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अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप: टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता

भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप काखिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया, जिससे टीम इंडिया ने आसानी से जीतदर्ज की। गेंदबाजी ने रखा जीत का आधारफाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम महज 82 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमेंजी त्रिसा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके। उनके अलावा वैष्णवी, आयुषी और परुनिका सिसौदिया ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि शबनमशकील को 1 विकेट मिला। भारतीय गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के आगे साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन83 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने बेहद आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। हालांकि, टीम की ओपनर जी कामिनी सिर्फ 8 रनबनाकर आउट हो गईं, लेकिन इसके बाद जी त्रिसा और सानिका चालके ने टीम को जीत तक पहुंचा दिया। जी त्रिसा ने 33 गेंदों में नाबाद 44 रन की पारी खेली, जबकि सानिका चालके ने 22 गेंदों पर 26 रन बनाए और नाबाद रहीं। इस जीत के साथभारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपनी छठी लगातार जीत दर्ज की। दूसरी बार भारत को मिली जीतभारतीय टीम ने 2023 में भी शेफाली वर्मा की कप्तानी में यह खिताब जीता था। इस बार भी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनलतक का सफर तय किया और खिताब पर कब्जा जमाया। सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 9 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट का दबदबा एक बार फिर साबित हुआ और टीम ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफीअपने नाम कर ली।

अरविंद केजरीवाल का झुग्गीवासियों को संदेश: फर्जी वोटिंग के झांसे में न आएं

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दीहै। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि 3,000 रुपये लेने पर चुनाव आयोग उनके घर आकर वोट डलवा देगा और उंगली परस्याही लगा देगा। केजरीवाल ने लगाए साजिश के आरोपकेजरीवाल ने लोगों को चेताया कि अगर वे इस तरह से वोटिंग प्रक्रिया में शामिल होते हैं, तो बाद में उनके खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कियाजा सकता है। उन्होंने इसे एक बड़ी साजिश बताया और कहा कि जनता को ऐसे झूठे दावों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। झुग्गीवासियों के लिए सीएम की अपीलकेजरीवाल ने झुग्गीवासियों, सर्वेंट क्वार्टर और धोबी घाट जैसे इलाकों के लोगों से विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगरकोई पैसे दे रहा है तो उसे रख लें, लेकिन वोट सोच-समझकर दें। केजरीवाल ने बीजेपी पर लगाए आरोपउन्होंने दावा किया कि अगर गलती से भी भाजपा सरकार सत्ता में आ गई, तो झुग्गियों को हटा दिया जाएगा। उन्होंने मुंबई के धारावी का उदाहरण देतेहुए कहा कि इसे एक उद्योगपति को सौंप दिया गया है, और यही मॉडल दिल्ली में भी लागू किया जा सकता है। केजरीवाल ने जनता से किया वादाकेजरीवाल ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वे जनता के हितों के लिए लड़ रहे हैं और लोगों को किसी भी तरह के धोखे में नहीं आना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इस तरह की साजिशों से बचकर ही जनता अपने अधिकारों की रक्षा कर सकती है।

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट को लेकर विवाद: कांग्रेस सांसद ने लगाया गंभीर आरोप

संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में रिपोर्ट पेश करने से पहले कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीरहुसैन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी असहमति नोट को उनकी अनुमति के बिना संपादित कर दिया गया। असहमति नोट एडिट करने का आरोपडॉ. सैयद नसीर हुसैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी असहमति नोट और फाइनल रिपोर्ट के कुछ पेज साझा किए। उन्होंने लिखा कि उन्होंनेविधेयक का विरोध करते हुए एक असहमति नोट प्रस्तुत किया था, लेकिन उसमें बदलाव किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष को चुप करानेकी कोशिश क्यों की जा रही है। जेपीसी की रिपोर्ट और विपक्ष का विरोधजेपीसी ने 30 जनवरी को अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी थी। इस दौरान समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे और अन्य भाजपा सांसद मौजूद थे, लेकिन विपक्षी सदस्य नदारद थे। रिपोर्ट को 29 जनवरी को मंजूरी दी गई थी, जिसमें 16 सदस्यों नेसमर्थन किया और 11 ने विरोध जताया। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी आपत्ति जताई और कहा कि 655 पन्नों की ड्राफ्ट रिपोर्ट को एक रात में पढ़ना संभव नहीं था। उन्होंने जेपीसीकी कार्यवाही को एक ‘तमाशा’ करार देते हुए संसद में विधेयक का विरोध जारी रखने की बात कही। जेपीसी बैठक में हंगामा और विपक्षी सदस्यों का निलंबन24 जनवरी को दिल्ली में हुई जेपीसी बैठक में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें विधेयक में किए गए संशोधनों परशोध के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी समिति की कार्यवाही पर सवाल उठाए। इसके बाद, बनर्जी औरओवैसी समेत 10 विपक्षी सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विधेयक का उद्देश्यवक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण, बेहतर ऑडिट और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, अवैध रूप से कब्जे वाली संपत्तियों को वापस लेने के लिए कानूनी सुधार लाना भी इस विधेयक का मकसद है। हालांकि, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया है। उनका आरोप है कि यह मुस्लिम विरोधी है। 8 अगस्त 2024 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे लोकसभा में पेश किया था, लेकिन भारी विरोध के चलते इसे बिना चर्चा के जेपीसी को भेज दियागया। वक्फ बोर्ड पर विवादवक्फ बोर्ड के पास देशभर में बड़ी मात्रा में जमीन है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वक्फ बोर्ड के पास करीब 9 लाख एकड़ जमीन है, जो दिल्ली के कुलक्षेत्रफल से लगभग तीन गुना अधिक है। यूपी सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वक्फ की 14,000 हेक्टेयर जमीन है, जिसमें से 78% सरकारी संपत्ति है। शिया वक्फ बोर्ड ने इस संशोधन विधेयक का विरोध किया है। समिति की पहली बैठक 22 अगस्त 2024 को हुई थी, जिसमें 44 संशोधनों पर चर्चाकी जानी थी। अब, बजट सत्र के दौरान जेपीसी की रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी।

गुजरात के डांग जिले में बड़ा सड़क हादसा: बस खाई में गिरी, 7 श्रद्धालुओं की मौत

गुजरात के डांग जिले में रविवार तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जब नासिक-सूरत हाईवे पर सापूतारा घाट के पास श्रद्धालुओं से भरी एक बस200 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बादस्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।कैसे हुआ हादसा?रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बस महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर से गुजरात के द्वारका जा रही थी। बस में मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी और अशोक नगर जिले केश्रद्धालु सवार थे, जो 23 दिसंबर 2024 से धार्मिक यात्रा पर निकले थे। यह यात्रा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शनके लिए आयोजित की गई थी। कुल चार बसों का काफिला सफर कर रहा था। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4:15 बजे बस चालक ने वाहन सेनियंत्रण खो दिया, जिससे यह गहरी खाई में गिर गई। मौके पर ही 5 लोगों की मौतप्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल थे। वहीं, दो अन्यघायलों ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। दुर्घटना में बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।रेस्क्यू ऑपरेशन और जांचहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक एस.जी. पाटिल के नेतृत्व में राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मदद से घायलोंको अस्पताल भेजा गया और मृतकों के शवों को कब्जे में लिया गया। घायलों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और दुर्घटना के सही कारणों की जांचजारी है।

लोकदल ने बजट 2025 को बताया निराशाजनक, किसानों और आम जनता के लिए कोई राहत नहीं

नई दिल्ली: लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने केंद्रीय बजट 2025 पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आम जनता, किसानों और छोटेव्यापारियों के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि देश एक कृषि प्रधान राष्ट्र है, लेकिन बजट में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिएकोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। किसानों की अनदेखी, एमएसपी पर नहीं हुआ कोई फैसलासुनील सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों से किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस बजट में इसेशामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रही है और उनके लिए किसी भी ठोस योजना कीघोषणा नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर कोई समाधान नहींलोकदल प्रमुख ने बजट को महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे आम लोगों के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी सुविधाओंकी कीमतों को नियंत्रित करने में विफल रही है, जिससे आज भी 80 करोड़ लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं। सिंह ने सवाल उठाया कि दैनिक उपयोग कीवस्तुओं पर लगने वाले करों और जीएसटी में कोई राहत क्यों नहीं दी गई। बजट में सिर्फ चुनावी राज्यों को प्राथमिकतासुनील सिंह ने आरोप लगाया कि यह बजट केवल उन राज्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जहां चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पिछलेदस वर्षों से बजट केवल घोषणाओं तक सीमित रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर आम जनता को कोई लाभ नहीं मिला है। युवा, महिलाएं और व्यापारी भी निराशउन्होंने कहा कि बजट में रोजगार बढ़ाने को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है, जिससे देश के युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। इसके अलावा, महिलाओं और छोटे व्यापारियों को भी किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। बजट में सिर्फ अंधेरा दिख रहा हैसुनील सिंह ने कहा कि महंगाई चरम पर है, लेकिन सरकार इस पर कोई चर्चा नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आम जनता की भावनाओंके साथ खेल रही है और इस बजट से गरीबों, किसानों, युवाओं और व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिलने वाली। लोकदल ने इस बजट को पूरी तरहसे निराशाजनक करार दिया।

आम आदमी पार्टी ने बजट 2025-26 को बताया निराशाजनक, मिडिल क्लास के साथ छलावा करने का आरोप

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार के बजट 2025-26 को निराशाजनक बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। पार्टी का कहनाहै कि यह बजट मध्यम वर्ग के हितों की अनदेखी करता है और इसमें होम लोन, जीएसटी में कोई राहत नहीं दी गई है। पार्टी ने आरोप लगाया किसरकार केवल अमीर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है, जबकि आम जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है। अरविंद केजरीवाल ने बजट को बताया जनता के साथ धोखाआम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार का अधिकांश धन अमीर उद्योगपतियोंके कर्ज माफ करने में खर्च हो रहा है। उन्होंने मांग की थी कि सरकार यह घोषणा करे कि आगे से किसी भी अरबपति का कर्ज माफ नहीं कियाजाएगा। उन्होंने सुझाव दिया था कि इससे बचाए गए पैसे को मध्यम वर्ग के होम लोन और वाहन लोन में छूट देने, किसानों के कर्ज माफ करने, इनकम टैक्स और जीएसटी की दरें कम करने में इस्तेमाल किया जाए। लेकिन, बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट हो जाता हैकि सरकार अब भी पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। संजय सिंह ने सरकार की नीयत पर उठाए सवालAAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने करीबीउद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए, लेकिन अब भी सरकार इसे वापस लेने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहाकि अगर यह पैसा वसूला जाए तो इनकम टैक्स और जीएसटी की दरें आधी की जा सकती हैं। संजय सिंह ने यह भी कहा कि बजट में छोटे व्यापारियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। किसानों की आय दोगुनी करने की बात सरकार नेपहले की थी, लेकिन बजट में इसका कोई जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादाकरती है, लेकिन बजट में इस पर कोई चर्चा नहीं की गई। मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस कदम नहीं: जस्मीन शाहAAP के वरिष्ठ नेता जस्मीन शाह ने बजट को मध्यम वर्ग के लिए निराशाजनक बताते हुए कहा कि भारत की लगभग 30% आबादी मध्यम वर्ग सेआती है, लेकिन केवल 2% लोग ही इनकम टैक्स भरते हैं। बाकी 98% लोग अप्रत्यक्ष कर (जीएसटी, एक्साइज ड्यूटी, आदि) के जरिए सरकार कोराजस्व देते हैं, लेकिन उनके लिए बजट में कोई राहत नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने बजट से पहले मध्यम वर्ग के लिए 7 प्रमुख सुझाव दिए थे, जिनमें स्वास्थ्य और शिक्षा पर अधिक खर्च, आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी खत्म करना, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में छूट देना और पेंशन योजनाओं में सुधार करना शामिल था। लेकिन, सरकार ने इनमें से केवल एक सुझाव माना—इनकम टैक्स की छूट सीमा बढ़ाना, जिससे केवल 2% लोगों को ही फायदा होगा। उन्होंने आरोप लगायाकि सरकार की प्राथमिकता केवल मीडिया का ध्यान भटकाना है, न कि जनता को राहत देना। शिक्षा और स्वास्थ्य पर घटाया गया बजटजस्मीन शाह ने कहा कि बजट 2025 की सबसे बड़ी विफलता यह है कि इसमें नौकरियों या आम जनता की आय बढ़ाने के लिए कोई योजना नहींबनाई गई है। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन इस पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा बजट में भारी कटौती की गई है। 2013-14 में शिक्षा पर जीडीपी का 4.6% खर्च किया जाता था, जिसे अबघटाकर 2.5% कर दिया गया है। सरकारी स्कूलों को लेकर बजट में कोई चर्चा नहीं की गई, जबकि उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षक पदों की भारीकमी बनी हुई है। AAP का केंद्र सरकार पर हमलाAAP नेताओं ने इस बजट को आम जनता के साथ छलावा बताया और आरोप लगाया कि सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों के फायदे के लिए कामकर रही है। पार्टी ने कहा कि दिल्ली की जनता इस अन्याय का जवाब चुनाव में देगी और अपनी आवाज उठाएगी।

रिठाला में “आप” विधायक महेंद्र गोयल पर हमला, आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच रिठाला से आम आदमी पार्टी (AAP) के मौजूदा विधायक और प्रत्याशी महेंद्र गोयल पर हमला हुआहै। शनिवार सुबह करीब 11 बजे सेक्टर 11 में प्रचार के दौरान उन पर हमला किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बादआम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे चुनावी हार की बौखलाहट करार दिया। हमले के बाद अस्पताल में भर्तीहमले में गंभीर चोटें आने के कारण महेंद्र गोयल बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पार्टी का आरोप है किहमलावरों ने भाजपा का पटका पहना हुआ था और उन्होंने विधायक पर अचानक हमला कर दिया। केजरीवाल ने बीजेपी पर साधा निशानाआम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा चुनावी हार से घबराकर हिंसा पर उतर आईहै। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, “दिल्ली में भाजपा बुरी तरह हार रही है, इसलिए अब हमारे नेताओं पर हमले करवा रही है।” मनीषा सिसोदिया की प्रतिक्रियाइस घटना उन्होंने कहा, “क्या भाजपा अब ‘आप’ नेताओं की हत्या करवाकर सत्ता हथियाएगी? चुनाव आयोग कब तक आंखें मूंदे बैठा रहेगा?” सीएम आतिशी ने दिया बयानदिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि भाजपा अब गुंडागर्दी के जरिए सत्ता पाने की कोशिश कर रही है। उन्होंनेकहा, “दिल्ली की जनता इनकी हिंसा से नहीं डरेगी और 5 फरवरी को झाड़ू के निशान पर वोट देकर जवाब देगी।” संजय सिंह ने लगाए आरोपआम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा, “भाजपा बुरी तरह हार रही है, इसलिए अबमारपीट पर उतर आई है। चुनाव आयोग को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।” AAP ने जारी किया वीडियोघटना का वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि भाजपा के समर्थक अब हिंसा पर उतर आए हैं। पार्टी ने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में नहीं होते हुएएक विधायक को धमका सकती है, तो सत्ता मिलने पर आम जनता को भी डराने की कोशिश करेगी। चुनावी माहौल गर्मायारिठाला में हुई इस घटना के बाद दिल्ली में चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर हमले करवाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मामले पर क्या कार्रवाई करता हैऔर आने वाले दिनों में दिल्ली का चुनावी माहौल किस दिशा में जाता है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट 2025-26 को लेकर सरकार पर साधा निशाना, खड़गे बोले- युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए कुछ नहीं

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय बजट 2025-26 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला बताया।उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट देश की असली समस्याओं जैसे महँगाई और बेरोज़गारी का समाधान करने में असफल रहा है।उन्होंने इसे “नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” कहावत से जोड़ा, यह दर्शाने के लिए कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में लगी हुई है। मध्यम वर्ग को राहत कम, कर वसूली ज्यादाखड़गे ने कहा कि बीते दस वर्षों में सरकार ने मध्यम वर्ग से 54.18 लाख करोड़ रुपये का इनकम टैक्स वसूला है। उन्होंने सरकार द्वारा घोषित 12 लाख रुपये तक की कर छूट को अपर्याप्त बताया और कहा कि इस योजना के तहत साल भर में केवल 80,000 रुपये की बचत होगी, जो प्रतिमाहमात्र 6,666 रुपये बनती है। युवाओं और महिलाओं के लिए कोई ठोस योजना नहींखड़गे ने बजट में युवाओं और महिलाओं के लिए किसी ठोस योजना के अभाव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रोजगार बढ़ाने के लिए कोई नयाकदम नहीं उठाया गया है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बड़े फैसले लेने की बात कही थी, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई ठोसनीति नजर नहीं आई। किसानों और वंचित वर्गों की उपेक्षाउन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई गई है और खेती से जुड़े सामान पर जीएसटी में कोई राहत नहीं दीगई। दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और छात्रवृत्ति से जुड़ी किसी नई योजना का ऐलान नहींकिया गया। निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस नीति नहींखड़गे ने कहा कि बजट में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने निर्यात और शुल्क से जुड़ी घोषणाओं कोसतही बताया और कहा कि यह केवल सरकार की विफलताओं को छिपाने का प्रयास है। महँगाई और ग्रामीण रोजगार की अनदेखीउन्होंने महँगाई की समस्या पर सरकार की उदासीनता को लेकर नाराजगी जताई। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) काबजट जस का तस रखा गया, जिससे श्रमिकों की आय में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके अलावा, जीएसटी की विभिन्न दरों में सुधार पर भी कोईध्यान नहीं दिया गया। योजनाओं की केवल घोषणाएँ, अमल में कमीउन्होंने कहा कि सरकार ने “मेक इन इंडिया” को “नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन” के रूप में पेश किया है, लेकिन यह केवल नाम बदलने जैसा है।स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाएँ अब तक सिर्फ घोषणाएँ बनकर रह गई हैं और जमीनी स्तर पर इनका कोई असरनहीं दिखता। अंत में, खड़गे ने इस बजट को सरकार द्वारा जनता की आँखों में धूल झोंकने का प्रयास करार दिया और कहा कि यह बजट देश की वास्तविक आर्थिकऔर सामाजिक समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहा है। ‎

बजट 2025-26: मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को इनकम टैक्स में बड़ी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 पेश करते हुए मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए इनकम टैक्स में अहम बदलावों की घोषणाकी। उन्होंने लोकसभा में मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट पेश करते हुए बताया कि अब 12 लाख रुपये तक की टैक्स योग्य आय पर कोई टैक्सनहीं लगेगा। नई कर व्यवस्था के तहत, 4 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। 4 से 8 लाख रुपये की आय पर 5%, 8 से 12 लाख रुपये कीआय पर 10%, 12 से 16 लाख रुपये की आय पर 15%, 16 से 20 लाख रुपये की आय पर 20%, 20 से 24 लाख रुपये की आय पर 25% और 24 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% टैक्स लगेगा। जिनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम है, उन्हें पूरी तरह से टैक्स से छूटमिलेगी, जबकि इससे अधिक आय वालों को तय स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा। सरकार अगले सप्ताह नए टैक्स बिल को पेश करने की योजना बना रही है, जिससे इनकम टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। इसकेसाथ ही, केवाईसी (KYC) प्रक्रिया को भी आसान किया जाएगा ताकि करदाताओं को अधिक सुविधा मिल सके। वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुएटीडीएस (TDS) की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे उन्हें अधिक कर छूट मिलेगी। इसी तरह, टीसीएस (TCS) की सीमा भी 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। सरकार नई कर व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पिछले बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपयेकिया गया था। अब नई कर दरें लागू होने के बाद करदाताओं को अतिरिक्त राहत मिलेगी और उनकी बचत बढ़ेगी। पहले की पुरानी कर व्यवस्था में 2.5 लाख रुपये तक की आय टैक्स मुक्त थी, 2.5 से 5 लाख रुपये तक 5%, 5 से 10 लाख रुपये तक 20% और10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% टैक्स लगता था। नई कर व्यवस्था के तहत पहले 3 लाख रुपये तक की आय टैक्स मुक्त थी, 3 से 6 लाख रुपये तक 5%, 6 से 9 लाख रुपये तक 10%, 9 से 12 लाख रुपये तक 15%, 12 से 15 लाख रुपये तक 20% और 15 लाख रुपये सेअधिक की आय पर 30% टैक्स देना होता था। इस बजट में सरकार ने मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखते हुए टैक्स राहत देने पर विशेष जोर दिया है। 12 लाख रुपये तक की आयकर मुक्त करने और नई कर दरें लागू करने से करदाताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, टैक्स फाइलिंग और केवाईसी प्रक्रिया को आसानबनाने से भी उन्हें राहत मिलेगी।

देवेंद्र फडणवीस को फंसाने की साजिश की जांच के लिए बनी एसआईटी

महाराष्ट्र सरकार ने भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को कथित रूप से फंसाने की साजिश की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कियाहै। इस एसआईटी का नेतृत्व मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी करेंगे। साजिश के आरोप और एसआईटी की जांचआरोप है कि जब देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता थे, तब महाविकास आघाड़ी सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश रचीथी। इस मुद्दे को भाजपा विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने उठाया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया।एसआईटी को 30 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विपक्ष ने फैसले पर उठाए सवालविपक्ष ने इस जांच पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि महायुति सरकार को सत्ता में आए तीन साल से अधिक हो गए, फिर अबइस मामले की जांच क्यों शुरू की गई? स्टिंग ऑपरेशन से हुआ खुलासायह मामला तब चर्चा में आया जब व्यवसायी संजय पुनमिया ने दावा किया कि एक स्टिंग ऑपरेशन में पूर्व पुलिस अधिकारी की टेलीफोन पर हुईबातचीत सामने आई है। इसमें कथित तौर पर कहा गया कि पूर्व मुंबई पुलिस प्रमुख ने देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को गिरफ्तार करने कीसाजिश रची थी। विधान परिषद में पेश किया गया सबूतभाजपा एमएलसी प्रवीण दरेकर ने विधान परिषद में एक पेन ड्राइव पेश की, जिसमें स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो होने का दावा किया गया। इन वीडियोमें पुलिस अधिकारियों द्वारा कुछ लोगों पर फडणवीस के खिलाफ झूठे बयान देने के लिए दबाव डालने की बात सामने आई है। सरकार की प्रतिक्रियाकैबिनेट मंत्री शंभूराजे देसाई ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी के गठन की पुष्टि की। अब यह विशेष जांच दल पूरे मामले की गहनजांच कर 30 दिनों के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।