गोपाल खेमका हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, मुख्य साजिशकर्ता बिल्डर अशोक साह गिरफ्तार, पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को पकड़ा

पटना के चर्चित व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या के पीछे का राज अब खुलने लगा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश जाने-माने बिल्डर अशोक साह ने रची थी। दोनों के बीच व्यावसायिक लेनदेन को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। इसी पुरानी दुश्मनी के चलतेअशोक साह ने पेशेवर शूटर उमेश उर्फ विजय को सुपारी देकर खेमका की हत्या करवा दी। घर के बाहर गोलियों से छलनी कर दी गई हत्यायह वारदात 4 जुलाई को हुई, जब खेमका को उनके घर के बाहर निशाना बनाया गया। गोलियों की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस नेतुरंत जांच शुरू की और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी सुरागों की मदद से शूटर तक पहुंच बनाई। मुख्य शूटर उमेश उर्फ विजय की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा8 जुलाई को मालसलामी से पकड़े गए उमेश ने पूछताछ में हत्या की सुपारी लेने की बात कबूल कर ली। उसे एक लाख रुपये एडवांस में मिले थे।गिरफ्तारी के समय उसके पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, बाइक, 80 कारतूस, दो मोबाइल और एक लाख नकद बरामद हुए। उसने बताया किवह दिल्ली में ‘विजय’ के नाम से पहचान छिपाकर रह रहा था। गन सप्लायर विकास उर्फ राजा एनकाउंटर में ढेरशूटर की सूचना के आधार पर पुलिस ने गन सप्लायर विकास उर्फ राजा को पकड़ने के लिए मंगलवार तड़के मालसलामी में छापेमारी की। घेराबंदी केदौरान विकास ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में वह मारा गया। घटनास्थल से हथियार और गोलियां बरामद की गईं। पुलिस रिकॉर्ड मेंविकास एक कुख्यात अपराधी था, जो खुद भी सुपारी किलर रह चुका था। बिल्डर अशोक साह को अपार्टमेंट से दबोचा गयमुख्य साजिशकर्ता अशोक साह को पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र के उदयगिरी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 601 से गिरफ्तार किया। इस फ्लैट से 3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। यह वही अपार्टमेंट है, जिसमें पहले कुख्यात अपराधी अशोक सम्राट और रत्नेश्वर साह जैसे अपराधी रह चुके हैं। साजिश में शामिल हो सकते हैं और भी लोगपुलिस को शक है कि यह हत्या किसी एक-दो लोगों की नहीं, बल्कि एक पूरे नेटवर्क की साजिश थी। उमेश की निशानदेही पर पटना जंक्शन से एकऔर संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जबकि उदयगिरी अपार्टमेंट से तीन अन्य व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। राजनीतिक कनेक्शन की भी हो रही जांचसूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार शूटर उमेश एक राजनीतिक पार्टी के विधान परिषद सदस्य (MLC) के काफी करीब है। पुलिस इस पहलू की भीगंभीरता से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। DGP करेंगे शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंसमामले में अब तक की प्रगति को लेकर बिहार पुलिस के डीजीपी मंगलवार शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें हत्या के पीछे की पूरी साजिश औरअब तक की कार्रवाई का खुलासा किया जाएगा।
पुणे में मासूम बच्ची की जान बचाकर हीरो बने फायरमैन योगेश चव्हाण,मां के बाहर जाते ही ग्रिल में फंसी बच्ची, समय रहते पहुंचकर बचाई जान

महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक चार साल की बच्ची की जान उसकी मां की एक चूक की वजह से खतरेमें पड़ गई। घटना गुजर निंबालकरवाडी स्थित सोनवने बिल्डिंग की है, जहां बच्ची भाविका को उसकी मां फ्लैट में अकेला छोड़कर स्कूल में बड़ी बेटीको छोड़ने गई थी। बच्ची तीसरी मंजिल के फ्लैट में अकेली थी और खेलते-खेलते खिड़की से बाहर निकल गई। इसी दौरान वह खिड़की की लोहे कीग्रिल में बुरी तरह फंस गई। उसका आधा शरीर बाहर हवा में लटक रहा था और सिर ग्रिल में अटका था। नीचे खड़े लोगों ने यह खतरनाक नज़ारा देखा तो अफरा-तफरी मच गई। लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे और मदद की पुकार करने लगे। सौभाग्य सेउसी इमारत में रहने वाले फायर ब्रिगेड कर्मी योगेश चव्हाण, जो कोथरूड फायर स्टेशन में कार्यरत हैं, उस समय छुट्टी पर थे। जैसे ही उन्हें स्थिति कापता चला, वह बिना देरी किए तीसरी मंजिल पर पहुंचे। लेकिन फ्लैट बाहर से बंद था और दरवाजे पर ताला लगा था। योगेश चव्हाण तुरंत नीचे जाकर बच्ची की मां से चाबी लेकर ऊपर लौटे और फ्लैट का दरवाजा खोलकर तेजी से अंदर गए। उन्होंने बिना समय गंवाएबच्ची को खिड़की से खींचकर सुरक्षित बचा लिया। उनकी सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। इस साहसिक कार्रवाई के बाद सोसायटी में राहत की सांस ली गई और स्थानीय लोगों ने योगेश चव्हाण को हीरो करार दिया। इस घटना ने एक बारफिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे बच्चों को घर में अकेला छोड़ना कितना जोखिम भरा हो सकता है।
अंधविश्वास की बलि चढ़ा पूरा परिवार, 250 ग्रामीणों ने पांच लोगों को पीट-पीटकर जलायापूर्णिया के टेटगमा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात

बिहार के पूर्णिया जिले से एक खौफनाक घटना सामने आई है। अंधविश्वास के चलते एक ही परिवार के पांच सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।यह घटना रजीगंज पंचायत के टेटगमा गांव की है, जहां ग्रामीणों ने डायन होने का आरोप लगाकर पूरे परिवार को घर से बाहर खींचा, पीटा, जिंदाजलाया और फिर शव गायब कर दिए। भीड़ ने तालाब के पास ले जाकर दिया खौफनाक अंजामप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात करीब 3 बजे गांव के लगभग 250 लोग बाबूलाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी, मां कातो मोसमात, बेटे मनजीतउरांव और बहू रानी देवी को जबरन घर से बाहर निकालकर तालाब के पास ले गए। वहां पहले सभी को बेरहमी से पीटा गया और फिर पेट्रोलछिड़ककर उन्हें जिंदा जला दिया गया। इसके बाद शवों को गायब कर दिया गया। डायन बताकर किया कत्लेआम, दो आरोपी हिरासत मेंघटना के पीछे झाड़फूंक करने वाले नकुल उरांव की भूमिका सामने आई है। जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले गांव के रामदेव उरांव के बेटे कीमौत हुई थी, जिसके बाद उसका भतीजा बीमार पड़ा। तब तांत्रिक नकुल उरांव ने दावा किया कि सीता देवी और कातो देवी ने टोना-टोटका किया है।इसी के बाद यह भयावह घटना अंजाम दी गई। पुलिस ने नकुल उरांव समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। तीन शव नदी किनारे से बरामदपुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की छानबीन शुरू कर दी है। एसडीपीओ पंकज शर्मा ने बताया कि अब तक तीन शव बरामद किए जा चुकेहैं, जो नदी किनारे फेंके गए थे। बाकी शवों की तलाश जारी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर मौजूद है। पुलिस ने संभाला मोर्चा, आला अधिकारी पहुंचे घटनास्थलघटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत और एएसपी आलोक कुमार मौके पर पहुंचे हैं। कई थानों की पुलिस को तैनातकिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। तेजस्वी यादव का हमलानेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “पूर्णिया में एक हीपरिवार के पांच लोगों को जिंदा जलाकर मारा गया। बिहार में अराजकता चरम पर है। सिवान, बक्सर, भोजपुर जैसे जिलों में पहले ही नरसंहार कीघटनाएं हो चुकी हैं और अब पूर्णिया में भी वीभत्स वारदात सामने आई है। सरकार मस्त है, पुलिस पस्त है, अपराधी सतर्क हैं।”
महाराष्ट्र भाषा विवाद: मराठी नहीं बोलने वालों पर हमला, राज ठाकरे और निशिकांत दुबे के बीच जुबानी जंग तेज, मुंबई में बढ़ा भाषा को लेकर तनाव

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मराठी भाषा को लेकर एक बार फिर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें मराठी न बोलनेवाले लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं देखी जा सकती हैं। आरोप हैं कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने हिंदी भाषी लोगों कोनिशाना बनाया है। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति को भी गरमा दिया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का तीखा बयानभाषा विवाद के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर उनमें सच में हिम्मत है तोबिहार आकर दिखाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यहां आओगे तो पटक-पटककर मारे जाओगे।” उनके इस बयान से विवाद और बढ़ गया है। आदित्य ठाकरे का जवाबशिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “यह बीजेपी की वही मानसिकता है, जोमहाराष्ट्र को बदनाम करने की कोशिश करती है। ऐसे बयान राज्य में डर और अस्थिरता फैलाने की साजिश हैं। हमने लोगों से अपील की है कि ऐसेजहरीले बयानों पर ध्यान न दें।” आदित्य ने साफ किया कि लड़ाई सरकार से है, किसी भी भाषा से नहीं। उन्होंने कहा, “निशिकांत दुबे उत्तर भारत के प्रतिनिधि नहीं हैं, और भाजपा की’फूट डालो, राज करो’ नीति को महाराष्ट्र बर्दाश्त नहीं करेगा।” उद्धव ठाकरे की सफाईशिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम हिंदी भाषा या हिंदी भाषियों के खिलाफ नहीं हैं। लेकिनमराठी लोगों की तुलना आतंकवादियों से करना शर्मनाक है। जो मराठी लोगों को बदनाम करते हैं, वही असली अपराधी हैं।” निशिकांत दुबे का बड़ा आरोपबीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मराठी बनाम हिंदी विवाद में एक कदम आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “मुंबई में हिंदी भाषी लोगों को मारने की हिम्मत दिखा रहे हो, अगर सच्चे हो तो उर्दू भाषियों पर हाथ उठाकर दिखाओ।” दुबे ने आगे कहा, “महाराष्ट्र की अधिकांश बड़ी इंडस्ट्रीज जैसे टाटा, बिरला, रिलायंस की फैक्ट्रियां यहां नहीं हैं। टाटा की पहली फैक्ट्री बिहार में बनीथी। महाराष्ट्र की समृद्धि उत्तर भारत के पैसे से है, क्योंकि सारे खनिज झारखंड या अन्य राज्यों में हैं।”
दिल्ली भाजपा का विशेष आयोजन: श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन, जेपी नड्डा करेंगे अवलोकन, राष्ट्रवाद और विचारधारा की विरासत से युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि भाजपा के विचारों और प्रेरणा स्रोत श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवनपर आधारित एक विशेष नाट्य मंचन का आयोजन 8 जुलाई को कमानी ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षजगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विचारों से जनसंपर्क की कोशिशसचदेवा ने कहा कि यह मंचन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि मुखर्जी के सिद्धांतों और उनके जीवन के संघर्षों को जन-जन तक पहुंचाने कामाध्यम है। उन्होंने कहा, “भाजपा एक विचारधारा आधारित पार्टी है और इस नाटक के माध्यम से हम अपने प्रेरणास्रोत के विचारों को आम लोगों तकपहुंचाना चाहते हैं।” राजनीति में विचारों की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रवीण शंकर कपूरदिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने प्रेसवार्ता का संचालन करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भाजपा की उस सोच को दर्शाता है किराजनीति केवल सत्ता के लिए नहीं, विचारों के लिए भी होती है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में दिल्ली भाजपा के विभिन्न मोर्चों के प्रभारी सुमितभसीन और प्रवक्ता नितिन त्यागी भी मौजूद रहे। जीवन के प्रमुख पड़ाव होंगे मंचितसचदेवा ने बताया कि नाट्य मंचन में मुखर्जी के जीवन के विभिन्न पड़ावों को दर्शाया जाएगा बचपन की झलक, छात्र जीवन, सबसे युवा कुलपतिबनने की यात्रा, राजनीति में प्रवेश, नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा और जम्मू-कश्मीर के लिए किया गया संघर्ष। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति राष्ट्रीय नाट्यविद्यालय के प्रशिक्षित कलाकारों द्वारा की जाएगी। मीडिया के लिए ड्रेस रिहर्सलइस नाट्य मंचन का फुल ड्रेस रिहर्सल सोमवार शाम 6 बजे मीडिया के लिए आयोजित किया जाएगा। राष्ट्र समर्पण स्मरणीय: सचदेवासचदेवा ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कभी पद की लालसा नहीं की बल्कि देश की एकता और अखंडता को प्राथमिकता दी। “उन्होंने ‘राष्ट्रसर्वप्रथम’ की भावना के साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आज उन्हीं के विचारों की नींव पर भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनचुकी है,” उन्होंने कहा।
बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन पर सियासी संग्राम, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, चुनाव से पहले वोटर लिस्ट संशोधन पर बवाल

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के वेरिफिकेशन को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि यहकवायद एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसके तहत करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। इस विवाद ने अब सुप्रीम कोर्ट कादरवाजा खटखटाया है, जहां सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है। विपक्ष का आरोप, वोट काटने की साजिशराष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने दावाकिया है कि केंद्र और बिहार सरकार चुनाव आयोग की मदद से दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय के वोटरों को सूची से बाहरकरने का षड्यंत्र रच रहे हैं। उनका कहना है कि यह लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है। लालू प्रसाद का बयानलालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,“दो गुजराती मिलकर 8 करोड़ बिहारियों के वोट का अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं। इन लोगों को बिहार, संविधान और लोकतंत्र से नफरतहै। बिहारवासियों, जागो और आवाज़ उठाओ, संविधान बचाओ!” तेजस्वी यादव का हमलातेजस्वी यादव ने भी एक्स पर लिखा,“बिहार में वोटबंदी की गहरी साजिश रची गई है। दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के वोट काटे जा रहे हैं और फर्जी वोट जोड़े जा रहे हैं। मोदी-नीतीश लोकतंत्र और संविधान को कुचलना चाहते हैं और इसके लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब वोट ही नहीं रहेंगे तोलोकतंत्र कैसे बचेगा?” सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय, कपिल सिब्बल ने उठाई आवाजबिहार में मतदाता सूची से कथित तौर पर लाखों नाम हटाने की आशंका को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओंने इसे असंवैधानिक और जनविरोधी बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले की तत्काल सुनवाईके लिए गुहार लगाई, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 10 जुलाई को सुनवाई तय कर दी है।
मराठी भाषा विवाद ने पकड़ा तूल, राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़, मराठी सम्मान रैली में एकजुट ठाकरे बंधु

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहा विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे मराठी अस्मिता के समर्थन में संयुक्तविजय रैली निकाल रहे हैं। हालांकि, इसी बीच मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-मराठी बोलने वालों पर कथित हमले भी सामने आए हैं, जिससे विवादऔर गहराता जा रहा है। हिंसा की आलोचना, भाजपा मंत्री ने जताई नाराज़गीराज्य के मंत्री आशीष शेलार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) द्वारा की गई कथित हिंसात्मक घटनाओं की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा किमराठी भाषा के नाम पर लोगों पर हमला करना गलत है और इससे राज्य का माहौल खराब होता है। शेलार ने उद्धव और राज ठाकरे के एक मंच परआने को “सियासी अवसरवाद” करार देते हुए कहा कि यह गठबंधन केवल बीएमसी चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है। संजय राउत का तीखा पलटवारइस विवाद पर उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने भाजपा पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अगर महाराष्ट्र में मराठी भाषा की रक्षा नहींहोगी तो क्या पाकिस्तान, बांग्लादेश या नेपाल में होगी?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये मंत्री इसी मराठी राज्य से वेतन और पहचान पाते हैं, फिरभी भाषा के सम्मान की जगह उसकी तुलना आतंकवाद से कर रहे हैं, जो अत्यंत निंदनीय है। भाषाई अस्मिता बनाम राजनीतिक एजेंडाराउत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता लोगों की भाषा के संघर्ष को आतंकी घटनाओं से जोड़कर मराठी अस्मिता का अपमान कर रहे हैं।उन्होंने कहा, “यह मानसिकता दर्शाती है कि बीजेपी को मराठी भाषा की गहराई और भावना की कोई समझ नहीं है।” शेलार का जवाब, भाजपा करेगी विकास की राजनीतिशेलार ने स्पष्ट किया कि भाजपा नफरत की नहीं, विकास की राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा मराठीभाषियों और हिंदुओं दोनों केहितों की रक्षा करेगी, लेकिन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि “वे सत्ता के बिना नहीं रहसकते, इसलिए अब किसी भी कीमत पर बीएमसी की कुर्सी पाना चाहते हैं।”
संगारेड्डी, तेलंगाना: सिगाची इंडस्ट्रीज धमाके में मृतकों की संख्या 42 हुई, 8 अब भी लापता

हादसे में घायल कर्मचारी की इलाज के दौरान मौततेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पटनचेरु मंडल स्थित पशमिलाराम में फार्मा कंपनी सिगाची इंडस्ट्रीज में हुए भीषण विस्फोट में मरने वालों की संख्याबढ़कर 42 हो गई है। रविवार को गंभीर रूप से घायल कर्मचारी जितेंद्र की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। वह ध्रुव अस्पताल में भर्ती था। डीएनए से एक और शव की पहचानविस्फोट स्थल से मिले शरीर के अंगों की डीएनए जांच के बाद अधिकारियों ने एक और पीड़ित की पहचान की है, हालांकि उसकी पहचान अभीसार्वजनिक नहीं की गई है। हादसे में अब भी 8 कर्मचारी लापता हैं, जबकि 18 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं। पीड़ित परिवारों की परेशानीलापता लोगों के परिजन AILA राहत केंद्र में डटे हुए हैं और लगातार किसी सूचना का इंतजार कर रहे हैं। वे मलबे को जल्द हटाने और तलाशीअभियान तेज करने की मांग कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा अब तक डीएनए परीक्षण के लिए 70 रक्त नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने की शवगृह की समीक्षासंगारेड्डी की जिला कलेक्टर प्रवीण्या ने शवगृह का दौरा किया और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें डीएनए पहचान प्रक्रिया कीस्थिति से अवगत कराया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। यूनियन नेताओं को रोका गया, बाद में मिली अनुमतिघटना स्थल पर उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई जब सीआईटीयू यूनियन के नेताओं को अंदर जाने से रोका गया। बाद में विरोध के बाद उन्हेंअनुमति दे दी गई। संगठन के राज्य महासचिव पलादुगु भास्कर ने उद्योग के मालिकों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मुकदमा दर्ज करने कीमांग की है। हादसे के आंकड़ेयह हादसा 30 जून को हुआ था, जब प्लांट में कुल 143 कर्मचारी कार्यरत थे। उनमें से 61 लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। अब तक 40 मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। 14 घायल इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 18 अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं। राहत और बचाव कार्य जारीप्रशासन द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी रखा गया है। मलबे में लापता लोगों की तलाश के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं। घटनास्थल परनिगरानी और सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए।
मुंबई आतंकी हमले में बड़ा खुलासा: तहव्वुर राणा ने एनआईए की पूछताछ में कुबूला अपराध, पाकिस्तानी सेना का विश्वसनीय एजेंट था राणा

एनआईए की हिरासत में पूछताछ के दौरान तहव्वुर राणा ने खुद को पाकिस्तानी सेना का विश्वसनीय एजेंट स्वीकार किया है। उसने यह भी खुलासाकिया कि उसने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ प्रशिक्षण लिया था। इस ट्रेनिंग के दौरान उसके साथ डेविड हेडली भी शामिल था, जो पहलेसे ही 26/11 हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। मुंबई में हमले के समय मौजूद था राणाराणा ने स्वीकार किया कि नवंबर 2008 में जब मुंबई में आतंकी हमला हुआ, तब वह वहां मौजूद था। पूछताछ में उसने बताया कि उसने छत्रपतिशिवाजी महाराज टर्मिनस जैसे स्थानों की पहले से रेकी की थी। यही नहीं, उसने मुंबई में एक इमिग्रेशन फर्म शुरू करने की योजना भी इसी आतंकीसाजिश का हिस्सा बताया, जिसकी आड़ में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया गया। ISI से मिलीभगत का भी किया खुलासापूछताछ के दौरान तहव्वुर राणा ने यह भी स्वीकार किया कि यह पूरी आतंकी साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकररची गई थी। राणा की स्वीकारोक्ति से 26/11 के हमले से जुड़ी जांच को एक नई दिशा मिल गई है। इसके बाद मुंबई पुलिस अब उसे अपनीहिरासत में लेने की तैयारी कर रही है, जिससे जांच को आगे बढ़ाया जा सके। डेविड हेडली का था करीबी, पहले भी आ चुका है नामतहव्वुर राणा, डेविड हेडली का नजदीकी दोस्त रहा है। हेडली ने भी अपनी पूछताछ में राणा का जिक्र किया था। 26/11 के आतंकी हमलों में 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने समुद्री रास्ते से मुंबई में प्रवेश कर रेलवे स्टेशन, ताज और ओबेरॉय होटल तथा एक यहूदी केंद्र को निशाना बनाया था। इसभयावह हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। राणा पर लश्कर-ए-तैयबा, हरकत-उल-जिहादी इस्लामी और आईएसआई के साथ मिलकर हमले की साजिश रचने का आरोप है। एनआईए कीपूछताछ में उसका कबूलनामा इस पूरे मामले में एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश से हालात गंभीर, कई जिलों में बाढ़ का खतरा, 13 जिलों में बाढ़ अलर्ट, 5 पर रेड अलर्ट जारी

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों मेंअचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की है, जबकि 5 जिलों में अत्यधिक वर्षा का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कईजिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया है। 24 घंटे में 4 इंच बारिश, शहर जलमग्नशहडोल जिले में बीते 24 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर का लगभग 40 फीसदी हिस्सा पानी में डूब गया है। सड़कों पर नदीजैसा तेज बहाव देखने को मिला। रातभर हुई बारिश के चलते करीब 3,000 घरों में पानी घुस गया, जिससे रसोई से लेकर शयनकक्ष तक पानी भरगया। शहडोल जिला अस्पताल की हालत भी चिंताजनक रही। यहां के सर्जिकल और मेडिकल वार्ड सहित तीन वार्डों में पानी भर गया। अस्पताल के निचलेहिस्सों में तीन फीट तक पानी पहुंच गया। सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि भारी बारिश के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी औरबैकफ्लो से अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया। प्लेटफॉर्म पर पानी भरने से रेलवे स्टेशन की गतिविधियां भी प्रभावित हुईं और कई ट्रेनें घंटों देरी सेरवाना हुईं। अन्य जिलों में भी हालात बिगड़ेमंडला, श्योपुर और डिंडौरी में भी रविवार को बाढ़ जैसे हालात बने रहे। नर्मदा नदी के किनारे बसे इलाकों में खतरा अधिक बना हुआ है। प्रशासन नेवहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। उमरिया में सड़कों पर जलभराव की स्थिति रही, जबकि जबलपुर में बरगी डैम के 9 गेट खोलने पड़े। सिवनी और बालाघाट जिलों में सोमवार कोहालात और बिगड़ने की आशंका जताई गई है। यहां अगले 24 घंटों में 8 इंच से अधिक वर्षा हो सकती है। डिंडौरी की कलेक्टर नेहा मारव्या ने स्कूलोंऔर आंगनवाड़ी केंद्रों में सोमवार को अवकाश घोषित किया है। मौसम विभाग का अलर्ट और प्रशासन की तैयारियांपूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, पन्ना, सागर, सिवनी, शहडोल और उमरिया जिलों मेंअचानक बाढ़ की आशंका के चलते अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की संभावना को देखतेहुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट और दमोह जिलों में आगामी 48 घंटों में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैंऔर सभी संबंधित विभागों को स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।