दिल्ली में मंगलवार को मीट शॉप का ‘शटर डाउन’, BJP विधायक का दुकानदारों को फरमान

दिल्ली के बीजेपी विधायक रविंद्र नेगी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज मेंमीट बेचने वाली दुकानों को बंद करने का फरमान जारी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वे हर मंगलवार कोअपनी दुकानें बंद रखें, क्योंकि यह दुकानें मंदिर के पास स्थित हैं और मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओंको आहत करने वाला बताया। इस वीडियो को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी अपलोड किया, जिससे यह विवाद का कारण बन गया। रविंद्र नेगी ने अपने फरमान की वजह बताते हुए ट्वीट किया कि पटपड़गंज क्षेत्र में स्थित मीट की दुकानें मंदिर के पास हैं, और श्रद्धालुओं की भावनाओंको ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में धार्मिक स्थलों के आसपास शुद्धता और पवित्रता का विशेष महत्वहोता है, और इसलिए ऐसी दुकानों का संचालन धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं के खिलाफ है। इस ट्वीट में उन्होंने मीट की दुकानों को बंद करने कीजरूरत पर जोर दिया और इसे धार्मिक भावना से जुड़ा मुद्दा बताया। हालांकि, सवाल उठ रहे हैं कि क्या एक विधायक को प्रशासनिक मामलों में दखल देने का अधिकार है? यदि किसी इलाके में मीट की दुकानें खुलीहैं, तो उसे बंद करवाने का अधिकार प्रशासन का है, न कि विधायक का। इंडिया टीवी की टीम ने जब पटपड़गंज के शशि गार्डन इलाके में जाकरमामले की तहकीकात की, तो यह सामने आया कि यह इलाका प्राचीन शिव मंदिर के पास स्थित है, और स्थानीय लोग ही मीट की दुकानों को बंदकराने की मांग कर रहे थे। इसके बाद रविंद्र नेगी एमसीडी की टीम के साथ वहां पहुंचे और दुकानदारों को अपने आदेश से अवगत कराया। इस वीडियो में रविंद्र नेगी दुकानदारों से तीन बातें कहते हुए नजर आ रहे हैं: पहले, हर मंगलवार को मीट की दुकानें बंद करनी होंगी, दूसरा, जो इसआदेश का पालन नहीं करेगा उसकी दुकान स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी, और तीसरा, दुकानदारों को मांस और मछली ढक कर रखने के लिए कहागया ताकि लोगों को असुविधा न हो। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने इस फरमान पर सहमति जताई, लेकिन दबी आवाज में सवाल भी उठाया कि क्यासंविधान के तहत काम होगा या विधायक की मर्जी पर चलेगा? रविंद्र नेगी का यह कदम पहला नहीं है, क्योंकि वह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। वह पटपड़गंज से पहले दो बार विनोद नगर इलाके से पार्षद रहचुके हैं, जहां भी उन्होंने इसी तरह के फरमान जारी किए थे और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। मार्च 2023 में उन्होंने अपने वार्ड मेंनवरात्र के दौरान मीट की दुकानों को बंद करवा दिया था और सितंबर 2024 में मुस्लिम दुकानदारों से अपने असली नाम की जगह दुकान पर असलीनाम लगाने की मांग की थी। इन घटनाओं से उनके विवादों में रहने की आदत साफ दिखती है।
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को दी राहत, कहा- बिना अनुमति के नहीं दर्ज होगा कोई और केस

तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।आज सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए कहा कि इस मामले में बिना अनुमति के कोई और केस दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, गिरफ्तारी सेअंतरिम संरक्षण भी बरकरार रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में नए मामले पर भी नोटिस जारी किया है, जिस पर अप्रैल महीने में सुनवाई होगी। प्रधानन्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ सनातन धर्म पर टिप्पणी करने के संबंध में दर्ज मामलोंमें उनके खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई से संरक्षण देने वाले अंतरिम आदेश की वैधता की अवधि बढ़ा दी। उदयनिधि ने सनातन धर्म पर की थी विवादित टिप्पणीसितंबर 2023 में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेता उदयनिधि स्टालिन ने एक सम्मेलन में सनातन धर्म को सामाजिक न्याय और समानता केखिलाफ बताते हुए इसके ‘‘उन्मूलन’’ की बात कही थी। उन्होंने इसे कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू जैसी समस्याओं से तुलना करते हुए कहा किसनातन धर्म को नष्ट कर दिया जाना चाहिए। इस बयान के बाद स्टालिन के खिलाफ महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न हिस्सोंमें कई प्राथमिकियां दर्ज की गईं। परिसीमन मुद्दे पर जारी घमासानावहीं, उदयनिधि स्टालिन केंद्र सरकार पर लगातार परिसीमन प्रक्रिया को लेकर निशाना साध रहे हैं। इस मुद्दे पर हाल ही में डीएमके ने सर्वदलीय बैठकबुलाई थी, जिसमें तमिलनाडु की सभी छोटी-बड़ी पार्टियों को आमंत्रित किया गया था। भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी पांच मार्च को होने वालीसर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर आरोप लगाया कि वह परिसीमन प्रक्रिया को लेकर ‘‘काल्पनिक भय’’ फैलारहे हैं। अन्नामलाई ने स्टालिन को पत्र लिखते हुए कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि स्टालिन ने परिसीमन प्रक्रिया को गलत समझा है और इसबारे में जानबूझकर झूठ बोलने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जबकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 मार्च को होगा चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 मार्च को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर फाइनल के लिए अपनी जगह पक्की की, जबकि न्यूजीलैंड ने लाहौर के मैदान परखेले गए दूसरे सेमीफाइनल मैच में साउथ अफ्रीका को 50 रनों से मात देकर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की। भारतीय टीम को खिताब जीतनेका प्रबल दावेदार माना जा रहा है, खासकर इस बात को ध्यान में रखते हुए कि उन्होंने अभी तक सभी मुकाबले दुबई में खेले हैं। हालांकि, आईसीसीनॉकआउट मुकाबलों में भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड कुछ खास अच्छा नहीं रहा है। भारत को आईसीसी नॉकआउट में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिलीं 3 हारेंटीम इंडिया ने अब तक आईसीसी टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 नॉकआउट मुकाबले खेले हैं, जिसमें से उन्हें सिर्फ एक जीत मिली है, जबकि तीनबार हार का सामना करना पड़ा। दोनों टीमों के बीच पहली बार नॉकआउट में भिड़ंत 2000 के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में हुई थी, जहां न्यूजीलैंड नेजीत हासिल की थी। इसके बाद, 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी भारत को न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, 2021 में हुए आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम को मात दी थी। हालांकि, 2023 में हुए वनडे वर्ल्ड कपके सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को हराया, जो उनकी आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली जीत थी। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने 5वीं बार फाइनल में जगह बनाईभारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में 5वीं बार फाइनल में जगह बनाई है। 2000 में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2002 में भारत संयुक्त विजेता बना था। 2013 में, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताबअपने नाम किया। 2017 में विराट कोहली की कप्तानी में भारत फाइनल में पहुंचा, लेकिन पाकिस्तान से हार गया।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी पर IMF रिपोर्ट को लेकर हमला किया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की हालिया रिपोर्ट के बाद बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया। IMF की “India Article IV Consultation Report” में भारत में निजी निवेश को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है, और यह रिपोर्ट अप्रत्यक्षरूप से मोदी सरकार की नीतियों और क्रियाओं की आलोचना करती है। भारत में निजी निवेश की वृद्धि सुस्त बनी हुई हैIMF की रिपोर्ट में भारत में निजी निवेश की सुस्त वृद्धि को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि “निजी कॉर्पोरेट निवेश विशेष रूप सेऐतिहासिक औसत की तुलना में सुस्त रहा है।” विशेष रूप से, उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों में निवेश का अनुपातलगातार गिरता जा रहा है। विनिर्माण क्षेत्र में क्षमता उपयोग में गिरावटरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जुलाई-सितंबर 2024 में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में क्षमता उपयोग केवल 75.8% तक पहुंच पाया, और अधिकतरकंपनियों का मानना था कि अगले छह महीनों में उनकी उत्पादन क्षमता मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगी। यह स्थिति उपभोग में आई मंदी कोदर्शाती है, जहां जब उपभोक्ताओं के पास पर्याप्त धन नहीं होता, तो वे कम वस्तुएं और सेवाएं खरीद पाते हैं। विदेशी निवेश में गिरावटIMF ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) उम्मीद से कम रहा है। 2020 में भारत की वैश्विक FDI में हिस्सेदारी 6½% थी, जो 2023 में घटकर सिर्फ 2% रह गई। IMF का मानना है कि यह स्थिति मोदी सरकार की असंगत व्यापार नीतियों कापरिणाम है, जिसमें चीन के लिए खुले दरवाजे की नीति और बाकी दुनिया के लिए संरक्षणवाद की नीति अपनाई गई है। श्रम बल भागीदारी दर में वृद्धिरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में श्रम बल भागीदारी दर में वृद्धि का मुख्य कारण स्वरोजगार और बिना वेतन वाले पारिवारिक कार्यों में वृद्धि है।यह वही मुद्दा है जिस पर कांग्रेस लगातार ध्यान दिलाती रही है। कृषि क्षेत्र में रोजगार की बढ़ोतरीIMF ने एक और चिंताजनक प्रवृत्ति का उल्लेख किया है—भारत के कृषि क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि हो रही है, जो सामान्य विकास प्रक्रिया के विपरीतहै। आमतौर पर श्रमिक उद्योग और सेवाओं की ओर स्थानांतरित होते हैं, लेकिन इस समय कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ रहा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था केलिए एक चिंता का विषय है। कांग्रेस का समाधानकांग्रेस का कहना है कि भारत की वर्तमान आर्थिक मंदी से उबरने के लिए तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है: -जन उपभोग को बढ़ावा देना और वास्तविक वेतन वृद्धि को प्रोत्साहित करना, जिससे पिछले एक दशक से जारी ठहराव को समाप्त किया जा सके।-आर्थिक नीतियों की स्थिरता सुनिश्चित करना, जिसमें बिना सोचे-समझे नीतिगत फैसलों से बचा जाए, कर आतंकवाद (tax terrorism) को समाप्तकिया जाए और उद्योगपतियों के प्रति ‘सबसे पसंदीदा’ नीति से दूरी बनाई जाए।-व्यापार नीति का पुनर्गठन, जिसमें चीनी औद्योगिक अति-उत्पादन के डंपिंग से सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और श्रम-प्रधान विनिर्माण क्षेत्रोंसहित वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के साथ मजबूत सहभागिता सुनिश्चित की जाए। IMF की रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि सरकार की बयानबाजी और आर्थिक वास्तविकता के बीच की खाई ही भारत में निजी निवेश कोपुनर्जीवित करने की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
लखनऊ की कोर्ट ने राहुल गांधी पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया, जानें पूरा मामला

लखनऊ की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया है और उन्हें14 अप्रैल को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला राहुल गांधी के द्वारा महाराष्ट्र में दिए गए एक बयान को लेकर है। 17 दिसम्बर2022 को अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के बारे में विवादित बयान दिया था। इस बयान केखिलाफ लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनका बयान समाज में घृणा फैलाने वाला था।कोर्ट में पेश नहीं होने पर लगा जुर्मानाराहुल गांधी को आज अदालत में पेश होना था, लेकिन उनके वकील ने पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की। वकील ने कहा कि राहुल गांधी को आजविदेशी गणमान्य व्यक्ति से मिलना था, जो कि पहले से तय था, और इसलिए वह अदालत में पेश नहीं हो सके। सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकीछूट की मांग खारिज कर दी और 200 रुपये का जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने की। अदालत ने राहुल गांधी को चेतावनी दी कि वह 14 अप्रैल को अदालत में जरूर पेश हों। अगर उन्होंने इस तारीख पर अदालत में हाजिरी नहीं दी, तोउनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। राहुल गांधी ने क्या कहा था?अकोला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने वीर सावरकर को अंग्रेजों कानौकर और पेंशनभोगी कहा था। इस बयान के बाद याचिकाकर्ता ने कोर्ट का रुख किया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से वकील प्रांशु अग्रवाल अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत से पेशी से छूट की मांग की। याचिकाकर्ता के वकीलनृपेंद्र पांडे ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार समन के बावजूद अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं, और अदालत को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनीचाहिए।
राहुल गांधी की नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कुली भाइयों से मुलाकात: भगदड़ में बचाई गई जानों की कहानी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थित कुली भाइयों से मुलाकात की और 15 फरवरी को हुई भगदड़ में उनकीभूमिका पर चर्चा की। इस दिन की घटना को याद करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि किस तरह स्टेशन के कुली भाइयों ने अपनी शारीरिक क्षमता, रेड़ी का इस्तेमाल और अपनी जेब से पैसे खर्च कर यात्रियों की मदद की। उन्होंने बताया कि इस भयंकर घटना के दौरान, स्टेशन पर मौजूद कुलीभाइयों ने जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत से काम किया, चाहे वह घायल लोगों को एंबुलेंस तक पहुंचाना हो, मृतकों को बाहर निकालना होया भगदड़ के बीच में किसी की जान बचाना हो। राहुल गांधी ने इन कुली भाइयों को उनके साहस और मानवता के लिए धन्यवाद दिया, जिनकी मदद से कई लोग अपनी जान बचा पाए। उन्होंने कहा, “इन भाइयों की संवेदनशीलता और समर्पण को देखकर मैं बहुत प्रभावित हूं। वे रोज़ाना अपनी दिहाड़ी के लिए काम करने आते हैं, लेकिन उनकी सोचऔर उनके जज़्बे में कोई कमी नहीं है।” हालांकि, इन भाइयों की स्थिति आर्थिक रूप से अब भी बेहद दयनीय है और उन्हें समर्थन की आवश्यकता है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने इन कुलीभाइयों से मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं को सुना और उनकी सहायता के लिए हर संभव कदम उठाने का वादा किया। साथ ही, राहुल गांधी ने रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती भगदड़ की घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि हमें इन घटनाओं कोरोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। “ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए हमें मिलकर सोचने की जरूरत है,” उन्होंने कहा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में हुई त्रासदी ने न केवल लोगों की जान ली बल्कि यह हमें यह सोचने पर भी मजबूर करता है कि ऐसी घटनाओंको कैसे रोका जा सकता है और किस तरह से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।
गृह मंत्री अमित शाह संग मीटिंग के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस, कमिश्नर भी रात को गश्ती पर निकले

दिल्ली में कानून व्यवस्था को मजबूत और सुधारने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा और अन्य बड़ेपुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस मीटिंग के बाद दिल्ली पुलिस अब एक्शन मोड में नजर आ रही है और दिल्ली के हर कोने में गश्त बढ़ादी गई है। दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी, जिसमें कमिश्नर से लेकर स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और डीसीपी शामिलहैं, पूरी रात दिल्ली की सड़कों पर गश्त करते नजर आए। गृह मंत्री अमित शाह से मीटिंग के बाद पुलिस ने उठाए कदमगृह मंत्री अमित शाह की बैठक के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया है। दिल्ली के हर क्षेत्र में रात भर पुलिस के अधिकारीगश्त करते रहे, और जनरल गश्त के साथ-साथ जगह-जगह बैरिकेडिंग भी की गई। पुलिस ने गाड़ियों की जांच शुरू की और संदिग्ध वाहनों को रोककरउनकी तलाशी ली। पुलिस अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमीन रहे। गृह मंत्री के साथ बैठक के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और यह सुनिश्चित किया कि शहर के सभी जिलों में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।पुलिस ने उन इलाकों पर खास ध्यान दिया, जो अक्सर अपराधों के लिए चर्चित रहे हैं, ताकि कोई भी अपराधी या असामाजिक तत्व सुरक्षित न रहसके। इस दौरान सभी उच्चाधिकारी सड़क पर तैनात थे और गश्ती दल के साथ उन्होंने विभिन्न इलाकों का दौरा किया। दिल्ली पुलिस की आला अधिकारियों की सक्रियतादिल्ली पुलिस के अधिकारियों की सक्रियता को देखते हुए, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले ही दिल्ली पुलिस से लगातार बैठकें कीहैं, जिसमें दिल्ली में अपराधों के ग्राफ को कम करने के प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की हैकि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हो और नागरिकों को सुरक्षित महसूस हो। इसीलिए गृह मंत्री के साथ बैठक के बाद दिल्ली पुलिस नेअपनी रणनीतियों में बदलाव किया और एक्शन मोड में आ गई। कमिश्नर संजय अरोड़ा और स्पेशल कमिश्नर गरिमा भटनागर की गश्तीदिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने खुद रात को साउथ दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी इलाके में गश्त की। उनके साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भीथे, जिन्होंने पूरे इलाके का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। संजय अरोड़ा ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार का अपराधीसड़कों पर न हो और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि हो तो तत्काल कार्रवाई की जाए। दिल्ली पुलिस की स्पेशल कमिश्नर गरिमा भटनागर भी रात के वक्त दिल्ली की सड़कों पर तैनात थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकरदिल्ली पुलिस पूरी तरह गंभीर है। उनका मानना है कि दिल्ली की महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें आधी रात के बाद भी सड़कों पर निकलने मेंडरने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने पूरी रात गश्त जारी रखी और गाड़ियों की चेकिंग की ताकि अपराधीसलाखों के पीछे पहुंच सकें। गरिमा भटनागर ने विश्वास दिलाया कि दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हर कदम पर उनकाध्यान रखा जाएगा। उत्तरी दिल्ली में पुलिस की मुहिमदिल्ली के उत्तरी क्षेत्र में भी पुलिस ने अपनी गश्त तेज कर दी थी। उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि मंगलवार रात 9 बजे से लेकरबुधवार सुबह 2 बजे तक पूरी दिल्ली में गश्त जारी रही। उत्तरी दिल्ली जिले में करीब 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा, पूरे जिले में 42 पुलिस पिकेट बनाए गए थे, जो विभिन्न प्रमुख स्थानों पर तैनात थे। डीसीपी राजा बंठिया ने कहा कि पुलिस संदिग्ध वाहनों की जांचकर रही है और अपराधियों के घरों की भी तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि गश्त के दौरान कोई भी संदिग्ध गतिविधि न हो और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पुलिस नेसुनिश्चित किया कि कोई अपराधी सड़कों पर न हो और यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पुलिसअधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गश्त को नियमित रूप से जारी रखा जाएगा ताकि दिल्ली में अपराधियों को पूरी तरह सेहतोत्साहित किया जा सके और कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके। भाजपा सरकार के प्रयास और पुलिस की सक्रियतादिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के नेतृत्व में दिल्ली सरकार बनने के बाद, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुलिस अधिकारियों के साथलगातार बैठकें की हैं, ताकि राजधानी में अपराधों की दर कम की जा सके और जनता को सुरक्षित महसूस हो। गृह मंत्री अमित शाह की पहल परपुलिस अधिकारियों को सक्रिय किया गया है, और वे रात में भी गश्त करने में जुटे हैं। यह कदम यह दर्शाता है कि दिल्ली पुलिस अपनी जिम्मेदारी कोगंभीरता से ले रही है और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
हार्दिक पांड्या के तबाही वाले छक्के के बाद एक्स वाइफ ने मनाया इस बात का जश्न, दिखाईं तस्वीरें, बेटा भी आया नजर

भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है, और सेमीफाइनल के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी। इस शानदार जीतमें भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, खासकर बल्लेबाजों ने जबरदस्त पारियां खेलीं, जिससे भारत को जीत मिली। इन बल्लेबाजों मेंहार्दिक पांड्या का नाम भी शामिल है। हार्दिक ने आखिरी ओवर में आकर 28 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, और उनके छक्कों ने मैच का रुख बदलदिया। खेल के आखिरी क्षणों में हार्दिक आउट हो गए, लेकिन उनका तूफानी छक्का दर्शकों के लिए यादगार बन गया। इस छक्के के बाद विराटकोहली से लेकर उनकी गर्लफ्रेंड जैस्मिन वालिया तक खुशी से उछल पड़े। वहीं, हार्दिक की एक्स-वाइफ भी इस खुशी के मौके पर काफी उत्साहितनजर आईं और उन्होंने जश्न मनाया। दरअसल, हार्दिक पांड्या ने 106 मीटर लंबा छक्का मारा, जिसे देखकर मैदान में मौजूद दर्शक काफी उत्साहित हो गए। इस छक्के के बाद भारत कीजीत सुनिश्चित हो गई थी। उसी समय, हार्दिक की एक्स-वाइफ नताशा स्टैनकोविक भी इस मौके पर जश्न मनाती हुई दिखाई दीं। उन्होंने इससेलिब्रेशन की कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की, जिनमें वह अपने बेटे के साथ खुशी मनाते हुए नजर आईं। हालांकि, यह जश्न हार्दिक के शानदारप्रदर्शन के लिए नहीं था, बल्कि इसका एक और कारण था। दरअसल, नताशा स्टैनकोविक का 4 मार्च को जन्मदिन था, और उन्होंने इस खास दिन को अपने बेटे के साथ सेलिब्रेट किया। नताशा ने अपने जन्मदिनकी कुछ झलकियां सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें वह केक काटते हुए और खुशहाल नजर आ रही थीं। इसके अलावा, उन्होंने एक मिरर सेल्फीभी पोस्ट की, जिसमें वह एक बड़ा बुके लिए खड़ी थीं। नताशा के बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीरें देखकर यह कहा जा सकता है कि इस दिन हार्दिकपांड्या के प्रदर्शन ने नताशा को भी खुशी दी। नताशा ने अपने फैंस का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह बधाई देने वालेसभी लोगों को धन्यवाद कह रही थीं। वीडियो के कैप्शन में नताशा ने लिखा, “मैं सुबह उठते ही खुश हो गई थी और मुझे भगवान का आशीर्वादमहसूस हो रहा था। फिर जो कुछ भी मुझे और मेरे परिवार को देखने को मिला, उससे मैं हैरान रह गई। सफेद कबूतरों के आने से यह दिन और भी खासबन गया।” नताशा ने बधाइयों के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह बहुत आभारी हैं। बता दें कि, पिछले साल हार्दिक पांड्या और नताशा का अलगाव हो गया था, जिससे उनके फैंस हैरान रह गए थे। लेकिन इस जन्मदिन पर नताशा नेअपनी खुशी को साझा किया और सोशल मीडिया पर लोगों से मिली शुभकामनाओं का आभार व्यक्त किया।
सीएम रेखा गुप्ता से मिली भाजपा नेता रूबी फोगाट यादव, सीएम बनने की दी बधाई

भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) की नेता रूबी फोगाट यादव, अपनी टीम के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाईदेने उनके निवास पर पहुंचीं। यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच सहयोग और साझेदारी के नए रास्ते खोलने का प्रतीक रही। इस दौरान, रूबी यादव नेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की और उन्हें मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। बैठक के दौरान, दिल्ली के विभिन्न विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य महत्वपूर्णक्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। खासतौर पर, दिल्ली की जनता की भलाई और शहर के समग्र विकास को लेकर दोनों के दृष्टिकोणों पर बात हुई। रूबी यादव ने इस अवसर पर कहा, “हम दिल्ली के विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिए हमेशा तत्पर हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व मेंदिल्ली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद के साथ-साथ दृढ़ संकल्पित हैं।” यह बयान दिल्ली की जनता के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता कोस्पष्ट करता है, और इस समय दोनों नेताओं के बीच सहयोग की भावना भी व्यक्त करता है। इस मुलाकात में भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह और जोश भी देखने को मिला। कार्यकर्ता रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के समग्र विकास को लेकरसकारात्मक दृष्टिकोण रखने का समर्थन कर रहे थे। यह मुलाकात भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का प्रतीक भी बनी, जहां सभी ने मिलकरदिल्ली के उज्जवल भविष्य के लिए काम करने का संकल्प लिया। इस दौरान चर्चा के कई पहलुओं पर बातचीत हुई, जिसमें दिल्ली के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, और स्वास्थ्य सेवाओंके स्तर को बढ़ाने की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों नेताओं ने दिल्ली के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए मिलकर कामकरने की इच्छा व्यक्त की। रूबी यादव और रेखा गुप्ता के बीच हुई यह मुलाकात भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के विकास के लिए साझा दृष्टिकोण कीओर एक और कदम थी। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाई दी और उन्हें भविष्य में अच्छे कार्यों के लिए समर्थन देने का वचनलिया। इस मुलाकात ने भाजपा की दिल्ली के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूती से प्रस्तुत किया, और यह दर्शाया कि पार्टी किसी भी मुद्दे परदिल्ली के हितों के लिए काम करने के लिए तत्पर है।
एमके स्टालिन ने डिलिमिटेशन के मुद्दे पर बुलाई सर्वदलीय बैठक, भाजपा ने किया किनारा, के. अन्नामलाई ने कही ये बात

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने डिलिमिटेशन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित डिलिमिटेशन का आधारजनसंख्या होगा, जिससे दक्षिण भारत के राज्य, जिनमें तमिलनाडु भी शामिल है, को भारी नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि यदि जनसंख्या केआधार पर सीटों का निर्धारण हुआ, तो दक्षिण भारत की लोकसभा सीटें घट सकती हैं, जबकि उत्तर भारतीय राज्यों की सीटें बढ़ सकती हैं। स्टालिन नेदावा किया कि इससे भाजपा को राजनीतिक फायदा होगा, और तमिलनाडु की लोकसभा सीटें घटकर 39 से 31 रह सकती हैं। सीएम स्टालिन ने इस मुद्दे पर तमिलनाडु की जनता से संघर्ष करने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दक्षिण भारत के राज्यों के खिलाफसाजिश कर रही है, ताकि उनकी आर्थिक सफलता को उत्तर भारत के राज्यों में बांटकर राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया किमोदी सरकार दक्षिण के राज्यों की कमाई का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करना चाहती है। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु की जनता से यह वादा किया कि डिलिमिटेशन के कारण तमिलनाडु की एक भी सीट कम नहीं होगी।उन्होंने सीएम स्टालिन पर गलत सूचना फैलाने का आरोप भी लगाया। भाजपा ने इस आरोप को लेकर जवाबी बयान देते हुए कहा कि डिलिमिटेशन केबारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और स्टालिन जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा कि भाजपा इस सर्वदलीय बैठक का हिस्सा नहीं बनेगी, जो सीएम स्टालिन ने डिलिमिटेशन केमुद्दे पर बुलाई थी। अन्नामलाई ने यह भी कहा कि यह बैठक सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें एक काल्पनिक डरफैलाया जा रहा है। अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि डीएमके आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जानबूझकर इस मुद्दे को उठा रही है, ताकि भाजपा को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचे। स्टालिन के आरोपों पर अन्नामलाई ने यह भी कहा कि डिलिमिटेशन और नई शिक्षा नीति (NEP) दोनों ही मुद्दे अब डीएमके और उसके सहयोगी दलोंद्वारा राजनीतिक रूप से उठाए जा रहे हैं। डीएमके और कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया है कि मोदी सरकार तमिलनाडु में हिंदी को थोपने की कोशिशकर रही है, और इसके खिलाफ जनता एक बार फिर से एकजुट हो सकती है। सीएम स्टालिन द्वारा बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक में तमिलनाडु की 40 छोटी-बड़ी पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें 37 पार्टियों ने भागलिया। इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति में आने वाली बहस और विवाद अब और तेज हो गए हैं।एमके स्टालिन ने डिलिमिटेशन के मुद्दे पर बुलाईसर्वदलीय बैठक, भाजपा ने किया किनारा, के. अन्नामलाई ने कही ये बात तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने डिलिमिटेशन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित डिलिमिटेशन का आधारजनसंख्या होगा, जिससे दक्षिण भारत के राज्य, जिनमें तमिलनाडु भी शामिल है, को भारी नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि यदि जनसंख्या केआधार पर सीटों का निर्धारण हुआ, तो दक्षिण भारत की लोकसभा सीटें घट सकती हैं, जबकि उत्तर भारतीय राज्यों की सीटें बढ़ सकती हैं। स्टालिन नेदावा किया कि इससे भाजपा को राजनीतिक फायदा होगा, और तमिलनाडु की लोकसभा सीटें घटकर 39 से 31 रह सकती हैं। सीएम स्टालिन ने इस मुद्दे पर तमिलनाडु की जनता से संघर्ष करने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दक्षिण भारत के राज्यों के खिलाफसाजिश कर रही है, ताकि उनकी आर्थिक सफलता को उत्तर भारत के राज्यों में बांटकर राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया किमोदी सरकार दक्षिण के राज्यों की कमाई का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करना चाहती है। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु की जनता से यह वादा किया कि डिलिमिटेशन के कारण तमिलनाडु की एक भी सीट कम नहीं होगी।उन्होंने सीएम स्टालिन पर गलत सूचना फैलाने का आरोप भी लगाया। भाजपा ने इस आरोप को लेकर जवाबी बयान देते हुए कहा कि डिलिमिटेशन केबारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और स्टालिन जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा कि भाजपा इस सर्वदलीय बैठक का हिस्सा नहीं बनेगी, जो सीएम स्टालिन ने डिलिमिटेशन केमुद्दे पर बुलाई थी। अन्नामलाई ने यह भी कहा कि यह बैठक सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें एक काल्पनिक डरफैलाया जा रहा है। अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि डीएमके आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जानबूझकर इस मुद्दे को उठा रही है, ताकि भाजपा को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचे। स्टालिन के आरोपों पर अन्नामलाई ने यह भी कहा कि डिलिमिटेशन और नई शिक्षा नीति (NEP) दोनों ही मुद्दे अब डीएमके और उसके सहयोगी दलोंद्वारा राजनीतिक रूप से उठाए जा रहे हैं। डीएमके और कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया है कि मोदी सरकार तमिलनाडु में हिंदी को थोपने की कोशिशकर रही है, और इसके खिलाफ जनता एक बार फिर से एकजुट हो सकती है। सीएम स्टालिन द्वारा बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक में तमिलनाडु की 40 छोटी-बड़ी पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें 37 पार्टियों ने भागलिया। इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति में आने वाली बहस और विवाद अब और तेज हो गए हैं।एमके स्टालिन ने डिलिमिटेशन के मुद्दे पर बुलाईसर्वदलीय बैठक, भाजपा ने किया किनारा, के. अन्नामलाई ने कही ये बात तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने डिलिमिटेशन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावित डिलिमिटेशन का आधारजनसंख्या होगा, जिससे दक्षिण भारत के राज्य, जिनमें तमिलनाडु भी शामिल है, को भारी नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि यदि जनसंख्या केआधार पर सीटों का निर्धारण हुआ, तो दक्षिण भारत की लोकसभा सीटें घट सकती हैं, जबकि उत्तर भारतीय राज्यों की सीटें बढ़ सकती हैं। स्टालिन नेदावा किया कि इससे भाजपा को राजनीतिक फायदा होगा, और तमिलनाडु की लोकसभा सीटें घटकर 39 से 31 रह सकती हैं। सीएम स्टालिन ने इस मुद्दे पर तमिलनाडु की जनता से संघर्ष करने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दक्षिण भारत के राज्यों के खिलाफसाजिश कर रही है, ताकि उनकी आर्थिक सफलता को उत्तर भारत के राज्यों में बांटकर राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया किमोदी सरकार दक्षिण के राज्यों की कमाई का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करना चाहती है। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु की जनता से यह वादा किया कि डिलिमिटेशन के कारण तमिलनाडु की एक भी सीट कम नहीं होगी।उन्होंने सीएम स्टालिन पर गलत सूचना फैलाने का आरोप भी लगाया। भाजपा ने इस आरोप को लेकर जवाबी बयान देते हुए कहा कि डिलिमिटेशन केबारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और स्टालिन जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा कि भाजपा इस सर्वदलीय बैठक का हिस्सा नहीं बनेगी, जो सीएम स्टालिन ने डिलिमिटेशन केमुद्दे पर बुलाई थी। अन्नामलाई ने यह भी कहा कि यह बैठक सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें एक काल्पनिक डरफैलाया जा रहा है। अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि डीएमके आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जानबूझकर इस मुद्दे को उठा रही है, ताकि भाजपा को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचे। स्टालिन के आरोपों पर अन्नामलाई ने यह भी कहा कि डिलिमिटेशन और नई शिक्षा नीति (NEP) दोनों ही मुद्दे अब डीएमके और उसके सहयोगी दलोंद्वारा राजनीतिक रूप से उठाए जा रहे हैं। डीएमके और कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया है कि मोदी सरकार तमिलनाडु में हिंदी को थोपने की कोशिशकर रही है, और इसके खिलाफ जनता एक बार फिर से एकजुट हो सकती है। सीएम स्टालिन द्वारा बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक में तमिलनाडु की 40 छोटी-बड़ी पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें 37 पार्टियों ने भागलिया। इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति में आने वाली बहस और विवाद अब और तेज हो गए हैं।