दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की सबसे बड़ी मुहिम — पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की बड़ी कार्रवाई

सरकार का सख़्त आदेश गैर–अनुरूपित इंडस्ट्रीज़ और प्रदूषण फैलाने वालों पर ज़ीरो टॉलरेंसदिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी की हवा को साफ़ करने के लिए अब तक की सबसे बड़ी मुहिम शुरू कर दी है। पर्यावरणमंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने साफ़ कहा है कि दिल्ली में कोई भी ऐसी इंडस्ट्री, निर्माण साइट या एजेंसी जो प्रदूषण फैलाती पाई जाएगी उस पर तुरंतऔर कड़ी कार्रवाई होगी। सरकारी हो या निजी, सभी को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।इंडस्ट्रीज़ का 7 दिन में सर्वे सभी डीसी, डीएम और DSIIDC अधिकारियों को सख़्त निर्देशबैठक में मंत्री सिरसा ने सभी ज़िलों के डीसी, डीएम और DSIIDC अधिकारियों को आदेश दिया कि हर इंडस्ट्री का पूरा सर्वे सिर्फ़ 7 दिनों में पूराकिया जाए। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन सी फैक्ट्रियाँ गैर-अनुरूपित इलाकों में चल रही हैं, कौन-सी इकाइयाँ नियम तोड़ रही हैं औरप्रदूषण फैला रही हैं। सर्वे के बाद ऐसे सभी यूनिट्स पर तुरंत जुर्माना, सीलिंग और बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। MCD को आदेश नॉन–कनफॉर्मिंग एरिया और निर्माण स्थलों का मैदान–स्तर सर्वेसिरसा ने MCD के डिविजनल कमिश्नर को यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली के सभी नॉन-कनफॉर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया और निर्माण स्थलों का विस्तृतसर्वे कराया जाए। जहाँ धूल प्रबंधन, कचरा निस्तारण या कंस्ट्रक्शन वेस्ट के निपटारे में लापरवाही मिले वहाँ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उनका कहनाहै कि प्रदूषण रोकने के लिए डेटा और ज़मीनी जानकारी सबसे ज़रूरी है। टूटी सड़कें और खाली प्लॉट्स की रिपोर्ट तुरंत तैयार करने का निर्देशदिल्ली में धूल फैलने का सबसे बड़ा कारण टूटी सड़कें, गड्ढे और बिना विकसित पड़े प्लॉट हैं। इसलिए सरकार ने सभी विभागों को आदेश दिया है किइन सभी का पूरा अपडेट तुरंत तैयार किया जाए। इस साल अब तक 42,000 से ज़्यादा गड्ढे भरे जा चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भीज़्यादा है। यह कदम दिल्ली में धूल और पीएम-10 को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। DPCC की अब तक की कार्रवाई भारी जुर्माना, नोटिस और निर्माण स्थल बंदपिछले दिनों DPCC ने 1,756 साइट्स का निरीक्षण किया और 556 को नोटिस जारी किए। कुल ₹7 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया है और48 निर्माण साइट्स को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। सरकारी एजेंसियाँ भी नियम तोड़ते मिले—DDA, DSIIDC, MCD, PWD औरDMRC जैसी एजेंसियों पर ₹1 करोड़ का नोटिस जारी किया गया है। मंत्री सिरसा ने कहा कि नियम सबके लिए समान हैं, चाहे सरकारी विभाग होया निजी कंपनी। रिहायशी इलाकों में गैर–कानूनी इंडस्ट्रीज़ पर अभियान तेज़दिल्ली के कई रिहायशी इलाकों में अवैध तरीके से चल रही इंडस्ट्रीज़ प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। DPCC लगातार सर्वे कर इनकी पहचान कर रहाहै। जहाँ भी अवैध यूनिट मिल रही है, उसे तुरंत बंद कराया जा रहा है। सिरसा का कहना है कि दिल्ली की हवा साफ़ रखने के लिए अवैध इंडस्ट्रीज़ कोहर हाल में हटाया जाएगा। सड़क निर्माण, बेहतर सफ़ाई और EV नीति से हवा में सुधार का लक्ष्यदिल्ली में सड़क सुधार और EV को बढ़ावा देना भी इस मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवंबर 2025 तक दिल्ली में 4.54 लाख इलेक्ट्रिक वाहनपंजीकृत हो चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में बड़ी वृद्धि है। इसके अलावा 350 नए मिस्ट-स्प्रे सिस्टम लगाए जा चुके हैं, 100 नई मैकेनिकलस्वीपर मशीनें और 1,000 लिटर-पिकर्स जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि दिल्ली की सड़कों पर धूल कम हो सके। खुले में कचरा या बायोमास जलाने पर सख़्त रोक 10,000 इलेक्ट्रिक हीटर वितरितखुले में कचरा या बायोमास जलाना दिल्ली की हवा को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाता है। सरकार ने DPCC की 1,823 टीमें तैनात की हैं, जिनमेंसे 633 टीमें सिर्फ़ ओपन बर्निंग रोकने का काम कर रही हैं। मजदूरों की ठंड को देखते हुए अब तक 3,377 इलेक्ट्रिक हीटर 1,407 RWAs को दिएजा चुके हैं। कुल 10,000 हीटर दिए जा रहे हैं ताकि मजदूर आग न जलाएँ और प्रदूषण न बढ़े। विज्ञान आधारित नीति IIT Delhi और IITM के साथ बड़ा अध्ययन शुरूदिल्ली सरकार वैज्ञानिक तरीकों से प्रदूषण को समझने और रोकने की दिशा में काम कर रही है। जल्द ही IIT Delhi और IITM के साथ नई सोर्सएपॉर्शनमेंट स्टडी शुरू होगी। इससे यह पता चलेगा कि दिल्ली की हवा को प्रदूषित करने वाले मुख्य स्रोत कौन-कौन से हैं। इसके आधार पर आनेवाले समय में और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने एक इनोवेशन चैलेंज भी शुरू किया था, जिसमें 278 सुझाव आए हैं। इनमें से 200 समाधान को आगे की समीक्षा के लिए चुना गया है। विशेषज्ञों की समिति इनका मूल्यांकन कर रही है। जनरेटर रेट्रोफिटिंग अनिवार्य उल्लंघन पर भारी जुर्मानादिल्ली में अब कोई भी BS-IV या उससे नीचे का जनरेटर बिना एंटी-पॉल्यूशन डिवाइस के नहीं चलेगा। चाहे वह घरेलू जनरेटर हो या व्यावसायिक—सभी में रेट्रोफिटिंग अनिवार्य है। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पर्यावरण मंत्री सिरसा ने हाल ही मेंसैदुलाजाब वार्ड का निरीक्षण भी किया, जहाँ उन्होंने DMRC की एक निर्माण साइट पर कई खामियाँ पाईं और अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देशदिए। दिल्ली की हवा साफ़ करना सिर्फ़ सर्दियों का काम नहींसिरसा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ़ घोषणाएँ करना नहीं, बल्कि ज़मीन पर वास्तविक बदलाव लाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में पूरेसाल प्रदूषण के खिलाफ़ रणनीति चलेगी। सभी मंत्री, सभी विभाग और पूरी टीमें मैदान में हैं, ताकि दिल्ली की हवा में सुधार नागरिक रोज़ महसूस करसकें।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर 10 दिसंबर से बातचीत शुरू, टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने के लिए बनेगा व्यापार ढांचा

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर 10 दिसंबर से बातचीत शुरू होगी। यह बातचीत तीन दिन चलेगी। भारत और अमेरिका के बीचव्यापार समझौते के लिए इस बातचीत को अहम माना जा रहा है। दोनों पक्षों की बातचीत 12 दिसंबर तक चलेगी और अभी यह बातचीत काऔपचारिक राउंड नहीं है।अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए दिल्ली आएगा और उसका नेतृत्व अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जरकरेंगे। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद अमेरिकी अधिकारियों का व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए यह दूसराभारत दौरा होगा। इससे पहले 16 सितंबर को अमेरिकी अधिकारियों ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद 22 सितंबर को केंद्रीय वाणिज्य एवंउद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक दल अमेरिका गया था। इससे पहले मई में भी पीयूष गोयल अमेरिका दौरे पर थे। हाल ही में वाणिज्यसचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ इस साल ही व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बन जाएगी। मुद्दे को सुलझाने के लिए एक व्यापार ढांचाव्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को टैरिफ से राहत मिल सकती है। भारत और अमेरिका टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने के लिए एक व्यापार ढांचाबनाने और एक पूर्ण व्यापार समझौते पर समानांतर बातचीत कर रहे हैं। अब तक छह राउंड की बातचीत हो चुकी है। इस समझौते का मकसद 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को मौजूदा 191 अरब से दोगुना करके 500 अरब डॉलर करना है। अमेरिका 2024-25 में लगातार चौथे साल भारतका सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना रहा और दोनों देशों के बीच का व्यापार 131.84 अरब डॉलर रहा। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका कीहिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत, आयात 6.22 प्रतिशत रहा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए एक अमेरिकीप्रतिनिधिमंडल जल्द ही भारत आएगा। हाल ही में वाणिज्य सचिव ने एक बयान में कहा है कि इस साल तक व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनसकती है।
दुष्कर्म मामले में फरार राहुल ममकूटाथिल को केरल HC से बड़ी राहत, 15 दिसंबर तक गिरफ्तारी पर रोक

केरल उच्च न्यायालय ने कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को गिरफ्तार से अंतरिम राहत दे दी है। राहुल ममकूटाथिल पर दुष्कर्म औरजबरन गर्भपात कराने का आरोप है। शनिवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस के बाबू ने कहा कि वे 15 दिसंबर को राहुल ममकूटाथिल की अग्रिमजमानत याचिका पर सुनवाई करेंगे, तब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। मामले की सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगाअदालत ने कहा, ‘याचिकाकर्ता को मामले की सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा’। राहुल ममकूटाथिल की तरफ से वरिष्ठ वकील एस राजीवअदालत में पेश हुए और उन्होंने भी आदेश की पुष्टि की है। हालांकि ममकूटाथिल पर शारीरिक शोषण का एक दूसरा मामला भी चल रहा है। यहदूसरा मामला बुधवार को ही दर्ज हुआ है, जिसमें बंगलूरू की रहने वाली महिला ने राहुल ममकूटाथिल पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। गुरुवार कोतिरुवनंतपुरम की सत्र अदालत ने राहुल ममकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद ममकूटाथिल ने उच्च न्यायालय कारुख किया। बाद से ही फरारममकूटाथिल एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार हैं। उच्च न्यायालय में दायर याचिका में राहुल ममकूटाथिल ने कहा है कि वह निर्दोष हैं औरउन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही कांग्रेस के निष्कासित विधायक ने कहा उनके और पीड़िता के बीच आपसीसहमति से संबंध बने थे और जब दोनों के बीच रिश्ते बिगड़ गए तो पीड़िता ने एफआईआर करा दी। विधायक ने दावा किया महिला शादीशुदा है, लेकिन अपने पति से अलग रहती है। विधायक ने जांच में सहयोग का वादा किया है। विधायक ने ये भी दावा किया कि जांच एजेंसी द्वारा तथ्यों कोगलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उनके पास अपने दावे के पक्ष में पर्याप्त सबूत हैं
महापरिनिर्वाण दिवस पर राष्ट्र ने किया बाबा साहेब आंबेडकर को नमन, नेताओं ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की आज 69वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपतिसीपी राधाकृष्णन और अन्य नेताओं ने संसद भवन परिसर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. आंबेडकर को याद करतेहुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा ‘महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को याद करते हुए। उनका दूरदर्शी नेतृत्वऔर न्याय, समानता और संविधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमारी राष्ट्रीय यात्रा को राह दिखाती रहेगी। उन्होंने पीढ़ियों को इंसानी गरिमा बनाए रखनेऔर लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूत करने के लिए प्रेरित किया। उनके आदर्श हमें विकसित भारत बनाने की दिशा में काम करते हुए राह दिखाते रहें।’ एक पोस्ट में लिखाकांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डॉ. आंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर याद करते हुए एक पोस्ट में लिखा, ‘बाबासाहेबआंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनकी समानता, न्याय और मानवीय गरिमा की विरासत संविधान बचाने के मेरे संकल्पको मजबूत करती है और भारत और समावेशी और करुणाशील भारत बनाने में हमारे एकजुट संघर्ष को प्रेरित करती है।’ संसद परिसर में डॉ. आंबेडकरको श्रद्धांजलि देने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा ‘आंबेडकर जी एक आइकॉन हैं। उन्होंने पूरे देश को रास्ता दिखाया, उन्होंने हमेंसंविधान दिया। इसलिए, हम उन्हें याद करते हैं और उनके विचारों और संविधान की रक्षा करते हैं। हर भारतीय का संविधान खतरे में है। हम इसकीरक्षा करते हैं, नागरिक इसकी रक्षा करते हैं।’ न्याय की मजबूत आवाजकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने डॉ. आंबेडकर को याद करते हुए लिखा, ‘डॉ. आंबेडकर के 70वें महापरिनिर्वाण दिवस पर हम संविधान केनिर्माता और सामाजिक न्याय की मजबूत आवाज को दिल से धन्यवाद देते हैं। बाबा साहेब आंबेडकर अपनी पूरी जिंदगी बराबरी, भाईचारे और न्यायके लोकतांत्रिक सिद्धांतों के लिए मजबूती से खड़े रहे। आज हमसे उन मूल्यों को बनाए रखने, बचाने की उम्मीद की जाती है, जिनके लिए वे जिए।देश को उनका सबसे बड़ा तोहफा, भारत का संविधान है।’
बाबरी मस्जिद की तर्ज पर हुमांयू कबीर ने रखी नई मस्जिद की आधारशिला, मुर्शिदाबाद में ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे; TMC से निलंबित MLA ने 6 दिसंबर का दिन चुना

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमांयू कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज परएक नई मस्जिद की आधारशिला रखी। निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में इसमस्जिद की आधारशिला रखी। हुमांयू कबीर ने मस्जिद की आधारशिला कार्यक्रम के मंच पर मौलवियों के साथ समारोह का फीता काटा। इस दौरानकार्यक्रम स्थल पर ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाए गए। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।बाबरी मस्जिद की तर्ज परबाबरी मस्जिद की तर्ज पर नई मस्जिद के शिलान्यास समारोह को देखते हुए कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया था। कानून और व्यवस्था बनाए रखनेके लिए रेजिनगर और निकटवर्ती बेलडांगा क्षेत्र में पुलिस, आरएएफ और केंद्रीय बलों की बड़ी टुकड़ियां तैनात की गईं। हुमांयू कबीर को इस हफ्ते कीशुरुआत में ही टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि पार्टी ने इसे सांप्रदायिक राजनीति से जुड़ा मामला बताया था। कबीर ने इस महीने कीशुरुआत में स्थापना समारोह का एलान किया था, जिससे राजनीतिक आलोचना शुरू हो गई थी और राज्य प्रशासन को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी थी।आधारशिला रखने के समारोह के लिए कबीर ने 6 दिसंबर का दिन चुना, जो अयोध्या की बाबरी मस्जिद के विध्वंस की वर्षगांठ है। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगेहुमायूं कबीर ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद के निर्माण के लिए शिलान्याससमारोह को बाधित करने की साजिश रची जा रही है। कबीर ने दावा किया कि 2026 के चुनावों में 90 विधानसभा क्षेत्रों से मुस्लिम उम्मीदवारविजयी होंगे। निलंबित टीएमसी विधायक ने कहा, ‘कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती। हम कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे।’ उन्होंनेयह भी आरोप लगाया, ‘हिंसा भड़काकर कार्यक्रम को बाधित करने की साजिशें की जा रही हैं। दक्षिण बंगाल के जिलों से लाखों लोग ऐसी कोशिशोंको नाकाम कर देंगे।’
इंडिगो का ‘उड़ान संकट’, CEO की माफ़ी पर भड़के यूज़र्स

इंडिगो एयरलाइन का संकट बरकरार है और शनिवार को भी कई हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानें रद्द हुई हैं। शुक्रवार को हालात सबसे ज्यादा खराबरहे और दिनभर में 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोग कई घंटों तक हवाई अड्डों पर फंसेरहे और अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस बीच शुक्रवार शाम को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने एक वीडिया जारी कर मौजूदा हालात के लिएमाफी मांगी। सीईओ की इस वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर साझा किया गया। यूजर्स भड़क गएहालांकि सीईओ की माफी से एक्स यूजर्स भड़क गए और उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए। एक्स पर सीईओ की वीडियो पर कम्युनिटी नोट लगा है, जिस पर यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और तथ्य साझा कर रहे हैं। यूजर्स ने लिखा कि इंडिगो और अन्य एयरलाइंस को डीजीसीए के नए नियमों केबारे में एक साल पहले नोटिफाई किया गया था, लेकिन इंडिगो ने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके चलते ये परेशानी हुई। साथ ही कहा गया किइंडिगो ने अपने बयान में डीजीसीए के नियमों का पालन न करने की बात स्वीकार नहीं की है, जबकि इसके कारण ही सारी परेशानी हुई। प्रतिक्रिया भी दे रहेइस कम्युनिटी नोट पर यूजर्स प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि ‘जब हालात इतने खराब हैं तो फिर इंडिगो द्वारा टिकट क्यों बेचे जा रहेहैं?’ साथ ही लोगों ने पूछा कि क्या लोगों को जो परेशानी हुई, उसके लिए इंडिगो मुआवजा देगी? एक अन्य यूजर ने लिखा ‘ये इंडिगो के लिए बेहदशर्मनाक बात है, एयरलाइन योजना के स्तर पर बुरी तरह से असफल हुई है, या ये डीजीसीए को ब्लैकमेल करने के लिए जानबूझकर तो नहीं कियागया। यात्रियों की परेशानी को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए और उड़ानें रद्द होने पर यात्रियों को रिफंड भी नहीं दिया गया। लोगों कोहुई परेशानी के लिए उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए।’
दिल्ली में मोदी पुतिन की वार्ता रणनीतिक साझेदारी में नया मोड़, व्यापार से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी तक बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हैदराबाद हाउस में बैठक की। 23वें भारत रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सालेने के बाद दोनों देशों के नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी के साथ डिनर पर मेरी बातचीत हमारी रणनीतिकसाझेदारी के लिए बहुत मददगार रही। पीएम मोदी और मैंने एक करीबी वर्किंग डायलॉग बनाया है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मेरेप्यारे दोस्त पीएम मोदी और भारत के लोगों को रूसी प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद देता हूं। पुतिन ने आगे कहा- हमएसईओ बैठक के दौरान मिले थे, और हम व्यक्तिगत तौर पर रूस-भारत डायलॉग की देखरेख कर रहे हैं। व्यापार की ओर बढ़ रहेराष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका शुक्रिया। बातचीत सकारात्मक और मैत्रीपूर्ण माहौल में हुई। मेरे और प्रधानमंत्री मोदीके बीच नियमित तौर पर फोन पर बातचीत होती रहती है। हम भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति के लिए सभी तरह के ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारीरखने के लिए तैयार हैं। रूस भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के निर्माण में भी मदद कर रहा है। दोनों देश भुगतान के निराकरण के लिए धीरे-धीरेअपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्रा के इस्तेमाल की ओर भी बढ़ रहे हैं। हम सालाना द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की आशारखते हैं। पुतिन ने कहा- प्रधानमंत्री ने हमें उन चुनौतियों की एक सूची दी है जिन पर दोनों सरकारों को ध्यान देना चाहिए और हम उन पर काम करेंगे, जिससे भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बनने से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश धीरे-धीरे अपनी राष्ट्रीयमुद्राओं में व्यापार की ओर बढ़ रहे हैं, और अभी 96% लेनदेन इसी तरह हो रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में हमारी साझेदारी बहुत सफल है। तेल, गैस, कोयलाऔर भारत की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ी हर चीज की सप्लाई स्थिर है। हिंद महासागर के रास्ते तक पहुंच सकेगाव्लादिमीर पुतिन ने कहा कि हम कुडनकुलम में भारत का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने का एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट चला रहे हैं। छह रिएक्टरयूनिट्स में से दो पहले ही ग्रिड से जुड़ चुके हैं, जबकि चार और बन रहे हैं। इस प्लांट को पूरी कैपेसिटी से चलाने पर भारत की उर्जा जरूरतों में बहुतबड़ा योगदान मिलेगा, जिससे इंडस्ट्रीज और घरों को सस्ती और साफ बिजली मिलेगी। हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, फ्लोटिंग न्यूक्लियर प्लांट औरन्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के नॉन-एनर्जी इस्तेमाल पर भी बात कर रहे हैं, जिसमें मेडिसिन और एग्रीकल्चर भी शामिल हैं। पुतिन ने कहा, हम भारत केसाथ मिलकर नए अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट रूट बना रहे हैं। इसमें एक बड़ा प्रोजेक्ट नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भी शामिल है।इसका मतलब है कि रूसया बेलारूस से सामान सीधे हिंद महासागर के रास्ते तक पहुंच सकेगा। इससे व्यापार तेज, सस्ता और आसान होगा।
इंडिगो ऑपरेशन शॉक, तकनीकी वजह या कुछ और? सरकार ने मांगी रिपोर्ट , सौ–सौ उड़ानें रद्द, संसद में हंगामा कब सुधरेगी स्थिति?

इंडिगो ने पिछले दो दिनों में करीब 500 उड़ानों को रद्द किया है, जिससे सैकड़ों यात्रियों को मुश्किलों को सामना करना पड़ा है। यह मुद्दा शुक्रवार कोराज्यसभा में भी उठा। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि एयरलाइन के बढ़ते एकाधिकार का असर आम लोगों के साथ-साथ सांसदों पर भी पड़ रहा है। शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा, इसके कारण बड़ी संख्या में सांसदों की साप्ताहांत की यात्राकी योजनाओं पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि कई संसद सदस्य आज घर जाने और सोमवार को वापस लौटने के लिए टिकट बुक कर चुके थे।लेकिन अब उड़ान रद्द होने से परेशानी बढ़ गई है। सरकार मामले की जांच कर रहीउन्होंने कहा कि समस्या इंडिगो के एकाधिकार की वजह से पैदा हुई है। तिवारी ने सदन के जरिये पूछा कि जिस नियम के कारण यह स्थिति बनी है, उस पर सरकार क्या कदम उठा रही है और कब तक समस्या का समाधान होगा। उन्होंने मंत्री से सदन को जानकारी देने की मांग की। उनके सवाल परजवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि सदन में आने से पहले ही उन्होंनेविमानन मंत्री से बात की है और एयरलाइन की तकनीकी समस्याओं को देखा जा रहा है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने विमानन मंत्री से आग्रह किया हैकि वह इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब तैयार करें, क्योंकि कई सदस्य इस पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस स्थिति की जानकारी सदन और आमनागरिकों दोनों को मिलनी चाहिए। इंडिगो ने दो दिन में करीब 500 उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे यात्रियों और सांसदों की यात्रा योजनाएं बुरी तरहप्रभावित हुईं। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने एयरलाइन के बढ़ते एकाधिकार पर चिंता जताते हुए सरकार से समाधान के बारे में पूछा।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार मामले की जांच कर रही है और विमानन मंत्री जल्द विस्तृत जानकारी देंगे।
दो पासपोर्ट केस में अब्दुल्ला आज़म को 7 साल की सजा 50 हजार जुर्माना, कोर्ट का बड़ा फैसला

दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा काट रहे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट केस में भी कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है।इसके अलावा उन पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला आजम वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए। सपा नेताआजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पासपोर्ट का मामला शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में 2019 में दर्जकराया था। उनका आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास दो पासपोर्ट हैं। इसमें से एक पासपोर्ट का इस्तेमाल वह विदेश यात्रा में भी कर चुके हैं।यह मामला एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने को लेकर अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्टका भी दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू हुई। शुक्रवारको रामपुर कोर्ट ने फैसला सुनाया। सुनवाई के लिए पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को वीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अब्दुल्लाआजम को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। सिविल लाइंस थाने में वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज करवाईशहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस थाने में वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। इसमें विधायक ने कहा था किअब्दुल्ला आजम खां द्वारा असत्य व कूट रचित दस्तावेज तथा विवरण के आधार पर पासपोर्ट बनवाया है। वह इसका उपयोग कर रहे हैं। पासपोर्टसंख्या जेड4307442 दस जनवरी 2018 है। शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस थाने में वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्जकरवाई गई थी। इसमें विधायक ने कहा था कि अब्दुल्ला आजम खां द्वारा असत्य व कूट रचित दस्तावेज तथा विवरण के आधार पर पासपोर्ट बनवायाहै। वह इसका उपयोग कर रहे हैं। पासपोर्ट संख्या जेड4307442 दस जनवरी 2018 है। पैन कार्ड मामले में जेल में बंददूसरी ओर शैक्षिक प्रमाण पत्रों का प्रयोग भी आर्थिक लाभ हेतु शैक्षिक संस्थाओं की मान्यताओं व आईडी के लिए किया गया है। अब्दुल्ला आजम केशैक्षिक प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट का विवरण जन्मतिथि व जन्म स्थान विरोधाभासी है फिर भी अब्दुल्ला आजम सभी दस्तावेजों का प्रयोग जरूरत केअनुसार जानबूझकर अनुचित लाभ लेने के लिए कर रहे है। रामपुर से सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट मामले में सातसाल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उन पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। अभी वह दो पैन कार्ड मामले में जेल में बंद हैं।
H-1B वीज़ा पर अमेरिका का बड़ा फैसला, अब अनिवार्य होगी सोशल मीडिया जांच

अमेरिका ने एच-1बी और एच-4 वीजा के लिए प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा आवदेकों और उनके एच-4 आश्रितों के लिए सोशल मीडिया जांच अनिवार्य कर दी है। यह नियम 15 दिसंबर से लागू होगा। नए नियम के मुताबिक, आवेदकों को अपनी सभीसोशल मीडिया प्रोफाइल की सेटिंग को ‘पब्लिक’ में बदलना होगा ताकि जांच प्रक्रिया आसान हो सके। बुधवार को जारी एक आदेश में अमेरिकीविदेश मंत्रालय ने कहा, इस जांच को सुविधाजनक बनाने के लिए एच-1बी वीजा के सभी आवेदकों और उनके एच-4 आश्रितों, एफ, एम और जे गैर-आप्रवासी वीजा के सभी आवेदकों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपनी सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल की गोपनीयता सेटिंग को ‘पब्लिक’ कर दें। अमेरिकी सरकार आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियोंविदेश मंत्रालय ने जोर देते हुए कहा कि अमेरिकी वीजा ‘एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं’ और ‘हर वीजा पर निर्णय एक राष्ट्रीय सुरक्षा का फैसलाहै।’ मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी उपलब्ध सभी जानकारी का उपयोग करके तय करते हैं कि कोई व्यक्ति अमेरिका के लिए खतरा तो नहीं है। इसनिर्णय से भारतीय पेशेवरों में चिंता बढ़ गई है। सबसे अधिक भारतीय आईटी पेशेवर एच-1बी वीजा के आवेदन करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर नेसंसद में एच-1बी वीजा में बदलाव पर कहा कि वीजा आवेदकों की जांच मेजबान देश का अधिकार है। उन्होंने कहा, वीजा जारी करना किसी सरकारका संप्रभु अधिकार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की स्थिति स्पष्ट है। अमेरिकी सरकार के अनुसार हर वीजा पर निर्णय एक राष्ट्रीय सुरक्षा का फैसलाहै। जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी सरकार आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच करने का इरादा रखती है। आवेदकों के लिए सोशल मीडिया स्क्रीनिंग अनिवार्यभारत ने इस मामले को अमेरिकी अधिकारियों के सामने उठाया है। जयशंकर ने कहा कि जहां भी संभव हुआ, भारतीय दूतावास और वाणिज्यिकदूतावास ने दखल दिया और अमेरिका से अनुरोध किया कि छोटे उल्लंघनों पर कठोर कार्रवाई न की जाए। अमेरिकी सरकार ने एच-1बी वीजाआवेदकों और उनके एच-4 आश्रितों के लिए अपनी जांच प्रक्रिया को सख्त कर दिया है और 15 दिसंबर से सभी आवेदकों के लिए सोशल मीडियास्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी है।