राहुल गांधी देश में जेन-जेड के नाम पर गृहयुद्ध भड़काना चाहते, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लगाए गंभीर आरोप “जानें क्या कुछ कहा”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जेन जेड को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने तीखीप्रतिक्रिया दी है दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत में गृहयुद्ध भड़काना चाहते हैं और सोरोस फाउंडेशन के साथ मिलकर देश को बांटने कीकोशिश कर रहे हैं उन्होंने कहा कि भारत में अगर जेन-जेड उठ खड़ा हुआ, तो कांग्रेस और उसके साथी दलों को देश छोड़कर भागना पड़ेगा. निशिकांत दुबे ने कहा, जेन-जेड का मतलब अगली पीढ़ी, युवा और अपने देश के बारे में कैसे फैसला लेना चाहते हैं और सरकार बदलना चाहते हैं. जेन जेड भारत में पहले ही भारत में ऐसा कर चुका है अन्ना और अरविंद हजारे का आंदोलन जेन-जेड का ही नतीजा था निर्भया कांड के दौरान 2013 मेंएक लाख लोग सड़कों पर थे, लेकिन भाजपा ने हिंसा को न भड़काने का फैसला किया. राहुल गांधी नेपाल और बांग्लादेश में जो हुआ, राहुल गांधीउससे खुद को जोड़ना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा, दोनों जगहों पर जेन-जेड आंदोलन भाई-भतीजावाद और परिवारवाद के खिलाफ था। परिवारवादकहा हैं? यह दशकों से गांधी परिवार में है अगर वह जेन-जेड को भड़काना चाहते हैं, तो मैं राहुल गांधी के साथ हूं. पाली जेन–जेड एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहतापूरी कांग्रेस पार्टी को देश से फरार होना पड़ेगा नेपाल और बांग्लादेश में जेन-जेड भ्रष्टाचार के खिलाफ था यहां सभी घोटाले कांग्रेस ने किए हैं पिछले11 वर्षों में हम पर किसी घोटाले का आरोप नहीं लगा है. जेन-जेड संविधान में संशोधन की मांग कर रहा है बांग्लादेशी जेन-जेड एक इस्लामी राष्ट्रबनाना चाहता था और नेपाली जेन-जेड एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहता है भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, लेकिन अगर जेन-जेड हिंदू राष्ट्र की मांग करे, तोआप क्या करेंगे? सिर्फ कांग्रेस ही नहीं उनके सहयोगी दल भी वंशवादी हैं राहुल गांधी भारत में गृहयुद्ध भड़काना चाहते हैं. उन्होंने आगे आरोप लगाया, उसी गृहयुद्ध का इस्तेमाल करके राहुल गांधी के दादा (देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल) नेहरू ने देश का बंटवारा किया था वह सोरोस फाउंडेशनके साथ मिलकर देश को बांट रहे हैं भाजपा जेन-जेड के साथ खड़ी है कांग्रेस और उसके सहयोगी देश छोड़कर भागते नजर आएंगे. भाजपा सांसद नेआगे कहा, हम जेन-जेड आंदोलन के साथ हैं हम इसे रोकने की बात नहीं कर रहे हैं भाजपा में कोई भी डरता नहीं है केजरीवाल जेन-जेड आंदोलन कीवजह सत्ता में आए बाद में उन्होंने भ्रष्ट कांग्रेस, लालू प्रसाद यादव और स्टालिन के साथ समझौता किया और यूपीए के साथ लोकसभा चुनाव लड़ा।निर्भया कांड के दौरान जेन-जेड आंदोलन हुआ था अगर जेन-जेड आंदोलन फिर से होता है तो भाजपा उस आंदोलन का समर्थन करेगी.चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी से भाग रहाउन्होंने कहा, इन भ्रष्ट, परिवारवादी नेताओं को 140 करोड़ लोगों में अपने परिवार के अलावा कोई नजर नहीं आता पिछले डेढ़ साल से नमो ऐप परएक पूरा अभियान चल रहा है और प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि हम पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में लाना चाहते हैं. उन्हें राजनीतिक कार्यकर्ता बनानाचाहते हैं हम इस आंदोलन को और तेज करेंगे ये सब लोग राहुल गांधी, अखिलेश, स्टालिन, ममता, लालू या तेजस्वी यादव देश छोड़ते नजर आएंगे।वहीं, राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, जिस तरह से चीजें चुराई जा रही हैं और सरकार सत्ता में बने रहने केलिए सिस्टम से छेड़छाड़ कर रही है, उसे पूरा देश देख रहा है चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है क्या लोकतंत्र को बचाना केवल राहुलगांधी की जिम्मेदारी है? सबूत मांगने के बजाय चुनाव आयोग किसी तीसरे पक्ष से स्वतंत्र जांच का आदेश क्यों नहीं देता? भाजपा चुनाव आयोग कोसही ठहरा रही है। यही वजह है कि हमने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलीभगत कर रहे हैं. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा मेंविपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह जेन-जेड को भड़का कर भारत में गृहयुद्ध शुरू करना चाहते हैं और सोरोस फाउंडेशन के साथमिलकर देश को बांटने की साजिश रच रहे हैं दुबे ने कहा कि अगर जेन जेड फिर से आंदोलन करता है तो भाजपा उसका समर्थन करेगी.
पाकिस्तान पर कांग्रेस का प्रेम या रणनीति? सैम पित्रोदा के बयान पर भाजपा का बड़ा हमला

भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला और आरोप लगाया कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले (26/11) के बाद भी कांग्रेस सरकार नेपाकिस्तान पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया. भाजपा ने कहा कि इसकी वजह कांग्रेस का पाकिस्तान के प्रति अनवरत प्रेम था मामला तब गरमा गयाजब कांग्रेस के ओवरसीज विभाग प्रमुख सैम पित्रोदा का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में घर जैसा महसूस हुआ.सैम पित्रोदा का यह बयान विपक्ष के लिए हथियार बन गया भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे राहुल गांधी की सोच से जोड़ते हुए कहा कि राहुलगांधी के सबसे करीबी और कांग्रेस ओवरसीज प्रमुख सैम पित्रोदा पाकिस्तान को अपना घर बताते हैं यही वजह है कि यूपीए सरकार ने 26/11 जैसेहमले के बाद भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कदम नहीं उठाया. प्रदीप भंडारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि पाकिस्तान का पसंदीदा और कांग्रेसका चुना हुआ! उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विदेश नीति हमेशा पाकिस्तान को खुश करने वाली रही है भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने आतंकवाद परकठोर रुख दिखाने की बजाय पाकिस्तान की स्थितियों को समझने और उनका पक्ष लेने की कोशिश की. पित्रोदा गांधी परिवार के करीबीइसको लेकर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कांग्रेस पर खूब हमला बोला इस दौरान भंडारी ने कहा कि क्या कोई देशभक्त कभी यह कह सकता है किआतंकी राज्य पाकिस्तान उसके लिए घर जैसा है? उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति के तहत आया है और यह 140 करोड़ भारतीयों व शहीद सैनिकों का अपमान है. भंडारी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पित्रोदा गांधी परिवार के करीबी हैं और लंबेसमय से उनकी रणनीति तय करते हैं उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में आईएसआई एजेंट शाहिद अफरीदी ने राहुल गांधी को आइडल कहा था औरअब उनका नजदीकी पाकिस्तान को घर बता रहा है भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले भी कह चुके हैं कि वह भारतीय राज्य से लड़नाचाहते हैं भाजपा ने इसे देश की संप्रभुता पर हमला और कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी सोच करार दिया. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस परजमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पाकिस्तान को बचाने की कोशिश की. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने आतंकवादीहाफिज सईद से यासीन मलिक के जरिए बातचीत की, 26/11, समझौता, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों में पाकिस्तान को क्लीन चिटदी. अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करने का कामपूनावाला ने आगे कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पाकिस्तान की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करने का काम किया उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेअनुच्छेद 370 पर पाकिस्तान की स्थिति को समर्थन दिया और सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को 80 प्रतिशत पानी दिया. पूनावाला ने कांग्रेसको इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस तक कह दिया. भाजपा ने कहा कि कांग्रेस का रवैया देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान पर चोट पहुंचाने वाला रहा हैभाजपा नेताओं का कहना है कि 26/11 जैसे बड़े हमले के बाद भी यदि सख्ती नहीं दिखाई गई तो यह कांग्रेस की मानसिकता और उसके पाकिस्तानप्रेम को दर्शाता है भाजपा ने इस मुद्दे को आगे बढ़ाकर चुनावी राजनीति में कांग्रेस पर दबाव बनाने का इशारा भी दिया है. जहां भाजपा नेताओं केबयानों ने माहौल गरमा दिया है, वहीं कांग्रेस की तरफ से अभी तक इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है भाजपा ने साफ कर दिया है किवह इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है और हर मंच पर कांग्रेस के पाकिस्तान प्रेम का मुद्दा उठाएगी.
अमित मालवीय का आरोप आतंकवादी से मुलाकात पर UPA ने कहा था धन्यवाद, क्या देश की सुरक्षा से हुआ था समझौता?”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने शुक्रवार को अलगाववादी यासीन मलिक के दावे को ‘चौंकाने वाला’ बताया। मलिक ने कहा कि साल 2006 में जब उसने पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के सरगना और 26/11 हमले के मास्टरइमाइंड हाफिज सईद सेमुलाकात की थी, तब मुलाकात के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उसे इसके लिए ‘धन्यवाद’ कहा था मलिक अभी तिहाड़ जेल में बंद हैऔर आंतकवादी फंडिंग के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है. यासीन मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है इसहलफनामे में उसने कहा कि पाकिस्तान में हाफिज सईद से मुलाकात के बाद उसने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारएमके नारायणन को इसकी जानकारी दी थी. मुलाकात के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उसे व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दियाअमित मालवीय ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस पूरे घटनाक्रम को ‘चौंकाने वाला’ बताया और दावा किया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नेएक आतंकवादी फंडिंग के दोषी को ‘धन्यवाद’ कहा। मालवीय ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यूपीए सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर थी.अपने एक्स पोस्ट में अमित मालवीय ने लिखा कि जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का आतंकवादी यासीन मलिक ने एक चौंकाने वालादावा किया है, जो फिलहाल आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट में 25 अगस्त को दिए हलफनामे में मलिक नेकहा कि उसने 2006 में पाकिस्तान जाकर हाफिज सईद से मुलाकात की थी, जो लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और 26/11 का मास्टरमाइंड है।मलिक के मुताबिक यह मुलाकात उसकी अपनी पहल पर नहीं, बल्कि भारत की खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर हुई थी यहमुलाकात उस समय एक बैक-चैनल का हिस्सा थी मलिक ने कहा कि इस मुलाकात के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उसे व्यक्तिगत रूपसे धन्यवाद दिया था. अपराधी पर कानून की पूरी सख्ती लागू होनी चाहिएमालवीय ने आगे लिखा कि यासीन मलिक एक कट्टर आतंकवादी है, जिसने वायुसेना के तीन कर्मियों की हत्या की थी. यह देश के खिलाफ युद्ध छेड़नेजैसा अपराध है और ऐसे अपराधी पर कानून की पूरी सख्ती लागू होनी चाहिए. अगर यासीन मलिक के ये नए दावे सच हैं, तो यह यूपीए सरकार कीराष्ट्रीय सुरक्षा नीति और गोपनीय वार्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. यासीन मलिक ने अपने हलफनामे में यह भी दावा किया कि पाकिस्तान मेंभूकंप राहत कार्य के लिए यात्रा के दौरान उसकी सईद और अन्य लोगों से मुलाकात भारत की खुफिया एजेंसी (आईबी) के अनुरोध पर हुई थी मलिकका कहना है कि वह शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा था, लेकिन बाद में इसी मुलाकात को तोड़-मरोड़ पेश किया गया और उसेआतंकवादी घोषित कर दिया गया. इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा, क्या कोई यह कह सकता है कि मनमोहन सिंह देशभक्त नहीं थे? ये सारे दावे बेबुनियाद हैं। आतंकवाद, आतंकवाद होता है और उससे कोई समझौतानहीं किया जा सकता। आज (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के साथ किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है हमारे शासन के दौरान26/11 जैसा हमला हुआ और ऐसी कई घटनाएं हुईं। लेकिन कोई भी सरकार आतंकवाद पर समझौता नहीं कर सकती लेकिन एक बात सच है- अगर26/11 के बाद मोदी सत्ता में हो
2027 की सियासी जमीन तोड़ने की कोशिश में मायावती, दलित-पिछड़ा समीकरण फिर से साधने की तैयारी

बहुजन समाज पार्टी यूपी की सियासत में एक बार फिर अपने लिए मजबूत भूमिका की तलाश में है इसके लिए पार्टी नौ अक्टूबर को लखनऊ केकांशीराम स्मारक स्थल पर बड़ी जनसभा करने की तैयारी कर रही है बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम मेंलाखों लोगों के पहुंचने की संभावना है। यूपी की राजधानी में बड़ी रैली कर मायावती अपनी वापसी के मजबूत संकेत देना चाहती हैं. इसे मायावती केद्वारा 2027 के यूपी चुनाव की शंखनाद भी माना जा रहा है बड़ा प्रश्न यह है कि मायावती की ये कोशिशें कितनी सफल होंगी? बसपा के मजबूत होनेसे भाजपा के समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा? अखिलेश यादव ने जिस पीडीए समीकरण के सहारे पिछले लोकसभा चुनाव में सफलता पाई है, उनसमीकरणों में नई परिस्थितियों में क्या परिवर्तन आ सकता है? पिछले तीन लोकसभा चुनावों और तीन यूपी विधानसभा चुनावों में बसपा लगातारकमजोर होती गई है। उसके परंपरागत वोट बैंक का एक छोटा हिस्सा ही उसके साथ रह गया है बसपा के खराब प्रदर्शन से निराश दलित और अतिपिछड़े मतदाताओं ने धीरे-धीरे भाजपा और सपा की ओर रुख कर लिया है इन समर्थकों में एक बड़ा वर्ग आज भी ऐसा है जो दिल से बसपा से जुड़ाहुआ है, लेकिन अपना वोट खराब न करने के कारण दूसरे दलों के साथ जुड़ गया है.पिछड़ों को अपने साथ वापस लाने पर काम कर रही हैयदि मायावती इस वर्ग के लोगों के बीच यह भरोसा पैदा करने में सफल हो जाती हैं कि वे पूरी मजबूती के साथ वापसी करने के लिए तैयार हैं तोपहली कोशिश में ही इस वर्ग का एक हिस्सा वापस उनके साथ जुड़ सकता है. बसपा दलित मतदाताओं के स्वाभिमान के तौर पर उभरी थी दलितमतदाता बसपा को अपनी पहचान के तौर पर देखता था वह दूसरे दलों की ओर गया है, लेकिन उसके मन में अपनी पहचान को लेकर एक छटपटाहटआज भी साफ महसूस की जा रही है यदि मायावती और आकाश आनंद इस वर्ग में अपनी पहचान का मुद्दा फिर से जीवित कर सकें तो वह उनके साथवापस आ सकता है और यह बसपा की वापसी का मजबूत आधार बन सकता है यदि बसपा अपना यह कोर वोट बैंक अपने साथ वापस लाने मेंसफल रही तो गैर यादव अति पिछड़ा ओबीसी वर्ग भी उसके साथ वापस आ सकता है. अपने आपको मजबूत करने के लिए बसपा ब्राह्मण सम्मेलनदुबारा करने की योजना बना चुकी है। इसकी शुरुआत जल्द ही सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में की जाएगी. इसके अलावा वह मुसलमानों, अति पिछड़ोंको अपने साथ वापस लाने पर काम कर रही है. मायावती इस वर्ग के बीच अपने मजबूत होने का कितना मजबूत संदेश दे भाजपा सरकारों ने गैर यादव ओबीसी जातियों और गैर जाटव दलित जातियों को साधने का काम बहुत ही प्रभावशाली तरीके से किया है। भाजपा नेइनके मन में यह भाव पैदा करने में सफलता पाई है कि समाजवादी पार्टी का पूरा लाभ यादव समाज के बीच बंट जाता है, जबकि बसपा के मजबूतहोने पर यही लाभ जाटव वर्ग ले जाता है और अति पिछड़े ओबीसी वर्ग और गैर जाटव दलितों को कुछ नहीं मिलता है. भाजपा ने बड़ी ही खूबसूरती सेइन वर्गों को अपने पार्टी संगठन से लेकर सरकारों तक में उनकी जातिगत भागीदारी सुनिश्चित की है इससे भाजपा की स्वीकार्यता हर वर्ग में बढ़ी हैभाजपा की सरकारों ने इन वर्गों तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें अपने मजबूत वोट बैंक के रूप में परिवर्तित कर लिया हैयही वर्ग केंद्र के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में बार-बार भाजपा सरकारों की वापसी का कारण बना है लेकिन राजनीतिक प्रेक्षक मानते हैं कि अतिदलित जातियों में ‘जातीय पहचान का मुद्दा’ इन सभी समीकरणों पर भारी पड़ सकता है भाजपा को मायावती के मजबूत होने से कितना नुकसान होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि मायावती इस वर्ग के बीच अपने मजबूत होने का कितना मजबूत संदेश दे पाती हैं.
अमेरिकी विशेषज्ञ इयान ब्रेमर ने ट्रंप परिवार पर पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्तों और नैतिकता की कमी का लगाया आरोप , भारत की सुरक्षा के लिए जताई चिंता “मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति की प्रशंसा”

अमेरिकी राजनीति विज्ञानी और यूरेशिया ग्रुप के अध्यक्ष इयान ब्रेमर ने ट्रंप परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन औरउसके करीबी लोगों के पाकिस्तान से रिश्ते रणनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि व्यापारिक और पैसों के लालच से जुड़े हैं ब्रेमर ने कहा कि ट्रंप परिवार मेंनैतिकता की कमी है और उनमें चोरतंत्र की प्रवृत्ति साफ दिखती है. इयान ब्रेमर ने एएनआई से बातचीत में कहा कि ट्रंप प्रशासन से जुड़े लोगपाकिस्तान में बड़े पैमाने पर कारोबार कर रहे हैं उन्होंने इसे अवसरवादी रवैया बताया और कहा कि इसका मकसद रणनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि पैसोंका फायदा उठाना है ब्रेमर ने साफ कहा कि अमेरिका की राजनीति इस तरह नहीं चलनी चाहिए, लेकिन जो रिपोर्टिंग सामने आई है, उससे यह सच्चाईछिप नहीं सकती. ब्रेमर ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते पर भी टिप्पणी की उन्होंने कहा कि यह कोई गुप्त सौदा नहीं था औरअमेरिकी प्रशासन को इसके बारे में पहले से जानकारी थी.भारत के लिए सुरक्षा माहौल और जटिल हो सकताब्रेमर के अनुसार, यह समझौता सऊदी अरब के लंबे समय से चले आ रहे परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें पाकिस्तान का सहयोग रहा है। उन्होंनेकहा कि यह समझौता सऊदी की सुरक्षा नीति में विविधता लाने का हिस्सा है. ब्रेमर का मानना है कि सऊदी अरब का यह कदम इस्राइल द्वारा ईरानपर किए गए हमलों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव का परिणाम है उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस्राइल को रोकने या उसके हमलों पर कोई कार्रवाई करने सेइनकार कर दिया, जिससे सऊदी अरब नाराज हो गया इसी नाराजगी का असर पाकिस्तान-सऊदी समझौते में देखने को मिला. ब्रेमर ने चेतावनी दी कियह समझौता भारत की सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकता है। उनके मुताबिक, अगर भारत-पाकिस्तान में अगली बार कोई संघर्ष होता है, तो भारत कोयह सोचना पड़ेगा कि क्या सऊदी अरब पाकिस्तान के समर्थन में खड़ा होगा. उन्होंने कहा कि इस वजह से भारत के लिए सुरक्षा माहौल और जटिल होसकता है. मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहनाब्रेमर ने ट्रंप की वैश्विक राजनीति की शैली पर भी सवाल उठाए उन्होंने कहा कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय नियमों और परंपराओं को नहीं मानते उनका रवैया यह हैकि वह राष्ट्रपति हैं, इसलिए सबको उनकी बात माननी होगी, वरना परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, ब्रेमर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेट्रंप के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर अमेरिका को कड़ा संदेश दिया. ब्रेमर ने कहा कि मोदी ने ट्रंप को सार्वजनिक मंच पर भारत-पाकिस्तानमसले पर झूठा करार दिया और दुनिया के सामने उनकी छवि को चुनौती दी. उनके मुताबिक, अधिकतर नेता ऐसी स्थिति में चुप रह जाते, लेकिन मोदीने अलग रास्ता चुना. अमेरिकी राजनीति विज्ञानी इयान ब्रेमर ने ट्रंप परिवार पर पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ता रखने और नैतिकता की कमी का आरोपलगाया। उन्होंने कहा कि यह रणनीति नहीं, बल्कि पैसों का खेल है ब्रेमर ने सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते को क्षेत्रीय तनाव और इस्राइल के हमलोंका नतीजा बताया उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारत की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। साथ ही, मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना की.
दिल्ली में 75 से अधिक देशों के राजदूतों ने अपनी मां के नाम पौधे लगाए, पीएम मोदी के सेवा पखवाड़े का हिस्सा बना अनोखा पौधरोपण अभियान

दिल्ली में रह रहे दुनियाभर के विभिन्न देशों के 75 राजदूतों, उच्चायुक्तों ने अपनी मां के नाम पौधे लगाए विदेशी मेहमान भारत की राजधानी में अपनीमां के नाम की ये अनोखी याद सहेजते हुए ये भावुक दिखे पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा पखवाड़े के अंतर्गत दिल्लीसरकार ने रिज क्षेत्र में ये पौधरोपण कार्यक्रम किया. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसका नेतृत्व किया, साथ मेंदिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे रिज क्षेत्र में पीबीजी ग्राउंड के भीतर एक पेड़ मां के नाम 2.0 वैश्विक पौधरोपण अभियानआयोजित हुआ इसमें 72 से अधिक देशों के 75 से ज्यादा राजदूतों, उच्चायुक्तों और हेड्स ऑफ मिशन ने हिस्सा लिया. बहरीन, भूटान, चीन, रूस, ओमान, स्पेन, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, जमैका, फीजी, पापुआ न्यू गिनी समेत एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका और ओशिआनिया के कई देशों केराजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों ने हिस्सा लिया. हरएक विदेशी मेहमान ने अपनी मां के नाम पर पौधा लगाया हर पौधे के साथ नाम पट्टिकालगी, जिसमें राजनयिक का नाम, उनकी मां का नाम और पौधे की प्रजातियां लिखी हुई हैं. प्रेरणादायक स्थान बनाकर इसका संदेश दिल्लीवासियों तक लेकार्यक्रम के दौरान कई भावुक पल भी सामने आए कैमरून की राजदूत अपनी दिवंगत मां को याद करके रो पड़ीं और मुख्यमंत्री ने उनको गले लगाया15 दिन पहले ही उनकी मां की मृत्यु हो गई थी। इसमें खाड़ी देशों के राजनयिकों ने खास रुचि दिखाई ओमान के राजदूत इस्सा सालेह अलशिबानी नेइस अभियान के लिए धन्यवाद दिया. विधानसभा परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बृहस्पतिवार को पौधे लगाए गए। पीएम मोदी के75वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित सेवा पखवाड़े में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट व विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठअधिकारियों ने पौधे लगाए इस दौरान विधानसभा परिसर में हरित क्षेत्र 20 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की गई। दिल्ली विधानसभा को हराभरा, सुंदरऔर प्रेरणादायक स्थान बनाकर इसका संदेश दिल्लीवासियों तक ले जाएंगे. पीएम मोदी के वैश्विक नेतृत्व का सबूतकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि धरती को बचाना सबकी जिम्मेदारी है इस कार्यक्रम में पीएम मोदी की एक पेड़ मां के नाम की अपील ने सबको ये एहसासकराया कई राजनयिक अपनी मां को याद करके भावुक हो गए उन्होंने बताया कि सेवा पखवाड़े में 25 सितंबर को पूरे देश में 7.5 करोड़ पौधे लगाएजाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली का ग्रीन कवर 25 फीसदी बढ़ा है, देश में सबसे ज्यादा है उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि औरवायु प्रदूषण की चुनौतियां किसी सीमा को नहीं मानतीं, इसलिए हमें वैश्विक स्तर पर साथ मिलाकर काम करना होगा. दिल्ली में ये कार्यक्रम इतिहासमें मील का पत्थर साबित होगा. पर्यावरण मंत्री ने कहा, 72 से ज्यादा देशों के राजनयिकों ने पौधे लगाए यह पीएम मोदी के वैश्विक नेतृत्व का सबूत हैऔर सभी भारतीयों के लिए गर्व का पल है.
सदाकत आश्रम में बिहार कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक का मसौदा, मतदाता चयन और मित्र गांधी की पहली प्रतिज्ञा को लेकर बनी विशेष बैठक

बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में नवगठित बिहार प्रदेश चुनाव समिति की विस्तृत बैठक में मुख्य रूप से तीन बिन्दुओं पर चर्चा कीगयी। सर्व प्रथम प्रत्याशी चयन प्रक्रिया के सभी सदस्यों ने विस्तृत रूप से अपनी-अपनी राय रखी। और सबने अपनी राय में आलाकमान को प्रत्याशीचयन को अधिकृत करने की बात कहीं। तत्पश्चात बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने सबों को प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को अधिकृत करने के लिएहाथ उठाकर समर्थन करने को कहा। उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने दोनों हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया बैठक में 24 सितम्बर को अखिलभारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की विस्तारित बैठक पर विस्तृत चर्चा हुई। आजादी के बाद बिहार में पहली बार सी.डब्लू सी की बैठक होगी। इस परसभी लोगों ने अपनी-अपनी राय रखीं और सभी लोग इस सी.डब्लू.सी. की विस्तारित बैठक को लेकर काफी उत्साहित दिखे।इस बैठक की तैयारी कोलेकर विशेष रूप से चर्चा हुई और उस चर्चा को कार्यरूप में लाने की बात कहीं गयी। विशेष चर्चा के बाद कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक समिति गठितइसी के साथ 26 सितम्बर को प्रियंका गांधी के होने वाले कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा के बाद कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक समिति गठित करनेकी बात कहीं गयी। चूंकि प्रियंका गांधी की बिहार में पहली जनसभा होगी। चूंकि प्रियंका गांधी राहुल गांधी द्वारा किये गये वोट अधिकार यात्रा मेंदरभंगा में शामिल हुई और दो दिनों तक उस यात्रा का हिस्सा रहीं। इस बैठक में मुख्य रूप से बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश अध्यक्ष राजेशराम, विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, विधान परिषद दल के नेता डा0 मदन मोहन झा,सी.ई.सी सदस्य सांसद डा0 जावेद, पूर्वअध्यक्ष सांसद डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, डा0 शकील अहमद, रामजतन सिन्हा, प्रभारी सचिव सुशील पासी, शाहनवाज आलम, सांसद राजेश रंजनउर्फ पप्पू यादव, सांसद मनोज राम, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, राजेश राठौड़, डा0 समीर कुमार सिंह, संजय कुमार तिवारी, विश्वनाथ राम, कपिलदेवप्रसाद यादव, मोती लाल शर्मा, संजीव प्रसाद टोनी,ब्रजेश पाण्डेय, शकीलउज्जमा अंसारी, जमाल अहमद भल्लू,कौकब कादरी, अजित शर्मा, कुमारआशीष, डा0 संजय यादव, सरवत जहां फातिमा,नागेन्द्र कुमार विकल, शिव प्रकाश गरीब दास, सूरज यादव, निर्मलेन्दु वर्मा, कैलाश पाल, साधनारजक, खुशबू कुमारी, विश्वनाथ बैठा, पूनम पासवान, चंदन यादव, शकीलुर रहमान, अनुराग चंदन,कैसर अली खां, प्रभात कुमार सिंह, डा0 कमलदेवनारायण शुक्ला, संतोष कुमार श्रीवास्तव, डा0 रमेश प्रसाद यादव, शशि रंजन, नदीम अख्तर अंसारी, नीतू निषाद, रामशंकर कुमार पान, उदय मांझी, रेखा सोरेन, सुनील कुमार पटेल, मंजू राम, अंशुल अभिजीत उपस्थित थे।
अगर यह भारत नहीं, कोई और लोकतांत्रिक देश होता, तो अब तक इस्तीफे हो चुके होते, बोले डॉ. सी.पी. राय “जाने क्या कुछ कहा”

जननायक राहुल गांधी जी की आज प्रेस वार्ता पर अपना वक्तव्य रखते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ0 सीपी राय, पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि भारत की जगह कोई अन्य लोकतांत्रिक देश होता तो दो बार के ऐसे खुलासों के बाद जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि भारत मेंलोकतंत्र की हत्या की जा रही है। चुनाव आयुक्त की मदद से वोटों की हेरा फेरी करके देश और प्रदेश में सरकारें बनाई जा रही हैं तो अब तक इन सभीके इस्तीफे हो जाते। अब ऐसे में चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और हेरा फेरी से बनी प्रदेश सरकारों को एक पल भी सत्ता में बने रहने का कोई अधिकारनहीं है। भारत का चुनाव आयोग पाकिस्तान से भी गया गुजरा हो गयाडॉ0 सीपी राय ने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश में भी पिछले चुनाव के बाद वहां के चुनाव आयुक्त ने प्रेस वार्ता कर स्वीकार किया कि उन्होंने बेईमानीकी है। जीते हुए को हराया और हारे हुए लोगों को जिता दिया। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देते हुए अपने लिए तथा इस काम में भागीदार सभी केलिए फांसी की सजा की मांग की तो क्या भारत का चुनाव आयोग पाकिस्तान से भी गया गुजरा हो गया है? सिर्फ इन बातों पर अपने पदों से इस्तीफा दे दियाडॉ0 सीपी राय ने कहा कि इधर हाल ही में जापान सहित कुछ देश के प्रधानमंत्रियों ने नैतिकता के आधार पर सिर्फ इन बातों पर अपने पदों सेइस्तीफा दे दिया कि वह देशहित और जनहित में काम नहीं कर पाए। आखिर नरेंद्र मोदी वोटों की चोरी से बने हुए मुख्यमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्तकी अंतरात्मा कब जागेगी?
वोट चोरी’ पर राहुल गांधी बनाम अनुराग ठाकुर, संसद से सड़क तक छिड़ा घमासान “चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल”

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पलटवार किया. अनुराग ठाकुर ने केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोप की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी भारत मेंबांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘भारत का चुनाव आयोग बिना किसी पूर्वाग्रह के काम कर रहा है राहुलगांधी लोकतंत्र को कमजोर करने, नागरिकों को गुमराह करने और बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश में व्यस्त हैं. पूर्व केंद्रीयमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘घुसपैठिए की राजनीति पहले’ ही राहुल गांधी का एकमात्र एजेंडा है उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के अवैध मतदाताओंको संरक्षण देने के कथित एजेंडे को अनुमति दी गई तो अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के हितों को सबसे ज्यादा नुकसान होगामुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बार-बार आलोचना किए जाने के बाद चुनाव आयोग का बचाव करते हुए भाजपा नेता ने पूर्व मुख्य चुनावआयुक्तों एमएस गिल, जो यूपीए सरकार में मंत्री बने थे और टीएन शेषन, जिन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था, जैसे पूर्व मुख्यचुनाव आयुक्तों के संबंधों का हवाला देते हुए पलटवार किया. राहुल पर अपना हमला तेज करते हुए कहाउन्होंने कहा कि 2023 में अलंद विधानसभा क्षेत्र से नाम हटाने की असफल कोशिश की गई थी चुनाव आयोग ने खुद इस संबंध में एफआईआर दर्जकरने का निर्देश दिया था चुनाव आयोग पहले ही मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस उपलब्ध करा चुका है इतना सब होने के बाद कांग्रेस शासितकर्नाटक की सीआईडी ने अब तक क्या किया है? रिकॉर्ड के अनुसार, अलंद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार ही जीता था. तो क्या कांग्रेस वोटचुराकर जीती? राहुल गांधी ने खुद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि वह यहां लोकतंत्र बचाने नहीं आए हैं अगर इसे बचाना नहीं है, तो क्याउनका लक्ष्य इसे नष्ट करना है? टूलकिट की मदद से वह लगातार हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं और उन्हें कमजोर कहते हैं. उन्होंनेराहुल पर अपना हमला तेज करते हुए कहा कि वह इस बात से निराश हैं कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस 90 चुनाव हार चुकी है। इसलिए वे अब निराधारऔर गलत आरोप लगा रहे हैं. आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल को ‘हाइड्रोजन बम’ गिराना था, लेकिन वह केवल पटाखे लेकर आए. जनता की ओर से बार–बार नकारा जाताअनुराग ठाकुर ने कहा, ‘एक ऐसा नेता जो चुनाव दर चुनाव हारता है और जनता की ओर से बार-बार नकारा जाता है, जिसके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टीलगभग 90 चुनाव हार चुकी है उसकी हताशा और निराशा लगातार बढ़ती जा रही है। राहुल गांधी ने आरोपों की राजनीति को अपना आभूषण बनालिया है जब उनसे अपने आरोपों की पुष्टि करने के लिए कहा जाता है, तो वे मुंह मोड़ लेते हैं और भाग जाते हैं। जब हलफनामा देने के लिए कहाजाता है, तो वे मुकर जाते हैं बेबुनियाद आरोप लगाना उनकी आदत बन गई है. इससे पहले राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरोंऔर लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचाने का आरोप लगाया था उन्होंने कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा कियाकि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के वोट व्यवस्थित रूप से हटाए जा रहे थे.राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत यह कहकर की थी कि किसी ने कर्नाटक की अलंद सीट पर 6,018 वोटों को राज्य के बाहर के सॉफ्टवेयरऔर फोन नंबरों का इस्तेमाल करके डिलीट करने की कोशिश की थी उन्होंने वे मोबाइल नंबर भी दिखाए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर वोटरों केनाम मिटाने के लिए किया गया था.
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, वोटर डेटा की गुप्त छुपाछुपी का आरोप “जानें क्या है पूरा मामला”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरों’ और लोकतंत्र को बर्बाद करने वाले लोगों को बचाने काआरोप लगाया उन्होंने कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के वोट व्यवस्थित रूपसे हटाए जा रहे हैं चुनाव आयोग को इसे रोकना चाहिए और कर्नाटक सीआईडी की ओर से मतदाता सूची से नाम हटाने की जांच में मांगी गईजानकारी एक हफ्ते के भीतर उपलब्ध करानी चाहिए. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहाकि आज उनके खुलासे इस देश के युवाओं को यह दिखाने में एक और मील का पत्थर हैं कि चुनावों में कैसे धांधली की जा रही है उन्होंने शुरू में हीयह भी स्पष्ट कर दिया कि ये खुलासों का वह ‘हाइड्रोजन बम’ नहीं है, जिसका उन्होंने वादा किया था और ये जल्द ही सामने आएगा. भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचा रहेराहुल गांधी ने 2023 में कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र से वोट हटाने के कथित प्रयासों का विवरण दिया उन्होंने महाराष्ट्र के राजुरा निर्वाचन क्षेत्र काभी उदाहरण दिया, जहां उन्होंने दावा किया कि स्वचालित सॉफ्टवेयर का उपयोग करके धोखाधड़ी से मतदाताओं को जोड़ा गया था लोकसभा मेंविपक्ष के नेता ने आरोप लगाया, ‘मैं ज्ञानेश कुमार के बारे में एक गंभीर दावा करने जा रहा हूं मैं इसे हल्के में नहीं कह रहा. मुख्य चुनाव आयुक्त वोटचोरों और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचा रहे हैं. राहुल ने कहा, ‘आइए जानते हैं कि मैं ज्ञानेश कुमार पर इतना सीधा आरोप क्योंलगा रहा हूं कर्नाटक में इस मामले की जांच चल रही है कर्नाटक की CID ने चुनाव आयोग को 18 महीनों में 18 पत्र भेजे हैं उन्होंने चुनाव आयोग सेकुछ बहुत ही सरल तथ्य मांगे हैं पहला- हमें वह डेस्टिनेशन IP बताएं, जहां से ये फॉर्म भरे गए थे दूसरा- हमें वह डिवाइस डेस्टिनेशन पोर्ट बताएं, जहांसे ये आवेदन दाखिल किए गए थे तीसरा- सबसे महत्वपूर्ण बात हमें OTP ट्रेल्स बताएं, क्योंकि जब आप आवेदन दाखिल करते हैं, तो आपकोOTP प्राप्त करना होता है. लोकतंत्र के हत्यारों का बचाव कर रहे18 महीनों में 18 बार कर्नाटक की CID ने इसके लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा। वे इसे नहीं दे रहे हैं वे इसे क्यों नहीं दे रहे हैं? क्योंकि इससे हमेंपता चल जाएगा कि ऑपरेशन कहां किया जा रहा है हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि यह कहां जाएगा. उन्होंने दावा किया कि कोई व्यक्ति पूरे भारत में लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के लिए व्यवस्थित रूप से निशाना बना रहा है मैं विपक्ष का नेता हूंऔर मैं ऐसा कुछ नहीं कहूंगा जिसके 100 प्रतिशत प्रमाण न हों। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के अलंद में किसी ने 6,018 वोट हटाने की कोशिश कीऔर संयोगवश पकड़ा गया उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मतदाताओं के नाम व्यवस्थित रूप से हटाए जा रहे थे.कर्नाटक में चल रही जांच का उल्लेख करते हुए राहुल ने कहा कि सीआईडी ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे हैं और कुछ बहुत ही सरलतथ्य मांगे हैं, जैसे कि वह गंतव्य आईपी पता, जहां से ये आवेदन भरे गए थे और ओटीपी ट्रेल्स उन्होंने दावा किया कि वे इसे इसलिए नहीं दे रहे हैं, क्योंकि इससे हमें पता चल जाएगा कि यह ऑपरेशन कहां चलाया जा रहा है उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर ऐसा करने वालों को बचाने का आरोप लगायाराहुल ने कहा, ‘चुनाव आयोग जानता है कि यह कौन कर रहा है मैं चाहता हूं कि भारत का हर युवा यह जाने कि वे आपके भविष्य के साथ ऐसा कर रहेहैं। जब वे यह जानकारी नहीं दे रहे हैं, तो वे लोकतंत्र के हत्यारों का बचाव कर रहे हैं.