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अम्मान में पीएम मोदी का बड़ा संदेश, भारत-जॉर्डन रिश्ते आंकड़ों से आगे साझेदारी बनें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जॉर्डन दौरे के आखिरी दिन अम्मान में आयोजित इंडिया-जॉर्डन बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारतऔर जॉर्डन के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायिक नेताओं से बातचीत की और आर्थिकसहयोग को मजबूत करने के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया और दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग को लेकर अहम बातें भी कहीं। फोरम मेंउपस्थित नेताओं को संबोधित करते हए पीएम मोदी ने कहा कि भारत, जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के रिश्तेसिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें लंबे समय के मजबूत साझे में बदला जाना चाहिए। सहयोग बढ़ाने में मदद कर रहापीएम मोदी ने कहा कि व्यापार की दुनिया में आंकड़ों की अपनी अहमियत होती है, लेकिन भारत और जॉर्डन का लक्ष्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि भरोसे और साझेदारी पर आधारित भविष्य बनाना है। उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब गुजरात से यूरोप तकव्यापार पेट्रा के रास्ते होता था। अब समय आ गया है कि उन पुराने व्यापारिक रास्तों और रिश्तों को फिर से जीवित किया जाए, ताकि आने वाले समयमें दोनों देशों को समृद्धि मिल सके। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे बताया कि जॉर्डन के राजा से हुई अपनी मुलाकात में उन्होंने इस बात परविस्तार से चर्चा की कि कैसे भौगोलिक स्थिति को अवसर में बदला जाए और उन अवसरों से आर्थिक विकास किया जाए। उन्होंने जॉर्डन के नेतृत्व कीतारीफ करते हुए कहा कि जॉर्डन आज एक ऐसा सेतु (ब्रिज) बनकर उभरा है, जो अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने में मदद कर रहा है। आने वाले वर्षों में और मजबूत होगीजॉर्डन बिजनेस फोरम में पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत की आर्थिक स्थिति पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर आठप्रतिशत से ज्यादा है, जो बेहतर उत्पादकता, मजबूत शासन व्यवस्था और नवाचार पर आधारित नीतियों का नतीजा है। इसके कारण भारत में निवेशऔर व्यापार के लिए नए अवसर खुल रहे हैं, जिसका फायदा जॉर्डन के निवेशक और कारोबारी भी उठा सकते हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहाकि आज दुनिया को एक नए ग्रोथ इंजन और भरोसेमंद सप्लाई चेन की जरूरत है। ऐसे समय में भारत और जॉर्डन मिलकर इस वैश्विक जरूरत को पूराकरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया कि भारत–जॉर्डन की साझेदारी आने वाले वर्षों मेंऔर मजबूत होगी और इससे दोनों देशों के लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

मनरेगा पर वार, प्रियंका गांधी का VB-G RAM G बिल पर तीखा हमला “नाम बदला, हक घटाया”

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा आज लोकसभा में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), VB-G RAM G बिल, 2025 का विरोध किया। यह बिल दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाने काप्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में बदलाव करने पर अपनी आपत्ति दर्ज करना चाहती हूं। MGNREGA पिछले 20 वार्षों से ग्रामीण भारतको रोजगार देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सक्षम रहा है। यह कितना क्रांतिकारी कानून है कि जब इसे बनाया गया तो सदन केसभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी सहमती दी थी। इसके द्वारा 100 दिन का रोजगार देश के गरीब से गरीब लोगों को मिलता आया है। वेतन की बढ़ोतरी की कोई बात नहींप्रियांका ने आगे कहा कि हम सभी जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में जाते हैं तो दूर से ही मनरेगा का मजदूर दिखाई देता है। मनरेगा के तहत हमारे गरीबभाई-बहनों को जो रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती है, वो इस योजना में मांग के आधार पर संचालित होता है, मतलब जहां-जहां रोजगार की मांग हैवहां 100 दिनों का रोजगार अनिवार्य है। इसके साथ ही केंद्र से जो इसके लिए पूंजी जाती है वो भी मांग पर आधारित है। इसमें केंद्र को इजाजत दीगई है कि वो पहले से ही निर्धारित कर लें कि कितनी पूंजी कहां भेजी जाएगी। हालांकि इस नए विधेयक में संविधान के 73वें संशोधन कोनजरअंदाज किया जा रहा है। इस योजना में ग्राम सभाओं के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। इस विधेयक के प्रबंधन से रोजगार का कानूनकमजोर हो रहा है। यह हमारे संविधान के विपरित है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा में 90 प्रतिशत अनुदान केंद्र से आता था, इस विधेयक के तहतअब ज्यादातर प्रदेशों में यह 60 प्रतिशत आएगा। इससे प्रदेशों की अर्थव्यवस्था पर बहुत भार पड़ेगा खासतौर से उन राज्यों के लिए जो पहले से हीकेंद्र से जीएसटी के बकाए के इंतजार में है। इस विधेयक द्वारा केंद्र का नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है और जिम्मेदारी घटाई जा रही है। इसे रोजगार केदिन भले ही बढ़ाए जा रहे हैं लेकिन वेतन की बढ़ोतरी की कोई बात नहीं है। सनक के आधार पर पेश नहीं होना चाहिएप्रियांका ने कहा कि हर योजना का नाम बदलने की जो सनक है वह समझ में नहीं आती है। जब-जब ये किया जाता है तो केंद्र को पैसे खर्च करनेपड़ते हैं। बिना चर्चा के और बिना सदन की सलाह लिए इस तरह जल्दी-जल्दी में विधेयक को पास नहीं कराना चाहिए। ये विधेयक वापस लियाजाना चाहिए, इसके बदले में सरकार को एक नया विधेयक पेस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भले ही मेरे परिवार के नहीं थे लेकिन मेरेपरिवार जैसे ही हैं और पूरे देश की यही भावना है। इसे गहन चर्चा और जांच पड़ताल के लिए स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए। और कोई भीविधेयक किसी की निजी महत्वकांक्षा, पूर्वाग्रह और सनक के आधार पर पेश नहीं होना चाहिए।

नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार को राहत, ED चार्जशीट पर कोर्ट का संज्ञान से इनकार

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को मंगलवार को बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के आरोपपत्र परसंज्ञान लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपी प्राथमिकी की प्रतिलिपि पाने केहकदार नहीं है। इसको लेकर कांग्रेस के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।कांग्रेस अपने आधिकारिक एक्स खाते से एक पोस्ट में लिखा, सत्य की जीत हुई है। (नरेंद्र) मोदी सरकार की बदनीयत और गैरकानूनी तरीके से की गईकार्रवाई पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। माननीय अदालत ने यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी कीकार्रवाई को अवैध और दुर्भावना से ग्रसित पाया है। कोर्ट ने फैसला दिया है कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई प्राथमिकीनहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता। मजिस्ट्रेट के समन आदेशों पर आधारितपार्टी ने आगे कहा, मोदी सरकार द्वारा पिछले एक दशक से मुख्य विपक्षी दल के खिलाफ, राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से की जा रहीयह कार्रवाई आज पूरे देश के सामने बेनकाब हो गई है। धनशोधन का कोई मामला नहीं, अपराध की कोई आय नहीं और संपत्ति का कोई हस्तांतरणनहीं, यह सभी निराधार आरोप जो निम्न स्तर की राजनीति, द्वेष की भावना और सम्मान पर हमला करने की भावना से प्रेरित हैं, आज सब धराशायी होगए। कांग्रेस पार्टी और हमारा नेतृत्व सत्य के लिए और हर भारतीय के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें कोई भी डरा नहीं सकता, क्योंकि हम सत्य के लिए लड़ते हैं। सत्यमेव जयते। वहीं, कांग्रेस नेता सुखदेव भगत ने कहा, मैं समझता हूं…एक कहावत है सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। बहुत ही स्वागत योग्य कदम है। निश्चित रूप से यह सत्य की जीत है। मैं कहूंगा सत्यमेव जयते। कोर्ट ने कहा कि नेशनल हेराल्डधनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय अपनी आगे की जांच जारी रख सकता है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर कोई कानूनी कार्रवाई नहींकी जा सकती क्योंकि ईडी का मामला किसी प्राथमिकी पर आधारित नहीं है। यह केवल सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दर्ज कराई गई निजी शिकायतऔर मजिस्ट्रेट के समन आदेशों पर आधारित है।

योगी कैबिनेट में बड़े बदलाव की तैयारी, 2027 से पहले PDA समीकरण साधेगी BJP

भाजपा ने जिस तरह से प्रदेश संगठन में पिछड़ी जाति के नए ‘चौधरी’ को कमान देकर विपक्ष के पीडीए समीकरण की काट की जमीन तैयार करने कासंदेश दिया है, अब उसी तर्ज पर प्रदेश सरकार में भी बदलाव की कवायद की तैयारी है। हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा और स्वरूप क्या होगा, इस पर सभी ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मंत्रिमंडल विस्तार में पीडीए समीकरण को दुरुस्त करनेका खाका तैयार करने पर मंथन शुरू हो गया है। यूं तो मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा पिछले साल अक्तूबर में पार्टी के संगठन पर्व के आगाज के साथशुरू हो गई थी लेकिन इसकी तस्वीर पर अब तक धुंध छाई है। चूंकि संगठन पर्व का समापन हो चुका है और पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गयाहै इसलिए अब फिर से योगी-2 की टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। बदले सियासी परिवेश में संभावित मंत्रिमंडल के बदलाव में सबसे ज्यादाचर्चा जातीय समीकरण पर है। विशेष स्थान दिया जा सकतासूत्रों का कहना है कि वर्ष 2027 के रण में विपक्ष के पीडीए को मजबूत टक्कर देने के लिए यह कवायद हो रही है। माना जा रहा है कि मौजूदामंत्रिमंडल के सदस्यों में कुर्मी समेत अन्य पिछड़ी व दलित जाति के मंत्रियों का प्रतिनिधित्व व कद बढ़ सकता है। साथ ही कुछ मंत्रियों के स्थान परऊर्जावान व युवा विधायकों को मौका दिया जा सकता है। खास तौर से पार्टी से दूर हो रहे कुर्मी समाज पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए इस वर्ग केनेताओं को प्रमोट किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि पूरी तस्वीर तो मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही साफ होगी, लेकिन इतना जरूर है किआगामी विस्तार में जातीय गुलदस्ता सजाकर सरकार में भी पीडीए की छाप दिखाने की कोशिश दिखेगी। प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त होने केबाद भूपेंद्र चौधरी का सरकार में समायोजन तय माना जा रहा है। चौधरी को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनके अलावा करीब आधेदर्जन नए चेहरों को मौका मिल सकता है। मंत्रियों की रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा के आधार पर कई को संगठन में भी भेजा जा सकता है। मंत्रिमंडलविस्तार की सुगबुगाहट शुरू होने के साथ ही दावेदार विधायकों ने दिल्ली की दौड़ लगानी शुरू कर दी है. सूत्रों का कहना है कि संभावित विस्तार मेंपीडीए पर फोकस के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर भी खास ध्यान रखा जाएगा। ऐसे में पश्चिम, बुंदेलखंड और मध्य यूपी को विशेष स्थान दियाजा सकता है।

नीतीश कुमार की ‘सीख’ और नितिन नवीन की तरक्की, पुराना वीडियो बना सियासी हथियार

बिहार में इस समय तीन तरह का वीडियो वायरल है। एक में विपक्षी दलों ने सीएम नीतीश कुमार को एक महिला आयुष चिकित्सक का हिजाब छूनेपर हमला किया। जवाब में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का वीडियो भी बिहार में सुर्खियां बटोर रहा है, जहां वह महिला कतार में खड़ी एक महिला काघूंघट हटा रहे हैं। इन दोनों वीडियो के बीच एक तीसरा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन सरकार केसमय भाजपा विधायक नितिन नवीन को सीख दे रहे हैं। नितिन नवीन को रविवार को भाजपा ने पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया, अब इसीताजी खबर से जोड़कर उस पुराने वीडियो को वायरल किया जा रहा है। मेरे खिलाफ बोलोगे तो कोई नहीं आगे बढ़ाएगा2023 में जब महागठबंधन की सरकार थी, तब सदन में भाजपा सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर थी। इसी दौरान भाजपा विधायक नितिन नवीनतत्कालीन महागठबंधन सरकार पर कुछ बोलने लगे तो सीएम नीतीश कुामर ने उठकर कहा- “तुम क्या जानते हो, बैठो न। जिस दिन तुम्हारे पिताजीकी मृत्यु हो गई थी, उस समय पूरे पटना में मात्र 18 प्रतिशत वोट हुआ था। हम लोग आपके लिए काम कर रहे थे। आपके पिताजी के साथ मेरा क्यासंबंध पौराणिक है, उनका डेथ हो गया। तुरंत हमलोग सरकार में आए। उस समय आपको ही बनाया गया। कितना प्रेम करते रहे। कितना सम्मान देतेरहे। देखो, बोलना जरूर। बोलोगे तभी केंद्र वाला आगे बढ़ाएगा। नहीं अगर मेरे खिलाफ बोलोगे तो कोई नहीं आगे बढ़ाएगा। कार्यक्रम का उनका ताजा वीडियो चर्चा में रहादरअसल, इस वीडियो के अंत में नीतीश कुमार ने उस समय सीख दी थी कि भाजपा वाले उन्हें कब और कैसे आगे बढ़ाएंगे। उस समय नीतीश कुमारसरकार में थे और भाजपा विपक्ष में। तब नीतीश कुमार पर भाजपा हमलावर थी। नीतीश ने उसी समय सदन में नितिन को सीख दी थी कि वह बोलेंऔर उनके खिलाफ जरूर बोलें ताकि भाजपा कुछ बड़ा दे। अब नितिन भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं तो सोशल मीडिया पर यूजर्स कहरहे हैं कि नीतीश की सीख पर चलकर नितिन को यह कद-पद मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चर्चा में हैं। सोमवार को एक कार्यक्रम का उनकाताजा वीडियो चर्चा में रहा तो अब भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए नितिन नवीन को लेकर सदन में कही उनकी बातें वायरल हैं।

क्राउन प्रिंस ने खुद चलाई कार, पीएम मोदी पहुंचे जॉर्डन म्यूजियम भारत-जॉर्डन रिश्तों की नई मिसाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जॉर्डन दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को एक खास पल देखने को मिला। जहां जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्लाद्वितीय ने खुद गाड़ी चलाकर पीएम मोदी को अम्मान स्थित जॉर्डन म्यूजियम तक पहुंचाया। काउन प्रिंस द्वारा खुद कार चलाकर पीएम नरेंद्र मोदीम्यूजियम ले जाना भारत और जॉर्डन के बीच मजबूत और गर्मजोशी भरे रिश्तों को दर्शाता है। क्राउन प्रिंस अल हुसैन पैगंबर मोहम्मद के 42वीं पीढ़ी केवंशज माने जाते हैं। उनका यह कदम दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और भरोसे को और मजबूत करता है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी सोमवार कोजॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे थे। वे जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर दो दिवसीय दौरे पर हैं। जॉर्डन, पीएम मोदी की चार दिन कीतीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव है। इसके बाद वे इथियोपिया और ओमान भी जाएंगे। नई दिशा देने वाली मानी जा रहीपीएम मोदी ने इस दौरान अम्मान के रास अल-ऐन इलाके में स्थित जॉर्डन म्यूजियम का भी दौरा किया। यह जॉर्डन का सबसे बड़ा म्यूजियम है, जहांदेश के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक अवशेष रखे गए हैं। साल 2014 में बने इस म्यूजियम में प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिकसमय तक की सभ्यता की झलक मिलती है। यहां 15 लाख साल पुराने जानवरों की हड्डियां और 9 हजार साल पुरानी ऐन गजाल की चूने से बनीमूर्तियां भी मौजूद हैं, जिन्हें दुनिया की सबसे पुरानी मूर्तियों में गिना जाता है। इससे पहले जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात के बाद पीएममोदी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रभारत और जॉर्डन आतंकवाद केखिलाफ एक जैसी और स्पष्ट सोच रखते हैं। 75 साल पुराने राजनयिक रिश्तों के बीच हुई यह मुलाकात भारत-जॉर्डन संबंधों को नई दिशा देने वालीमानी जा रही है। खुद गाड़ी चलाकर पीएम मोदी को अम्मान के जॉर्डन म्यूजियम ले गएदोनों देशों ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, उर्वरक और कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी औरगहरी करने का फैसला किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन आने वाले समय में डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढांचे और लोगों के आपसीसंपर्क को मजबूत करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि यह बैठक रिश्तों को नई ऊर्जा देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जॉर्डन दौरे के दूसरे दिन दोनों देशों केरिश्तों की गर्मजोशी का खास नजारा दिखा, जब क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय खुद गाड़ी चलाकर पीएम मोदी को अम्मान के जॉर्डनम्यूजियम ले गए। यह भारत-जॉर्डन के मजबूत भरोसे और आपसी सम्मान का प्रतीक है।

मथुरा यमुना एक्सप्रेस वे हादसा कोहरे में 13 मौतें, 100 से अधिक घायल 7 बसें और 3 कारें टकराईं

मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे ने कहर बरपा दिया। सुबह करीब 3:30 बजे बलदेव थाना क्षेत्र में 127 किलोमीटरमाइलस्टोन के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हो गए। मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमारसिंह ने बताया है कि चार शवों की पहचान हो गई है, अन्य के शिनाख्त के लिए टीम जुटी हुई है। 17 बैग में कंकाल और जले हुए टुकड़े लाए गए हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के समय दृश्यता लगभग शून्य थी। कोहरे के चलते एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं।टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहनों में धमाके के साथ आग लग गई। आग की लपटें उठते ही बसों में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि चार शवों की पहचान हो गई है, अन्य के शिनाख्त के लिए टीम जुटी हुई है। फिलहाल घटना मेंप्रशासन ने दस लोगों के मरने की पुष्टि कर दी है, हालांकि बीस लोगों की जिन्दा जलकर मौत होने की जानकारी मिली है।यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से सुचारू करायाहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग परकाबू पाया गया और घायलों को वाहनों से बाहर निकाला गया। घायलों को जिला अस्पताल मथुरा, 100 शैय्या अस्पताल वृंदावन में भर्ती करायागया है, जबकि गंभीर रूप से घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया है। 38 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जिनका उपचारचल रहा है। 39 बलदेव सीएचसी पर हैं। कानपुर निवासी अमन यादव ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ कार से बांके बिहारी मंदिर दर्शन केलिए जा रहे थे। घने कोहरे के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। तभी अचानक सामने से आए वाहन ने उनकी कार में टक्कर मार दी और उसके बादलगातार कई वाहन आपस में टकराते चले गए। हमीरपुर की नसीमा ने बताया कि वह अपने पति के साथ मजदूरी करने पानीपत जा रही थीं। उनकीबस सामने से आ रही दूसरी बस से टकरा गई, जिसके बाद उसमें तेजी से आग लग गई। किसी तरह जान बचाई जा सकी, लेकिन उनके पति गंभीररूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आगरा से नोएडा की ओर जाने वाले यमुना एक्सप्रेस वे पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में यातायात पुलिस नेवैकल्पिक मार्गों से सुचारू कराया।

राज्यसभा में जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला, ईवीएम और वोट चोरी के आरोप गुमराह करने वाले

राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक-एक कर कई सारे मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने चुनाव सुधार से लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जारहे आरोप तक सभी मामलों में केंद्र सरकार का रुख साफ किया। नड्डा ने ‘वोट चोरी और ईवीएम’ में गड़बड़ी जैसे आरोप को लेकर कांग्रेस पर जमकरनिशाना भी साधा और कांग्रेस पर देश को चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तकचुनाव आयोग का काम एक परिवार द्वारा नियंत्रित पार्टी के जिम्मे रहा, लेकिन उस पर कभी सवाल नहीं उठाए गए। नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधतेहुए कहा कि वे सवाल पूछते हैं कि यह एसआईआर क्यों?, जबकि यह प्रक्रिया नई नहीं है और लोकसभा में 1952 से चली आ रही है। उन्होंने आरोपलगाया कि पिछले चार महीनों में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई जैसे चुनाव में धांधली हो रही हो। संविधान ने चुनाव आयोग को यह अधिकार दियाजेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा से कभी पीछे नहीं हटती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लोकतंत्र और संसदीयव्यवस्था में पूरा विश्वास रखती है और हर विषय पर खुले मन से चर्चा के लिए तैयार रहती है। इस दौरान जेपी नड्डा ने मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संविधान ने चुनाव आयोग को यह अधिकार दिया है कि वहसमय-समय पर मतदाता सूची की जांच और सत्यापन कर सके। यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और जरूरी है। चुनाव में धांधली हो रहीइस दौरान जेपी नेड्डा ने चुनाव आयोग की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि कोई भीयोग्य नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न हो और साथ ही कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न रहे। इसी संतुलन को बनाए रखनेके लिए एसआईआर जैसी प्रक्रिया की जाती है। जेपी नड्डा ने आगे कहा कि साल 2010 के बाद से मतदाता सूची से किसी का नाम नहीं हटाया गयाहै, इसलिए अब इसका पुनरीक्षण और भी ज्यादा जरूरी हो गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथअपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करेगा। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष देश को ईवीएम औरचुनाव आयोग को लेकर गुमराह कर रहा है। उन्होंने बताया कि SIR प्रक्रिया नई नहीं है, यह लोकसभा में 1952 से चल रही है। नड्डा ने आरोप लगायाकि पिछले चार महीनों में ऐसा माहौल बनाया गया जैसे चुनाव में धांधली हो रही हो।

आईपीएल 2026 मिनी नीलामी, विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी पर 18 करोड़ का कैप, क्रिकेट जगत में बहस

आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी से पहले एक नियम ने क्रिकेट जगत में जबरदस्त बहस छेड़ दी है। यह नियम विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी सेजुड़ा है, जिसके तहत कोई भी विदेशी खिलाड़ी, चाहे उस पर कितनी भी बड़ी बोली क्यों न लगे, 18 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं कमा सकता। यहनियम पहली बार IPL 2025 की मेगा नीलामी में लागू किया गया था और अब इसे मिनी ऑक्शन में भी बरकरार रखा गया है। बाहर से देखने पर यहनियम भ्रम पैदा करता है, लेकिन इसके पीछे BCCI की एक स्पष्ट सोच और फ्रेंचाइजियों की चिंता जुड़ी हुई है। आईपीएल के नए नियम केमुताबिक, किसी भी विदेशी खिलाड़ी की अधिकतम सैलरी सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी की रिटेंशन स्लैब से ज्यादा नहीं हो सकती। मिनी ऑक्शन केमामले में यह स्लैब 18 करोड़ रुपये तय की गई है। उदाहरण से समझिए। मान लीजिए किसी विदेशी खिलाड़ी पर नीलामी में 30 करोड़ रुपये कीबोली लगती है, लेकिन उसे सैलरी मिलेगी सिर्फ 18 करोड़ रुपये। बाकी 12 करोड़ रुपये BCCI के प्लेयर वेलफेयर फंड में चले जाएंगे। फ्रेंचाइजीको फिर भी पूरे 30 करोड़ अपने पर्स से चुकाने होंगे। यानी बोली पूरी लगेगी, लेकिन खिलाड़ी को पूरा पैसा नहीं मिलेगा। बीसीसीआी ने दो बड़े फैसले लिएयह नियम सिर्फ विदेशी खिलाड़ियों के लिए है। भारतीय खिलाड़ी पूरी बोली की रकम पाने के हकदार हैं। इसी का उदाहरण IPL 2025 मेगाऑक्शन में दिखा, जब ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदा गया, उन्हें पूरी सैलरी मिली। वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे फ्रेंचाइजियों की शिकायतें अहम वजह रहीं। कई टीमें इस बात से नाराज थीं कि कुछ विदेशी खिलाड़ीजानबूझकर मेगा ऑक्शन छोड़ते हैं। फिर मिनी ऑक्शन में एंट्री लेकर सीमित विकल्पों के चलते महंगी बोली हासिल करते हैं। इस समस्या से निपटनेके लिए बीसीसीआी ने दो बड़े फैसले लिए. पूरी तरह गलत भी नहीं कहा जा सकताफिलहाल नहीं। आईपीएल अब भी दुनिया की सबसे आकर्षक टी20 लीग है, लेकिन खतरा तब पैदा हो सकता है जब दूसरी इंटरनेशनल लीग्सविदेशी खिलाड़ियों को इससे ज्यादा सुरक्षित और खुली कमाई दें। तब विदेशी सितारे आईपीएल को प्राथमिकता देना छोड़ सकते हैं। हालांकिमौजूदा हालात में ऐसा होना मुश्किल माना जा रहा है। नियम सख्त है, लेकिन बेकार नहीं। यह नियम फ्रेंचाइजी को नियंत्रण देता है कि फ्रेंचाइजीभारतीय खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सके। BCCI प्लेयर वेलफेयर के लिए अतिरिक्त फंड देता है और विदेशी खिलाड़ी के लिए भी। इसलिए भलेही यह नियम विवादित हो, लेकिन पूरी तरह गलत भी नहीं कहा जा सकता।

जौन एलिया की याद में सजी शायरी की महफ़िल, राजेंद्र भवन में बिखरा उर्दू अदब का जादू

उर्दू शायरी और अदब से मोहब्बत रखने वालों के लिए दिल्ली का राजेंद्र भवन उस वक्त खास बन गया, जब मशहूर शायर हज़रत जौन एलिया साहबकी 94वीं जयंती पर एक शानदार शायरी महफ़िल का आयोजन किया गया। इस यादगार कार्यक्रम का आयोजन नया एहसास फाउंडेशन की ओर सेकिया गया, जिसमें शायरी के दीवानों ने बड़ी संख्या में शिरकत की और जौन एलिया साहब को दिल से याद किया। जौन एलिया आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदाजौन एलिया भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी रूमानी और इश्क़िया शायरी आज भी लोगों के दिल और दिमाग पर राज करती है। उनकीग़ज़लों में मोहब्बत, दर्द, तन्हाई और बिछड़ने की कसक साफ महसूस की जा सकती है। यही वजह है कि हर दौर के लोग, खासकर नौजवान, आज भीजौन एलिया की शायरी से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। राजेंद्र भवन में सजी यादों की महफ़िलरविवार को आयोजित यह शायरी और ग़ज़ल की महफ़िल शाम तक चली। पूरे कार्यक्रम को दो हिस्सों में बांटा गया था। पहले हिस्से में जौन एलियासाहब को याद करते हुए मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें उर्दू शायरी के कई जाने-माने नाम शामिल हुए। मशहूर शायरों की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभामुशायरे में हमारे दौर के मकबूल शायर जनाब फरहत एहसास साहब, मशहूर शायर जनाब महेंद्र कुमार सानी, राजकमल प्रकाशन के संपादक औरशायर तसनीफ़ हैदर साहब सहित कई अन्य शायरों ने अपनी शायरी से महफ़िल को यादगार बना दिया। इस मौके पर जौन एलिया साहब की भांजीहुमा रिज़वी साहिबा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। किताब का रस्म–ए–इजरा बना खास पलकार्यक्रम के दूसरे हिस्से में एक और खास आयोजन हुआ। शायरा पूजा भाटिया की ग़ज़लों की किताब उसे कहना कि ये मैंने कहा है का रस्म-ए-इजराकिया गया। यह किताब हिंद युग्म से प्रकाशित हुई है। किताब का लोकार्पण मशहूर शायर फरहत एहसास साहब के हाथों हुआ, जिसे उपस्थितसाहित्य प्रेमियों ने खूब सराहा। नई पीढ़ी के पसंदीदा शायरजौन एलिया का जन्म 14 दिसंबर 1931 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा शहर में हुआ था। उनका इंतिकाल 8 नवंबर 2003 को हुआ। उनके जाने के बादभी उनकी शायरी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। हिंदी में उनकी शायरी के कई अनुवाद हुए, जिससे और ज्यादा लोग उनके कलाम से जुड़ सके। इल्म और अदब से गहरा रिश्ताजौन एलिया बचपन से ही इल्म और साहित्य के शौकीन थे। उन्हें उर्दू के साथ-साथ अरबी, फारसी, हिब्रू, संस्कृत और अंग्रेज़ी कुल छह भाषाओं कागहरा ज्ञान था। अपने आज़ाद ख्याल और गैर-रिवायती अंदाज़ की वजह से उन्होंने उर्दू शायरी में एक अलग पहचान बनाई। बंटवारे का दर्द उनकी शायरी में झलकाहिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे का जौन एलिया को गहरा सदमा लगा था। हिजरत का यह दर्द उनकी शायरी में साफ नजर आता है। उन्होंने अपनेअशआर में बिछड़ने, टूटने और खोने के दर्द को बहुत सच्चाई से बयान किया है। सोशल मीडिया पर भी जौन एलिया का जादूआज के इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में जौन एलिया की शायरी पहले से ज्यादा लोगों तक पहुंच रही है। सोशल मीडिया पर उनके कलाम सेजुड़े कई पेज, वेबसाइट और चैनल मौजूद हैं। यही वजह है कि उनके चाहने वालों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अमरोहा से खास मोहब्बतपाकिस्तान जाने के बाद भी जौन एलिया के दिल से हिंदुस्तान और खासकर अमरोहा कभी अलग नहीं हुआ। उन्हें अपने शहर से गहरा लगाव था। एकमुशायरे के दौरान उन्होंने कहा था ख़ातिर न कीजियो, कभी हम भी यहाँ के थे। यह पंक्ति आज भी उनके दर्द और मोहब्बत की गवाही देती है। शायरी के ज़रिये जौन एलिया हमेशा ज़िंदाजौन एलिया भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी शायरी उन्हें हमेशा ज़िंदा रखेगी। राजेंद्र भवन में सजी यह महफ़िल इस बात का सबूत थी किजौन एलिया आज भी उर्दू अदब के चाहने वालों के दिलों में पूरी शिद्दत से बसे हुए हैं।