर हमला किया था। जिसके बाद संघर्षकी शुरुआत हुई और यह अभी भी जारी है। ब्राउन विश्वविद्यालय के वाटसन स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स द्वारा प्रकाशित ‘कॉस्ट्सऑफ वॉर’ (युद्ध की लागत) नामक एक अध्ययन में ये भी कहा गया है कि अमेरिका ने पिछले दो वर्षों में पश्चिम एशिया में सुरक्षा सहायता और विभिन्नअभियानों पर करीब 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रकम खर्च की है। यह रिपोर्ट सार्वजनिक तौर पर मौजूद तथ्यों और रिपोर्ट्स पर आधारित है।अमेरिका के विदेश विभाग ने इस रिपोर्ट पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं व्हाइट हाउस ने पेंटागन से इस संबंध में सवाल करनेको कहा है। संस्थान ने इन आरोपों से इनकार कियायह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा गाजा में युद्ध को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए इस्राइलऔर हमास के प्रतिनिधि मिस्त्र में बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अमेरिकी मदद के बिना इस्राइल, गाजा में अपने अभियान कोजारी नहीं रख पाता। रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न द्विपक्षीय समझौते के तहत अमेरिका भविष्य में भी इस्राइल को अरबों डॉलर की वित्तीय मदद देगा।रिपोर्ट में बताया गया है गाजा युद्ध के पहले वर्ष में, जब पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन सत्ता में थे, अमेरिका ने इस्राइल को 17.9 अरब डॉलर की सैन्य मदददी। वहीं गाजा युद्ध के दूसरे वर्ष में 3.8 अरब डॉलर की मदद दी गई है। यह रिपोर्ट वॉशिंगटन स्थित क्विसी इंस्टीट्यूट फॉर रिस्पॉन्सिबल स्टेटक्राफ्ट केसाथ मिलकर तैयार की गई है। हालांकि कुछ इस्राइल समर्थक समूह क्विसी इंस्टीट्यूट पर अलगाववादी और इस्राइल विरोधी होने का आरोप लगातेहैं। वहीं संस्थान ने इन आरोपों से इनकार किया है। इस्राइल को अरबों डॉलर की वित्तीय मदद देगारिपोर्ट में बताया गया है कि यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले, ईरान में परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले और पश्चिम एशिया में अन्य व्यापक गतिविधियों परअमेरिका ने गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से 9.65 अरब डॉलर से लेकर 12 अरब डॉलर तक खर्च किए हैं। ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के लिएअमेरिका ने करीब 2 अरब अमेरिकी डॉलर से लेकर 2.25 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच खर्च किए। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अमेरिकी मदद केबिना इस्राइल, गाजा में अपने अभियान को जारी नहीं रख पाता। रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न द्विपक्षीय समझौते के तहत अमेरिका भविष्य में भीइस्राइल को अरबों डॉलर की वित्तीय मदद देगा।
दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट से मांगेगी दीपावली पर ग्रीन पटाखों की अनुमति, प्रदूषण और उत्सव में संतुलन जरूरी

प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट से दीपावली पर राजधानी में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति मांगेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि जनभावनाओंऔर पर्यावरण संरक्षण, दोनों में संतुलन जरूरी है। दीपावली को लेकर दिल्लीवालों में अलग उत्साह रहता है। यह पर्व धार्मिक के साथ दिल्ली कीआर्थिक और सांस्कृतिक मजबूती का प्रतीक भी है। दिल्ली के लोग आतिशबाजी के शौकीन हैं, लेकिन प्रदूषण के कारण इस पर रोक लग गई है।सीएम ने कहा है कि दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट से अपील करेगी कि दीपावली पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति मिले। दिल्लीसरकार पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही। सरकार कोर्ट को आश्वस्त करेगी कि न्यायालय के सभी दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन होगा। सुनिश्चित करेंगे कि सभी ग्रीन पटाखे अधिकृत संस्थाओं से निर्मित, सरकार की संस्थाओं से प्रमाणित हों। सरकारचाहती है कि दिल्लीवासी साफ, सुरक्षित वातावरण में दीपावली मनाएं। उपयोग पर अस्थायी रोक लगा दीमुख्यमंत्री ने कहा, पिछले अनुभवों से पता चलता है कि पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध से अनुकूल परिणाम नहीं मिले हैं। रोक के आदेश के बावजूदचोरी-छिपे प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे प्रयोग में लाए जाते हैं। इससे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर हो जाता है। इसलिए सरकार चाहती है किदिल्ली में ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति प्रदान की जाए। दिल्ली में हर साल दीपावली के समय वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंच जाताहै। प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनजीटी, पिछली दिल्ली सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। 2017 में सुप्रीम कोर्टने दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री और उपयोग पर अस्थायी रोक लगा दी। न्यायालय के सभी दिशा–निर्देशों और मानकों का पालन होगाअक्तूबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों के सीमित उपयोग की सशर्त अनुमति दी, जिन्हें दीपावली की रात 8 से 10 बजे तक जलाने की अनुमतिमिली। पिछली सरकार ने इस आदेश के बाद कहा कि राजधानी में ग्रीन पटाखों की पहचान, प्रमाणन और वितरण की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। इसकेबाद दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध जारी रहा। इसके बावजूद साल 2019 और 2020 में प्रदूषण स्तर गंभीर श्रेणी में रहा।नवंबर 2020 में एनजीटी ने आदेश पारित किया कि जिन क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब या उससे ऊपर है, वहां किसी भी प्रकार के पटाखों काउपयोग नहीं किया जा सकता। साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने ग्रीन पटाखों पर कोई सर्वमान्य रोक नहीं लगाई है। राज्यों कोस्थानीय प्रदूषण स्थिति के आधार पर प्रतिबंध लगाने की स्वतंत्रता दी है। पिछली सरकार ने प्रदूषण की गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए ग्रीन पटाखोंपर प्रतिबंध को उचित ठहराया था। सीएम ने कहा है कि दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट से अपील करेगी कि दीपावली पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों केउपयोग की अनुमति मिले। दिल्ली सरकार पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही। सरकार कोर्ट को आश्वस्त करेगीकि न्यायालय के सभी दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन होगा।
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, दो चरणों में होगा मतदान” 7.43 करोड़ मतदाता तय करेंगे 243 सीटों की किस्मत”

बिहार के विधानसा चुनाव के लिए सोमवार को तारीखों का एलान किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस केमाध्यम के माध्यम से बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरण में होंगे। छह नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा और 11 नवंबर को दूसरेचरण का मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। बिहार में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं। 14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।अनुसूचित जाति के लिए 38 और अनुसूचित जनजाति के लिए दो सीट आरक्षित होंगी। चुनाव आयोग के मुताबिक 90,712 मतदान केंद्र होंगे। इनमें76,801 ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे और 13,911 शहरों में होंगे। मतदान केंद्रों को सौ फीसदी वेब कास्टिंग होगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसत 818 मतदाता होंगे। 2015 के विधानसभा चुनाव पांच चरण में हुएसाल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरण में हुए थे। जबकि 2015 के विधानसभा चुनाव पांच चरण में हुए थे। उससे पहले 2010 केविधानसभा चुनाव छह चरण में हुए थे। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण में 71 सीटों पर मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 94 औरतीसरे चरण में 78 सीटों पर चुनाव हुआ था। वहीं, 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण में 49, दूसरे चरण में 32, तीसरे चरण में 50, चौथे चरण में 55 और पांचवें में 57 सीटों पर मतदान हुआ था। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं। विधानसभा चुनाव में छह चरणों में मतदान हुआ2010 के विधानसभा चुनाव में छह चरणों में मतदान हुआ था। इनमें पहले चरण में 47 जिलों, दूसरे चरण में 45 जिलों, तीसरे चरण में 48 सीटों, चौथे चतरण में 42 सीटों, पांचवें चरण में 35 सीटों और छठे चरण में 26 सीटों पर मतदान हुआ था। राज्य में अक्तूबर 2005 में विधानसभा चुनावहुए थे। ये चुनाव चार चरण में आयोजित किए गए थे। इस चुनाव में 243 सीटों पर कुल 2135 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इसमें पुरुषउम्मीदवारों की भागीदारी 93 फीसदी (1999) और महिला उम्मीदवारों की भागीदारी सात फीसदी (136) थी।
यूपी में दलितों पर अत्याचार चरम पर, कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने मांगा योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा “जानें क्या कुछ कहा”

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और दलितों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथका इस्तीफा मांगा है। इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और सांसदइमरान मसूद ने रायबरेली में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या समेत अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त होचुकी है। गौतम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ क्रूर हमलों, बलात्कार, हत्याओं, सामाजिक बहिष्कार, संस्थागतभेदभाव की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश के पांच भाजपाशासित राज्यों में दलित उत्पीड़न की 75 प्रतिशत घटनाएं हुईं, जबकि 26.2 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई हैं। 2023 में देशभर में दलितोंके खिलाफ अपराध के 57,789 मामले दर्ज हुए, जिनमें से सबसे अधिक 15,130 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए। गौतम ने इस वर्ष की दलितउत्पीड़न की कुछ ताजा घटनाओं का उल्लेख भी किया। दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की भी मांगगौतम ने रायबरेली की हालिया घटना का जिक्र करते हुए एक वीडियो दिखाया, जिसमें एक दलित युवक हरिओम की हमलावरों द्वारा पीट-पीटकरहत्या कर दी गई और जब मरने से पहले उसने राहुल गांधी का नाम लिया तो उसका मजाक उड़ाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या योगी सरकारने अपराधियों को खुली छूट दे दी है? गौतम ने मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में दलित उत्पीड़न की घटनाओं की ज़िम्मेदारी लेते हुएइस्तीफा दें। साथ ही, पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंनेएसआईटी द्वारा ऐसे मामलों की जांच कराने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की भी मांग की। आज देश का संविधान खतरे मेंवहीं लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि आज देश का संविधान खतरे में है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार कानून का राज स्थापित करने में पूरीतरह विफल रही है और उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार में नंबर वन बन गया है। इसके अलावा वहां दलितों, महिलाओं और मुसलमानों के खिलाफ अपराध भीचरम पर है।उन्होंने कहा कि योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रही है और सीजेआई के निर्देशों केबावजूद बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में कानून का नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा के नियमों का राज है। भाजपा सरकार उनलोगों को बचा रही है जो हिंसा फैलाते हैं, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर लाठी और गोली चलाई जा रही है। बरेली की घटना का जिक्रकरते हुए उन्होंने कहा कि 2,800 लोगों को नामजद किया गया है, पोस्टर थामने पर कार्रवाई हो रही है, जबकि सड़कों पर उत्पात मचाने वालों कोकेवल समझाकर छोड़ दिया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि लोकसभा में नेता विपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने मृतक हरिओमके परिवार से फोन पर बात की है। इसके अलावा अमेठी से कांग्रेस सांसद के.एल. शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने रायबरेली में पीड़ितपरिवार से मुलाकात की है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी जल्द ही एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम बनाकर दलित उत्पीड़न की घटनाओं की जांच करेगी औरएक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी।
रेड लाइन पार नहीं करेगा कोई, जयशंकर ने अमेरिका को दिया कड़ा संदेश “जानें क्या कुछ कहा”

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए डबल टैरिफ और India-US ट्रेड डील पर अंतिम मुहर न लग पाने को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ाबयान दिया है. उन्होंने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में उलझे हुए मुद्दों को सुलझाने के प्रयास जारीहैं, लेकिन किसी भी डील में नई दिल्ली की ‘रेड लाइन’ का सम्मान होना चाहिए. बता दें कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कई चरणों कीबातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर कोई बात बनती नजर नहीं आई है. टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति को लेकर भारतऔर अमेरिका के संबंधों में जो तनाव चल रहा है, उसके बीच विदेश मंत्री ने रविवार को कहा कि दोनों देशों में होने वाले किसी भी व्यापार समझौते मेंभारत की सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए. नई दिल्ली के कौटिल्य इकोनॉमिक एन्क्लेव में एक कार्यक्रम में बोलते हुए विदेश मंत्री ने ये बड़ाबयान दिया है. अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होना ही चाहिएविदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच व्यापार पर समझ बेहद जरूरी है, क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, तो भारत की भी अपनीसीमाएं हैं. पीटीआई के मुताबिक, एस जयशंकर ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर आज हमारे सामने अमेरिका के साथ कुछ मुद्दे हैं और ये बड़ा कारण हैकि व्यापार वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है. इस डील के अटकने के चलते ही अमेरिका की ओर से भारत पर हाई टैरिफ लगाया गया है. उन्होंने अपने संबोधन में भारत पर ट्रंप की ओर से लगाए गए 25% के एक्स्ट्रा टैरिफ को लेकर कहा कि हमने सार्वजनिक रूप से कहा है कि हम इसदूसरे टैरिफ को बहुत अनुचित मानते हैं. रूस से एनर्जी व्यापार करने के लिए हम पर निशाना साधा गया है. लेकिन, ऐसा अन्य देशों ने भी ऐसा किया है, जिनमें वे देश भी हैं, जिनके रूस के साथ अधिक शत्रुतापूर्ण संबंध हैं. एस जयशंकर ने आगे कहा कि आखिरकार जो भी हो, लेकिन अमेरिका के साथव्यापार समझौता होना ही चाहिए, क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है.बीते दिनों ये फिर से आगे बढ़ती हुई नजर आईकिसी भी समझौते में, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन पर आप बातचीत कर सकते हैं और कुछ ऐसी भी होती हैं जिन पर आप बातचीत नहीं कर सकते. भारत अपने रुख को लेकर पूरी तरह से को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि भारत-यूएस ट्रेड डील पर मार्च से ही बातचीत चल रही है. इसमेंसमस्याएं हैं, मुद्दे हैं, कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता, लेकिन उन पर बातचीत, चर्चा और समाधान की जरूरत है और हम यही करने का प्रयासकर रहे हैं. यहां बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पहले भारत पर 25% का रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किया गया था. लेकिन दोनोंदेशों के बीच ट्रेड डील बात फंसने के दौरान अमेरिका की ओर से रूसी तेल और हथियारों की खरीद के जरिए रूस को युक्रेन युद्ध में आर्थिक मददपहुंचाने का आरोप लगाया गया और एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लगाकर इसे 50% कर दिया गया था. इसके बाद ट्रेड डील पर बातचीत पर ब्रेक लग गयाथा, लेकिन बीते दिनों ये फिर से आगे बढ़ती हुई नजर आई है….
सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ सुप्रीम कोर्ट में वकील ने की नारेबाज़ी, कार्रवाई शुरू

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना हुई। यहां सुनवाई के दौरान एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूताउछालने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शख्स ने कोर्ट के अंदर नारेबाजी भी की। बाद में कोर्ट में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहरनिकाला। इससे कुछ देर के लिए कोर्ट की कार्यवाही बाधित रही। लाइव लॉ वेबसाइट के मुताबिक, अदालत में मौजूद लोगों ने बताया कि पकड़े गएशख्स ने नारे लगाए- सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने वेबसाइट को बताया कि व्यक्ति ने सीजेआई पर जूताफेंकने की कोशिश की थी, वहीं कुछ और ने कहा कि चीफ जस्टिस पर कागज का रोल फेंका गया। इस व्यक्ति के वकील की वेशभूषा में होने का भीदावा किया गया है। दूसरी तरफ कानूनी मामलों से जुड़ी वेबसाइट बार एंड बेंच ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि जब सीजेआई की अध्यक्षता वालीबेंच वकीलों से केस के बारे में सुन रही थी, तभी एक वकील दौड़ता हुआ आगे आया और अपना चीफ जस्टिस पर हमले के लिए पैर से जूता निकालनेकी कोशिश करने लगा। हालांकि, लगभग तुरंत ही सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और कोर्ट से बाहर कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरलमुख्य न्यायाधीश ने इस घटना के बाद कहा कि उन्हें इन घटनाओं से फर्क नहीं पड़ता। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही जारी रखने की बात कही। बतायागया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में जांच बिठा दी है। वकील की तरफ से इस घटना को अंजाम दिए जाने पर भी पूछताछ जारी है।गौरतलब है कि खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करने वाली याचिका खारिज करने और सुनवाई के दौरान दिए गए बयानोंको लेकर सीजेआई बीआर गवई का सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था। तब मुख्य न्यायाधीश ने इन टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुए कहा था- ‘किसी ने मुझे बताया कि मैंने जो टिप्पणियां की थीं, उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं।’ घटना सच है तो कार्रवाई होनी चाहिएसुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एडवोकेट रोहित पांडेय ने कहा, “आज की घटना बेहद दुखद है। अगर किसी वकील ने अदालत में हमलाकिया है या करने की कोशिश की है, तो हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। वह हमारे बार का सदस्य है। हमने हाल ही में पूछताछ की तो पता चला किवह 2011 बार का सदस्य है। लेकिन यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने भगवान विष्णु मामले में CJI द्वारा की गई टिप्पणी के आधार पर यह प्रयासकिया। यह बेहद दुखद घटना है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और अगर यह घटना सच है तो कार्रवाई होनी चाहिए।”
लोकगायिका से लोकनेता? मैथिली ठाकुर की बीजेपी नेताओं संग मुलाकात से अटकलें तेज़

बिहार को लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर चर्चा है कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। यह चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे। विनोद तावड़े और नित्यानंद राय के साथ जबसे उनकी तस्वीर सामने आई है चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल सेतस्वीरें शेयर कर लिखा कि वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिकामैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रहकिया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकीअपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं! बला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षितविनोद तावड़े के इस पोस्ट से संकेत मिल रहा है कि मैथिली चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली ठाकुर ने भी एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है, “जोलोग बिहार के लिए बड़े सपने देखते हैं, उनके साथ हर बातचीत मुझे दूर दृष्टि और सेवा की शक्ति की याद दिलाती है। हृदय से सम्मानित और आभारीहूं. श्री नित्यानंद राय जी एवं श्री विनोद श्रीधर तावड़े जी।” मैथिली ठाकुर मधुबनी के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। चुनाव आयोग द्वारा मैथिली ठाकुरको बिहार का ‘स्टेट आइकॉन’ भी नियुक्त किया गया था। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में प्रशिक्षित मैथिली ठाकुर को 2021 के लिए बिहार केलोक संगीत में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया था। मैथिली ठाकुर अपनेदो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षित की गई हैं।
गिल में है नेचुरल लीडरशिप वनडे कप्तानी पर बोले मोंटी, मिलेगा भारत को फायदा

इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कप्तानी सौंपने के फैसले की सराहना की है। पनेसर ने इसेमास्टरस्ट्रोक बताया है और कहा कि गिल नेचुरल लीडर हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर उभर जाते हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने इस महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए गिल को वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया था।गिल ने रोहित शर्मा की जगह ली थी जिनके नेतृत्व में भारत ने इस साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। भारत को 19 अक्तूबर से ऑस्ट्रेलिया केखिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। मुख्य चयनकर्ता अजीतअगरकर ने कहा था कि उन्होंने खुद रोहित को टीम प्रबंधन के फैसले की जानकारी दी थी। जिम्मेदारी मिलने पर अच्छा प्रदर्शन करतेरोहित की जगह गिल को कप्तान बनाए जाने से फैंस काफी आश्चर्य हो गए थे और इसे लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी।पनेसर ने हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि लीडरशीप भूमिका गिल के लिए सही है। पनेसर ने कहा, मुझेलगता है कि यह एक बेहतरीन फैसला है क्योंकि मुझे गिल ने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया है। रोहित शर्मा के रहते उन्हें कप्तान बनाना, उन्हें सीरीज केदौरान मदद और मार्गदर्शन दे सकता है। यह वाकई एक अच्छा कदम है। हमने इंग्लैंड में देखा है कि वह एक स्वाभाविक कप्तान हैं। जब आप शुभमनगिल को जिम्मेदारी देते हैं, तो आप उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखते हैं। मुझे लगता है कि हम वनडे सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे। मुझे हैरानीनहीं होगी अगर उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की कप्तानी भी दी जाए क्योंकि मुझे लगता है कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर अच्छाप्रदर्शन करते हैं। हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला विश्व कपदूसरी तरफ, गिल भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उनकी नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। इस बड़े आयोजन से पहले भारत के लगभग20 वनडे मैच खेलने की उम्मीद है और नए कप्तान का लक्ष्य प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ स्वदेश लौटना है। गिल ने हाल ही में बीसीसीआई के एकवीडियो में कहा था, अपने देश की वनडे टीम की कप्तानी करना और एक ऐसी टीम का नेतृत्व करना जो अच्छा प्रदर्शन कर रही है, मेरे लिए सबसे बड़ासम्मान है। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले हमारे पासलगभग 20 वनडे मैच हैं और जाहिर है कि हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला विश्व कप है।
जयपुर SMS अस्पताल में भीषण अग्निकांड, ICU में लगी आग से 8 मरीजों की मौत, देश भर में शोक प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने जताया दुख, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

जयपुर में कल देर रात सवाई मान सिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में अचानक लगी आग से आठ मरीजों की मौत के बादप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि “जयपुर, राजस्थान के अस्पताल में आग की त्रासदी के कारण लोगोंकी जान जाना अत्यंत दुखद है। जिन्होंने अपने प्रियजन खोए हैं, उन्हें मेरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”अस्पताल पहुंचेमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटनाअत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीजोंकी सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभु श्रीरामदिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धहै। जनहानि का समाचार अत्यंत दु:खद और पीड़ादायकहादसे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के ICU में आग लगने से सात लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करनेवाली है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों कोशीघ्र स्वस्थ करें। साथ ही यह भी कहा है कि राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसेहादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। इधर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी एक्स पर लिखा है कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में आगलगने की हृदय विदारक घटना में मरीजों की जनहानि का समाचार अत्यंत दु:खद और पीड़ादायक है। गहरी संवेदना व्यक्त करती हूंईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। प्रभु श्रीराम हादसे मेंघायल हुए नागरिकों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें । नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने शोक संदेश में कहा कि एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमासेंटर के ICU में आग लगने से 3 महिलाओं सहित 8 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। इस भीषण घटना ने मन कोझकझोर कर रख दिया है, हृदय अत्यंत व्यथित है। मेरी गहरी संवेदनाएं दिवंगतों के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओंको अपने श्रीचरणों में एवं शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामनाकरता हूं। अभी जयपुर जिला कलेक्टर से घटना की पूरी जानकारी ली है और थोड़ी ही देर में SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंच रहा हूं। हादसे कोलेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की चीज नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री अब तक सो रहे हैं। डोटासरा ने कहाकि ये सरकार किसी काम की नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री निजी कंपनियों को क्लीन चीट देने में लगे हैं।
1956 में कांग्रेस ने बेचा था खनन मंत्रालय” BJP सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा आरोप, राहुल गांधी पर बोला सीधा हमला

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने साल 1956 में खनन औरपेट्रोलियम मंत्रालय बेच दिया था। भाजपा सांसद ने कहा कि तत्कालीन खनन मंत्री केडी मालवीय ने यह मंत्रालय सेराजुद्दीन एंड कंपनी नाम की खननकंपनी को सौंप दिया था। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ दस्तावेज साझा करते हुए कहा कि सेराजुद्दीन एंड कंपनी उससमय मैंगनीज अयस्क की बड़ी ठेकेदार कंपनी थी और उसे बेहद फायदे वाले खनन पट्टे मिले थे।भाजपा सांसद ने लिखा, ‘राहुल गांधी की पार्टी की करतूतें बेमिसाल हैं, तभी तो कांग्रेस पार्टी के पास बेहिसाब संपत्ति है। 1956 में प्रधानमंत्रीजवाहरलाल नेहरू जी ने खुद लोकसभा में माना था कि मंत्रालय सेराजुद्दीन को बेचा गया था।’ कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गईनिशिकांत दुबे ने आगे कहा कि केडी मालवीय पर सुप्रीम कोर्ट के जज एसके दास ने जांच की थी, और उनके खिलाफ चार चार्जशीट दाखिल हुई थीं।इसके बाद उन्होंने 1963 में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 1977 में केडी मालवीय को मुंबई हाई ऑयल स्कैम केमामले में जेल भेजा गया था, लेकिन 1980 में कांग्रेस सरकार ने वह केस वापस ले लिया ताकि ‘गांधी परिवार के भ्रष्टाचार का पर्दां न उठे।’ भाजपानेता के इन आरोपों से एक बार फिर कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी, यह आपकी पार्टी का असली संविधाननिशिकांत दुबे ने इससे पहले 3 अक्तूबर को भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि 1975 में इंदिरा गांधी के शासन में जयपुर कीमहारानी गायत्री देवी और उनके बेटे कर्नल भवानी सिंह को जेल भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘इंदिरा गांधी, महारानी गायत्री देवी कीसुंदरता से ईर्ष्या करती थीं। इसलिए उन्हें और उनके बेटे को 1975 में ड्रग्स, हवाला और हथियारों की तस्करी जैसे झूठे आरोपों में जेल में डाल दियागया।’भाजपा सांसद निशिकांत दुबे कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस ने 1956 में खनन मंत्रालय को बेच दियाथा। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए कहा, ‘राहुल गांधी, यह आपकी पार्टी का असली संविधान है, इसे आप कोलंबिया में जाकरभी बताइए।’