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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हरिद्वार में पतंजलि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में शामिल, छात्राओं के उज्जवल भविष्य की दी शुभकामनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर आज उत्तराखंड पहुंचीं हैं। एयरपोर्ट पर सीएम धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह नेराष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद वह हरिद्वार के लिए रवाना हुईं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय केदीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर छात्र-छात्राओं को डिग्री और मेडल दिए। इस दौरान सीएम औरराज्यपाल भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन ने कहा कि यह सबसे प्रसन्नता का विषय है कि आज 64 प्रतिशत छात्राओं ने मेडल प्राप्त कियाहै। हमारी यही बेटियां भारत का गौरव बढ़ाएंगी। आज समय आ गया है कि देश को आगे बढ़ाने के लिए। देश के 140 करोड़ की जनता भी आशाभरी निगाह से देख रही हैं। देश को विकसित भारत बनाने में बेटियां अगर पीछे रह जाएंगी तो विकसित भारत का सपना अधूरा रह जाएगा। रामेदव जीजो प्रयास कर रहे हैं उसकी एकमात्र झलक दिखी है। हरिद्वार का यह पावन क्षेत्र दर्शन का द्वार है। पवित्र परिसर में देवी सरस्वती की आराधना करनेवाले सभी बधाई के पात्र हैं। अविरल गंगा की धारा में पतंजलि का योगदान एक धारा के रूप में जुड़ा है। छात्र-छात्राएं और उनके अविभावक भीबधाई के पात्र हैं। मंगल की एक कामना हमारी संस्कृति की एक पहचानपतंजलि ने योग आयुर्वेद और आध्यात्म से शरीर की विशुद्धियों को दूर करने का काम किया है। महर्षि पतंजलि को मैं प्रणाम करती हूं। महर्षि परंपराको आज के समाज में बढ़ाया जा रहा है। इस विश्व विद्यालय में शिक्षा और सौंदर्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां के योग आयुर्वेद को बहुत दिनों सेजानती हूं। इसका लाभ मुझे मिला भी है। विश्व बंधुत्व की भावना और नूतन ज्ञान का समन्वय व वैश्विक चुनौतियों को स्वीकार्य कर आगे बढ़ रहा है।बसुधैव कुटुंबकम के भाव से इस मनोरम स्थान पर शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिल रहा है। मुझे विश्वास है कि जलवायु परिवर्तन के साथ अन्यचुनौतियों का सामना करने में आप सभी तत्पर रहेंगे। सर्व मंगल की एक कामना हमारी संस्कृति की एक पहचान है। भविष्य की मंगल कामनामुझे विश्वास है विद्यार्थी सदाचार की शिक्षा को प्रसारित करने में पूर्ण सहयोग रहेगा। विज्ञान और आध्यात्म के समन्वय से आदर्श जीवन निर्माण मेंसहायक होगा। श्रीमद्भागवत गीता के एक अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने भी निष्ठा पूर्वक कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा दी है। तपस्या औरसरलता जीवन को शक्ति देने वाले मूल्य अपनाकर आप सभी अपने जीवन को सार्थक बनाएंगे। कठिन तपस्या के द्वारा मां गंगा को धरती पर लानेवाले भागीरथी का अनुसरण कर आप सभी भगीरथ प्रयास करेंगे। इस विश्वविद्यालय ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का मार्ग अपनाया है। मुझेविश्वास है इस विद्यालय के छात्र महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आज भारत पूरे विश्व को योग दिवस ही मना रहा है बल्कि इससे पूरे विश्व को स्वास्थ्य कामार्ग दे रहा है। अब पूरे विश्व में यही छात्र-छात्राएं योग प्राणायाम और आध्यात्म को प्रसारित कर विश्व गुरु बनाएंगे। अपने पुरातन भारत का नाम लोगअब जल्द ही सादर से लेंगे। सभी के स्वर्णिम भविष्य की मंगल कामना करती हूं।

शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र भैरुंदा को जिला बनाने की फिर उठी मांग, स्थानीय जनता प्रशासनिक असमानता को लेकर बेचैन

मध्य प्रदेश में प्रशासनिक नक्शे के नए स्वरूप को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। सरकार की कवायद के बीच भैरुंदा (नसरुल्लागंज) को जिला बनाए जाने की मांग एक बार फिर मुखर हो उठी है। लंबे समय से यहां के लोग जिला दर्जे की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार यह मांगसरकारी फाइलों में दबी रह गई। जनता का कहना है कि अब समय है कि भैरुंदा को उसका हक दिया जाए। विडंबना यह है कि बुधनी विधानसभा केअंतर्गत आने वाला भैरुंदा, जो मध्य प्रदेश की राजनीति में सबसे प्रभावशाली क्षेत्र माना जाता है, आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहा है। यहवही क्षेत्र है जहां से शिवराज सिंह चौहान राजनीतिक सफ़र की शुरुआत कर देश के केंद्रीय मंत्री बने। लेकिन वर्षों के सतत राजनीतिक प्रभाव केबावजूद भी क्षेत्र का विकास ठहर सा गया है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। सत्ता के गलियारों तक पहुंच ही नहींभैरुंदा को शिवराज सिंह चौहान का गृह और कर्मक्षेत्र माना जाता है। उनका योगदान क्षेत्र की सिंचाई, सड़कों और खेती की प्रगति तक सीमित रहा, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य में आज भी पिछड़ापन साफ देखा जा सकता है। जब भी जनता ने बड़े प्रशासनिक दर्जे, जैसे जिला दर्जा या उद्योगिक हबकी मांग की, तो इसे अनसुना कर दिया गया। क्षेत्रवासियों को गहरा मलाल है कि जिस ज़मीन ने एक मुख्यमंत्री और अब केंद्रीय मंत्री दिया, उसेप्रशासनिक सम्मान क्यों नहीं मिल सका। प्रदेश की सत्ता में लंबे समय से प्रतिनिधित्व करने के बावजूद जो वादे भैरुंदा के लिए किए गए, वे शब्दों तकसिमट गए। उद्योग लगाने, मेडिकल कॉलेज खोलने और शिक्षा का हब बनाने की बातें बार-बार गूंजती रहीं, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इस उदासीनताके चलते लोगों ने एक समय तो प्रमुख मुद्दों को उठाना भी छोड़ दिया था। उन्हें लगा कि उनकी आवाज़ अब सत्ता के गलियारों तक पहुंच ही नहीं रही। प्रदेश स्तर पर परिसीमन नहीं हो जाताअब प्रदेश की बागडोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों में है। लोगों का विश्वास है कि नई सरकार इस क्षेत्रीय असमानता को मिटाने के लिए कदमउठाएगी। राजेन्द्र शर्मा और लक्ष्मीनारायण शर्मा का कहना है कि सत्ता परिवर्तन से पहले यह उम्मीद जताई जा रही थी कि पंचवर्षीय योजना में भैरुंदाको प्राथमिकता मिलेगी। हालांकि राजनीतिक उलटफेरों ने उस पर विराम लगा दिया, पर उम्मीदें अभी बाकी हैं। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा कीसरकार होने से संभावना है कि भैरुंदा का नाम आखिरकार प्रशासनिक फेरबदल की सूची में शामिल हो जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जबशिवराज सिंह चौहान की अनुशंसा पर विदिशा को नगर निगम का दर्जा दिया जा सकता है, तो फिर भैरुंदा को जिला क्यों नहीं बनाया जा सकता? विदिशा के नगर निगम बनने से वहां के विकास को पंख मिलेंगे, लेकिन समान रूप से भैरुंदा भी उसी संसदीय क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्षेत्रवासीकहते हैं हम भी तो उसी जनप्रतिनिधि के अनुयायी हैं, फिर हमारे हक का फैसला कब? इस सवाल के साथ अब भैरुंदा की जनता जिला दर्जे कीघोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इस संबंध में भैरुंदा निवासी पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मालवीय का कहना है कि यह विषय प्रदेश स्तर काहै है। माननीय शिवराज जी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के स्तर का विषय है। आगे क्या होता है ये शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा। निश्चित रूप सेभैरूंदा को जिला बनाने की मांग चल रही है, लेकिन तब तक प्रदेश स्तर पर परिसीमन नहीं हो जाता, तब तक अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

अमित शाह ने मुजफ्फरपुर में एनडीए के लिए वोट की अपील, महागठबंधन पर जमकर किया हमला ‘जानें क्या कुछ कहा”

गृह मंत्री अमित शाह ने मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एनडीए प्रत्याशी के लिए मतदान करने कीअपील की। इसके बाद महागठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं बाबा गरीबनाथ धाम को प्रमाण कर अपने भाषण की शुुरुआतकरता हूं। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी में माता सीता का भव्य मंदिर बनेगा। छह नवंबर को आपको मतदान करना है। मुजफ्फरपुर में एनडीए के तीनप्रत्याशी हैं। इसमें से एक हमारे मंत्री भी हैं। आपका वोट किसी प्रत्याशी को विधायक और मंत्री बनाने के लिए मत दीजिएगा। आपका वोट बिहार कोजंगलराज से बनाने के लिए देना है। लालू-राबड़ी के समय में 15 साल में बिहार का जो पतन हुआ है, वही जंगलराज आज भेष बदलकर फिर से आनेवाला है। अगर मुजफ्फरपुर वाले प्रण लेंगे कि एनडीए को जिताना है तो जंगलराज को कोई नहीं ला सकता है। सीएम नीतीश के नेतृत्व सरकार बनाईपीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में काफी विकास किया। एम्स, एयरपोर्ट, मेट्रो, पावरप्लांट समेत कई सौगातें दी। जंगलराजसे बिहार को विकास की ओर ले जाने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है। नरेंद्र मोदी के शासनकाल में ही मुजफ्फरपुर की लीची आज देश दुनिया मेंपहुंचकर आज मिठास बांटने का काम कर रही है। यह सब लालू-राबड़ी राज में नहीं हो सकता था। लालू-राबड़ी शासनकाल में यहां पर जी कृष्णैयाकी पीट-पीटकर हत्या की गई। अगर फिर से लालू के बेटे सीएम बनते हैं तो बिहार में तीन नए मंत्रालय खुलेंगे। एक अपहरण, दूसरा रंगदारी औरतीसरा हत्या को बढ़ावा देने वाला मंत्रालय खुलेगा। अगर आपने पीएम मोदी और सीएम नीतीश के नेतृत्व सरकार बनाई तो बाढ़ मुक्त बिहार बनाने केलिए मंत्रालय बनाया जाएगा। विकास महागठबंधन को पच नहीं रहाअमित शाह ने कहा कि लालू प्रसाद और सोनिया गांधी को अपने बेटों को चिंता सताती है। लालू अपने बेटे तेजस्वी को सीएम और सोनिया गांधीअपने बेटे राहुल गांधी को पीएम बनाना चाहते हैं। लेकिन, दोनों को मैं बता दूं कि यहां सीट ही खाली नहीं है। वहां पीएम मोदी हैं तो यहां सीएमनीतीश कुमार हैं। दोनों में कोई सीट खाली नहीं है और न होने वाली है। इसलिए जो लोग दिन में सपने देख रहे हैं, वह सपने देखना छोड़ दें। बिहार कीजनता एनडीए की सरकार फिर से लाने जा रही है। गृह मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में घर-घर बिजलीपहुंचाई। आज 125 यूनिटी बिजली फ्री दे रही है। महिलाओं को रोजगार के लिए मदद कर रही है। लेकिन, यह विकास महागठबंधन को पच नहींरहा है।

अमेरिकी सेना का कैरेबियन में हमला, तीन कथित ड्रग तस्कर मारे गए, बढ़ा विवाद जानें क्या है पूरा मामला

अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में एक और सैन्य हमला किया है, जिसमें तीन कथित ड्रग तस्कर मारे गए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार कोसोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। हेगसेथ ने बताया कि यह नाव एक ऐसे संगठन से जुड़ी थी जिसे अमेरिका ने पहले ही आतंकवादीघोषित किया हुआ है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस समूह को निशाना बनाया गया। यह सितंबर की शुरुआत से अब तक अमेरिकीसेना का 15वां हवाई हमला है, जो कैरेबियन सागर या पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में ड्रग तस्करों पर किया गया है। उन्होंने अपने बयान में कहा यह नाव हमारीखुफिया जानकारी के अनुसार मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थी और एक ऐसे मार्ग से गुजर रही थी, जो ड्रग तस्करी के लिए कुख्यात है। इस परबड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ मौजूद थे। अब तक इन अभियानों में कम से कम 64 लोगों की मौत हो चुकी है। मारे गए लोगों की पहचान क्याअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को जायज ठहराते हुए कहा है कि यह कदम अमेरिका में ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के लिए आवश्यक है।उन्होंने कहा कि अमेरिका अब ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में है- ठीक उसी कानूनी अधिकार के तहत, जो 9/11 के बाद आतंकवाद केखिलाफ युद्ध के लिए इस्तेमाल किया गया था। इन हमलों के बीच ट्रंप प्रशासन ने क्षेत्र में युद्धपोतों की संख्या बढ़ा दी है, जिससे यह अभियान औरभी तीव्र हो गया है। इस बीच, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा है कि यह सैन्य अभियान उनकेशासन को अस्थिर करने का एक छिपा हुआ प्रयास है। हालांकि, अब तक ट्रंप प्रशासन यह साबित नहीं कर पाया है कि जिन नावों को निशाना बनायागया, वे वास्तव में ड्रग कार्टेल से जुड़ी थीं या मारे गए लोगों की पहचान क्या थी। सशस्त्र संघर्ष की स्थिति मेंट्रंप प्रशासन के इस अभियान को लेकर अमेरिका के भीतर भी विरोध बढ़ा है। डेमोक्रेटिक सांसदों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप बिना कांग्रेस कीमंजूरी के सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। सीनेट की सशस्त्र बल समिति के सदस्य रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि इस तरहसे सैन्य क्षेत्र का विस्तार करना लापरवाही है। यह अमेरिकी सेना का राजनीतिक इस्तेमाल है। हालांकि, ट्रंप ने साफ कहा कि हम युद्ध की घोषणा नहींकर रहे। जो लोग हमारे देश में ड्रग्स ला रहे हैं, हम उन्हें खत्म कर देंगे। रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट ने हाल ही में डेमोक्रेट्स के उस प्रस्ताव कोखारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रपति को भविष्य की किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की अनुमति लेने की आवश्यकता बताई गई थी। ट्रंप ने ड्रग्सतस्करों को अवैध लड़ाके घोषित करते हुए कहा कि अमेरिका अब उनसे सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में है।

बिहार का भविष्य तय करने का वक्त” गोपालगंज से अमित शाह का वर्चुअल संदेश, बोले ‘जंगलराज’ बनाम ‘विकासराज’ की जंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोपालगंज में वर्चुअली चुनावी जनसभा को संबोधित किया। खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर पटना से उड़ाननहीं भर पाया। अपने भाषण में शाह ने जंगलराज की याद दिलाई, साथ ही बंद पड़े चीनी मिलों को चालू कराने का वादा किया। करीब 8 मिनट केअपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि पीएम ने बंद पड़ी रीगा चीनी मिल को चालू करने का काम किया है। बिहार की बाकी बंद पड़ी चीनी मिल कोअगले 5 साल में चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये चुनाव विधायक चुनने का नहीं है। ये चुनाव बिहार का भविष्य तय करने का है। बिहारकिसके हाथ में रहेगा। जिन्होंने वर्षों तक बिहार में जंगलराज थोपा उसके या नरेंद्र जी और नीतीश जी के नेतृत्व में जो बिहार का विकास हुआ उसेचुनेगा। शाह ने कहा कि साधु यादव के कारनामे गोपालगंज वालों से ज्यादा किसको मालूम हैं। जंगलराज के दौर में कई नरसंहार हुए, जिनमें बथानीटोला, सोनारी, शंकरबीघा नरसंहार जैसे अलग-अलग 34 नरसंहार हुए थे। जिसने बिहार की धरती को रक्तरंजित किया है। लोगों से वोट की अपीलइससे पहले 30 अक्तूबर को शाह बिहार के बेगूसराय, लखीसराय और नालंदा में जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। लखीसराय में उन्होंने डिप्टी CM विजय सिन्हा के लिए लोगों से वोट की अपील की थी। मुंगेर में उन्होंने डिप्टी CM सम्राट चौधरी के लिए वोट मांगे थे। इस दौरान शाह ने कहा, मुंगेर वालों यहां से बीजेपी के कैंडिडेट सम्राट चौधरी को जिताइए। मोदी जी इन्हें बहुत बड़ा आदमी बनाएंगे। वहीं, नालंदा में अमित शाह ने कहा कि ये चुनाव किसी को विधायक या मंत्री बनाने के लिए नहीं हैं। ये चुनाव उस ‘जंगलराज’ को रोकने के लिए हैं, जो अपना वेष बदलकरआएगा। लालू-राबड़ी के शासन में 38 नरसंहार हुए। नालंदा के कई लोग मौत के घाट उतरे गए थे। किडनैपिंग, हत्या, लूट जैसे गैरकानूनी काम होतेथे। लेकिन नीतीश ने इस धंधे पर रोक लगा दिया और लालू के आतंक को समाप्त कर दिया.

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ 10 श्रद्धालुओं की मौत, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया शोक

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में दस श्रद्धालुओं की मौतहो गई। जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर केप्रवेश द्वार के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। हादसे के बाद पूरेराज्य में शोक की लहर दौड़ गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई दुखद घटना पर गहरा शोकव्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में कई लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है। राष्ट्रपति ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट कीऔर घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जनप्रतिनिधियों से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंनेसोशल मीडिया एक्स पर कहा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना से अत्यंत व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनेप्रियजनों को खो दिया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल श्रद्धालु जल्द स्वस्थ हों। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहतकोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदानकी जाएगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहाश्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की यह घटना अत्यंत दुखद है। श्रद्धालुओं की मृत्यु हृदयविदारक है। मैं मृतकों केपरिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी घायलों को शीघ्र और उचितचिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने को कहाहै।प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुईगृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी इस दर्दनाक हादसे पर शोक जताते हुए कहा आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामीमंदिर में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की मृत्यु से मैं गहरा दुखी हूं। मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंनेअपने प्रियजनों को खोया है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त किया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकीहैं- तिरुपति में वैकुंठ एकादशी के दौरान छह श्रद्धालुओं की मौत हुई थी और सिंहाचलम मंदिर में सात लोगों की जान गई थी। उन्होंने आरोप लगायाकि बार-बार हो रही इन त्रासदियों के बावजूद सरकार ने उचित सावधानियां नहीं बरतीं और चंद्रबाबू नायडू प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है।जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि निर्दोष लोगों की बार-बार हो रही मौतें सरकार की अक्षमता को दर्शाती हैं और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिएठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

भाजपा सांसद रवि किशन को मिली जान से मारने की धमकी बोले, यह एंटी-सनातन ताकतों की साजिश, डरने वाला नहीं

गोरखपुर से सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन को हाल ही में जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया। शुक्रवार रात कोरवि किशन के निजी मोबाइल नंबर पर लगातार धमकी भरे फोन आए, जिनमें न केवल अपशब्द कहे गए बल्कि उनकी धार्मिक आस्था और परिवार कोलेकर भी अभद्र बातें की गईं। इसी मामले पर अब रवि किशन ने बात की है। रवि किशन ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पुलिस में शिकायतदर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य धमकी नहीं है, बल्कि इसके पीछे “एंटी-सनातन ताकतों” का हाथ है- जो हिंदू संस्कृति और राष्ट्रवादीसोच के खिलाफ काम कर रही हैं। शनिवार को मीडिया से बातचीत में रवि किशन ने कहा, ‘यह घटना दिखाती है कि देश में एंटी-सनातन ताकतेंकितनी सक्रिय हो चुकी हैं। किसी सांसद और कलाकार को धमकी देना मामूली बात नहीं है। इसके पीछे कोई बहुत ताकतवर गिरोह काम कर रहा है।हम डरने वाले नहीं हैं। कानून अपना काम करेगा और अपराधी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलेगी।’ बिहार गया तो जान से मार देंगेउन्होंने आगे कहा कि धमकियों का यह सिलसिला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसका सीधा संबंध बिहार विधानसभा चुनाव से है। रवि किशनइन दिनों भाजपा के स्टार प्रचारक के तौर पर बिहार में लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियां यह समझ चुकी हैं कि जनताअब उनके झांसे में नहीं आने वाली, इसलिए हताशा और डर फैलाने की राजनीति अपनाई जा रही है। रवि किशन ने साफ कहा, ‘हम प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी की सेना के सिपाही हैं। ऐसी धमकियों से मैं डरने वाला नहीं हूं। मुझे कहा गया कि अगर बिहार गया तो जान से मार देंगे, लेकिन मैं वहां जाऊंगा, जनता से मिलूंगा और सच बोलूंगा।’ संस्कृति और सच्चाई के लिए आवाज़ उठाताइस मामले में रामगढ़ ताल थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, फोन कॉल में अज्ञात व्यक्ति ने सांसद को जान से मारने कीधमकी दी थी। गोरखपुर के एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और कॉल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। मामलाभारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 302, 351(3) और 352 के तहत दर्ज हुआ है। शिकायत सांसद के निजी सचिव शिवम द्विवेदीद्वारा दर्ज कराई गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस नंबर से कॉल आया, वह वर्चुअल आईडी से जुड़ा हुआ है और संभवत किसी अन्य राज्य सेकिया गया। इस मामले में साइबर सेल की टीम भी शामिल की गई है। रवि किशन ने इस घटना को न केवल अपनी सुरक्षा से जुड़ा बताया बल्कि इसेधर्म और विचारधारा पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा- ‘एंटी-सनातन सोच वालों को लगता है कि वे धमकाकर किसी की आवाज़ दबा देंगे, लेकिनवे भूल गए हैं कि मैं कलाकार होने के साथ एक कर्मयोगी भी हूं। मैं धर्म और देश की रक्षा के लिए हमेशा खड़ा रहूंगा।’ गोरखपुर में उनके समर्थकों नेभी इस धमकी के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि रवि किशन पर हमला दरअसलहिंदू मान्यता और सनातन संस्कृति पर हमला है। वहीं, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होगा। रवि किशनने अंत में कहा कि “यह लड़ाई केवल मेरी नहीं है, यह उस हर व्यक्ति की है जो धर्म, संस्कृति और सच्चाई के लिए आवाज़ उठाता है।”

सपा सांसद इकरा हसन और नाहिद हसन ने आजम खां से की मुलाकात कहा, “यह पारिवारिक भेंट थी, बिहार में इंडिया गठबंधन की बनेगी सरकार

सपा की सांसद इकरा हसन ने अपने भाई नाहिद हसन के साथ मिलकर सपा नेता आजम खां से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात को सियासत सेहटकर पारिवारिक बताया। उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। सपा नेता आजम खां से मिलने वालोंका सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार की रात में कैराना की सपा सांसद इकरा हसन अपने भाई नाहिद हसन के साथ सपा नेता आजमखां से मुलाकात करने पहुंचीं, जहां उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक मुलाकात की। यहां पहुंचकर घंटे भर मुलाकातइस दौरान उन्होंने सपा नेता के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इकरा हसन ने सपा नेता की पत्नी डा.तजीन फात्मा से भी मुलाकात की। बाद में उन्होंनेमीडिया से कहा कि यह मुलाकात सियासी नहीं बल्कि पारिवारिक मुलाकात है। वह सपा नेता का हाल जानने के लिए आई थीं। बिहार चुनाव इंडियागठबंधन के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस चुनाव में इंडिया गठबंधन को सफलता मिलेगी। इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। वह खुद भी प्रचारके लिए जा रही हैं। इससे पहले, 29 अक्तूबर को रामपुर में सपा नेता आजम खां से मुलाकात करने के लिए कानपुर नगर की सीसामऊ विधानसभासीट से पूर्व विधायक इरफान सोलंकी अपनी विधायक पत्नी नसीम सोलंकी के साथ उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां पहुंचकर घंटे भर मुलाकातकी। दर्ज मुकदमें पूरी तरह फर्जीइस दौरान सपा नेता ने उनका हाल जाना। सियासी घटनाक्रम व ताजा हालात पर भी चर्चा की। बाद में इरफान सोलंकी ने मीडिया से भी बात की।कहा कि यह मुलाकात उनकी सियासी नहीं बल्कि निजी मुलाकात है। सपा नेता आजम खां उनके पिता के समान हैं। कहा कि उनके खिलाफ भीमुकदमे दर्ज हैं वह भी जेल में थे। सपा नेता पर दर्ज मुकदमे सियासी मुकदमे हैं। कहा कि यह जो हो रहा है कि जनता सब जानती है। जनता सहीसमय आने पर जवाब देगी। वहीं, 29 अक्तूबर को सपा नेता आजम खां ने अपने ऊपर पर दर्ज मामले में फिर से सफाई पेश की। कहा कि यदि बकरीचोरी हुई तो बरामद क्यो नहीं हुई। कहा कि उन पर दर्ज मुकदमें पूरी तरह फर्जी हैं। कोर्ट में पेश होने के बाद सपा नेता आजम खां मीडिया से रूबरूहुए।

मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप पर महाराष्ट्र में ‘सत्यचा मोर्चा’ उद्धव, शरद और राज ठाकरे एक साथ, भाजपा ने भी किया विरोध प्रदर्शन

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र का विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी आज विरोध मार्च आयोजित कर रहा है। इस मार्चको ‘सत्यचा मोर्चा’ नाम दिया गया है। महाविकास अघाड़ी की पार्टियों कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और एनसीपी (एसपी) के साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माणसेना भी इस मार्च में शामिल होगी। सत्यचा मोर्चा दक्षिण मुंबई के फैशन स्ट्रीट से शुरू होकर बीएमसी मुख्यालय पर खत्म होगा। इस मार्च में पूर्वसीएम उद्धव ठाकरे, एनसीपी एसपी प्रमुख शरद पवार, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट समेत अन्य नेता शामिलहोंगे। मोर्चा के समापन पर एक रैली को भी संबोधित किया जाएगा, जिसमें नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे।विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूची में कई फर्जी नाम हैं और गलत तरीके से नाम जोड़े और हटाए गए हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर इस मुद्दे परआंख मूंदने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव तभी होने चाहिए, जब इन कमियों को दूर कर लिया जाए। मुंबई में एक सभा को संबोधितराज ठाकरे अपने समर्थकों और पार्टी सहयोगी बाला नंदगांवकर के साथ दादर स्टेशन से ट्रेन में चढ़े और चर्चगेट के लिए रवाना हुए। इस हफ्ते कीशुरुआत में मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट काइस्तेमाल करने की अपील की थी। भाजपा ने भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ एमवीए के सत्यचा मोर्चा के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोधप्रदर्शन का आयोजन किया। भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष निकाय चुनाव से पहले झूठा नैरेटिव फैलाने की कोशिश कर रहा है। भगवा पार्टी केनेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर दक्षिण मुंबई के गिरगांव इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्षरवींद्र चव्हाण ने कहा कि इस विरोध का मकसद चुनावों से पहले MVA द्वारा झूठे नैरेटिव फैलाने की कोशिशों को बेनकाब करना है। उन्होंने कहा, ‘एमवीए नेताओं ने हर चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने की लगातार कोशिश की है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी ऐसी ही कोशिशेंकी गईं, जब उन्होंने जानबूझकर संविधान में बदलाव के बारे में झूठे दावे फैलाए। राज ठाकरे अपने समर्थकों और पार्टी सहयोगी बाला नंदगांवकर केसाथ दादर स्टेशन से ट्रेन में चढ़े और चर्चगेट के लिए रवाना हुए। इस हफ्ते की शुरुआत में मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने मनसेकार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी।

‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले बोले “यह केवल गीत नहीं, राष्ट्र की आत्मा और देशभक्ति कामंत्र “जानें और क्या कुछ कहा”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर इसके रचयिताबंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को याद करते हुए कहा कि यह गीत केवल शब्दों का संगम नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और देशभक्ति का मंत्र बन गया है।होसबोले ने कहा कि 1875 में रचित यह गीत, जब 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने कांग्रेस अधिवेशन में गाया, तब से यह भारत के हर नागरिक के दिलकी आवाज बन गया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने पूरे राष्ट्र में चेतना, सम्मान और एकता की भावना जगाई। कृतज्ञतापूर्वक स्मरण और श्रद्धांजलि अर्पित करताआरएसएस महासचिव ने बताया कि इस गीत का प्रभाव इतना गहरा था कि देश के कई विद्वानों और महान हस्तियों, जैसे महर्षि अरविंद, मैडमभीकाजी कामा, महाकवि सुब्रमण्यम भारती, लाला हरदयाल, लाला लाजपत राय आदि ने अपने समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के शीर्षक में ‘वंदेमातरम’ जोड़ा। महात्मा गांधी ने भी वर्षों तक अपने पत्रों का समापन ‘वंदे मातरम’ लिखकर किया। होसबोले ने हिंदी में जारी एक बयान में कहामातृभूमि की आराधना करने वाले और सम्पूर्ण राष्ट्र में चेतना का संचार करने वाले अद्भुत मंत्र, वंदे मातरम की रचना की 150वीं वर्षगांठ के पावनअवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रगीत के रचयिता, श्रद्धेय बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण और श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उन्होंनेकहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 के कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में 1875 में रचित ‘वंदे मातरम’ गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था। देशभक्ति का मंत्र बन गयाहोसबोले ने कहा वंदे मातरम एक ऐसा अद्भुत मंत्र है जो मातृभूमि की आराधना करता है और पूरे राष्ट्र में चेतना का संचार करता है। उन्होंने आगे कहाकि 1905 के बंगाल विभाजन आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक, यह गीत हर स्वतंत्रता सेनानी के लिए नारा बन गया। ‘वंदे मातरम’ केवल एकगीत नहीं, यह देश की आत्मा और भारत की पहचान है। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं बल्किभारत की आत्मा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित यह गीत 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया और तब से यह देशभक्ति कामंत्र बन गया।