एसएफजे ने दिलजीत दोसांझ को धमकी दी, ऑस्ट्रेलिया कॉन्सर्ट रद्द करने की मांग “जानें क्या है पूरा मामला”

खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन, सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने पंजाबी गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ को धमकी दीहै। इसके अलावा 1 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया में गायक के होने वाले म्यूजिक कॉन्सर्ट को रद्द करने के लिए कहा है। समूह का आरोप है कि सिंगर केकृत्य से 1984 के नरसंहार पीड़ितों का अपमान हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसएफजे संगठन ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिलजीतदोसांझ ने बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ में पैर छूकर 1984 के सिख नरसंहार के हर पीड़ित, विधवा और अनाथका अपमान किया है। आगे संगठन ने आरोप लगाया कि अमिताभ ने 31 दिसंबर, 1984 में हिंदुस्तानी भीड़ को सार्वजनिक रूप से उकसाया था औरखून का बदला खून का नारा लगाया था। इसके बाद पूरे भारत में कई सिख मारे गए थे। बायकॉट करने की मांग कीहाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ में दिलजीत दोसांझ सेट पर पहुंचे थे और पहुंचते ही उन्होंने शो होस्ट-अभिनेता अमिताभ बच्चन के पैर छुए।बिग बी ने गायक को पंजाब का बेटा कहा, साथ ही दोनों एक-दूसरे के गले भी लगे। इसी के बाद से इसे लेकर विवाद छिड़ गया है। संगठन नेदिलजीत दोसांझ के आगामी कॉन्सर्ट को बायकॉट करने की मांग की है। उन्होंने कहा है सिंगर ने ‘स्मृति दिवस का मजाक’ बनाया है। साथ ही कहा कियह उन पीड़ितों के साथ अन्याय हुआ है, इसलिए 1 नवंबर को गायक के होने वाले कॉन्सर्ट को रद्द करने के लिए कहा है। आपको बताते चलें कि 1 नवंबर को सिख नरसंहार स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
योगी सरकार ने बढ़ाया गन्ने का मूल्य, किसानों को मिलेगा 3,000 करोड़ रुपये का लाभ “किसानों और उद्योगों को बड़ी राहत”

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने गन्ने के मूल्य में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। गन्ने के मूल्य में प्रतिकुंतल 30 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। नई घोषणा के अनुसार, अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति के गन्नेका मूल्य 390 रुपये प्रति कुंतल किया गया है। प्रदेश सरकार के इस फैसले को गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। यहघोषणा पेराई सत्र 2025-26 के लिए की गई है। जुर्माना या चेतावनी दी जाएगीगन्ना मूल्य वृद्धि से किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरक्ति भुगतान किया जाएगा। योगी सरकार ने दावा किया है कि 2017 से अब तक चारबार गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है। बीते साढ़े 8 वर्षों में गन्ना किसानों को 2,90,225 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। इसकेपहले, 2007 से 2017 तक मात्र 1,47,346 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया था। पिछली सरकारों के 10 वर्षों की तुलना में1,42,879 करोड़ रुपये अधिक भुगतान योगी सरकार में हुआ। यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देगा और प्रदेश में निवेश का माहौलऔर अनुकूल बनेगा। इस अध्यादेश के तहत कई पुराने प्रावधान, जिनमें मामूली उल्लंघन पर भी कारावास का प्रावधान था, अब हटाए जा रहे हैं।छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों पर अब जुर्माना या चेतावनी दी जाएगी। प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था लागू होगीयूपी सरकार के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि प्रदेश में गन्ने के मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। प्रदेश में गन्ने का मूल्य महाराष्ट्र और कर्नाटक से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से किसानों को 3 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से प्रदेश के 46 लाख किसान लाभांवित होंगे। इसके पहले मंगलवार को प्रदेश सरकार ने उद्योग और व्यापार जगत के लिए बड़ा कदम उठाते हुए “उत्तर प्रदेशसुगम व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश-2025” को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मंगलवार को कैबिनेट बाईसर्कुलेशन के जरिए पारित इस अध्यादेश के तहत राज्य में लागू 13 प्रमुख औद्योगिक व व्यापारिक अधिनियमों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिकप्रावधान समाप्त कर दिए गए हैं। अब अधिकांश मामलों में उद्यमियों और व्यापारियों को जेल भेजने की बजाय आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाईकी व्यवस्था लागू होगी।
सड़क मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान, खराब सड़क निर्माण में शामिल अधिकारियों और ठेकेदारों की जानकारी जनता के लिए होगी उपलब्ध

देशभर में खराब सड़कों और हाईवे की हालत को लेकर लगातार ट्रोल हो रहे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब बड़ा एलान किया है।उन्होंने कहा कि अब जिन लोगों का सड़क निर्माण से सीधा लेना-देना है, जैसे ठेकेदार, सचिव, और इंजीनियर, उनकी जानकारी सार्वजनिक कीजाएगी। गडकरी ने यह बयान मंगलवार को CII नेशनल कॉन्फ्रेंस में दिया। इस कार्यक्रम का विषय था “स्मार्ट सड़कों का भविष्य – सुरक्षा, स्थिरताऔर लचीलापन”। उन्होंने साफ कहा कि “हर गलती का ठीकरा मेरे सिर पर क्यों फोड़ा जाए? जो खराब काम कर रहे हैं, जनता को उनके बारे में पताचलना चाहिए।” गडकरी ने कहा, “अब जनता को मंत्री, सचिव, ठेकेदार, एग्जिक्यूटिव इंजीनियर- सबकी डिटेल और उनके फोन नंबर मिलेंगे। मीडियाहमेशा मुझ पर क्यों आरोप लगाए और मेरी फोटो क्यों छापे? ठेकेदार और सचिव की फोटो भी छापो। जब लोगों को सबकी जानकारी मिलेगी, तोखराब काम करने वाले बेनकाब होंगे।” आर्थिक विकास की भारी संभावनाएंगडकरी ने कहा कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर का भविष्य तीन स्तंभों पर टिका है- People (लोग), Prosperity (समृद्धि) और Planning (योजना)।उन्होंने बताया कि “हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर (आधारभूत संरचना) लोगों के लिए होना चाहिए, ताकि उन्हें सुविधा और आराम मिले। इसी सोच के तहतदेशभर में 670 रोडसाइड सुविधाएं विकसित की गई हैं।”गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत 2027 तक भारत को 5 ट्रिलियन (खरब) डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। और इसमेंविश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा योगदान रहेगा। उन्होंने बताया कि सड़क और परिवहन सेक्टर में निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास की भारीसंभावनाएं हैं। एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे सेक्टरों में भी तेजी आ रहीगडकरी के मुताबिक, “अभी सड़क परिवहन मंत्रालय की वार्षिक आय करीब 55,000 करोड़ रुपये है, जो अगले दो साल में बढ़कर 1.4 लाख करोड़रुपये तक पहुंच जाएगी।” उन्होंने बताया कि 2027 के लिए एक समग्र इंफ्रास्ट्रक्चर योजना तैयार की गई है, जिसमें सड़क निर्माण में 80 लाख टनप्लास्टिक वेस्ट का इस्तेमाल और शुद्धिकरण प्लांट के ट्रीटेड पानी का पुनः उपयोग जैसे टिकाऊ उपाय शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि “25,000 किलोमीटर के टू-लेन हाईवे को चार-लेन में बदला जा रहा है। साथ ही, 2 लाख करोड़ रुपये के पोर्ट कनेक्टिविटी प्रोग्राम के तहत सभी बड़े बंदरगाहोंको नेशनल हाईवे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।” उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से धार्मिक पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे सेक्टरों में भीतेजी आ रही है।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राष्ट्रपति मुर्मू का राफेल मिशन, जवानों से मुलाकात और तकनीकी जानकारी ली

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला वायुसेना स्टेशन से फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। वह फ्लाइट सूट पहनकर राफेल में बैठीं और टेकऑफ से पहले हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, उसे चलाने के तरीकेऔर सुरक्षा से जुड़ी बातें समझीं। बता दें कि राष्ट्रपति ने हमेशा से सेना से जुड़े कामों में दिलचस्पी दिखाई है। मुर्मु बुधवार सुबह 9.15 बजे विशेषविमान से अंबाला पहुंची थीं। एयरफोर्स स्टेशन पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया। एयरफोर्स स्टेशन पर राष्ट्रपति को गार्डऑफ ऑनर दिया गया, फिर उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। राष्ट्रपति ने जवानों से मुलाकात कर एयरफोर्स स्टेशन की यूनिट्स का निरीक्षण भीकिया। एयरफोर्स स्टेशन अंबाला छावनी पहुंचींजिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के आयोजन और प्रोटोकॉल के तहत संबंधित विभागों के अधिकारियों व अन्य की जिम्मेदारी तय की गई है।उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि राष्ट्रपति दिल्ली से हवाई मार्ग के माध्यम से एयरफोर्स स्टेशन अंबाला छावनी पहुंचीं। सुरक्षा के लिहाज सेएयरफोर्स स्टेशन के आसपास के इलाके में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई है। एयरफोर्स स्टेशन के अंदर किसी को भी मोबाइल ले जाने की परमिशननहीं है। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही एयरफोर्स स्टेशन में प्रवेश दिया गया है। भारत ने राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से खरीदे हैं। पहली खेप 27 जुलाई 2020 को मिली थी, जिसमें 5 राफेल विमान शामिल थे। ये विमान सबसे पहले अंबाला एयरबेस पहुंचे थे। उन्होंने फ्रांस के मेरिग्नैक एयरबेससे उड़ान भरी, संयुक्त अरब अमीरात के अल दफरा एयरबेस पर रुके और फिर भारत पहुंचे। ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई10 सितंबर 2020 को अंबाला एयरबेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में एक औपचारिक इंडक्शनसेरेमनी आयोजित की गई थी। इन विमानों को भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन, “गोल्डन एरोज” में शामिल किया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथसिंह भी राफेल में उड़ान भर चुके हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार सुबह अंबाला के एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के इलाके में ड्रोनउड़ाने पर पाबंदी लगाई गई है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का मोदी पर तंज, ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोका के दावों पर उठाए सवाल “जानें क्या कुछ कहा”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत से जुड़े हालिया बयानों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने बुधवार को प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘दिल्ली वाले अच्छे दोस्त’ अब उनसे गलेनहीं मिलना चाहते। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें ट्रंप जापान मेंकारोबारियों को संबोधित करते हुए एक बार फिर यह दावा करते नजर आए कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को व्यापार के जरिएरोका था। रमेश ने लिखा, “अब तक वह यह दावा 54 बार कर चुके हैं। उन्होंने यह बात अमेरिका, कतर, सऊदी अरब, मिस्र और ब्रिटेन में कही है।उन्होंने यह उड़ान के दौरान और जमीन पर दोनों जगह कही है। अब उन्होंने जापान में भी इसे दोहराया है।” पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकाउन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, “कोई आश्चर्य नहीं कि उनके ‘दिल्ली वाले अच्छे मित्र’ अब उनसे गले नहीं लगना चाहते।” ट्रंप ने पिछलेमहीने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी यही दावा दोहराया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका था। दूसरी तरफ भारत का कहना हैकि पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम की समझौता दोनों देशों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधे संवाद के बाद हुआ था।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका था। दूसरी तरफ भारत का कहना हैकि पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम की समझौता दोनों देशों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधे संवाद के बाद हुआ था।
अमित मालवीय ने राहुल गांधी को बिहार अनदेखा करने पर निशाना साधा, साझा किया ‘गुमशुदा’ पोस्टर” समझें क्या है पूरा मामला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोपलगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी बिहार को नजरअंदाज कर रहे हैं और महागठबंधन में कांग्रेस को हाशिए पर ला दिया है। मालवीयने राहुल गांधी की फोटो वाला एक एनिमेटेड ‘गुमशुदा’ (मिसिंग) पोस्टर भी साझा किया, जिस पर लिखा था- ‘गुमशुदा: 59 दिन पहले बिहार में देखागया था’।मालवीय ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, करीब दो महीने हो गए राहुल गांधी को बिहार आए हुए। कोलंबिया में छुट्टियां मनाने और वीडियोब्लॉग बनाने के बीच उन्हें न तो बिहारकी परवाह करने का वक्त मिला, न ही (विपक्षी) गठबंधन संभालने का। परिणाम साफ है- महागठबंधन में अबकांग्रेस हाशिए पर है। मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी शामिलउन्होंने आगे कहा, बिहार की जनता जानती है कि कांग्रेस-राजद को वोट देना मतलब उन लोगों को वोट देना है, जो बिहार के लिए काम नहीं करते, बल्कि मौका मिलते ही लूटते हैं। याद रखिए, लालू परिवार ने हमेशा अपना घर भरा, जबकि बिहार गरीब और उपेक्षित रहा। लोकसभा में विपक्ष केनेता राहुल गांधी आज अपनी पहली चुनावी रैली संबोधित करेंगे। वह राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव केसाथ मुजफ्फरपुर और दरभंगा में संयुक्त रैली करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन औरराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच होगा। महागठबंधन में कांग्रेस, भाकपा-माले, भाकपा, माकपा और मुकेश साहनी की विकासशील इंसानपार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। गुमशुदा’ पोस्टर साझा कियावहीं, राजग में भाजपा, जनता दल (यू), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं।इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने राज्य की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया है। विधानसभा चुनाव दो चरणों मेंछह और 11 नवंबर को होंगे और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। BJP: भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी कापोस्टर जारी कर निशाना साधा और कहा कि बिहार की अनदेखी करने के कारण कांग्रेस महागठबंधन में हाशिए पर है। उन्होंने राहुल गांधी के 59 दिनसे बिहार न आने की बात को लेकर ‘गुमशुदा’ पोस्टर साझा किया।
लखनऊ में भारत स्काउट एंड गाइड का भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन सीएम योगी बोले, ‘जंबूरी बने आत्मनिर्भर और स्वदेशी भारत की पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत स्काउट एंड गाइड के 19वें राष्ट्रीय सम्मेलन (जंबूरी) की तैयारियों की समीक्षा की। 23 से 29 नवंबर तकलखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में इसका आयोजन होगा। यह अवसर युवा शक्ति के अनुशासन, राष्ट्र सेवा और आत्मनिर्भर भारत केसंकल्प को सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। सीएम ने निर्देश दिया कि यह आयोजन प्रदेश की सुरक्षा और आतिथ्य क्षमता का परिचायक बने। उन्होंनेनिर्देश दिए कि महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आवास, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी व्यवस्थाएं पूरे समन्वयके साथ करें। इस आयोजन की थीम आत्मनिर्भर स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत हर स्तर पर दिखना चाहिए। जंबूरी में दो दिन ड्रोन शो भी होगामुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश को अपनी परंपराओं, संस्कृति और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया किएक्सपो मैदान में प्रदर्शनी स्टॉल में राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एकउत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएं। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसरबनेगा। इस उद्देश्य से आईटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना की जा रही है। जहां डिजिटल लर्निंग, लीडरशिप और इनोवेशन से जुड़ेकार्यक्रम होंगे।यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट स्काउटिंग की दिशा में नया अध्याय सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंबूरी पूरी तरह ग्रीन और सस्टेनेबल हो।बैठक में बताया गया कि जंबूरी में दो दिन ड्रोन शो भी होगा। स्टाफ सदस्य शामिल होंगेअधिकारियों ने बताया कि आयोजन में विभिन्न राज्यों से 28 से 29 हजार स्काउट एवं गाइड, विदेशों से करीब दो हजार प्रतिभागी। 5000 स्वयंसेवकव स्टाफ सदस्य शामिल होंगे। 300 एकड़ क्षेत्रफल के आयोजन स्थल में 3500 टेंट, 2200 शौचालय, 1700 बाथरूम, 100 रसोई और 4 सेंट्रलकिचन की व्यवस्था की जा रही है। यहां 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने 23 से 29 नवंबर तक लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में होने वाले आयोजन की समीक्षा की। इस दौरानउन्होंने अफसरों को दिशा-निर्देश दिए।
कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला राज्य सरकार के ‘अनुमति आदेश’ पर लगी रोक, आरएसएस गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश को झटका

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को झटका देते हुए उसके एक आदेश पर रोक लगा दी है। दरअसल इस आदेश के तहत कर्नाटक सरकार नेनिजी संगठनों को सरकारी परिसरों और सार्वजनिक जगहों, सड़कों आदि पर कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने से प्रशासन की मंजूरी लेना अनिवार्यकर दिया था। कर्नाटक सरकार के इस आदेश को संघ की गतिविधियों को राज्य में बाधित करने के तौर पर देखा जा रहा था। हालांकि अब कर्नाटकउच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ ने इस आदेश पर रोक लगा दी है। 19 (1)(बी) के तहत मिले अधिकारों को छीन रहीराज्य सरकार के आदेश के खिलाफ ‘पुनशचैतन्य सेवा समस्थे’ नामक संगठन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करतेहुए जस्टिस नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई 17 नवंबर तक टाल दी है। याचिकादायर करने वाले संगठन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अशोक हरनहल्ली ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार का आदेश संविधान में दिएगए मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध जैसा है। वकील ने कहा कि ‘सरकार का आदेश है कि 10 से ज्यादा लोगों को भी इकट्ठा होने के लिए सरकार कीमंजरी लेनी होगी। यह संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध जैसा है। यहां तक कि अगर किसी पार्क में कोई समारोह होता है तो सरकारके इस आदेश के अनुसार, वह भी अवैध होगा।’ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ‘जब पुलिस कानून लागू है तो फिर ऐसे आदेश की जरूरत क्योंपड़ी? सरकार इस तरह के प्रशासनिक आदेश जारी नहीं कर सकती।’ इस पर राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने जवाब देने के लिए एक दिनका समय मांगा। इस पर उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ ने आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। पीठ ने कहा कि इस आदेश से कर्नाटक सरकारसंविधान के अनुच्छेद 19 (1)(ए) और 19 (1)(बी) के तहत मिले अधिकारों को छीन रही है। न्यायालय के इस आदेश से राज्य सरकार का मुंह बंद होगाकर्नाटक सरकार ने प्रदेश की किसी भी सरकारी संपत्ति या परिसर में निजी संगठनों के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य करदिया था। नए नियमों के तहत सार्वजनिक जगहों, सड़कों और सरकारी परिसरों में बिना अनुमति के 10 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, पथ संचलनकरने या शाखा लगाने पर रोक लगा दी थी। आदेश के अनुसार, इस विनियमन का उद्देश्य भूमि, भवन, सड़क, पार्क, खेल के मैदान और जलाशयोंसहित सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण, सुरक्षा और उचित उपयोग सुनिश्चित करना बताया गया। कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर कर्नाटकभाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि ‘यह सिद्धारमैया सरकार, प्रियांक खरगे के लिए बड़ा झटका है। ये बीते कुछ हफ्तों से आरएसएस परप्रतिबंध लगाने की चर्चा कर रहे थे। अब उच्च न्यायालय के इस आदेश से राज्य सरकार का मुंह बंद होगा क्योंकि आज न्याय हुआ है।’
तेजस्वी यादव का ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ लॉन्च बिहार को नंबर वन राज्य बनाने का वादा, एनडीए पर साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कुछ ही देर में महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी करेंगे। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा किमहागठबंधन का चुनाव घोषणापत्र बिहार को देश का नंबर वन राज्य बनाने का विजन डॉक्यूमेंट होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे पास राज्य केविकास के लिए एक विज़न और उसका रोडमैप है। बिहार को नंबर वन राज्य बनाने का हमलोगों ने प्रण लिया है। तेजस्वी ने महागठबंधन के घोषणापत्र को तेजस्वी प्रण पत्र नाम दिया है। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर हमला बोलते हुए उन्होंने एनडीए पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अबतक अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं किया है। महागठबंधन ने अपना मुख्यमंत्री का चेहरा पहले ही घोषित कर दिया है। आज हम ‘तेजस्वी प्रणपत्र’ जारी कर रहे हैं, जिसमें बताया गया है कि अगले पांच साल में हम बिहार को कैसे आगे ले जाएंगे। हम चाहते हैं कि एनडीए भी अपने मुख्यमंत्रीका नाम बताए। उनके पास क्या योजनाएं हैं? उनका विज़न क्या है? बिहार को आगे कैसे ले जाएंगे? हमने रोडमैप दिया है, विज़न दिया है, और स्पष्टकिया है कि हम बिहार को नंबर वन बनाएंगे। लेकिन वे सिर्फ नकारात्मक बातें करते हैं और हमारे नेताओं पर आरोप लगाते हैं। राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगातेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। जब भीप्रधानमंत्री बिहार आते हैं, वे विपक्षी नेताओं को गालियां देते हैं और नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा देते हैं। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद केउम्मीदवार तेजस्वी यादव ने दावा किया कि इस बार जनता बिहार में परिवर्तन लाने का मन बना चुकी है। तेजस्वी ने कहा कि एनडीए ने न तो अपनामुख्यमंत्री उम्मीदवार बताया है और न ही घोषणापत्र जारी किया है। वे सिर्फ हमारी घोषणाओं की नकल करते हैं। महागठबंधन का घोषणा पत्र आजजारी होने जा रहा है। इसकी पुष्टि करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधनका घोषणापत्र बिहार को आगे बढ़ाने की ठोस योजना पेश करेगा।यह बिहार को नंबर वन राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रशांत किशोर दो जगहों के वोटर! बिहार और बंगाल दोनों मतदाता सूची में दर्ज नाम से मचा सियासी हड़कंप

चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर का नाम बिहार और पश्चिम बंगाल, दोनों राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया है। यह जानकारीएक चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को दी। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में मैदान में है। आधिकारिक रिकॉर्ड केअनुसार, किशोर का नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के 121, कालीघाट रोड पते पर दर्ज है, जोतृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुख्यालय का पता है। यह वही सीट है, जहां से मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी चुनाव लड़ती हैं। चुनावअधिकारी ने बताया, “उनका मतदान केंद्र बी रानीशंकारी लेन स्थित सेंट हेलेन स्कूल में दर्ज है।” गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभाचुनावों के दौरान प्रशांत किशोर टीएमसी के लिए राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। व्यक्ति का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज नहीं कियाअधिकारी ने आगे बताया कि बिहार में किशोर का नाम रोहतास जिले के सासाराम संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत करगहर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज है, जहांउनका मतदान केंद्र मध्य विद्यालय, कोनार है। इस मामले पर बात करते हुए चुनाव अधिकारी ने बताया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 कीधारा 17 के तहत किसी भी व्यक्ति का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा, “धारा 18 के तहत एक हीनिर्वाचन क्षेत्र में एक व्यक्ति का नाम दो बार दर्ज करना भी निषिद्ध है। मतदाताओं को निवास स्थान बदलने पर अपना नाम स्थानांतरित करने के लिएफॉर्म 8 भरना आवश्यक होता है।” चुनाव आयोग (ईसी) ने स्वीकार किया है कि मतदाता सूची में दोहराव की समस्या एक आम मुद्दा है। यही कारण हैकि आयोग ने पूरे देश में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया शुरू की। बिहार में शुरू हुईयह प्रक्रिया 30 सितंबर को अद्यतन मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ पूरी हुई, जिसमें लगभग 68.66 लाख प्रविष्टियां हटाई गईं। इनमें करीब सातलाख ऐसे मामले थे, जिनमें मतदाता विभिन्न स्थानों पर दो बार दर्ज पाए गए थे। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर का नाम बिहार औरपश्चिम बंगाल दोनों राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया है। पश्चिम बंगाल में उनका नाम कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के 121, कालीघाट रोड पर दर्ज है, जो टीएमसी मुख्यालय का पता है।