योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर पलटवार, सपा पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक हालिया बयान को लेकर उनपर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का कसाइयों से गहरा संबंध रहा है और उनके शासन में बड़े पैमाने पर गौवंश कावध हुआ था। अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया27 मार्च को कन्नौज में अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि भगवा दल को दुर्गंध पसंद है, इसलिए वे गौशालाएं बना रहे हैं, जबकि सपा परफ्यूम पार्क विकसित कर रही है। इस बयान पर पलटवार करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “समाजवादी पार्टी ने हमें बेसहारा गायेंदीं और अब उन्हें गाय के गोबर से बदबू आती है।” गौवंश को लेकर सपा पर निशानायोगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासन में गौवंश की तस्करी होती थी और गायों को कसाइयों को सौंप दिया जाता था।उन्होंने कहा, “जब हमने कसाइयों के अवैध धंधों पर रोक लगाई, तो वे परेशान होने लगे। उनकी समस्या यह है कि उनके सभी कसाई दोस्त अब संकटमें हैं।” कानून व्यवस्था पर सरकार का दावायोगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, “अब दंगाई चूहों की तरह बिल में छिपे हैं, क्योंकि उन्हेंपता है कि यदि वे बाहर आएंगे तो कड़ी कार्रवाई होगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने अपराध और दंगे पर लगाम लगाने में सफलतापाई है। अखिलेश यादव का भाजपा पर आरोप27 मार्च को कन्नौज में दिए गए भाषण में अखिलेश यादव ने भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, “कन्नौज ने हमेशाभाईचारे की खुशबू फैलाई है, लेकिन भाजपा नफरत की बदबू फैला रही है।” उन्होंने कन्नौज की जनता से अपील की कि भाजपा को पूरी तरह खत्मकर दें, ताकि रुका हुआ विकास फिर से आगे बढ़ सके।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी में बुलडोजर कार्रवाई को बताया असंवैधानिक, पीड़ितों को 10-10 लाख का मुआवजा देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश समेत देशभर में सरकारी एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे बुलडोजर एक्शन पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रयागराज में 2021 मेंएक वकील, एक प्रोफेसर और तीन महिलाओं के घरों को ढहाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। अदालत ने कहा कि यहनागरिक अधिकारों का उल्लंघन है और इस तरह की कार्रवाई असंवेदनशील है। प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का आदेशसुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण को आदेश दिया कि पांचों पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। कोर्ट ने कहा कियह कार्रवाई न्याय और विधि-सम्मत प्रक्रियाओं के विपरीत थी, जिससे प्रभावित परिवारों के मूलभूत अधिकारों का हनन हुआ। बिना समुचित नोटिस के की गई कार्रवाईयाचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उन्हें उचित नोटिस नहीं दिया गया था। प्रशासन ने 1 मार्च 2021 को नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्हें यह 6 मार्चको मिला और मात्र 24 घंटे के भीतर 7 मार्च को उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। अदालत ने इस प्रक्रिया को कानून के खिलाफ बताया औरकहा कि नोटिस और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना आवश्यक था। न्यायाधीश ने व्यक्त की चिंतासुनवाई के दौरान जस्टिस उज्जल भुइयां ने अंबेडकर नगर में हाल ही में हुई एक घटना का उल्लेख किया, जहां अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरानएक बच्ची अपनी किताबें लेकर भागती नजर आई। उन्होंने इस तस्वीर को चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि अतिक्रमण हटाने कीप्रक्रिया कितनी अमानवीय हो सकती है। राज्य सरकार ने किया बचावराज्य सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कोर्ट में तर्क दिया कि अवैध कब्जों को हटाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है और इसमें उचितप्रक्रिया का पालन किया गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन की इस कार्रवाई को असंवैधानिक मानते हुए इसे नागरिक अधिकारों का उल्लंघनबताया और पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया।
वक्फ संशोधन विधेयक, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की सरकार की पहल

मोदी सरकार 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इस विषय पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने खुलकरअपनी बात रखी और विपक्ष के विरोध पर जवाब दिया। उन्होंने इस विधेयक को पारदर्शिता और जवाबदेही लाने वाला बताया। विधेयक को व्यापक समर्थनकेंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि इस बिल को सभी समुदायों का समर्थन मिल रहा है, जिनमें हिंदू, मुस्लिम, जैन और बौद्ध समुदाय के लोग शामिल हैं।उन्होंने यह भी बताया कि कैथोलिक बिशप्स ने इस विधेयक का अध्ययन करने के बाद इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आम मुसलमान भीइस संशोधन को लेकर सकारात्मक हैं। वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाने की पहलरिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को अपनी संपत्ति घोषित नहीं कर सकता है, इसके लिए उचित प्रक्रिया और पारदर्शिता जरूरी है। इसविधेयक के माध्यम से सरकार इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को डिजिटलरूप से दर्ज किया जाएगा ताकि हर जानकारी सुलभ हो सके। विपक्ष पर तीखा प्रहारमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग मुसलमानों को गुमराह कर उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगरविधेयक असंवैधानिक होता, तो इसे सुप्रीम कोर्ट रोक देता। उन्होंने अपील की कि विपक्ष को तर्कों के आधार पर चर्चा करनी चाहिए, और सरकार हरसवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधनरिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों को छीनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए लाया जा रहा है।सरकार संपत्तियों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करेगी। उन्होंने कहा कि इससे मुसलमानों की कई समस्याएं समाप्तहो जाएंगी। देशहित में समर्थन की अपीलमंत्री ने विपक्ष से राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों से कुछ लोग मुसलमानों कोगुमराह कर रहे हैं, और अब इस स्थिति को बदलने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सभी भारतीयों के हित में निर्णय ले रही है और यहविधेयक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महाराष्ट्र के पालघर में केरोसिन टैंकर हादसा, चालक की मौत

महाराष्ट्र के पालघर जिले में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें केरोसिन से भरा टैंकर पुल से नीचे गिर गया। इस दुर्घटना के कारणसर्विस रोड पर केरोसिन फैल गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थितिको नियंत्रण में लिया। चालक ने खो दिया नियंत्रणघटना मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के मनोर इलाके में हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि चालक ने पुल पर वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे टैंकरसाइडवॉल से टकराने के बाद सर्विस रोड पर गिर गया। घायल चालक ने तोड़ा दमहादसे में गंभीर रूप से घायल टैंकर चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। प्रशासन औरअग्निशमन विभाग की टीमों ने तुरंत सड़क को साफ कर यातायात को सुचारू किया। ठाणे में भी हुआ सड़क हादसाइसी दिन महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक अन्य सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक ट्रक और कार के बीच टक्कर हो गई। यह हादसा ठाणे (पश्चिम) के थ्रीहाट नाका में रहेजा पुलिस चौकी के पास शाम करीब 4:10 बजे हुआ। कार और ट्रक की टक्कर से यातायात प्रभावितसूत्रों के अनुसार, दुर्घटना मुलुंड चेक नाका से थ्री हाट नाका जाने वाली सड़क पर हुई। ट्रक मुलुंड से दिवा की ओर जा रहा था, जबकि कार कलवा कीदिशा में थी। टक्कर के कारण कार चालक को मामूली चोटें आईं। प्रशासन ने किया यातायात बहालघटना के बाद वागले पुलिस स्टेशन और क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल के कर्मचारी राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंचे।
ईद समारोह में ममता बनर्जी का संबोधन, सांप्रदायिक सौहार्द और राजनीतिक हमले

31 मार्च 2025 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित ईद समारोह में लोगों को एकजुट रहने और शांतिबनाए रखने की अपील की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और वामपंथी दलों परनिशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सांप्रदायिक तनाव भड़काकर लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता को ऐसे षड्यंत्रों सेबचना चाहिए। लाल और भगवा एक हो गए हैंअपने भाषण में ममता बनर्जी ने कहा, “मैं नहीं चाहती कि कोई दंगा हो। आम लोग दंगे नहीं करते, यह एक राजनीतिक दल की चाल होती है। पहलेवाम दल धर्मनिरपेक्षता की बात करते थे, लेकिन अब लाल और भगवा एक हो चुके हैं। उन्हें एक होने दीजिए, हम काफी हैं। हम अपनी जान देकर भीलड़ेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि सभी हिंदू और ईसाई उनके खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कुछ नेता धर्म का इस्तेमाल कर राजनीति कर रहे हैं। मणिपुर संकट पर केंद्र को घेराममता बनर्जी ने अपने संबोधन में मणिपुर में जारी हिंसा का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि सांप्रदायिकदंगे हो रहे हैं और राष्ट्रपति शासन की मांग करते हैं, लेकिन मैं पूछती हूं कि मणिपुर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में क्या हुआ? वहां की स्थिति पर केंद्रसरकार चुप क्यों है? ईद के मौके पर खाने-पीने और पहनावे पर पाबंदियां लगाई जाती हैं, जो असहिष्णुता को दर्शाता है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर”बांटो और राज करो” की नीति अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगी। BJP का पलटवार: “सांप्रदायिक राजनीति का आरोप”ममता बनर्जी के बयान पर BJP नेता राहुल सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ईद के पावन अवसर का इस्तेमाल सांप्रदायिकभाषण देने के लिए किया। सिन्हा ने आरोप लगाया, “जब भी राम नवमी आती है, ममता बनर्जी ईद के मंच से सांप्रदायिक बयान देती हैं। पहले भीउन्होंने ऐसा किया था, जिससे हावड़ा में दंगे भड़के थे। इस बार भी वह वही दोहरा रही हैं।” एकता और शांति का संदेशममता बनर्जी ने अपने संबोधन में एकता और शांति बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल दंगों के जरिए अपनी राजनीतिचमकाना चाहते हैं, लेकिन जनता को ऐसे उकसावे से बचना चाहिए। “मैं दंगे रोकना चाहती हूं, मेरी सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी रहेगी और किसीको भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), सांप्रदायिकराजनीति के खिलाफ मजबूती से लड़ती रहेगी। मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवालममता बनर्जी ने मणिपुर में जारी हिंसा का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मणिपुर में महीनों से अशांतिफैली हुई है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी सांप्रदायिक तनाव के मुद्दे को उठातेहुए केंद्र पर भेदभावपूर्ण राजनीति करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी का यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा सकता है। ईद समारोह के मंच से दिया गया उनका संदेश सांप्रदायिक सौहार्दबनाए रखने की अपील तो करता है, लेकिन इसके साथ ही यह उनके राजनीतिक विरोधियों के लिए एक कड़ा संदेश भी था।
दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज चिनाब का उद्घाटन 19 अप्रैल को, कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को मिलेगी हरी झंडी

जम्मू-कश्मीर में 19 अप्रैल 2025 को एक ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज, चिनाब ब्रिज, का उद्घाटन करेंगे। यह ब्रिज रियासी जिले में चिनाब नदी पर स्थित है और इसकी लंबाई 1,315 मीटर तथा ऊंचाई 359 मीटर है, जो इसे एफिलटावर से भी 35 मीटर ऊंचा बनाता है। यह ब्रिज 272 किमी लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें 38 सुरंगें और 927 पुल शामिल हैं। अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित यह पुल भूकंपरोधी है और 266 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं को सहने में सक्षमहै। कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभउद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी कटरा में कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों सेजोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 25 जनवरी को हुए सफल ट्रायल के दौरान इस ट्रेन ने 160 किमी की दूरी सिर्फ 3 घंटे में पूरी की थी। इस ट्रेनको अत्यधिक ठंडे मौसम में चलने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसमें एंटी-फ्रीजिंग प्रणाली, हीटिंग सिस्टम, शैटरप्रूफ खिड़कियां औरभूकंपरोधी संरचना शामिल है, जिससे यह माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी सुचारू रूप से संचालित हो सकती है। फिलहाल, यहट्रेन कटरा से श्रीनगर के बीच चलेगी, लेकिन जम्मू रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के बाद इसे अगस्त से जम्मू तक विस्तारित किया जाएगा। इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूनाचिनाब ब्रिज और वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक हैं। ये सिर्फ परिवहन सुविधाएं नहीं, बल्कि एक ऐसे सपने की पूर्तिहैं, जो कश्मीर को पूरे देश से जोड़ने के लिए वर्षों से देखा जा रहा था। इस परियोजना से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि कश्मीर घाटी मेंपर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा नीति पर कांग्रेस का प्रहार, सोनिया गांधी ने ‘तीन सी’ के खतरे पर चेताया”

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की शिक्षा नीति की तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोपलगाया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य सत्ता का केंद्रीकरण, शिक्षा का व्यावसायीकरण और पाठ्यपुस्तकों का सांप्रदायिकरण है। उन्होंने इसे भारतीयशिक्षा प्रणाली के लिए खतरा बताया और समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। “तीन सी” का प्रभावसोनिया गांधी ने शिक्षा प्रणाली पर पड़ने वाले प्रभाव को तीन प्रमुख पहलुओं में विभाजित किया गया है।केंद्रीकरण: उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को अपने नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रही है, जिससे राज्यों की भूमिका कमजोर हो रही है। उदाहरण केतौर पर, केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (CABE) की बैठक 2019 के बाद नहीं बुलाई गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 कोलागू करने से पहले राज्यों से उचित परामर्श नहीं लिया गया व्यावसायीकरण: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने काप्रयास कर रही है, जिससे निम्न वर्ग के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच कठिन हो रही है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की”ब्लॉक-अनुदान” प्रणाली को उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) से बदल दिया गया, जिससे निजी निवेश में वृद्धि हुई है।सांप्रदायिकरण: उन्होंने सरकार पर पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक तथ्यों में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या औरमुगल काल से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों को पाठ्यपुस्तकों से हटाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, भारतीय संविधान की प्रस्तावना कोभी कुछ समय के लिए पाठ्यक्रम से बाहर किया गया था। उच्च शिक्षा पर प्रभावसोनिया गांधी ने दावा किया कि सरकार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विचारधारासे प्रेरित नियुक्तियां कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों में ऐसे लोगों को नेतृत्व की भूमिका दी जा रही है, जिनकी शैक्षणिक योग्यतासंदिग्ध है।
पाकिस्तान बना रहा 21 हजार करोड़ खर्च कर रेगिस्तान में नहर, शहबाज सरकार आई खतरे में

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नहर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. आलम यह है कि देश के दक्षिण में पड़ने वाले इस प्रांत में लोगों ने प्रधानमंत्रीशहबाज शरीफ के शासन वाले गठबंधन को धमकाना तक शुरू कर दिया है. यहां रहने वालों को डर है कि पाकिस्तान सरकार के नए प्रोजेक्ट की वजहसे देश के दक्षिणी हिस्से में पानी की जबरदस्त समस्या खड़ी हो सकती है.बता दें कि मौजूदा समय में पाकिस्तान में कृषि क्षेत्र जीडीपी में 25 फीसदीका योगदान देता है. इतना ही नहीं यह क्षेत्र देश में 37 फीसदी रोजगार के लिए भी जिम्मेदार है. इन्हीं आंकड़ों के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार ने इसीसाल फरवरी में हरित पाकिस्तान पहल (ग्रीन पाकिस्तान इनीशिएटिव) लॉन्च किया. इस इनीशिएटिव के तहत 3.3 अरब डॉलर की एक परियोजनालॉन्च की गई. पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मौजूदगी में इस परियोजना की शुरुआत की थी. तब मुनीर ने पंजाब कोपाकिस्तान के कृषि क्षेत्र का पावरहाउस बताया था और कहा था कि सेना देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना जारी रखेगी.इस हरित पाकिस्तानपहल के तहत पड़ोसी मुल्क अपने लोगों को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराना चाहता है. पाकिस्तान इस परियोजना के तहत आने वाले क्षेत्रों में कॉरपोरेटफार्मिंग शुरू कराना चाहता है. जुलाई में दी गई थी योजना को मंजूरीयोजना के मुताबिक, पाकिस्तान कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए ड्रोन्स के प्रयोग और उच्च-पैदावार वाले बीजों और फर्टिलाइजर्स के इस्तेमालको बढ़ावा दे रहा है.पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पिछले साल जुलाई में ही इस योजना की मंजूरी दे दी थी. इस चोलिस्तान नहरका नामकरण भी हो चुका है और इसे बनने के बाद महफूज शहीद नहर के नाम से जाना जाएगा. हालांकि, सिंध प्रांत के लोगों ने इसका सख्त विरोधशुरू कर दिया है.विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से कई नदियां दक्षिण क्षेत्र में स्थित सिंध मे पहुंचती हैं. ऐसे में अगर पंजाब कीनदियों का पानी चोलिस्तान रेगिस्तान में स्थित नहर को भरने में लगाया जाता है तो इससे सिंध को मिलने वाला पानी कम हो जाएगा और सिंध कोपानी की कमी से भी जूझना पड़ सकता है. वहीं, एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि भारत की सतलुज से आने वाले अतिरिक्त पानी (जो कि बाढ़ केपानी के रूप में या अतिरिक्त वर्षा के बाद आता है) पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. भारत की नदियों से आता था पानीइस्लामाबाद के पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ नासीर मेमन ने बताया कि भारत की तरफ से पूर्वी नदियों से आने वाला अतिरिक्त पानी भी अब भारतकी तरफ से बनाए जाने वाले बांधों और जलवायु परिवर्तन के चलते आना कम हो चुका है. उन्होंने डाटा सामने रखते हुए बताया कि अगर 1976 से1998 के बीच के आंकड़े देखे जाएं तो सामने आता है कि 9.35 मिलियन एकड़-फीट (एमएएफ) पानी भारत की नदियों से आता था. वहीं 1999 से2022 के बीच यह आंकड़ा घटकर 2.96 एमएएफ रह गया है.पाकिस्तान में रेगिस्तान में बनने वाली इस नहर को लेकर विवाद इस कदर गहरा चुका हैकि राजनीतिक दलों से लेकर लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्टूडेंट्स और यहां तक की धार्मिक हस्तियां भी सरकार के इस प्रोजेक्ट के विरोध में उतरआई हैं. इन सभी पक्षों ने नहर की वजह से सिंध प्रांत में पानी की कमी को लेकर चिंता जताई है.
रुस के राष्ट्रपति पुतिन के काफिले की लिमोजिन कार में हुआ बड़ा धमाका, एफएसबी मुख्यालय के पास हुआ हादसा

मॉस्को के एफएसबी खुफिया विभाग के मुख्यालय के उत्तर में अचानक व्लादिमीर पुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में विस्फोट हो गया. फुटेज के मुताबिक पहले कार के इंजन में आग लगी और बाद में यह अंदरुनी हिस्से तक फैल गई. रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि घटना के वक्तकार कौन चला रहा था. रूस से बड़ी खबर सामने आ रही है दरसल मॉस्को में एफएसबी मुख्यालय के पास राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफिले कीलिमोजिन कार में धमाका हुआ है. धमाके के बाद कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई कार में धमाके का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होरहा है. कार में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.कि मॉस्को के एफएसबी खुफिया विभाग के मुख्यालय के उत्तर में अचानक व्लादिमीरपुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में विस्फोट हो गया. फुटेज के मुताबिक पहले कार के इंजन में आग लगी और बाद में यह अंदरुनी हिस्सेतक फैल गई. कार में आग लगते ही आसपास के रेस्तरां और बार के कर्मचारी मदद के लिए पहुंचे. कि घटना के वक्त कार कौन चला रहा था. बतायाजा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन को 275000 पाउंड वाली लिमोजिन कार काफी पसंद है. उन्होंने यह कार उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उनको भी उपहार में दी है.रूस यूक्रेन युद्ध के बीच क्रेमलिन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमले की आशंका जताई है. सीवरों की तलाशी लेने का दिया था आदेशपिछले दिनों रूसी राष्ट्रपति ने अपने भाषण स्थल पर सीवरों की तलाशी लेने का आदेश दिया था. इसके बाद एफएसओ अधिकारियों को मॉस्को मेंपुतिन के भाषण स्थल के निकट बमों की तलाश में सीवर के दरवाजे और कूड़े के ढेर खोलते देखा गया. क्रेमलिन की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रपति केसुरक्षाकर्मियों की तलाशी ली गई. सैनिकों की बंदूकों से मैगजीन निकाल ली गईं हैं बताया यह भी जा रहा है कि पुतिन सार्वजनिक कार्यक्रमों मेंबुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर जा रहे हैं क्रेमलिन पुतिन की सुरक्षा को लेकर गंभीर है.इस दौरान कार से धुंआ निकलता देखा गया है. माना जा रहा है कि इसघटना में वाहन का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि घटना के दौरान कार में कौन-कौन मौजूद थाक्योंकि अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. यूरोवीकली की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा संदेह है कि आग कार के इंजन में लगी हो औरजल्द ही पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया हो. समाचार एजेंसी एपी से बात करते हुए यूक्रेनी सरकार और सैन्य विश्लेषकों ने उम्मीद जताई किरूस, कीव के साथ संभावित वार्ता से पहले अपनी बातचीत की स्थिति को मजबूत करने के लिए 1000 किलोमीटर की सीमा रेखा पर एक नयाआक्रमण शुरू करेगा. यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस, पूर्वोत्तर क्षेत्रों में नए आक्रमण के लिए तैयार हो रहा है.
पीएम मोदी ने किया 120 रेडियो प्रसारण को संबोधित, कहा भारत कैसे बन सकता है सस्टेनेबल फैशन का हब

आज पीएम नरेंद्र मोदी अपने रेडियो प्रसारण का 120वें शो को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की। हालांकि उन्होंने इन दिनोंदेश में टेक्सटाइल कचरे की बढ़ती चुनौती पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. साथही उन्होंने इस चुनौती को खत्म में जुटे लोगों की सराहना भी कीरविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ केमाध्यम से संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत में टेक्सटाइल कचरे से बढ़ती चुनौती पर जोर दिया. पीएम मोदी ने टेक्सटाइल कचरे के मुद्दे परबोलते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों कीसराहना की जानी चाहिए.बता दें कि अपने रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्सटाइल कचरे से जुड़ी चुनौती के बारे में लोगों कोबताया. उन्होंने कहा कि आप सोच रहे होंगे कि टेक्सटाइल कचरे का मुद्दा क्या है? दरअसल, यह एक बड़ी समस्या बन गई है. पीएम मोदी ने किए कई सवालआजकल लोग पुराने कपड़े जल्दी फेंक देते हैं और नए खरीदने की आदत बढ़ गई है.पीएम मोदी ने आगे सवाल किया कि क्या आपने कभी सोचा हैकि पुराने कपड़ों का क्या होता है जिन्हें हम पहनना बंद कर देते हैं? उन्होंने बताया कि ये कपड़े कचरे में बदल जाते हैं। इसके बारे में किए गए शोध मेंयह बात सामने आई है कि दुनिया में बहुत कम कपड़ा कचरे को ही नए कपड़ों में बदला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का तीसरासबसे बड़ा देश है, जहां सबसे अधिक कपड़ा कचरा उत्पन्न होता है.प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यह बड़ी चुनौती है लेकिन मुझे खुशी है कि भारतमें इस चुनौती से निपटने के लिए कई सराहनीय प्रयास हो रहे हैं. कई भारतीय स्टार्ट-अप कपड़ा वसूली की दिशा में काम कर रहे हैं उन्होंने कहा, कईटीमें हमारे रैगपिकर भाइयों और बहनों के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं. कई युवा टिकाऊ फैशन के प्रयासों में शामिल हो रहे हैं पुराने कपड़ेऔर फुटवियर को रीसायकल कर जरूरतमंदों को देते हैं. ‘परिपत्र फैशन ब्रांड्स को दे रहे बढ़ावाइसके साथ ही पीएम मोदी ने कई संगठन इन दिनों ‘परिपत्र फैशन ब्रांड्स’ को बढ़ावा दे रहे हैं. इसके अलावा, कुछ प्लेटफॉर्म पर कपड़े किराए पर भीदिए जा रहे हैं. कुछ संगठन पुराने कपड़े इकट्ठा करते हैं उन्हें नया रूप देते हैं और गरीबों को वितरित करते हैं.अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ शहरों काउदाहरण देते हुए कहा कि पनीपत, तिरुपुर और बेंगलुरु जैसे शहर कपड़ा कचरे के प्रबंधन में नए तरीके अपना रहे हैं. उन्होंने बताया कि पनीपत अबटेक्सटाइल रीसाइक्लिंग का एक वैश्विक हब बन रहा है और बेंगलुरु में इस क्षेत्र में कई अभिनव तकनीकी समाधान आ रहे हैं. वहीं तिरुपुर में कपड़ाअपशिष्ट प्रबंधन के लिए जल उपचार और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों को प्रेरणादायक बताते हुए कहाकि हमें भी इस दिशा में काम करने की जरूरत है.