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उपराष्ट्रपति चुनाव में बढ़ी हलचल सीपी राधाकृष्णन का नामांकन 20 अगस्त को, विपक्ष जल्द करेगा प्रत्याशी घोषित

एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन 20 अगस्त को नामांकन करेंगे. उम्मीद है कि शाम तक विपक्ष के साझा उम्मीदवार का नामसामने आ जाएगा। तिरुचि सिवा के मुताबिक, विपक्ष में उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर कोई भ्रम नहीं है. कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्रीकहते हैं कि बस दो दिन की बात है थोड़ा इंतजार कर लीजिए यह चुनाव बहुत रोचक होने जा रहा है. अभी विपक्ष को अपने उम्मीदवार की घोषणाकरनी है दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने प्रचार भी शुरू कर दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुहिम को आगे बढ़ाते हुए डीएमके के नेता और तमिलनाडु केमुख्यमंत्री एमके स्टालिन से फोन पर समर्थन के बाबत चर्चा की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चुनाव की सफल रणनीति बनाने में जुट गए हैं. इसके बाबत उन्होंने दोपहर डेढ़ बजे के करीब संसद भवन स्थित अपने कक्ष में भाजपा अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल, धमेंद्र प्रधान समेत अन्य के साथ रणनीतिक चर्चा की. केवल समझिए इशाराकुल मिलाकर सत्ता पक्ष कमर कसकर तैयार है और उसका इरादा पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से अधिक वोट पाकर सीपी राधाकृष्णन को चुनावजितवाना है. जगदंबिका पाल भाजपा के सांसद हैं। पहले कांग्रेसी थे वह तपाक से कहते हैं कि सीपी राधाकृष्णन को अधिक वोट मिलना तय है. बंपरमतो से जीत होगी. सवाल दक्षिण के राधाकृष्णन का है। हालांकि, जगदंबिका पाल एक बात को सहसा मान लेते हैं. उन्हें पता है कि विपक्ष की भीएक राजनीतिक मजबूरी है. इसलिए संभव है कि उपचुनाव में सर्वसम्मति की स्थिति न बन पाए और विपक्ष उम्मीदवार उतारे? पाल कहते हैं कि लेकिनइससे फर्क नहीं पड़ता. अगला उपराष्ट्रपति हमारा ही होगा. जब जगदंबिका पाल यह आत्मविश्वास दिखा रहे थे तो थोड़ी दूर पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री उन्हेंसुन रहे थे. पाल के जाते ही उन्होंने कहा कि बस दो दिन रुक जाइए. सूत्र का कहना है कि उम्मीदवार घोषित न होने के कारण अभी बोलना ठीक नहींहै. बस केवल एक इशारा समझ लीजिए. दोनों प्रत्याशी थे भाजपा केकांस्टीट्यूशन क्लब के सचिव का चुनाव हाल में संपन्न हुआ है इसमें गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष भी वोसंसद के गलियारे में आज मीडिया भी तीनखबरें ढूंढ रही थी. इसमें पहली जानकारी विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर थी. दूसरी नजर भाजपा के संभावित राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामपर टिकी थी। तीसरी सूचना में लोग जानना चाहते थे कि उ.प्र. के भाजपा अध्यक्ष कौन होंगे? इस खबर को टटोलने के लिए उ.प्र. से भी कई नेतासक्रिय थे. हालांकि, सबको पता है कि नई भाजपा में सही जानकारी समय से पहले मिल पाना बहुत मुश्किल है इन तीन सूचनाओं के लिए खोजबीनकरने वाले लोगों की निगाह में बिहार का चुनाव और राहुल गांधी की बिहार में चल रही यात्रा काफी महत्वपूर्ण रहा. डालने गए थे हालांकि, दोनों हीप्रत्याशी भाजपा के थे, लेकिन इसके आगे मुझे कुछ नहीं कहना है.

भारत-चीन रिश्तों को नई राह जयशंकर-वांग यी की मुलाकात में सीमा विवाद, व्यापार और वैश्विक अस्थिरता पर चर्चा

गलवां घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच टकराव को पांच वर्ष बीत चुके हैं और अब दोनों देश संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहेहैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका ने भारत के सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. इसी कड़ी में चीन के विदेश मंत्री वांग यीभारत आए और सोमवार को उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ वार्ता की उनका यह दौरा एशिया की इन दोनों ताकतों के बीच संबंध सुधारनेकी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. दोनों देश अमेरिकी टैरिफ युद्ध से पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता का मुकाबला करना चाहते हैं. बैठक मेंजयशंकर ने कहा कि वांग यी का यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने का एक अच्छा अवसर है. विश्व व्यवस्था की कर रहे है बातउन्होंने कहा, हमारे संबंधों ने एक मुश्किल दौर देखा है, लेकिन अब हम आगे बढ़ना चाहते हैं. इसके लिए दोनों पक्षों की ओर से ईमानदार औररचनात्मक रुख जरूरी है. जयशंकर ने आगे कहा, हमें आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और आपसी हितों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए. मतभेदों कोविवाद नहीं बनने देना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को टकराव का रूप नहीं लेने देना चाहिए. बाद में उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत मेंआर्थिक और व्यापारिक मुद्दे, धार्मिक यात्रा, लोगों के बीच संपर्क, नदी से जुड़ा डाटा साझा करना, सीमा व्यापार, संपर्क और द्विपक्षीय आदान-प्रदानजैसे विषय शामिल होंगे. जयशंकर ने कहा, हमारे संबंधों में कोई सकारात्मक प्रगति तभी संभव है जब हम मिलकर सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखें. सीमा से सैनिकों को हटाने (डी-एस्केलेशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना भी जरूरी है. विदेश मंत्री ने कहा, जब दुनिया के दो सबसे बड़े देश मिलते हैंतो अंतरराष्ट्रीय परिदृष्य पर बात होना स्वाभाविक है। हम एक निष्पक्ष, संतुलित और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की बात करते हैं. गंभीर चुनौतियों का सामनाजिसमें एशिया भी बहुध्रुवीय हो इस समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है,उन्होंने यह भी कहा कि भारत को उम्मीद है कियह चर्चा एक स्थिर, सहयोगात्मक और भविष्य की ओर देखती हुई भारत-चीन साझेदारी की ओर ले जाएगी, जो दोनों देशों की हितों की सेवा करे औरउनकी चिंताओं को संबोधित करे. सूत्रों के मुताबिक, चीन ने भारत की तीन मुख्य चिंताओं (खाद, दुर्लभ खनिज और टनल बोरिंग मशीन) को दूर करनेका भरोसा दिलाया है. इन सब में दुर्लभ खनिज सबसे महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल स्मार्टफोन और आधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण मेंहोता है इनका अधिकांश उत्पादन चीन में होता है. बैठक के बाद चीन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वांग यी ने जयशंकर से कहा कि दुनियाइस समय ‘सदी में एक बार आने वाले बदलावों’ के दौर से गुजर रही है और वह भी बहुत तेजी से उन्होंने अमेरिका की ओर इशारा करते हुए कहा, एकतरफा दबदबा और जोर-जबरदस्ती बढ़ चुकी है और मुक्त व्यापार और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.

भारत-चीन रिश्तों में नई गर्माहट चीन देगा उर्वरक, रेयर अर्थ और बोरिंग मशीनों की सप्लाई का भरोसा

भारत और चीन के रिश्तों में नया मोड़ आया है चीन ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह उर्वरक, रेयर अर्थ और टनल बोरिंग मशीनों की जरूरतों कोपूरा करने में मदद करेगा. यह आश्वासन चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को दिया। बता दें कि चीन के विदेशमंत्री सोमवार को दो दिन के दौरे पर भारत पहुंचे हैं. इस दौरान दोनों नेताओं की बातचीत में आर्थिक और व्यापारिक मुद्दे, धार्मिक यात्राएं, लोगों केबीच संपर्क, नदियों का डाटा साझा करना, सीमा व्यापार और आपसी सहयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा किभारत-चीन जैसे बड़े पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते कई पहलुओं वाले हैं. अर्थव्यवस्था में स्थिरताउन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापार में रोड़े और प्रतिबंधात्मक नीतियों से बचना जरूरी है. जयशंकर ने यह भी कहा कि स्थिर और सकारात्मक रिश्ते दोनोंदेशों के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद होंगे.विदेश मंत्री ने इस दौरान साफ कहा कि फर्क को विवाद नहीं बनने देना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को संघर्ष में नहीं बदलना चाहिए. उन्होंने वांग यी कीयात्रा को रिश्तों की समीक्षा और वैश्विक हालात पर बातचीत का सही अवसर बताया. बता दें कि भारत-चीन संबंध 2020 में पूर्वी लद्दाख की एलएसीपर चीनी सेना की गतिविधियों से बिगड़ गए थे. हालांकि हाल के महीनों में दोनों देशों ने तनाव कम करने और गश्त को लेकर समझौता किया है. इसबीच दुनिया भर में बदलते हालात, यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी व्यापार शुल्कों के बीच जयशंकर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बढ़ाने कीजरूरत है. शिखर सम्मेलन में लेंगें हिस्सावांग यी की यह यात्रा इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महीने के अंत में चीन के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन मेंहिस्सा लेने जा सकते हैं. वहीं भारत ने साफ किया है कि ताइवान पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. भारत ने जोर देकर कहा कि दुनिया केबाकी देशों की तरह, भारत का भी ताइवान के साथ आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों पर केंद्रित रिश्ता है हम इसे जारी रखने का इरादा रखतेहैं. चीन के विदेश मंत्री वांग यी और भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक दूसरे के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की है. वहीं इस बैठक के बाद चीनने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह उर्वरक, दुर्लब खनिज और टनल बोरिंग मशीनों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा.

PM मोदी की चीन यात्रा पर गरमाई सियासत ओवैसी ने उठाए सवाल, सरकार से चीन पर रुख साफ करने की मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाने वाले हैं. ऐसे में अब इस बात को लेकर भारत में सियासत तेज हो गई है पीएम मोदी की आगामी चीन यात्रा को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुलमुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पीएम मोदी के इस यात्रा से पहले केंद्र सरकार से चीन कोलेकर अपना रुख साफ करने की मांग की है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन के तियानजिन जाने वाले हैं. सहयोग के विकास का है प्रतीकचीन ने इस यात्रा का स्वागत किया है और इसे सहयोग और विकास का प्रतीक बताया है. एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने सोशल मीडियाप्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार के चीन को लेकर रुख में जो यू-टर्न आया है, उस पर कई सवाल हैं. सरकार को चाहिए कि पीएम कीयात्रा से पहले देश को जवाब दे। उन्होंने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को हथियार और फाइटर जेट दिए, जिनका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरानहमारे जवानों के खिलाफ हुआ. साथ ही चीन ने इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा भी पाकिस्तान को दिया. ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि हम चीनको यह साफ क्यों नहीं कह रहे कि यह अस्वीकार्य है?ओवैसी ने आगे कहा कि जब पीएम मोदी ने दलाई लामा को 90वें जन्मदिन की बधाई दी, तब चीन ने कड़ी आपत्ति जताई, लेकिन भारत सरकार नेइस पर कोई जवाब नहीं दिया. आंतरिक मामलों में दखल नहींउन्होंने कहा कि चीन ने भारत से कहा कि वह तिब्बत जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सतर्क रहे और आंतरिक मामलों में दखल न दे. ओवैसी ने पूछा कि क्यायह हमारे राष्ट्रीय सम्मान का सवाल नहीं है? इसके साथ ही ओवैसी ने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच व्यापार असंतुलन 2020 से और बढ़ाहै, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं दिख रही. इसी बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत दौरे परहैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से सीमा विवाद और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. इस दौरानजयशंकर ने बातचीत में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना आज की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं. हमभारत-चीन संबंधों को संतुलित और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

काशी में इतिहास रचेंगे पीएम मोदी और मॉरीशस के पीएम रामगुलाम, पहली बार काशी में होगी द्विपक्षीय बैठक

मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम 11 सितंबर को काशी पहुंचेंगे. यहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पहली बार द्विपक्षीय बैठक करेंगे. व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर बातचीत होगी. उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ की ओर से रात्रिभोज दिया जाएगा. इसमें केंद्र और उप्र सरकार के कुछ और मंत्री शामिल होंगे. मॉरीशस के प्रधानमंत्री की भारत में यात्रा9 सितंबर से 15 सितंबर तक रहेगी। इस यात्रा का मुख्य आयोजन काशी में होना तय हुआ है. बाबा कालभैरव का करेंगें पूजनमॉरीशस के प्रधानमंत्री का बाबतपुर एयरपोर्ट पर स्वागत किया जाएगा उन्हें यहां गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा उनका यहां सांस्कृतिक स्वागत भीकिया जाएगा. इसके अलावा उप्र के सबसे बेहतर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की जाएगी. वह श्रीकाशी विश्वनाथ और बाबा कालभैरव में पूजनकरेंगे. इसके साथ ही वह महत्वूपर्ण सांस्कृतिक स्थलों का दौरा भी करेंगे. वह सारनाथ और बीएचयू भारत कला भवन भी जाएंगे वह गंगा आरती भीदेखेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. यह पहली बार होगा जब मॉरीशस का कोई प्रधानमंत्री काशी में द्विपक्षीयबैठक करेगा. नोडल अधिकारी किया गया नामितइसमें महत्वपूर्ण औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार पर आपसी सहयोग पर मुख्य रूप से बात होगी. पर्यटन के क्षेत्र में भी बात होगी. केंद्रसरकार की ओर से जारी पत्र में मंडलायुक्त एस राज लिंगम को को नोडल अधिकारी नामित किया गया है. उन्हें अतिथियों के स्वागत और प्रोटोकॉल केहिसाब से विस्तृत कार्यक्रम तैयार करने को कहा गया है. इसके अलावा होने वाले कार्यक्रमों के स्थल चयन की भी बात कही गई है प्रशासन अब स्थलऔर कार्यक्रमों का चयन करेगा. दो साल पहले 11 सितंबर 2023 को भी मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ काशी पहुंचे थे. उन्होंनेदश्वामेध घाट पर अपने रिश्तेदार की अस्थि विसर्जित की थीं. मॉरीशस के पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम नौ सितंबर से भारत यात्रा पर रहेंगे. इस बीच, वे11 सितंबर को वाराणसी भी आएंगे. यह पहली बार होगा, जब मॉरीशस का कोई प्रधानमंत्री काशी में द्विपक्षीय बैठक करेगा.

दिल्ली में बाढ़ का खतरा टला, सीएम रेखा गुप्ता ने यमुना बाजार का किया दौरा, राहत-बचाव कार्य तेज

राजधानी दिल्ली में बाढ़ के खतरे के बीच सीएम रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली के यमुना बाज़ार क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियोंका निरीक्षण किया. साथ ही सीएम रेखा गुप्ता ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सुबह कुछसमय के लिए यमुना का जलस्तर 206 मीटर को छूने की संभावना थी, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. यह इलाका यमुना के फ्लड प्लेन कालो-लाइन क्षेत्र है इसलिए पानी यहां तक पहुंचा दिल्ली में बाढ़ जैसी कोई भी स्थिति नहीं है. यह जलस्तर का अधिकतम चढ़ाव था और अब पानीउतरने की दिशा में है. सीएम ने कहा कि कंट्रोल रूम से लगातार हालात की निगरानी की जा रही है. राहत और बचाव दल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैंजिससे हर स्थिति से निपटा जा सके. झुग्गियों में चला सर्च ऑपरेशन चलायासीएम ने आगे कहा की मैं दिल्लीवासियों को आश्वस्त करना चाहती हूँ कि सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है. आपकी सुरक्षा और सुविधाहमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. सुबह आठ बजे तक यमुना का वाटर लेवल 205.79 था. वहीं हथनी कुंड बैराज से 38361 क्यूसेक, वज़ीराबाद बैराज से 68230 क्यूसेक और ओखला बैराज 91212 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. दिल्ली पुलिस और डीडीएमए की राहत बचाव टीमों ने यमुना के किनारे की झुग्गियों में सर्च ऑपरेशन चलाया. जलभराव की हो रही है निगरानीप्रशासन ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र से सभी को बाहर निकाला पूर्वी दिल्ली में गीता कॉलोनी के पास बंध रोड पर बने केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से 24 घंटेयमुना के जलस्तर की निगरानी हो रही है अधिकारियों का कहना है कि वे बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. दिल्ली बोट क्लब में करीब 24 नौकाएं, गोताखोर, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीमें आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. मुख्यमंत्री ने कहा किदिल्लीवासियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, उनकी सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. इसके लिए राहत और बचाव कार्यों के लिए 14 अहम जगहोंपर नावों की तैनाती की गई है. साथ ही यमुना का पानी मुख्य सड़कों तक न पहुंचे और ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसके लिए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रणविभाग को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए है. साथ ही सभी रेगुलेटर्स को पूरी तरह चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं 15 वायरलेस स्टेशनस्थापित हैं जो यमुना के जलस्तर, जलभराव की निगरानी कर रहे हैं.

जेलेंस्की-ट्रंप मुलाकात से पहले अमेरिका ने दी सुरक्षा गारंटी, रूस ने भी जताई सहमति शांति समझौते के लिए त्रि-स्तरीय ढांचे की वकालत

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सोमवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. इस मुलाकात से पहले जेलेंस्की नेयूरोपीय देशों के नेताओं से बात की. इस बातचीत के बाद जेलेंस्की ने अमेरिका द्वारा सुरक्षा गारंटी दिए जाने के फैसले पर खुशी जाहिर की. साथ हीजेलेंस्की ने शांति समझौते के लिए अमेरिका, रूस और यूक्रेन का एक त्रि-स्तरीय ढांचा बनाने की अपील की, ताकि विभिन्न मुद्दों पर सहमति बन सके. जेलेंस्की ने कहा कि ‘सभी ने इस बात का समर्थन किया है कि अहम मुद्दों को सुलझाने के लिए यूक्रेन को सीधे तौर पर बातचीत में शामिल करनाचाहिए. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि ‘अमेरिका द्वारा यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने का फैसला ऐतिहासिक है. हालांकियह व्यवहारिक होना चाहिए और इससे यूक्रेन को जमीन के साथ ही वायु और समुद्र में भी सुरक्षा मिलनी चाहिए. यूरोप की एकजुट रहना है जरुरीसाथ ही इसमें यूरोप को भी शामिल किया जाना चाहिए. जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से ये भी अपील की कि वे 2022 की तरह ही एकजुट रहें. उन्होंनेकहा कि असल शांति के लिए यूरोप का एकजुट रहना जरूरी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष सलाहकार स्टीव विटकॉफ ने दावा किया है किअलास्का में हुई बैठक में रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अमेरिका द्वारा यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिए जाने की बात पर सहमत दिखे.वहीं रूस ने कहा है कि जिस तरह से यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दी जा रही है, उसी तरह से पश्चिमी देश रूस को भी सुरक्षा गारंटी दें. रूस के यूएन में स्थायीप्रतिनिधि विएना मिखाइल उलेनोव ने कहा कि कई यूरोपीय नेता शांति समझौते के तहत यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिए जाने के पक्ष में हैं. रूस इससेसहमत है, लेकिन रूस का भी ये अधिकार है कि उसे भी सुरक्षा गारंटी मिलनी चाहिए. सुरक्षा की बात पर सहमतिउलेनोव ने चेताया कि पश्चिमी देश सुरक्षा गारंटी को लेकर रूस के साथ बातचीत शुरू न करके गलती कर रहे हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों नेकहा है कि यूक्रेन को अगर रूस के साथ शांति समझौता करना है तो उसे आखिरकार हारे हुए इलाके छोड़ने के लिए राजी होना ही पड़ेगा. सोशलमीडिया पर साझा एक पोस्ट में मैक्रों ने ये बात कही मैक्रों ने ये भी कहा कि उनका देश यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है और उन्होंने यूक्रेन को मिलनेजा रही संभावित सुरक्षा गारंटी का भी समर्थन किया और इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की बात कही. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप केविशेष सलाहकार स्टीव विटकॉफ ने दावा किया है कि अलास्का में हुई बैठक में रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अमेरिका द्वारा यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दिएजाने की बात पर सहमत दिखे.

जन विश्वास विधेयक 2025 लोकसभा में पेश, छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रस्ताव

जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025 सोमवार को लोकसभा में पेश किया गया. हालांकि, इसे प्रवर समिति को भेज दिया गया. विधेयक जीवन और व्यापार को सुगम बनाने के लिए कुछ छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का प्रावधान करता है. विधेयक पेश करतेहुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह विधेयक व्यापार को सुगम बनाने के लिए विश्वास-आधारित शासन को बढ़ावा देने काप्रयास करता है. इसके बाद विधेयक को लोकसभा की प्रवर समिति को भेज दिया गया. समिति को संसद के अगले सत्र के पहले दिन तक सदन मेंअपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है. यह विधेयक हंगामे के बीच पेश किया गया, क्योंकि विपक्षी दल बिहार में मतदाता सूची संशोधनऔर अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. विरोध प्रदर्शन जारी रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक केलिए स्थगित कर दी गई. इस विधेयक के माध्यम से 350 से अधिक प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित है. विधेयक देश के कारोबारी माहौल को बेहतरबनाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है. बेहतर सरकार बनाने का है हिस्साइससे पहले 2023 में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम पारित किया गया था, जिसके तहत 19 मंत्रालयों और विभागों की ओर सेप्रशासित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को अपराधमुक्त कर दिया गया था. इस अधिनियम के माध्यम से सरकार ने कुछ प्रावधानों मेंकारावास या जुर्माने को हटा दिया। कुछ नियमों में कारावास को हटा दिया गया और जुर्माने को बरकरार रखा गया, जबकि कुछ मामलों में कारावासऔर जुर्माने को दंड में बदल दिया गया. विधेयक में 350 से अधिक प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. यह देश के कारोबारी माहौल को बेहतरबनाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है. विधेयक का उद्देश्य कुछ छोटे-मोटे अपराधों को अपराध-मुक्त बनाकर भरोसा आधारित शासन को बढ़ानादेना और जीवन व कारोबार सुगमता की स्थिति को बेहतर करना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा था, हमारे देश मेंऐसे कानून हैं, जो सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगें, लेकिन मामूली बातों पर कारावास का प्रावधान करते हैं, और किसी ने कभी उन पर ध्यान नहींदिया. पुरानें कानूनों को किया गया है समाप्तपीएम मोदी ने यह भी कहा था, मैंने यह सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया है कि भारतीय नागरिकों को बेवजह सलाखों के पीछे डालने वाले अनावश्यककानून समाप्त किए जाएं. हमने पहले संसद में एक विधेयक पेश किया था, हम इसे इस बार फिर से लाए हैं. एक अधिकारी के मुताबिक, यह नयाविधेयक देश में अधिक अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मदद करेगा. इससे पहले 2023 में जन विश्वास (प्रावधानों मेंसंशोधन) अधिनियम पारित किया गया था, जिसके तहत 19 मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रशासित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों कोअपराध-मुक्त कर दिया गया था.जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2023 के माध्यम से सरकार ने कुछ प्रावधानों में कारावास और/या जुर्माने को हटा दिया था. कुछनियमों में कारावास को हटा दिया गया और जुर्माने को बरकरार रखा गया, जबकि कुछ मामलों में कारावास और जुर्माने को मात्र जुर्माने में बदल दियागया था. सरकार पूर्व में 40,000 से ज्यादा अनावश्यक प्रावधानों को खत्म कर चुकी है. इसने 1,500 से ज्यादा पुराने पड़ चुके कानूनों को समाप्तकिया है.

इंडिया ब्लॉक का हल्ला बोल, मतदाता सूची विवाद पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन तेज

संसद के मानसून सत्र के बीच सोमवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया. विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक केसांसदों ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए विरोध जताया. इस प्रदर्शन का नेतृत्वराज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने किया। खरगे के साथ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), द्रमुक (डीएमके), वामपंथीदलों, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के सांसद भी मौजूद रहे. इस दौरान प्रदर्शनकारी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के बाहर बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर थाम रखे थे. इन बैनर पर लिखा था- ‘वोट चोरी बंद करो’, वहींहाथों में लगे पोस्टरों पर ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘एसआईआर बंद करो’ जैसे शब्द लिखे थे. लोकतांत्रिक तरीका जाएगा अपनायाबता दें कि विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की यह कवायद दरअसल बिहार में मतदाताओं को सूची से बाहर करने की चाल है, ताकि आने वालेविधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाया जा सके।कांग्रेस नेता नसीर हुसैन ने मीडिया से कहा कि विपक्ष हर लोकतांत्रिक तरीका अपनाएगा, ताकि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) का पद केवलनिष्पक्ष और ईमानदार व्यक्ति के हाथों में रहे. सूत्रों के अनुसार, विपक्ष इस मामले को और आगे बढ़ाने के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफमहाभियोग प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहा है. विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है. उनकाकहना है कि बिहार में यह संशोधन अभ्यास ‘जनता के वोट छीनने’ की साजिश है. ज्यादातर कामकाज रहा ठपइसे लेकर हर दिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के परिणामस्वरूप, 21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में अब तक ज्यादातर कामकाज ठप रहा है. मानसून सत्र में सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को छोड़कर, संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है और महत्वपूर्ण विधायी काम आगे नहीं बढ़पा रहा है.विपक्षी सांसदों का कहना है कि वे सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाए रखेंगे. विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक चाहता है कि संसद में इस परखुली बहस हो और बिहार समेत पूरे देश में मतदाता सूची से छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को रोका जाए. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहनपुनरीक्षण के खिलाफ विपक्ष की तरफ से संसद भवन परिसर में जोरदार तरीके से प्रदर्शन किया गया. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने पोस्टर और बैनर केसाथ नारेबाजी भी की.

शशि थरूर ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की है सराहना , लोकसभा चर्चा से विपक्ष रहा अलग जानें क्या कुछ कहा

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवाक को पुष्टि की कि विपक्ष ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सम्मान में लोकसभा में चर्चा में शामिल नहीं होगा. हालांकिथरूर ने ग्रुप कैप्टन शुक्ला की जमकर सराहना की. थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, चूंकि विपक्ष इस विशेष चर्चा में हिस्सा नहीं लेरहा है. मैं कहना चाहता हूं कि कमांडर शुभांशु शुक्ला के आईएसएस के हालिया मिशन पर सभी भारतीयों को गर्व है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत कीमानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वकांक्षाओं के लिए शुक्ला का यह मिशन महत्वपूर्ण है और गगनयान मिशन के लिए एक सही कदम है. थरूर ने कहा, शुक्ला के इस मिशन से इसरो को ऐसी जानकारी और अनुभव मिले हैं, जो प्रयोगशालाओं में नहीं मिलते. जांच करने का मिला अवसरलॉन्चिंग से पहले की प्रक्रियाओं, अंतरिक्षयान प्रणाली और शून्य गुरुत्वाकर्षण (माइक्रोग्रैविटी) में होने वाले मानसिक और शारीरिक प्रभावों पर उनकेप्रत्यक्ष अनुभव गगनयान मिशन की तैयारियों को सुरक्षित सटीक बनाने में बेहद अहम हैं. उन्होंने आगे कहा कि आईएसएस पर शुक्ला के रहने सेभारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को पहली बार अंतरिक्ष से असली माहौल में स्वदेशी प्रणाली और प्रक्रियाओं की जांच करने का अवसर मिला. थरूर ने कहा, अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य और पौधों की वृद्धि से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोग किए गए, जिनसे तकनीकी और वैज्ञानिक प्रमाण हासिल हुएहैं. इन निष्कर्षों का सीधा उपयोग उन्नत जीवन-रक्षा और चिकित्सा प्रणाली के विकास में होगा, जो गगनयान मिशन के लिए आवश्यक हैं. साझेदारी में हासिल हुईकांग्रेस सांसद ने मिशन के कूटनीतिक महत्व की भी सराहना की और कहा कि यह सफलता अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ साझेदारी में हासिल हुई है. उन्होंने कहा, शुक्ला की यह ऐतिहासिक यात्रा अंतरिक्ष कूटनीति में भारत की भूमिका को और मजबूत करता है और यह दिखाता है कि भारत बहुपक्षीयअंतरिक्ष प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने में सक्षम है. इससे भविष्य में साधा अनुसंधान और निवेश के रास्ते खुलते हैं.थरूर ने कहा, शुक्ला की उड़ान भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वाकांक्षाओं का एक शक्तिशाली प्रतीक है। इस मिशन ने देश कीकल्पनाशक्ति को छू लिया है और एक नई पीढ़ी को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित और अंतरिक्ष के क्षेत्र में करियर चुनने के लिए प्रेरित कियाहै। यही प्रेरणा भारत की दीर्घकालिक अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को बनाए रखने के लिए जरूरी है. बहुत शानदार काम किया गया है.