दिल्ली से Somnath Temple तक मुफ्त यात्रा! 1300 श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना

दिल्ली सरकार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत 1300 श्रद्धालुओं को मुफ्त में सोमनाथ धाम की यात्रा कराएगी। इसके लिए 30 अप्रैल को राजधानी से एक विशेष ट्रेन रवाना होगी। यात्रा में शामिल होने के इच्छुक लोग अपने-अपने क्षेत्र के विधायक से संपर्क कर सकते हैं। दिल्ली सरकार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सोमनाथ यात्रा आयोजित करने जा रही है। इस पहल के तहत 30 अप्रैल को सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 1300 श्रद्धालुओं को लेकर एक विशेष ट्रेन गुजरात के सोमनाथ धाम के लिए रवाना होगी। मुख्यमंत्री खुद इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगी। यह यात्रा 1000 वर्षों की अखंड आस्था थीम पर आधारित है और इसका मकसद लोगों को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ना है। यात्रा पूरी तरह निशुल्क होगी। पूरी व्यवस्था गुजरात सरकार की ओर से की जाएगीयह ट्रेन 30 अप्रैल को दिल्ली से रवाना होकर अगले दिन सुबह सोमनाथ पहुंचेगी। इसके बाद 1, 2 और 3 मई को श्रद्धालु भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे और आसपास के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी पूजा-अर्चना का अवसर मिलेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था गुजरात सरकार की ओर से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए गुजरात सरकार का आभार भी जताया है।
दिल्ली में बढ़ती गर्मी पर एलजी सख्त, एक हफ्ते में हीट एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश

दिल्ली में बढ़ती गर्मी को देखते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम जमीन पर उतारने के निर्देश दिए। राजधानी में तेज होती गर्मी और हीट एक्शन प्लान 2026 का जमीन पर पालन नहीं होता देख एलजी ने संज्ञान लिया है। प्लान में शामिल तैयारियों पर प्रशासन ने अब तक शायद अमल नहीं किया है। हीट वेब से सबसे ज्यादा तकलीफ बाहर काम करने वाले मजदूरों को हो रही है। बेसहारा पशु पक्षी भी तकलीफ में हैं। इनकी राहत के लिए जमीन पर कोई कार्यवाही अब तक नजर नहीं आ रही है। ‘ जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गयासोमवार को हीटवेव को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में दिल्ली की तैयारियों की समीक्षा की गई और साफ निर्देश दिए गए कि हीट एक्शन प्लान को एक हफ्ते के भीतर प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू किया जाए। उपराज्यपाल ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट इस पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाएं और अपने-अपने क्षेत्रों में समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों जैसे संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर जोर दिया। सार्वजनिक स्थानों पर गर्मी से राहत देने के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।
Narendra Modi: ‘मन की बात’ में भारतीय चीज की वैश्विक पहचान का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भारत के डेयरी सेक्टर की बढ़ती ताकत और वैश्विक स्तर पर भारतीय चीज की पहचान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का स्वाद, परंपरा और गुणवत्ता अब दुनिया भर में नई पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘हमारे देश में खान-पान की परंपराएं सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रही हैं। भारतीय चीज भी इसी परंपरा का अहम हिस्सा है।’ उन्होंने बताया कि ब्राजील में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चीज प्रतियोगिता में भारत के दो ब्रांड्स को प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब हुई। भारतीय कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश कर रहीपीएम मोदी ने कहा कि भारत के डेयरी सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि वैल्यू एडिशन के चलते पारंपरिक स्वादों को नई पहचान मिली है और अब भारतीय चीज वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना रहा है। प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले खास चीज का भी जिक्र किया। जम्मू-कश्मीर का कालारी चीज, जिसे ‘मोजरेला ऑफ कश्मीर’ भी कहा जाता है, लंबे समय से गुज्जर-बकरवाल समुदाय द्वारा बनाया जाता रहा है। वहीं, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में मिलने वाला ‘छुर्पी’ याक के दूध से तैयार किया जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि इसका स्वाद पहाड़ों की सादगी और नरमी को दर्शाता है। इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात का ‘टोपली नू पनीर’ या ‘सुरती चीज’ भी अपनी अलग पहचान रखता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कई भारतीय कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश कर रही हैं। नई तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के कारण भारतीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार और रेस्टोरेंट तक पहुंच रहे हैं।
Swati Maliwal का बड़ा हमला—AAP छोड़ी, बोलीं केजरीवाल ने किया धोखा

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने एक इंटरव्यू में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है। स्वाति मालीवाल ने कहा कि मैंने आप छोड़ दी है और भाजपा में शामिल हो गई हूं। मालीवाल ने रचनात्मक राजनीति करने के इच्छुक सभी लोगों से भाजपा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि वह 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने हर आंदोलन में उनका साथ दिया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके घर में एक गुंडे से पिटाई करवाई। आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया। उन पर एफआईआर वापस लेने का बहुत दबाव डाला गया। पार्टी ने उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया। इसे उन्होंने बहुत शर्मनाक बताया। उन्होंने केजरीवाल को महिला-विरोधी भी कहा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसामालीवाल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी पंजाब को रिमोट से नियंत्रित कर रही है। इससे पंजाब उनका निजी एटीएम बन गया है। पंजाब में रेत खनन और नशीली पदार्थों का इस्तेमाल चरम पर है। जो नेता आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है। केजरीवाल भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के लिए जाने जाते हैं। मालीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया। मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के विकास के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और नक्सलवाद का खात्मा शामिल है। उन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल पेश करने जैसे फैसलों की भी सराहना की। मालीवाल ने दोहराया कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।
नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान: बंगाल में रेप-मर्डर के दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, सत्ता में आते ही सख्त कार्रवाई का वादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक बहुत बड़ा और कड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि आरजी कर अस्पताल में हुए रेप और मर्डर केस की साजिश में शामिल किसी भी रसूखदार या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम मोदी ने जनता को भरोसा दिलाया है कि अगले महीने जब राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी, तो हर एक अपराधी को खोजकर उसे सजा दी जाएगी। यह खबर बंगाल के उन सभी आम लोगों के लिए बहुत बड़ी उम्मीद है जो लंबे समय से इस दर्दनाक मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। दूसरी जगह जा रहीप्रधानमंत्री ने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस सरकार ने बंगाल की पहचान को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। राज्य में लगातार घुसपैठियों को लाया जा रहा है और उन्हें यहां बसाया जा रहा है। ये घुसपैठिए बंगाल की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और यहां के स्थानीय लोगों का रोजगार छीन रहे हैं। एक तरफ सरकार का भारी भ्रष्टाचार है और दूसरी तरफ घुसपैठियों का जुल्म है। इस कारण से बंगाल के युवाओं को नौकरी की तलाश में अपने घर छोड़कर बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। राज्य में कोई नया निवेश नहीं आ रहा है और पुरानी फैक्ट्रियां भी बंद होकर दूसरी जगह जा रही हैं।
बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ की सियासत? रोहित पवार के बयान से महाराष्ट्र राजनीति में हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाने वाला बारामती एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ की लड़ाई करवाना चाहते हैं ताकि इस परिवार की साख और विरासत को खत्म किया जा सके। बारामती उपचुनाव के दौरान वोट डालने के बाद रोहित पवार ने जो बातें कहीं, उन्होंने भविष्य की राजनीति की एक नई तस्वीर पेश कर दी है। रोहित पवार का निशाना सीधे तौर पर भाजपा और उनके सहयोगियों पर था। उन्होंने कहा कि बारामती की जनता कभी नहीं चाहती कि पवार परिवार के लोग आपस में लड़ें, लेकिन महायुति सरकार में शामिल कुछ दल इस तरह की प्रतिद्वंद्विता को बढ़ावा दे रहे हैं। रोहित का मानना है कि यह सब शरद पवार साहब और दिवंगत अजीत पवार द्वारा बनाई गई विरासत को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पर्दे के पीछे से ऐसी चालें चल रहे हैं जिससे 2029 के चुनावों में भी परिवार के ही दो सदस्य आमने-सामने खड़े हो जाएं। परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमीभविष्य की राजनीति को लेकर रोहित पवार ने एक अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि अगर अजीत पवार की पार्टी से जय पवार मैदान में उतरते हैं, तो मुमकिन है कि उनके सामने युगेंद्र पवार को खड़ा होना पड़े। अगर ऐसा होता है, तो बारामती के लोग एक बार फिर उसी पारिवारिक जंग को देखेंगे जिसे वे पसंद नहीं करते। रोहित ने स्पष्ट किया कि न तो परिवार और न ही जनता इस तरह की कलह चाहती है, लेकिन राजनीतिक गठबंधन अपने फायदे के लिए ऐसा माहौल बना रहे हैं। रोहित पवार ने एक बहुत बड़ी बात कही कि अजीत पवार दोनों गुटों को एक करना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि अगर अजीत पवार आज जीवित होते, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों का विलय हो चुका होता। रोहित के अनुसार, अगर अजीत दादा होते और यह विलय हो जाता, तो वह पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि 2029 में अजीत पवार ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते। यह बयान दिखाता है कि परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमी को महसूस किया जा रहा है।
होर्मुज में गोलीबारी से हड़कंप, ईरान के हमले से वैश्विक संकट गहराया’

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर बारूद की गंध फैल गई है। बुधवार को ईरानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलसीमा से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट के बादल और गहरे हो गए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इस्राइल के साथ ईरान की शांति वार्ता को लेकर प्रयास किए जा रहे थे। ईरान की अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने बुधवार सुबह इस दुस्साहसी कार्रवाई को अंजाम दिया। खबरों के मुताबिक, ईरानी सेना ने पहले एक कंटेनर जहाज पर गोलियां चलाईं और उसके कुछ ही देर बाद दूसरे जहाज को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया का दावा है कि इन जहाजों ने सेना की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था, इसलिए उन पर कानूनी रूप से कार्रवाई की गई। पकड़े गए जहाजों की पहचान एमएससी फ्रांसिस्का और एपाामिनोड्स के रूप में हुई है, जिन्हें ईरानी सेना अपने साथ ले गई है। इसके कुछ देर बाद एक तीसरे जहाज यूफोरिया पर भी हमला किया गया, जिसके ईरानी तट पर फंसे होने की खबर है। वैश्विक मंदी का खतरा और बढ़ जाएगायह हमला उस वक्त हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को खत्म होने वाले संघर्षविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने का ऐलान किया था। ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि इससे बातचीत का रास्ता खुलेगा। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रहेगी। ईरान इसी बात से नाराज है। ईरान के कूटनीतिज्ञों का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी घेराबंदी नहीं हटाता, तब तक वे किसी भी तरह की शांति वार्ता के लिए मेज पर नहीं आएंगे। यानी सीजफायर होने के बावजूद समुद्र में छिड़ी यह जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। होर्मुज में बढ़ते तनाव का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (बेंट क्रूड) की कीमत 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो युद्ध शुरू होने के बाद से 35 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। तेल और गैस की सप्लाई रुकने या महंगी होने से न केवल पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, बल्कि खाने-पीने की चीजों और अन्य सामानों की ढुलाई भी महंगी हो गई है। अगर यह समुद्री रास्ता लंबे समय तक बंद रहा या यहां हमले जारी रहे, तो वैश्विक मंदी का खतरा और बढ़ जाएगा और आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो जाएगा।
दिल्ली में सख्ती हर सरकारी इमारत में अनिवार्य होगा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, जल मंत्री ने दिए कड़े निर्देश

राजधानी में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सख्ती से लागू किया जाएगा। सबसे पहले सरकारी इमारतें कवर की जाएंगी। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली सचिवालय में 60 से अधिक विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि सरकारी इमारतों, पार्कों, कॉलोनियों और संस्थानों में मानसून से पहले सिस्टम लगाना और चालू हालत में रखना जरूरी होगा। जल मंत्री ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में बैठक कर कहा कि शहर में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग को अब सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जमीन पर लागू व्यवस्था बनाया जाएगा। इसमें दिल्ली और केंद्र सरकार के 60 से अधिक विभागों के अधिकारी शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैच द रेन अभियान के तहत दिल्ली में हर बूंद को बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली में हर साल अच्छी बारिश होती है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा नालों से बहकर निकल जाता है। अगर इस पानी को जमीन में उतारा जाए तो भूजल स्तर सुधर सकता है और गर्मियों में पानी की किल्लत कम हो सकती है। साथ ही मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में भी राहत मिलेगी। सिस्टम नहीं लगे होंगे या उनका रखरखाव नहीं होगानिर्देश दिए गए कि सरकारी दफ्तरों, पार्कों, रिहायशी कॉलोनियों और संस्थागत परिसरों में मानसून शुरू होने से पहले रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं। जहां सिस्टम पहले से मौजूद हैं, उन्हें पूरी तरह चालू हालत में लाया जाए। सरकारी भवनों को पहले उदाहरण पेश करना होगा। इसके बाद निजी क्षेत्र और आम नागरिकों की भागीदारी तय होगी। बड़े प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और संस्थागत परिसरों पर खास ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि वहां ज्यादा पानी जमीन में उतारा जा सकता है। दिल्ली जल बोर्ड को इस अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका दी गई है। बोर्ड सिस्टम लगाने में सहयोग करेगा और आर्थिक प्रोत्साहन भी देगा। जिन भवनों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे होंगे, उन्हें 10 फीसदी छूट दी जाएगी। वहीं जिन जगहों पर सिस्टम नहीं लगे होंगे या उनका रखरखाव नहीं होगा, वहां यह लाभ वापस लिया जा सकता है।
थूथुकुडी रैली में राहुल गांधी का हमला आरएसएस-भाजपा पर तीखे आरोप, ‘कठपुतली सरकार’ नहीं बनने देंगे

तमिलनाडु में चुनावी हलचल के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के थूथुकुडी में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर तीखे हमले किए। राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, आरएसएस तमिल विरोधी और द्रविड़ विरोधी संगठन है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा का मानना है कि भारत एक लोग, एक संस्कृति, एक धर्म और एक भाषा वाला देश होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एआईएडीएमके की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुरानी एआईएडीएमके, जो तमिलनाडु के लोगों की सेवा करती थी, अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। राहुल के अनुसार, आज की एआईएडीएमके सिर्फ एक खोखला ढांचा बनकर रह गई है और भाजपा इस पार्टी का इस्तेमाल तमिलनाडु की राजनीति में घुसने के लिए करना चाहती है। ऐसी कठपुतली सरकार नहीं बनाने देंगेउन्होंने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके के नेता भ्रष्टाचार की वजह से कमजोर पड़ गए हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर भाजपा तमिलनाडु में अपनी जगह बनाना चाहती है। राहुल ने दावा किया कि जो लोग अभी एआईएडीएमके को चला रहे हैं, उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह नियंत्रित करते हैं। रैली में राहुल गांधी ने बिहार की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर भाजपा के आदमी को वहां बैठा दिया गया। राहुल ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के पुराने कामों की वजह से भाजपा उन्हें पूरी तरह काबू कर रही है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार ने एक शब्द भी नहीं कहा और चुपचाप राज्यसभा चले गए। राहुल ने आगे कहा , भाजपा तमिलनाडु में भी यही बिहार मॉडल दोहराना चाहती है। वे तमिलनाडु में ऐसी सरकार चाहते हैं जिसे वे पूरी तरह अपने इशारों पर नचा सकें। वे यहां एक ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं जो वही करे जो भाजपा कहे। राहुल ने साफ शब्दों में कहा कि वे तमिलनाडु में भाजपा को कभी भी ऐसी कठपुतली सरकार नहीं बनाने देंगे।
भाजपा महिलाओं की आड़ में अपनी ओझिल राजनीति को आगे बढ़ा रही है

महिला एकता ही बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखाए महिला आरक्षण 33% नहीं, समान भागीदारी की जरूरत: लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह लखनऊ। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के समय महिलाओं के नाम पर राजनीति करना और बाद में उन्हें वास्तविक अधिकारों से वंचित रखना, यह दोहरी नीति अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं की आड़ में अपनी ओझिल राजनीति को आगे बढ़ा रही है, लेकिन देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और समय आने पर ऐसी राजनीति को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगी।सुनील सिंह ने स्पष्ट कहा कि 33% महिला आरक्षण पर्याप्त नहीं है। देश की आधी आबादी महिलाओं की है, इसलिए उन्हें 50% आरक्षण मिलना चाहिए। केवल कानून बनाकर राजनीतिक लाभ लेना, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को अवसर न देना, यह महिलाओं के साथ अन्याय है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुरुष नेताओं की मानसिकता आज भी नहीं बदली है और वे अपनी सीटें छोड़ना नहीं चाहते। यही कारण है कि महिला आरक्षण का मुद्दा वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि वास्तविक नारी सम्मान तभी संभव है, जब महिलाओं को राजनीति, प्रशासन और निर्णय लेने वाली सभी संस्थाओं में समान भागीदारी मिले। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस दिखावटी राजनीति को पहचानें और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।