मोदी सरकार के 11 साल,.पश्चिमी दिल्ली में विकास की नई इबारत

नई दिल्ली, 12 जून: दिल्ली भाजपा महामंत्री एवं पश्चिमी दिल्ली की सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत ने प्रेस वार्ता में मोदी सरकार के 11 वर्षों कीउपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। इसअवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री चन्द्रपाल बख्शी, नजफगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती राज शर्मा गौतम, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ममता त्यागी, श्रीअमरजीत सिंह और श्री पंकज सिंह भी उपस्थित थे। पश्चिमी दिल्ली के बदलते परिदृश्य की झलककमलजीत सहरावत ने बताया कि भारत वंदना पार्क, यशोभूमि इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, मल्टी स्पोर्ट्स एरिना, वीर सावरकर कॉलेज और द्वारका वेस्टकैंपस जैसे कई प्रोजेक्ट्स ने इलाके की पहचान और आधारभूत संरचना को नई दिशा दी है। इन विकास परियोजनाओं ने पश्चिमी दिल्ली को आधुनिकभारत की तस्वीर में शामिल कर दिया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी से विस्तारउन्होंने बताया कि यूआर-2 द्वारका एक्सप्रेसवे, शिवमूर्ति से जुड़ने वाली नई टनल, और तीन मेट्रो लाइन एक्सटेंशन (नजफगढ़-ढांसा, जनकपुरी-कलिंदीकुंज, और कृष्णा पार्क नई लाइन) से क्षेत्र को दिल्ली के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ा गया है। इससे न केवल कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, बल्किस्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिला है। शिक्षा और खेल को बढ़ावापश्चिमी दिल्ली में दो नए कॉलेज—रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज और द्वारका में वेस्ट कैंपस की नींव रखी गई है। साथ ही, सेक्टर 19 में एकअत्याधुनिक मल्टी स्पोर्ट्स एरिना विकसित हो रहा है, जिसकी दर्शक क्षमता 40,000 है और जहां क्रिकेट तथा फुटबॉल दोनों खेलों की सुविधा होगी।इसके अलावा पांच स्थानों पर विशेष स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। सामाजिक कल्याण की योजनाएंकमलजीत सहरावत ने बताया कि पीएम उदय योजना के अंतर्गत अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को अपने घर की रजिस्ट्री का अधिकार मिला है।साथ ही, उज्ज्वला योजना से 40,000 से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा है और 50090 रेहड़ी-पटरी वालों को समर्थन दिया गया है। दिल्ली सरकारकी 100 दिन की उपलब्धियों के तहत 22000 से अधिक आयुष्मान भारत कार्ड भी बनाए गए हैं। जल समस्या का समाधान और हरित विकासनजफगढ़ में नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो रहा है जिससे पानी की समस्या का समाधान होगा। इसके अलावा, क्षेत्र के सभी पार्कों को विशेष थीम-आधारित संरचना के तहत विकसित किया जा रहा है ताकि हर आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ वातावरण मिल सके। महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकताकमलजीत सहरावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने एनडीए मेंमहिलाओं की भागीदारी, गणतंत्र दिवस पर महिला परेड की अगुवाई और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों को विशेष रूप से सराहा।
अजय राय का बड़ा आरोप, अयोध्या में शराब की दुकानों से हिंदू भावनाओं का अपमान

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहाहै। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्य समिति ने 1 मई 2025 को 13 किलोमीटर के क्षेत्र में शराब और मांस की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्तावपारित किया था। बावजूद इसके, आज अयोध्या में कई स्थानों पर शराब की दुकानें खुली हुई हैं।वीडियो के जरिए दिखाए प्रमाण प्रेस वार्ता के दौरान एक वीडियो भी दिखाया गया जिसमें अयोध्या के विभिन्न स्थानों जैसे साहबगंज, अंगूरी बाग, विकासगंज और अयोध्या कैंट बसस्टेशन के पास शराब की दुकानों के दृश्य थे। अजय राय ने कहा कि यह सरकार की दोहरी नीति को उजागर करता है—जहां एक ओर हिंदुत्व की बातकी जाती है, वहीं दूसरी ओर श्रीराम की जन्मभूमि को ‘मदिरामय’ बना दिया गया है। महाकुंभ में हुई भगदड़ पर भी उठाए सवालअजय राय ने एक और वीडियो प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार ने महाकुंभ में 29 जनवरी 2025 को हुई भगदड़ के आंकड़े जनता से छुपाए हैं। उन्होंनेकहा कि जहां सरकार मृतकों की संख्या 37 बता रही है, वहीं एक प्रमुख मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 82 लोगों की मृत्यु हुई थी। इनमें कई कोमुआवजा भी दिया गया, लेकिन प्रक्रिया में भारी अनियमितता पाई गई। पुलिस द्वारा मुआवजा बांटना असंवैधानिक: रायउन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजे का वितरण राजस्व विभाग के अधिकारियों की बजाय पुलिस के माध्यम से कराया गया, जो कानूनी रूप से गलतहै। उन्होंने सवाल उठाया कि किसके आदेश पर पुलिस ने पैसे बांटे और दस्तखत या अंगूठा लगवाया। गोविंदाचार्य के भाई को ‘लावारिस’ घोषित कर किया गया अंतिम संस्कारअजय राय ने दावा किया कि भगदड़ में बीजेपी के वरिष्ठ नेता गोविंदाचार्य के छोटे भाई के.एन. वासुदेवाचार्य की भी मृत्यु हुई थी। लेकिन उन्हें‘लावारिस’ घोषित कर उनकी अंत्येष्टि काशी के हरिश्चंद्र घाट पर कर दी गई। उन्होंने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की असलियत को उजागर करताहै कि वह अपने ही नेताओं के परिवार का सम्मान नहीं कर पा रही है। सरकारी कर्मचारी की मौत को बताया गया ‘हार्ट अटैकअजय राय ने गाजीपुर के एक पुलिस दरोगा अंजनी राय का उदाहरण देते हुए बताया कि भगदड़ के दौरान वह ड्यूटी पर थे और उसी दौरान उनकी मृत्युहुई, लेकिन सरकार ने इसे ‘हार्ट अटैक’ बताकर मामले को दबा दिया। सरकार पर झूठ बोलने और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग करने का आरोपअजय राय ने यूपी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि गेरूआ वस्त्र पहनने वाले संत भी अब जनता से झूठ बोलरहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का काम सिर्फ धार्मिक प्रतीकों का प्रयोग कर लोगों को गुमराह करना और सच्चाई छुपाना रह गया है।
अहमदाबाद में बड़ा विमान हादसा, एअर इंडिया का ड्रीमलाइनर क्रैश, 242 लोगों की हुई मौत

गुरुवार को अहमदाबाद में एक भयानक विमान दुर्घटना हुई, जिसमें एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवारसभी 204 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ने बयान दिया है कि किसी के जीवित बचने की संभावनाबेहद कम है। विमान में सवार थे पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित कई विदेशी नागरिकबताया जा रहा है कि विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। यात्रियों में 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक भी मौजूद था। अब तक दुर्घटनास्थल से लगभग 100 शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन अधिकतर शव इतनीबुरी तरह झुलसे हुए हैं कि उनकी शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो रहा है। शवों की पहचान डीएनए जांच से होगीगंभीर रूप से झुलसे शवों की पहचान के लिए अब डीएनए परीक्षण का सहारा लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव धनंजय द्विवेदी नेजानकारी दी है कि मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल में डीएनए सैंपल लेने की व्यवस्था की गई है। डीएनए सैंपल देने की सुविधा बी.जे. मेडिकल कॉलेज मेंडीएनए सैंपल देने की प्रक्रिया अहमदाबाद सिविल अस्पताल के कसोटी भवन में शुरू की गई है, जो बी.जे. मेडिकल कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर स्थितहै। केवल मृतकों के करीबी परिजन जैसे माता-पिता या बच्चे ही डीएनए सैंपल दे सकेंगे। आपातकालीन संपर्क नंबर जारीअस्पताल प्रशासन ने इस विमान दुर्घटना के संबंध में ज़रूरी जानकारी प्राप्त करने और इलाज संबंधित सहायता के लिए निम्नलिखित आपातकालीननंबर जारी किया है
दिल्ली सरकार का अध्यादेश मिडिल क्लास और अभिभावकों के खिलाफ, आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का आरोप

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में दिल्ली की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंनेकहा कि सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर जो अध्यादेश लाया गया है, वह अभिभावकों और मिडिल क्लास परिवारों के हितों केविरुद्ध है। चुपचाप तैयार हुआ बिलसौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह बिल न तो विधानसभा में पेश किया गया और न ही इससे जुड़े किसी सार्वजनिक विमर्श या हितधारकों की राय लीगई। भाजपा सरकार इसे अध्यादेश के रूप में पारित कर उपराज्यपाल के जरिये राष्ट्रपति के पास कानून बनाने हेतु भेजना चाहती है। भारद्वाज ने कहा, “यह दिखाता है कि भाजपा सरकार प्राइवेट स्कूल लॉबी के भारी दबाव में काम कर रही है।” फीस बढ़ोतरी पर रोक के बजाय मिली खुली छूटआप नेता ने बताया कि पहले प्रावधान था कि कोई भी प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाने से पहले शिक्षा विभाग से अनुमति लेगा, लेकिन भाजपा सरकारबनने के बाद स्कूलों ने मनमाने ढंग से फीस बढ़ा दी और सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके उलट सरकार ने एक ऐसा बिल तैयार किया है जोसीधे तौर पर प्राइवेट स्कूलों के हित में और अभिभावकों के खिलाफ जाता है। संसदीय प्रक्रिया की अनदेखी: सवालों से भाग रही है सरकारउन्होंने पूछा कि यदि यह बिल अभिभावकों के हित में है तो इसे विधानसभा में पेश करने से परहेज क्यों किया गया? सरकार ने सिर्फ दो अखबारों मेंसीमित जानकारी के साथ खबर छपवाकर जानकारी छुपाने की कोशिश की। इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। बिल में मौजूद प्रावधान स्कूलों को देता है छूट, अभिभावकों पर डालता है बोझभारद्वाज ने बताया कि फीस रेगुलेशन कमेटी में स्कूल प्रशासन के पांच सदस्य हैं, जिससे यह पूरी प्रक्रिया एकतरफा हो जाती है। यदि कमेटी स्वयं हीस्कूल की फीस बढ़ाकर तय कर दे तो स्कूल पर जुर्माने की संभावना खत्म हो जाती है और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है। अपील के लिए 15% अभिभावकों की सहमति का प्रावधान – एक अव्यावहारिक शर्तबिल में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई अभिभावक बढ़ी फीस से असंतुष्ट है तो उसे फीस रेगुलेशन कमेटी में अपील के लिए 15% अन्य अभिभावकोंकी लिखित सहमति लानी होगी। सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि किसी स्कूल में हजारों बच्चों के बीच कोई आम व्यक्ति 450 से अधिकअभिभावकों की सहमति कैसे एकत्र करेगा? उन्होंने इसे एक जानबूझकर रचा गया बाधा बताया ताकि कोई अभिभावक अपील ही न कर सके। भाजपा-प्राइवेट स्कूल गठजोड़ का आरोपआप नेता ने आरोप लगाया कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी भाजपा के लिए चुनाव प्रचार कर चुके हैं। उन्होंने एसोसिएशन केअध्यक्ष भरत अरोड़ा द्वारा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए प्रचार करने का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा और प्राइवेट स्कूलों की लॉबी के बीच पहले सेही गठजोड़ है। जनता से छिपाकर लाया गया कानून, नैतिकता खो चुकी है भाजपा सरकारसौरभ भारद्वाज ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार ने अपने नैतिक मूल्यों को खो दिया है। यह कानून दिल्ली की मिडिल क्लास को धोखा देने औरप्राइवेट स्कूलों को संरक्षण देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में चर्चा से भाग रही है क्योंकि उसके इरादे गलत हैं।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया एससी, एसटी और ओबीसी विरोधी होने का आरोप

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था बहुत खराब है। उन्होंनेकहा कि छात्रों को स्वच्छता, पानी, पुस्तकालय और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्कॉलरशिप में भारी गिरावटराजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि इसका कारण पोर्टलकी खराब व्यवस्था और डेट न बढ़ना है। आत्महत्या की बढ़ती घटनाएंकांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों पर कर्ज का बोझ और स्कॉलरशिप न मिलने के कारण वे आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने सरकार से इसमुद्दे पर गंभीर होने का आग्रह किया। राहुल गांधी का पत्रराजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर ध्यान देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रोंकी समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए। सरकार पर आरोपकांग्रेस नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की समस्याओं को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य कोसुरक्षित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
कैबिनेट बैठक में रेलवे के दो मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी, झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को मिलेगा फायदा

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक, 6405 करोड़ की लागत से होंगे कामप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नेजानकारी दी कि झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में रेलवे की दो बड़ी मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इनमें झारखंड के कोडरमा-बरकाकाना (133 किमी) और कर्नाटक-आंध्र प्रदेश के बल्लारी-चिकजाजुर (185 किमी) प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन दोनों योजनाओं पर कुल 6405 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कोडरमा-बरकाकाना प्रोजेक्ट से चार जिलों को बेहतर कनेक्टिविटीरेल मंत्री ने बताया कि कोडरमा से बरकाकाना के बीच 133 किमी लंबे रेलमार्ग को डबल लाइन में बदला जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 3,063 करोड़रुपये की लागत आएगी। इसके पूरा होने से पटना और रांची के बीच यात्रा दूरी में कमी आएगी और झारखंड के कोडरमा, चतरा, हजारीबाग औररामगढ़ जिलों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। अनुमान है कि इससे हर साल लगभग 32 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी और 938 गांवों की15 लाख से ज्यादा आबादी को लाभ पहुंचेगा। बल्लारी-चिकजाजुर प्रोजेक्ट से कर्नाटक और आंध्र में तेज़ कनेक्टिविटीकेंद्र सरकार ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बल्लारी-चिकजाजुर रेलवे मार्ग को डबल ट्रैक करने की परियोजना को भी स्वीकृति दी है। इससे मंगलौरपोर्ट तक माल और यात्री आवाजाही की रफ्तार और क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। पिछली कैबिनेट बैठक में हुए थे कई अहम फैसलेइससे पहले 28 मई को हुई कैबिनेट बैठक में भी केंद्र सरकार ने विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए थे। इनमें 14 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थनमूल्य (MSP) में बढ़ोतरी और किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज सब्सिडी योजना को 2025-26 तक जारी रखने जैसे फैसले शामिल थे। इसके अलावामहाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में दो मल्टीट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट और आंध्र प्रदेश में बदवेल-नेल्लोर के बीच 108 किमी लंबे फोर-लेन हाईवे को भी मंजूरी दीगई थी। जेवर में सेमीकंडक्टर यूनिट को भी मिली थी स्वीकृति14 मई को आयोजित एक अन्य कैबिनेट बैठक में देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को स्वीकृति दी गई थी। यह यूनिट उत्तर प्रदेश के जेवर में 3706 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की जाएगी, जिससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का तीखा वार, मोदी सरकार ने 11 साल में कीं 33 बड़ी गलतियां

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनके 11 साल के कार्यकाल में 33 बड़ीगलतियां हुई हैं। बुधवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि उन्होंने अपने 65 साल के राजनीतिक जीवन और 55 साल की सत्ता की समझ के दौरान ऐसा प्रधानमंत्री पहले कभी नहीं देखा जो इतना झूठ बोले, लोगों को भ्रमित करे और युवाओं को धोखा दे। पीएम सिर्फ कहते हैं, करते कुछ नहींखड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी जो बातें कहते हैं, उन्हें लागू नहीं करते। और जब उनसे सवाल किए जाते हैं, तो उनके पास कोई जवाबनहीं होता। उन्होंने कहा, “नोटबंदी हो, रोजगार के वादे हों या किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की बात—इन मुद्दों पर बार-बार झूठ बोला गया, लेकिन कभी अपनी गलती स्वीकार नहीं की गई और न ही माफी मांगी गई।” 11 साल का कार्यकाल, 11वीं वर्षगांठ, पर सवाल कायमगौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जून 2024 को तीसरी बार शपथ ली और इस हफ्ते मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल की पहली औरकुल मिलाकर 11वीं वर्षगांठ मनाई। इसी मौके पर खड़गे ने सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर सवाल खड़े करते हुए सरकार को आड़े हाथोंलिया। बेंगलुरु भगदड़ पर भी बीजेपी को घेराखड़गे ने बेंगलुरु में आईपीएल विजेता टीम के स्वागत समारोह के दौरान हुई भगदड़ की घटना को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाने वाले बीजेपीनेताओं को जवाब दिया। उन्होंने पूछा कि क्या कुंभ मेले के दौरान भगदड़ पर किसी मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया था? “हमने वहां कई शव बहते हुए देखेथे। क्या योगी आदित्यनाथ ने कोविड या कुंभ जैसी घटनाओं के बाद इस्तीफा दिया?” खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा। दुर्घटना पर कार्रवाई संभव, साजिश हो तो कड़ी सजाकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बेंगलुरु की घटना दुखद है, लेकिन यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी, न कि कोई साजिश। उन्होंने कहा कि यदि कोई घटनाजानबूझकर की जाती है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेताओं ने इस हादसे के लिए जनता से माफीमांगी है।
मेघालय हत्याकांड: कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की गुत्थी सुलझी, पत्नी सोनम ने कबूला जुर्म

चारों आरोपियों ने कबूला जुर्म, वारदात में सोनम की भूमिका उजागरइंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के सनसनीखेज मामले में चारों गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। यह हत्या मेघालय मेंउस समय की गई जब राजा अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून पर गया था। पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस खौफनाक साजिश कीमास्टरमाइंड खुद उसकी पत्नी सोनम थी और हत्या के वक्त वह मौके पर मौजूद थी। हत्या की पूरी साजिश पहले से रची गई थीसूत्रों के अनुसार, शिलांग रवाना होने से पहले ही इंदौर पुलिस की पूछताछ में चारों आरोपियों ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली थी।पूछताछ में उन्होंने बताया कि कैसे योजनाबद्ध तरीके से राजा की हत्या की गई। आरोपी विशाल उर्फ विक्की ठाकुर ने सबसे पहले राजा पर हमलाकिया। इस हत्याकांड में विशाल के साथ आकाश और आनंद शामिल थे, जो इंदौर से ट्रेन से गुवाहाटी तक गए थे। हत्या के बाद शव को खाई में फेंका गयाआरोपियों ने पुलिस को बताया कि राजा पर हथियार से हमला करने के बाद उसके शव को एक गहरी खाई में फेंक दिया गया। हत्या के समय सोनमवहीं मौजूद थी और उसने अपने पति को तड़पते हुए मरते देखा। आरोपियों के अनुसार, सोनम का एक कथित प्रेमी राज कुशवाह भी इस साजिश मेंशामिल था, जिसने उन्हें यात्रा और वारदात के खर्च के लिए 40–50 हजार रुपये मुहैया कराए। सोनम हुई गिरफ्तार, तीन दिन की रिमांड परमेघालय पुलिस ने इस केस में राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य षड्यंत्रकारी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट से तीन दिन की पुलिसरिमांड मिलने के बाद उसे शिलांग ले जाया जा रहा है। वहीं चार अन्य आरोपियों को इंदौर कोर्ट ने सात दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय पुलिस केहवाले कर दिया है। साजिशकर्ता राज कुशवाह घटनास्थल पर नहीं था मौजूदबताया जा रहा है कि सोनम का कथित प्रेमी और सह-साजिशकर्ता राज कुशवाह घटना के वक्त इंदौर में ही था। उसने यात्रा और वारदात की योजनामें आर्थिक मदद की थी लेकिन खुद वारदात में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं था। इंदौर पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी 20 से 25 वर्ष की आयु के हैंऔर उनके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। विशाल के घर की तलाशी, वारदात वाले कपड़े जब्त शिलांग पुलिस ने इंदौर क्राइम ब्रांच के सहयोग से आरोपी विशाल सिंह चौहान के घर की तलाशी ली, जिसमें घटना के दिन पहने गए कपड़े बरामदकिए गए। हालांकि पुलिस अब भी विशाल का मोबाइल फोन ढूंढ रही है। आरोपी आनंद के मकान मालिक ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा किआनंद ऐसी घटना में शामिल हो सकता है। पुलिस अब जोड़ रही है घटनाक्रम की कड़ियाँपूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने बताया कि पूछताछ के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने बताया कि खाई सेराजा का शव बरामद करने के बाद उसके सिर पर दो गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे पुष्टि होती है कि हत्या जानबूझकर की गई थी।
कोरोना मामलों में वृद्धि के बीच पीएम मोदी से मुलाकात से पहले मंत्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने से पहले अब सभी मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। कोरोना वायरसके मामलों में फिर से वृद्धि को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री से मुलाकात करने से पहले कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य किया गया है। बीजेपी सांसदों-विधायकों की पीएम से बैठकदिल्ली में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सभी सांसदों, विधायकों और प्रमुख पदाधिकारियों की प्रधानमंत्री मोदी के साथ एकमहत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में शामिल होने वाले सभी व्यक्तियों को पहले कोविड-19 टेस्ट कराना होगा और निगेटिव रिपोर्ट के साथ हीबैठक में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। कोविड केसों में फिर दिखा उछालस्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटों में देश में कोविड-19 के 306 नए मामले सामने आए हैं और संक्रमण से 6 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है।देश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 7,121 हो चुकी है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही कोविड अब इमरजेंसी स्तर पर न हो, लेकिनइसके प्रति सतर्कता और बचाव अभी भी आवश्यक है। केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा असरकोरोना संक्रमण से हुई 6 मौतों में से 3 केरल, 2 कर्नाटक और 1 महाराष्ट्र से थीं। केरल में सबसे अधिक 170 नए केस सामने आए, जिससे राज्य मेंसक्रिय मामलों की संख्या 2,223 तक पहुंच गई है। गुजरात में 114 नए केस मिले हैं और यहां एक्टिव केस 1,223 हो गए हैं। कर्नाटक में 100 नएमामलों के साथ कुल सक्रिय केस 459 दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य ढांचे की तैयारियां तेज़कोरोना संक्रमण के संभावित प्रसार को देखते हुए देशभर के सरकारी अस्पतालों में जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। आइसोलेशन वॉर्ड तैयार किए जा रहेहैं और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का ध्यान संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएंमजबूत करने पर है। कोविड अब सीजनल संक्रमण का रूप ले रहा विशेषज्ञस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कोविड-19 अब महामारी नहीं रहा, लेकिन यह वायरस पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसका स्वरूप अब फ्लू जैसेमौसमी संक्रमण जैसा हो गया है, जिसमें समय-समय पर मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल कापालन करते रहने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा और विदेश नीति पर संसद में चर्चा कराएगी सरकार? कांग्रेस ने पीएम मोदी से पूछे तीखे सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हाल ही में विदेश से लौटे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवालखड़े किए हैं। पार्टी ने पूछा है कि क्या अब सरकार देश की सुरक्षा और विदेश नीति जैसे अहम मुद्दों पर संसद के आगामी मानसून सत्र में खुली चर्चाकराएगी। क्या पीएम सभी दलों की बैठक की करेंगे अध्यक्षता?कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अब स्वयं 32 देशों में भेजे गए सात संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से भेंट की है। ऐसे मेंसवाल उठता है कि क्या वह अब सभी राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाकर चीन और पाकिस्तान को लेकर भारत की रणनीति पर विपक्ष कोविश्वास में लेंगे? सीडीएस खुलासे और सुरक्षा रणनीति पर विपक्ष को भरोसे में लेने की मांगरमेश ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) द्वारा किए गए खुलासे के संदर्भ में भी विपक्ष को भरोसे में लेनाचाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद शुरू किए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा करने कोतैयार है? क्या बनेगा कारगिल समीक्षा समिति जैसा विशेषज्ञ समूह?जयराम रमेश ने यह सुझाव भी रखा कि सरकार को कारगिल समीक्षा समिति की तर्ज पर एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समूह गठित करना चाहिए, जिसकी जिम्मेदारी हो कि वह ऑपरेशन सिंदूर, भारत की रक्षा क्षमताओं, सैन्य तकनीकों, और सामरिक संचार के भविष्य पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे।उन्होंने पूछा कि क्या यह रिपोर्ट संशोधन के बाद संसद में पेश की जाएगी, जैसा कि वर्ष 2000 में कारगिल समीक्षा समिति की रिपोर्ट संसद में रखीगई थी? क्या संसद में सुरक्षा और विदेश नीति पर होगी बहस?कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि क्या संसद के मानसून सत्र में देश की सुरक्षा चुनौतियों और विदेश नीति पर खुली बहस कराई जाएगी? विपक्षपहले ही संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर चुका है, जिसे सरकार ने ठुकरा दिया था। प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का उद्देश्य और पीएम से मुलाकातगौरतलब है कि जिन सांसदों और पूर्व राजनयिकों से प्रधानमंत्री ने मुलाकात की, वे विभिन्न देशों की यात्रा पर इसलिए गए थे ताकि वे पहलगामआतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रख सकें और आतंकवाद के खिलाफ भारत कीप्रतिबद्धता का संदेश दे सकें। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से यह अपेक्षा जताई है कि अब जब सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हुई है, तो वह घरेलू स्तर पर भी विपक्ष और संसद कोसमान रूप से महत्व देगी।