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प्रधानमंत्री मोदी ने ISRO की उपलब्धियों को बताया भारत का स्वभाव, स्पेस टेक्नोलॉजी से जीवन हो रहा सरल

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में भारत मंडपम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान भारतीय अंतरिक्षयात्रीशुभांशु शुक्ला के साथ गगनयान मिशन पर जाने वाले अन्य अंतरिक्षयात्री भी मौजूद रहे. साथ ही केंद्रीय विज्ञान और तकनीक मंत्री जितेंद्र सिंह औरइसरो के चेयरमैन वी नारायणन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदीने देशवासियों को दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की बधाई दी. प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘इस बार के अंतरिक्ष दिवस की थीम आर्यभट्ट से गगनयान तक है. इसमें अतीत का आत्मविश्वास भी है और भविष्य का संकल्प भी. आज हम देख रहे हैं कि इतने कम समय में ही राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हमारे युवाओं केबीच उत्साह और आकर्षण का विषय बन गया है. यह देश के लिए गौरव की बात है प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘अंतरिक्ष क्षेत्र में एक के बाद एक नईउपलब्धि हासिल करना, ये भारत और भारत के वैज्ञानिकों का स्वभाव बन गया है. स्पेश स्टेशन भी जाएगा बनाएगादो साल पहले ही भारत ऐसा पहला देश बना था जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने का इतिहास रचा. हम उन देशों में भी शामिल हो गए हैंजिन्होंने अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग की क्षमता हासिल कर ली है. उन्होंने कहा कि ‘शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर तिरंगाफहराकर हर भारतीय को गर्व से भर दिया. जब वो तिरंगा मुझे दिखा रहे थे, जो वो पल और अनुभूति थी. वो शब्दों से परे हैं आज भारत सेमीक्रायोजेनिक इंजन और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन जैसी अहम तकनीक की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. जल्द ही अपने वैज्ञानिकों की मेहनत सेगगनयान भी सफलता की उड़ान भरेगा और आने वाले समय में भारत अपना स्पेस स्टेशन भी बनाएगा. जीवन को बना रही है आसानप्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मैंने लाल किले से कहा था कि हमारा रास्ता रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का रास्ता है। इसलिए बीते 11 वर्षों में देश ने स्पेससेक्टर एक के बाद एक लगातार बड़े सुधार किए हैं. आज अंतरिक्ष तकनीक भारत में प्रशासन का हिस्सा भी बन रही है। फसल बीमा योजना मेंसैटेलाइट की मदद से आकलन हो रहा है. मछुआरों को सैटेलाइट्स की मदद से जानकारी और सुरक्षा मिल रही है. आपदा प्रबंधन हो या पीएम गतिशक्ति आदि में भी अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. आज अंतरिक्ष में भारत की प्रगति नागरिकों का जीवन आसान बना रही है.

ईवी सब्सिडी नीति में बदलाव की तैयारी, अब स्थानीय निर्माण को मिलेगा बढ़ावा “यूपी में निर्मित वाहनों पर ही होगी सब्सिडी लागू”

उत्तर प्रदेश में अक्तूबर महीने से अब यूपी में बनने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही सब्सिडी मिलेगी. ऐसी तैयारियां की जा रही हैं. इस बाबत प्रस्तावतैयार कर शासन को भेजा गया है. इस पर अभी अंतिम निर्णय होना है ऐसा होने पर इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए प्रदेश में यूनिटें लगाईजाएंगी. इससे रोजगार भी सृजित होगा. जबकि, अभी तक देश में कहीं भी निर्मित ईवी को यूपी में खरीदने पर सब्सिडी दी जा रही है.वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की पॉलिसी लागू की गई. इसके तहत ईवी पर सब्सिडी देकर वाहनों की बिक्री को बढ़ावा दिया गया. राजधानी लखनऊ सहित प्रदेशभर में बड़ी संख्या में वाहनों की खरीदारी हुई और ग्राहकों ने सब्सिडी का लाभ उठाया. नया नियम हो सकता है लागूकरीब 60 करोड़ रुपये सब्सिडी के तहत दिए जा चुके हैं इसी क्रम में अब पॉलिसी में बदलाव किया जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि 14 अक्तूबर से यहनया नियम लागू हो सकता है. चूंकि वर्ष 2022 में उपरोक्त तारीख से ही पॉलिसी लागू की गई थी, जिसके तीन वर्ष पूरे हो रहे हैं. अधिकारियों काकहना है कि प्रदेश में बनने वाले ईवी पर सब्सिडी देने से रोजगार सृजित होंगे. बड़ी-बड़ी कंपनियों को बिक्री बढ़ाने के लिए यूपी में यूनिटें लगानी होंगी. इससे रोजगार के साथ राजस्व की भी वृद्धि होगी. इससे प्रदेश की आर्थिक उन्नति होगी.अधिकारियों ने बताया कि 14 अक्तूबर, 2022 को ईवी पॉलिसी प्रदेश में लागू की गई थी. इसके तहत तीन साल तक ईवी खरीद पर शतप्रतिशतटैक्स व पंजीकरण में छूट दी जा रही है. इतना ही नहीं जिन्होंने टैक्स व पंजीकरण शुल्क भर दिया है, उन्हें रिफंड भी किया गया. शासन को लेना है निर्णयपरिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ईवी सब्सिडी के रूप में अब तक 60 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं. इस वर्ष अप्रैल से अब तक कुल 40 करोड़ रुपये सब्सिडी दी गई है इतना ही नहीं आरटीओ स्तर से सब्सिडी देने की घोषणा के बाद सब्सिडी वितरण में तेजी आई है. अब तक 17665 वाहन मालिकों ने सब्सिडी का लाभ उठाया है, जबकि अभी भी 38285 आवेदन पेंडिंग हैं। परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने बताया कि प्रदेश में खरीदेजाने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी व टैक्स-पंजीकरण में छूट दी जा रही है. अक्तूबर में पॉलिसी के तीन साल पूरे हो जाएंगे. अब प्रदेश में बननेवाले ईवी पर सब्सिडी मिलेगी, इसे लेकर शासन को निर्णय लेना है.

पॉलीवुड को बड़ा झटका हास्य कलाकार जसविंदर भल्ला नहीं रहे, आखिरी सफर कल “CM मान ने जताया दुख”

पॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन व दिग्गज अभिनेता जसविंदर भल्ला का शुक्रवार सुबह निधन हो गया. उन्होंने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में आखिरीसांस ली. जसविंदर भल्ला 65 वर्ष के थे। भल्ला के निधन पर पंजाब फिल्म इंडस्ट्री समेत तमाम कलाकार शोक जता रहे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्रीभगवंत मान ने भल्ला के निधन पर दुख जताते हुए भावुक संदेश लिखा है. सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा… छनकटियां कीझंकार के खामोश होने से मन दुखी है. मुख्यमंत्री ने लिखा कि जसविंदर भल्ला जी का अचानक इस दुनिया से चले जाना बेहद दुखद है छनकटियां कीझंकार के खामोश होने से मन दुखी है.. वाहेगुरु उन्हें अपने चरणों में स्थान प्रदान करें. चाचा चतरा हमेशा हमारे दिलों में बसेंगे. बता दें कि जसविंदरभल्ला पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन की खबर से पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ा गई है. शोक प्रकट करने पहुंचेजसविंदर भल्ला ने अपनी अनूठी हास्य शैली और यादगार किरदारों से पंजाबी मनोरंजन जगत में अमिट छाप छोड़ी. भल्ला का अंतिम संस्कार कल(शनिवार) को मोहाली के बलौंगी के श्मशान घाट में किया जाएगा जसविंदर भल्ला के घर पर नेताओं और कलाकारों का आना शुरू हो गया है. भल्लाके पड़ोसी व पूर्व मंत्री बलबीर सिद्धू उनके घर पर शोक प्रकट करने पहुंचे हैं. आम आदमी पार्टी (आप) ने अभिनेता जसविंदर सिंह भल्ला के निधन परदुख जताया है. आप की तरफ से कहा गया कि भल्ला के निधन पर उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ दुःख साझा करती है. ‘छनकाटे’ के माध्यमसे पंजाबी कॉमेडी की नई उड़ान से लेकर सिनेमा में निभाई गई यादगार भूमिकाओं तक, उनकी हंसी पंजाबियत, सच्चाई और समाज के रंगों से जुड़ीरही. ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार व परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. कॉमेडी के जरिये लोगों को हंसायापंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने जसविंदर भल्ला के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि अपनी कला के जरिए हंसी बिखेरने वालीबुलंद आवाज जसविंदर भल्ला हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं. जसविंदर भल्ला ने न सिर्फ कॉमेडी के जरिये लोगों को हंसाया, बल्कि पंजाब कृषिविश्वविद्यालय लुधियाना के जरिये खेती-किसानों को समृद्ध बनाने में भी योगदान दिया. अपनी कला की बदौलत वह हमेशा अपने प्रशंसकों के दिलों मेंबसे रहेंगे. जसविंदर भल्ला के निधन पर मोहाली स्थित उनके घर पर कलाकारों के पहुंचने का सिलसिला लगा हुआ है. पंजाब सिंगर व एक्टर गिप्पीग्रेवाल, प्रीत हरपाल समेत अन्य कलाकार भल्ला के परिवार के साथ दुख साझा करने के लिए पहुंचे हुए हैं.

राजनाथ सिंह ने की UN महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात, कहा शांति मिशनों में महिलाओं की भागीदारी है अनमोल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र की महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की. इस मुलाकात में राजनाथ सिंह नेयूएन मिशन में में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की. रक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि भारत, संयुक्त राष्ट्र मिशन में महिलाओं की भागीदारी काप्रबल समर्थक है.संयुक्त राष्ट्र की महिला सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज यहां संयुक्त राष्ट्र के 15 देशों की सैन्यअधिकारियों की उपस्थिति संयुक्त राष्ट्र की एकता और सहयोग की उसकी भावना को दर्शाती है. संयुक्त राष्ट्र ने शांति अभियानों में महिलाअधिकारियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं. महिला अधिकारी शांति अभियानों में बहुमूल्य दृष्टिकोण लाती हैं वे अक्सर स्थानीयसमुदायों के साथ गहरा विश्वास बढ़ाने में सक्षम होती हैं और उनकी उपस्थिति यौन हिंसा को रोकने, मानवीय सहायता तक पहुंच में सुधार और लैंगिकसमानता को बढ़ाने में मददगार साबित हुई है. नीतियों को कर रहे मजबूतमहिला शांति सैनिक रोल मॉडल के रूप में काम करती हैं, स्थानीय महिलाओं और लड़कियों को प्रेरित करती हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘संयुक्त राष्ट्रशांति अभियानों में सबसे बड़ा योगदानकर्ता होने के नाते, भारत महिलाओं की भागीदारी और मिशनों में एकीकरण का प्रबल समर्थक रहा है हमारीविरासत 1960 के दशक में कांगो में महिला चिकित्सा अधिकारियों के साथ शुरू हुई, और आज भी हम लैंगिक असमानताओं को पाटने के लिए ठोसकदम उठा रहे हैं. हम महिला अधिकारियों को शांति अभियानों के लिए तैयार करते हैं, और हम अपने सशस्त्र बलों और शांति अभियानों में महिलाओंकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियों को भी मजबूत कर रहे हैं. लड़कियों को करती है प्रेरितताकि महिलाओं को नेतृत्व और सेवा के समान अवसर मिलें. हम लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, समावेशी नेतृत्व को बढ़ावा देने और एक ऐसी दुनियाबनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र और सैन्य योगदान देने वाले देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे जहां शांति न केवल स्थायी हो, बल्कि विविधताऔर समानता के माध्यम से फले-फूले भी. राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘यूएन मिशन में महिलाओं की उपस्थिति यौन हिंसा को रोकने, मानवीय सहायतातक पहुंच में सुधार और लैंगिक समानता को बढ़ाने में मददगार साबित हुई है. महिला शांति सैनिक रोल मॉडल के रूप में काम करती हैं स्थानीयमहिलाओं और लड़कियों को प्रेरित करती हैं.

भगदड़ पर भाजपा को घेरा, सीएम सिद्धारमैया ने पूछा– क्या कुंभ हादसे के बाद योगी ने इस्तीफा दिया? जानें क्या है पूरा मामला

बंगलूरू भगदड़ मामले को लेकर लगातार विपक्ष के हमलों का सामना कर रहे कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने महाकुंभ भगदड़ को लेकर सवाल उठायाहै. उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में भगदड़ के बाद क्या योगी आदित्यनाथ ने इस्तीफा दे दिया? भाजपा शासित राज्यों में 20 भगदड़ की घटनाएं हुईं. विधानसभा में उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में हुई भगदड़ की घटनाओं की सूची पेश की. साथ ही चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ के लिएसामूहिक उन्माद को जिम्मेदार ठहराया. बंगलूरू में भगदड़ पर विधानसभा में चर्चा का जवाब देते हुए सीएम सिद्धारमैया ने भगदड़ की घटनाओं की सूचीपढ़ी. इसमें तीन अगस्त 2008 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर में हुई भगदड़ का जिक्र किया गया. तब प्रेम सिंह धूमलमुख्यमंत्री थे इसके बाद 2008 में जोधपुर में हुई भगदड़ में 250 लोग मारे गए थे. दुख किया व्यक्तसिद्धारमैया ने जिन भगदड़ की घटनाओं का जिक्र किया उनमें 2013 में रतनगढ़, 2021 में हरिद्वार, 2023 में मध्य प्रदेश के सीहोर और 2024 में उत्तरप्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ शामिल है. उन्होंने जनवरी में कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में हुई भगदड़ का भी जिक्र किया. इसके अलावा उन्होंने2022 में गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे का भी जिक्र किया. सिद्धारमैया ने सवाल किया कि प्रयागराज में कुंभ मेले में हुई भगदड़ के बाद क्यायोगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया? इस भगदड़ में 39 लोग मारे गए थे। मेरे 42 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसीघटना कभी नहीं हुई. मैंने कभी भगदड़ में 11 लोगों को मरते नहीं देखा। मुझे दुख है. मैंने उसी दिन अपना दुख व्यक्त किया था. 11 लोगो को नहीं देखा मरतेउन्होंने कहा कि आईपीएल मैच में आरसीबी की जीत को लोगों ने बंगलूरु का गौरव समझा. भगदड़ के पीछे इसी से पैदा हुआ जन उन्माद ही था. लोकतंत्र में हमें कभी-कभी लोगों की उम्मीदों के आगे झुकना पड़ता है। यही लोकतंत्र की निशानी है। बंगलूरू में भगदड़ पर विधानसभा में चर्चा काजवाब देते हुए सीएम सिद्धारमैया ने भगदड़ की घटनाओं की सूची पढ़ी. सिद्धारमैया ने कहा कि मेरे 42 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसी घटना कभीनहीं हुई। मैंने कभी भगदड़ में 11 लोगों को मरते नहीं देखा.

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत का खुलासा, “खनन माफिया से आए पैसों से भाजपा ने बनाई 30 करोड़ की एफडी”

सीबीआई और ईडी जांच एजेंसियों की पकड़ ढीली पड़ते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की पूरी अकड़ भी दिखने लगी है पूरे कड़क अंदाजमें उन्होंने सनसनीखेज खुलासा किया कि भाजपा ने खनन माफिया के पैसे से बैंक में 30 करोड़ की एफडी बनाई. डॉ. रावत का यह वीडियो सोशलमीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह राज्य सरकार की खनन नीति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. एक दिन पहले ही उन्होंनेसीबीआई और ईडी की जांच में क्लीन चिट मिलने का दावा किया और उसके बाद उन्होंने कांग्रेस भवन में मीडियाकर्मियों के समक्ष सत्तारूढ़ भाजपा परहमला बोला. वायरल वीडियो में डॉ. रावत कह रहे हैं, मैं सच कहूं, भाजपा को चलाने के लिए जो 30 करोड़ की एफडी बनी है, मैंने भी उसमें एककरोड़ रुपये दिए हैं मैं उस समय वन मंत्री था मैंने भी खनन माफिया से लाकर पैसा दिया. नहीं होना चाहिए कोई नुकसानमेरे में भी दोष है, मैं तो कहता हूं मेरी भी जांच होनी चाहिए. वह यहीं चुप नहीं होते हैं कहते हैं, 30 करोड़ की एफडी में किस-किस ने पैसा दिया है, ईडी ईमानदारी से जांच कर ले तो, पूरी भाजपा जेल में होगी. मैं वन मंत्री था तो मैंने रामनगर और हल्द्वानी में जाकर खनन ठेकेदारों से कहा कि 10-10 लाख के चेक लाओ. हरक कहते हैं कि भाजपा सरकार खनन पर अपना डंका पीट रही है, लेकिन खनन पट्टों के आवंटन सही नहीं है. उनका कहना हैकि ऊधमसिंह नगर में खनन पट्टे बांटे जाने के नाम पर लूट मची है आगे वह कहते हैं कि वह खनन के खिलाफ नहीं हैं खनन होना चाहिए लेकिनतकनीकी तरीके से आसपास की बस्तियों को नुकसान नहीं होना चाहिए. कथित भूमि का आवंटनउन्होंने खनन पट्टों के आवंटन की तुलना पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के समय में ऋषिकेश में कथित भूमि आवंटन से की. कहा कि खनन केपट्टों के आवंटन की ईडी जांच करे तो सरकार भी जेल में होगी. पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत एक बार फिर अपने बयानों को सुर्खियों में हैं. उनका एकवीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि भाजपा को चलाने के लिए जो 30 करोड़ की एफडी बनी है, मैंने भी उसमें एककरोड़ रुपये दिए हैं। मैं उस समय वन मंत्री था. मैंने भी खनन माफिया से लाकर पैसा दिया.

राहुल गांधी का बड़ा आरोप बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर कर रहे वोट चोरी, बिहार में नहीं करने देंगे दोबारा

राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को संबोधित करते हुए कहा – नमस्कार आपका मूड कैसा है आज (जनसभा ने कहा- अच्छा है). मुंगेर का मूडकैसा है (जनसभा ने कहा- अच्छा है).कुछ सालों से चुनाव हो रहे हैं और पब्लिक का मूड एक होता है और नतीजा दूसरा निकलता है. सब लोगों कोलग रहा था कि चुनाव में कुछ ना कुछ गलत है. महाराष्ट्र में पहली बार सबूत मिला कि इलेक्शन कमीशन और बीजेपी मिलकर चुनाव चोरी कर रहे हैं. लोकसभा में हमारा गठबंधन जीतता है. चार महीने बाद बीजेपी का गठबंधन जीतता है. फर्क क्या था – फर्क था कि तकरीबन एक करोड़ नए लोगों नेवोट किया. जिन्होंने लोकसभा में वोट नहीं किया, सिर्फ विधानसभा में उन्होंने वोट किया। ये लोग और ये वोट सारे के सारे बीजेपी के गठबंधन में गए. हमारा वोट कम नहीं हुआ. बीजेपी का वोट बढ़ा और जहाँ भी ये नए वोटर आए थे वहाँ पर बीजेपी की जीत हुई. उसके बाद हमने इंक्वायरी की औरकर्नाटक में बेंगलुरु सेंट्रल सीट में दूध का दूध, पानी का पानी हो गया. वहाँ पर एक लाख फर्जी वोट इलेक्शन कमीशन ने एक्स्ट्रा डाल रखे थे. हमनेप्रेस कॉन्फ्रेंस की। चीफ इलेक्शन कमिश्नर से पूछा- आप बताइए, ये एक लाख लोग कहाँ से आए? कोई जवाब नहीं मिला. हमने उनसे कहा – वीडियोग्राफी दिखाइए। उन्होंने कानून बदल दिया. नहीं करने देंगें वोट चोरीतेजस्वी जी, मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं और आने वाले समय में ये बिहार को दिखेगा, पता लगेगा. पिछला जो चुनाव था, जो हमारागठबंधन हारा था, वो चुनाव भी इन लोगों ने चोरी किया होगा। हर प्रदेश में नरेंद्र मोदी, बीजेपी और इलेक्शन कमीशन मिलकर वोट चोरी कर रहे हैंऔर इस बार हमें पता लग गया है, हमारे हाथ में सबूत है. हम बिहार में इनको एक वोट चोरी नहीं करने देंगे. इसलिए हमने ये यात्रा निकाली है. बिहारकी शक्ति इस यात्रा में दिख रही है. बिहार के युवाओं की आवाज इस यात्रा में सुनाई दे रही है. जरा मोदी जी को बताइए वोट चोर (जनसभा ने कहा- गद्दी छोड़). वोट चोर (जनसभा ने कहा- गद्दी छोड़). वोट चोर (जनसभा ने कहा- गद्दी छोड़)। ये जो आवाज है, सुनामी जैसे बिहार से निकल आएगीऔर हर प्रदेश में ये फैलेगी और अंत में पूरे देश को पता लग जाएगा कि नरेंद्र मोदी (जनसभा ने कहा- चोर है). नरेंद्र मोदी (जनसभा ने कहा – चोर है). नरेंद्र मोदी (जनसभा ने कहा- चोर है). क्या चोरी करता है (जनसभा ने कहा- वोट चोरी) क्या चोरी करता है (जनसभा ने कहा- वोट चोरी)। क्या चोरीकरता है (जनसभा ने कहा- वोट चोरी) नरेंद्र मोदी… वोट चोर। अब सवाल उठता है – ये वोट चोरी क्यों करते हैं? चुनाव किया चोरीमैं आपको बताता हूं आप देखिए, मैं आपको साफ बता देता हूंय महाराष्ट्र का चुनाव क्यों चोरी किया गया,… चुनाव इसलिए चोरी किया गया. क्योंकिवहां पर लाखों करोड़ रुपए की जमीन धारावी में थी और वो जमीन इन लोगों को अडानी को दिलवानी थी. ये जो चोरी की जा रही है, ये आपकोबेरोजगार बनाने के लिए की जा रही है। अडानी को, अंबानी को बिहार का, महाराष्ट्र का, हर प्रदेश का पूरा का पूरा धन दिलवाने के लिए दिया जा रहाहै। ये चाहते हैं कि बिहार की जनता, बिहार के युवा प्राइवेट यूनिवर्सिटी, कॉलेज में जाएं, अपना पैसा लाखों रुपए उन्हीं अरबपतियों को दें. उसके बादरोजगार ना मिले, ये ऐसा हिंदुस्तान चाहते हैं. भाइयों और बहनों… वोट चोरी इसलिए हो रहा है, क्योंकि आपका धन, आपका भविष्य चुराना चाहते हैं, अडानी और अंबानी जैसे लोगों का भविष्य बनाना चाहते हैं और यही काम यहाँ हो रहा है, यही काम गुजरात में हो रहा है, यही काम महाराष्ट्र में, यहीकाम मध्य प्रदेश में, यही काम उत्तर प्रदेश में। और इस बार हम बिहार में इनको रोकने जा रहे हैं और देखना, बिहार… जैसे तेजस्वी जी ने कहा… बिहारके युवाओं से कोई इस बार वोट चोरी नहीं कर पाएगा। आपको… मैं अब यहाँ पर चार-पांच दिन से यात्रा में हूं – वोटर अधिकार यात्रा… और मैंआपको बताना चाहता हूं, हजारों युवाओं से मिला हूं और सारे के सारे कह रहे हैं… दो चीजें कह रहे हैं, पहला- हमें रोजगार चाहिए। हमें कर्नाटक मेंनहीं, तेलंगाना में नहीं, बिहार में रोजगार चाहिए और दूसरी बात- वोट चोर (जनसभा ने कहा- गद्दी छोड़)। वोट चोर (जनसभा ने कहा- गद्दी छोड़)। वोटचोर (जनसभा ने कहा- गद्दी छोड़) ये दो नारे हैं. एक – हमें रोजगार चाहिए, दूसरा – वोट चोर, गद्दी छोड़.

कांग्रेस नेता अजय राय ने किया बड़ा एलान, हर फर्जी मुकदमे के खिलाफ खड़ी होगी कांग्रेस की ‘न्याय योद्धा’ टीम” वोटर लिस्ट “धांधली के खिलाफ कानूनी मोर्चा संभालने की तैयारी”

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मा0 अजय राय जी, पूर्व मंत्री ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण विषय पर प्रेसवार्ता कोसम्बोधित किया. प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के कोऑर्डिनेटर आसिफ रिज़वी रिंकू एवं विधि विभाग के प्रदेश चेयरमैन नितिनकुमार मिश्रा, मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष श्रीवास्तव हिंदवी, प्रदेश प्रवक्ता सचिन रावत जी शामिल रहे. प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुएप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मा0 अजय राय जी, पूर्व मंत्री ने कहा कि योगी सरकार में जिस तरह सच बोलने पर तथा सरकार की कुनीतियों का विरोध करनेपर फर्जी मुकदमे लादे जा रहे हैं. उसमें न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता बल्कि पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी पिस रहे हैं। हम अपने विधि विभाग कानए सिरे से पुनर्गठन कर न्याय योद्धा बनाऐंगे. अजय राय ने बताया कि यह न्याय योद्धा सरकारी तानाशाही के शिकार लोगों को कानूनी रूप से न्यायदिलाएंगे और सच और इंसाफ की लौ जलाए रखेंगे. उन्होंने कहा कि विधि विभाग के सिपाही वोट चोरी और चुनाव आयोग के भ्रष्ट मॉडल के खिलाफजननायक श्री राहुल गांधी जी के आंदोलन को और धार देने का काम करेंगे. इतना ही नहीं वोटर लिस्ट में हो रही धाँधलियों को उजागर कर जिनके भीनाम काटे जा रहे हैं उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करेंगे. आर्थिक सहायता करने की मांगप्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए विधि विभाग के प्रदेश कोऑर्डिनेटर आसिफ रिज़वी रिंकू ने कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार ने लगभग 1719 मुकदमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक प्रतिशोध के चलते दर्ज कराएं हैं। हम अपने सभी भाईयों को कानूनी सहायता प्रदान करेंगे और इनके साथ खडे़ होकर बल प्रदान करेंगे. आसिफ रिज़वी ने कहा कि अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिए संघर्ष किया जाएगा. कचहरियों में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए व्यवस्था हेतु प्रयास किया जायेगा. जूनियर अधिवक्ताओं को (पांच साल तक) स्टाइपेन्ड दिलाने केलिए संघर्ष किया जाएगा। वकीलों का 1000000/-(दस लाख रुपये) तक का बीमा कराए जाने का वादा योगी सरकार द्वारा किया गया था जिससेवह बाद में हमेशा की तरह मुकर गई। सरकार पर दबाव बनाकर अधिवक्ताओं की इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा कराया जाएगा इसके साथ ही मृतकअधिवक्ताओं के परिजनों को 2000000/-(बीस लाख रुपये) की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मांग की जाएगी. आगे भी रहेगा जारीप्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन नितिन कुमार मिश्रा ने कहा कि हम समय-समय पर अधिवक्ताहितों के लिए संघर्ष करते रहे हैं और आगे भी जारी रखेंगे. हम अधिवक्तागण सरकार द्वारा की जा रही तानाशाही के खिलाफ मोर्चा लेने के लिएसंकल्पित हैं. हम कांग्रेस के विधि विभाग में अपने न्याय योद्धाओं के जरिए इंसाफ की आस को बनाए रखेंगे.प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेसकमेटी के अध्यक्ष मा0 अजय राय जी के समक्ष उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी विधि विभाग जनपद कानपुर के चेयरमैन प्रतीक शर्मा के नेतृत्व में जनपद कानपुरसे मयंक वर्मा, मनीष पोरवाल, रोहन मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, अमित यादव, अजीत अग्निहोत्री, आनंद तिवारी, वैभव शुक्ला, आस्तिक तिवारी, जितेन्द्रकुमार, शिवेन्द्र तिवारी आदि अधिवक्ता गणों ने कांग्रेस पार्टी में अपनी आस्था जताते हुए आज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश कांग्रेसअध्यक्ष अजय राय ने सभी के गले में कांग्रेस तिरंगा पट्टिका पहनाकर तथा पार्टी का सदस्यता कार्ड देकर विधिवत रूप से कांग्रेस की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ज्वाइनिंग प्रभारी नितिन शर्मा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष शरद मिश्रा जी मुख्यरूप से मौजूद रहे.

दिल्ली में भारत-अमेरिका रक्षा वार्ता सैन्य खरीद और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा, ‘युद्ध अभ्यास’ और 2+2 बैठक की तैयारी तेज

भारत और अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को दिल्ली में बैठक कर रक्षा खरीद से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की दोनों देशों ने आपसी रक्षासाझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई. ये मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंपर की हालिया टैरिफ नीति केकारण दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी दिख रही है. रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग केडिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी (दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया) डॉ. एंड्रयू बायर्स ने भारत के संयुक्त सचिव (समुद्री एवं सिस्टम अधिग्रहण) दिनेश कुमार सेमुलाकात की. संस्करण किया जाएगा आयोजितबैठक में रक्षा खरीद के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई और सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले सप्ताह मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी दोनों देशों के द्विपक्षीयरिश्तों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. उन्होंने बताया कि यह सहयोग कई क्षेत्रों में मजबूत हुआ है और अगस्त के अंत तक 2+2 अंतर-सत्रीय बैठक भी होनेकी संभावना है. इसके अलावा इस माह अलास्का में भारत-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का 21वां संस्करण आयोजित कियाजाएगा. संस्करण की तैयारी जोर परबता दें कि पिछले महीने भी ऑस्ट्रेलिया में हुए ‘एक्सरसाइज टैलिस्मन सेबर 2025’ के दौरान दोनों देशों के शीर्ष रक्षा अधिकारियों ने द्विपक्षीय वार्ताकी थी. इसमें रणनीतिक सैन्य सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने को लेकर कई अहम विषयों पर सहमति बनी थी. दिल्ली में भारत-अमेरिका रक्षा अधिकारियों की बैठक में सैन्य खरीद और रणनीतिक सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई. दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी कोऔर मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई जल्द ही 2+2 बैठक और ‘युद्ध अभ्यास’ के 21वें संस्करण की तैयारी भी जोर पर है.

गवाहों की सुरक्षा के लिए धामी कैबिनेट ने दी उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना-2025 को मंजूरी, पुराना कानून रद्द

मुकदमों के गवाहों की सुरक्षा के लिए धामी कैबिनेट ने बुधवार को उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना-2025 को मंजूरी दे दी है. इस योजना से न्यायव्यवस्था को सशक्त और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी इसके लिए राज्य साक्षी संरक्षण समिति का भी गठन किया गया है इसकी व्यवस्था भारतीयनागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) में की गई है. इससे पहले उत्तराखंड में साक्षी संरक्षण अधिनियम 2020 लागू था. पिछले साल एक जुलाई सेपूरे देश में सीआरपीसी के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 (बीएनएसएस) लागू हो चुकी है. बीएनएसएस की धारा 398 में गवाहोंकी सुरक्षा के लिए साक्षी संरक्षण योजना लागू करने का प्रावधान है. की गई भौतिक सुरक्षा व्यवस्थाइस धारा में गवाहों की सुरक्षा को परिभाषित किया गया है इसके तहत सभी प्रदेशों को साक्षी संरक्षण योजना लागू करने के लिए कहा गया था इसीक्रम में पिछली कैबिनेट में नई योजना लागू होने से पहले साक्षी संरक्षण अधिनियम 2020 को रद्द करने के लिए मंजूरी दी गई थी. इसके बाद अबप्रदेश में उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. योजना के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, संपर्क विवरण में बदलाव, भौतिक सुरक्षा व्यवस्था की गई है. कानून का रद्द करने पर बनी थी सहमतियही नहीं आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता जैसी सुरक्षा उपायों का भी प्रावधान इस योजना में किया गया है सभी निर्णयों में गोपनीयता को सर्वोच्चप्राथमिकता दी गई है. इसके लिए गठित हुई साक्षी संरक्षण समिति में न्यायपालिका, पुलिस और जनपद स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कियागया है यह समिति साक्षियों (गवाहों) की सुरक्षा आवश्यकता का आकलन कर समयबद्ध रूप से उपयुक्त संरक्षण उपाय सुनिश्चित करेगी.मुकदमों के गवाहों की सुरक्षा के लिए साक्षी संरक्षण योजना को धामी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। पिछली कैबिनेट में पहले से चले आ रहे कानून कोरद्द करने पर सहमति बनी थी.