राष्ट्र प्रथम – कर्तव्य निष्ठा युवा, एनसीसी कैडेट्स के बीच पहुँचे पीएम मोदी, दिया भविष्य का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (28 जनवरी) को राजधानी दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित वार्षिक नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) पीएम रैली में शामिल हुए। पीएम मोदी के साथ इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान पीएम मोदी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने विचार रख रहे हैं। यह आयोजन एक महीने तक चलने वाले वार्षिक एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर के समापन का प्रतीक है। जिसमें देश भर से 2406 कैडेट्स ने हिस्सा लिया है, जिसमें 898 लड़कियां भी शामिल थीं। प्रधानमंत्री की रैली का विषय ‘राष्ट्र प्रथम – कर्तव्य निष्ठा युवा’ है, जो भारत के युवाओं में कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाता है। अंत में एक पुरुष मार्चिंग टुकड़ी शामिलदरअसल, यह रैली एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के भव्य समापन का प्रतीक है, जिसका औपचारिक उद्घाटन 5 जनवरी को उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया था। एनसीसी ने 3 जनवरी को घोषणा की थी कि इस वर्ष देश भर से 898 लड़कियों सहित 2,406 एनसीसी कैडेट वार्षिक शिविर में भाग ले रहे हैं। भूटान, श्रीलंका, ब्राजील, नेपाल और मलयेशिया सहित 20 से अधिक मित्र विदेशी देशों के 200 से अधिक कैडेट और अधिकारी भी इसमें भाग ले रहे हैं। एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में कई अंतर-निदेशालय प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम शामिल हैं, जैसे कि सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता, छोटे हथियारों से फायरिंग और ध्वज क्षेत्र डिजाइनिंग। राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड में पहले एक महिला मार्चिंग टुकड़ी, फिर एक संयुक्त बैंड और अंत में एक पुरुष मार्चिंग टुकड़ी शामिल थी। एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित कियापहली बार एनसीसी के दल के नेताओं ने सैन्य टुकड़ियों के सदस्यों के “समान” रूप से तलवार लेकर औपचारिक परेड में मार्च किया। इस अवसर पर, राष्ट्रीय रंगशाला और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सदस्यों, एनसीसी कैडेटों द्वारा एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और चरित्र विकास में उनकी भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा। बता दें कि पिछले एक महीने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित सरकार और सेना के विभिन्न नेताओं ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित किया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में महा-शोक विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन, बारामती के पास हुई दुर्घटना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की जांच की मांग

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज सुबह विमान हादसे में निधन हो गया। इस घटना ने देश के राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि वह सामने आई खबरों से स्तब्ध हैं और इसे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी घटनाएं सच साबित होती हैं, तो यह राजनीतिक नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों का भी उल्लेख किया, जिनमें कहा जा रहा था कि अजित पवार राजनीतिक रूप से अलग राह अपनाने पर विचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन दावों के कारण कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। घटना की उचित जांच की जानी चाहिएममता बनर्जी ने जोर देते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, इसलिए इस मामले में पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। इससे पहले ममता ने एक्स पर इस घटना को लेकर संवेदन व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अजित पवार के अचानक निधन से मैं गहरे सदमे और स्तब्ध हूं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके सहयात्रियों की आज सुबह बरामती में हुए भीषण विमान हादसे में मौत हो गई। इस खबर से मुझे गहरा दुख महसूस हो रहा है। मैं उनके परिवार, उनके चाचा शरद पवार जी, और दिवंगत अजित जी के सभी मित्रों और समर्थकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। इस घटना की उचित जांच की जानी चाहिए। कठिन समय में संबल मिलने की कामनाजम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एक प्रभावशाली नेता का इस तरह जाना देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने पूरे मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि विमान हादसे के कारणों का स्पष्ट पता चल सके। अब्दुल्ला ने याद किया कि बॉम्बे में अपने कॉलेज के दिनों से मैं अजित दा को जानता हूं, जब मैं शरद पवार साहब और उनके परिवार के साथ वर्षा में रहता था। अजित दा एक सक्षम प्रशासक और कुशल राजनीतिक संगठनकर्ता थे, जिनकी कमी बहुत महसूस की जाएगी। मैं अपने पिता के साथ मिलकर शरद पवार साहब, सुप्रिया और पूरे परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खबर बेहद दुखद है और इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में संबल मिलने की कामना की।
शंकराचार्य का ‘खूनी’ दर्द बिना स्नान किए छोड़ा माघ मेला, कहा ‘संगम तट पर हुई मेरी पीठ की हत्या’!

प्रयागराज में चल रहे माघ मेला से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दुखी मन से विदा लेने का ऐलान किया है। बुधवार सुबह आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वह आस्था और श्रद्धा के साथ माघ मेला में आए थे, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गईं कि बिना स्नान किए ही लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज हमेशा से शांति, विश्वास और सनातन परंपराओं की भूमि रही है और यहां से इस तरह लौटना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। शंकराचार्य ने बताया कि एक ऐसी घटना घटी, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी, जिससे उनका मन व्यथित हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि माघ मेला में स्नान करना उनके लिए केवल एक धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि आस्था का विषय था। बावजूद इसके, मौजूदा हालात में उन्होंने मेला छोड़ने का कठिन निर्णय लिया। उनके इस फैसले के बाद संत समाज और श्रद्धालुओं में चर्चा तेज हो गई है। पुष्प वर्षा करवा लेंगे तो उस दिन की बात अधूरी रह जाएगीशंकराचार्य ने कहा कि हमने अन्याय को अस्वीकार किया है और न्याय की प्रतीक्षा करेंगे। आज शब्द साथ नहीं दे रहे स्वर बोझिल है। प्रयागराज की धरती पर जो कुछ घटित हुआ उसने हमारी आत्मा को झकझोर दिया है। संगम में स्नान किए बिना विदा ले रहे हैं। आज हम यहां से जा रहे हैं, लेकिन अपने पीछे सत्य की गूंज छोड़कर जा रहे हैं। सब कुछ कहा जा चुका है। कल शाम और प्रातः काल प्रशासन की ओर से हमारे मुख्य कार्यधिकारी को एक प्रस्ताव प्रशासन की ओर से भेजा गया था। जिसमें कहा गया कि आप जब जाना चाहेंगे हम आपको ससम्मान स्नान कराने के लिए तैयार हैं। सभी अधिकारी मौजूद रहकर पुष्पवर्षा करेंगे, लेकिन इसमें उस दिन की घटना के लिए क्षमा याचना नहीं की गई थी। हमें लगा यदि हम स्नान कर लेंगे और पुष्प वर्षा करवा लेंगे तो उस दिन की बात अधूरी रह जाएगी। भौतिक हत्या का प्रयास किया गयाज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि जो असली मुद्दा है, जिसके लिए दस दिन तक हम फुटपाथ पर बैठे रहे। इतना लंबा समय दिया, लेकिन दस ग्यारह दिन बीत जाने के बाद जब जाने का निर्णय लिया तब प्रशासन की ओर से ऐसा प्रस्ताव सामने आया। इसलिए हमने स्वीकार नहीं किया, अगर प्रशासन का आग्रह स्वीकार करके स्नान कर लेता तो अपने भक्तों के साथ न्याय नहीं कर पाता। शंकराचार्य ने कहा जो मुगलों के समय में हुआ वही आज हो रहा है। एक तरफ गृहमंत्री का बयान आया है कि संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं माघ मेले में संतों को उनकी चोटी और शिखा पकड़कर घसीटा गया और पीटा गया। आज यहां जो अपमान हुआ ये सरकार का दोहरा चरित्र उजागर करता है। शंकराचार्य ने दो मिनट का मौन रखकर संतों का अपमान करने वालों को दंड मिले ऐसी भगवान से प्रार्थना की। संगम तट पर हमारी भौतिक हत्या का प्रयास किया गया। इन दिनों हमारी पीठ की हत्या का प्रयास हुआ वो सफल रहा। ये हत्या अगर यहां का प्रशासन कर रहा होता तो ठीक है, लेकिन इसके पीछे यूपी की सरकार का हाथ है।
जाते-जाते भी दे गए विकास की आखिरी सौगात, विमान हादसे से कुछ घंटे पहले युवाओं के लिए अजित पवार ने किया था यह वादा

बारामती में विमान दुर्घटना से पहले महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने एक पोस्ट में कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी साझा की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (आईटीआई) में ‘पीएम सेतु’ योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में यह योजना नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे जिलों में लागू होगी। इसके बाद इसे पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा। इस योजना से युवाओं के लिए रोजगार पाना आसान हो जाएगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में आगो लिखा, लोक निर्माण विभाग से जुड़े छोटे और मध्यम ठेकेदारों के लिए भी अच्छी खबर है। उनके रुके हुए भुगतान के लिए ‘TReDS’ प्लेटफॉर्म की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, धुले जिले की जवाहर शेतकरी सहकारी कताई मिल को फिर से शुरू करने का फैसला हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार की संस्था एनसीडीसी को सिफारिश भेजी गई है। अजित पवार का एक विमान हादसे में निधन हो गयाजमीन से जुड़े मामलों में भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। 30 साल की लीज पर दी गई सरकारी जमीन की समय सीमा अब बढ़ाई जाएगी। साथ ही, सरकार के कब्जे वाली ‘एनिमी संपत्ति’ की खरीद-बिक्री पर अब स्टाम्प ड्यूटी नहीं देनी होगी। बता दें कि बुधवार सुबह विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब विमान पुणे के बारामती में लैंडिंग कर रहा था। इस घटना से देश भर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी उनके निधन पर दुख जताया है। बुधवार को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का एक विमान हादसे में निधन हो गया। इस हादसे से कुछ घंटे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया था, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय है। इस पोस्ट में उन्होंने कैबिनेट बैठक से जुड़े कई अहम फैसले की जानकारी साझा की थी।
हार का डर या बहिष्कार का ड्रामा? भारत के खिलाफ मैच छोड़ने की तैयारी में पाकिस्तान, आईसीसी में फंसा 348 करोड़ का पेंच

पाकिस्तान क्रिकेट टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। बांग्लादेश के बाहर होने के बाद स्कॉटलैंड के ग्रुप सी में शामिल होने से स्थिति और उलझ गई। इसी बीच, पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और अंतिम निर्णय इस सप्ताह घोषित होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का विकल्प भी खुला रखा है। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अपने शुरुआती दो मुकाबलों, नीदरलैंड (7 फरवरी) और अमेरिका (10 फरवरी) के बाद फैसला करेगा। यदि पाकिस्तान दोनों मैच जीतता है तो 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ मुकाबले का बहिष्कार करने की संभावना बढ़ सकती है। पीसीबी एक सूत्र के हवाले से कहा गया, ‘अगर पाकिस्तान ये दोनों मुकाबले जीतता है, तो भारत के खिलाफ फॉरफिट की संभावना मजबूत होगी।’ विरोध को लेकर आईसीसी को पत्र लिखने वालाइसका मतलब है कि पाकिस्तान डर गया है। टीम टूर्नामेंट तो खेलेगी, लेकिन अपने टीम के प्रदर्शन पर पीसीबी फैसला करेगा, क्योंकि उसे भरोसा नहीं है कि उसकी टीम ये दो मैच जीतेगी या नहीं। अगर नहीं जीतती है और एक भी मैच हारती है तो टूर्नामेंट में आगे बढ़ने और लाज बचाने के लिए उसे बेशर्मों की तरह इतना कुछ होने के बाद भारत के खिलाफ मैच खेलना पड़ेगा। पीसीबी को अभी कुछ फैसला लेने में झिझक हो रही है। अंतिम निर्णय सोमवार को आने की उम्मीद है, ठीक उस दिन जब लाहौर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खत्म होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने पर औपचारिक विरोध दर्ज कराने की योजना भी बना रहा है। बोर्ड आईसीसी को एक पत्र लिखकर इस फैसले पर असंतोष जताएगा और वर्ल्ड कप के दौरान प्रतीकात्मक विरोध की जानकारी भी देगा। रिपोर्ट में एक सूत्र ने कहा, ‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड वर्ल्ड कप के दौरान विरोध को लेकर आईसीसी को पत्र लिखने वाला है।’ हिष्कार करने की भी भारी कीमत चुकानी पड़ सकतीपूरी तरह से बहिष्कार या भारत से नहीं खेलने का फैसला कानूनी और आर्थिक रूप से जटिल है। पीसीबी के कानूनी सलाहकारों ने चेतावनी दी है कि यह प्रसारण समझौते पर गंभीर असर डाल सकता है। एक सूत्र ने कहा, ‘नकवी को कानूनी सलाहकारों ने बताया है कि जियोस्टार स्पोर्ट्स (भारत) के साथ तीन बिलियन यूएस डॉलर का प्रसारण समझौता 2027 तक है, जिससे सभी आईसीसी सदस्य देशों को हिस्सा मिलता है। भारत से मैच न खेलने पर ब्रॉडकास्टर को भारी नुकसान होगा।’ रिपोर्ट में आगे कहा गया, ‘यदि पाकिस्तान बहिष्कार करता है तो प्रसारक आईसीसी पर हर्जाने का दावा करेगा, और आईसीसी आगे पीसीबी को नोटिस देगा। इससे सभी सदस्य देशों की वार्षिक फंडिंग पर असर पड़ेगा।’ रेवस्पोर्ट्स की रिपोर्ट में तो यहां तक दावा है कि पाकिस्तान 348 करोड़ रुपये के कानूनी मामले में फंस सकता है। उसे भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की भी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
गणतंत्र दिवस पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप, खरगे बोले विपक्ष और संविधान का हुआ अपमान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बैठने की व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में विपक्ष के नेताओं का अपमान किया गया है। खरगे के अनुसार, सरकार ने जानबूझकर प्रोटोकॉल के नियमों की अनदेखी की और विपक्षी नेताओं को वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार हैं। अपनी बात रखते हुए खरगे ने कहा कि वह देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उनके और राहुल गांधी के पास कैबिनेट मंत्री का दर्जा है। प्रोटोकॉल के हिसाब से कैबिनेट रैंक वाले नेताओं को पहली कतार में जगह मिलनी चाहिए। इसके बावजूद, उन्हें समारोह में तीसरी लाइन में बैठाया गया। खरगे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस लाइन में उन्हें जगह दी गई, वहां राज्य मंत्री और बच्चे बैठे थे। अपमानजनक व्यवहार पर स्पष्ट जवाब देकांग्रेस अध्यक्ष ने पास मिलने में हुई परेशानियों का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने सचिवों को भेजकर बैठने की जगह की जानकारी जुटानी पड़ी। उन्हीं सचिवों ने काफी कोशिशों के बाद पास का इंतजाम किया। खरगे ने सरकार के इस व्यवहार को सिर्फ कांग्रेस का नहीं, बल्कि देश के संविधान और पूरे विपक्ष का अपमान बताया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह इस अपमानजनक व्यवहार पर स्पष्ट जवाब दे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट रैंक होने के बाद भी उन्हें और राहुल गांधी को तीसरी लाइन में बैठाया गया। खरगे ने इसे विपक्ष और संविधान का अपमान बताते हुए सरकार से इस पर जवाब मांगा है।
केंद्रीय लेबर कोड पर केरल सरकार सख्त, मंत्री शिवनकुट्टी बोले मजदूर विरोधी नीतियां नहीं होंगी स्वीकार

केरल के श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने मंगलवार को केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। विधानसभा में उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार नए लेबर कोड को रद्द कराने के लिए केंद्र सरकार पर हर संभव दबाव बनाएगी। यह मामला सीपीआई(एम) विधायक पी. नंदकुमार ने सदन में उठाया था। उन्होंने कहा कि नए नियम नौकरी की सुरक्षा को खत्म करते हैं और वेतन की शर्तों का उल्लंघन करते हैं। मंत्री शिवनकुट्टी ने विधायक के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि केरल सरकार मजदूरों के खिलाफ किसी भी कदम को स्वीकार नहीं करेगी। श्रमिक अधिकारों से समझौता नहींपिछले महीने, मंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार केंद्रीय श्रम कोड का अध्ययन करने, श्रमिकों पर उनके प्रभाव का आकलन करने और सुधारात्मक उपायों का सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन करेगी। शिवनकुट्टी ने कहा था कि 29 प्रमुख श्रम कानूनों को मिलाकर बनाए गए चार श्रम कोड श्रमिकों के बजाय कॉर्पोरेट हितों की रक्षा करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के सम्मेलनों के विपरीत हैं। उन्होंने दावा किया था कि जहां अधिकांश राज्यों ने श्रम कोड के अनुरूप अपने कानूनों में संशोधन किया है, वहीं केरल ने यह दृढ़ रुख अपनाया है कि वह कोई भी मजदूर विरोधी संशोधन पेश नहीं करेगा। केंद्रीय श्रम कानूनों को लेकर राज्यों और केंद्र के बीच टकराव गहराता जा रहा है। केरल सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह श्रमिक अधिकारों से समझौता नहीं करेगी और मजदूरों के हितों के खिलाफ किसी भी नीति का खुलकर विरोध करेगी।
ममता बनर्जी से मिले अखिलेश यादव, बोले“भाजपा के हमलों का डटकर मुकाबला सिर्फ दीदी ही कर सकती

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। यह मुलाकात कोलकाता में राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में हुई। अखिलेश यादव अपनी पत्नी और सांसद डिंपल यादव के साथ एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने कोलकाता आए थे। दोपहर करीब 1:40 बजे उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके दफ्तर में बातचीत की। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस देश में सिर्फ दीदी ही भाजपा के हमलों का डटकर मुकाबला कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने जांच एजेंसी ईडी (ईडी) को हरा दिया है और वह आने वाले समय में भाजपा को भी हराएंगी। अखिलेश कहा, BJP अभी तक पेन ड्राइव खोने का दर्द नहीं भूल पाई है, यह कथित तौर पर उन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संदर्भ में था जिन्हें सीएम छापे के दौरान एजेंसी के तलाशी अभियान परिसर से बाहर लाई थीं। चुनाव में धांधली का आरोप लगायाअखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह समाज में फूट डालने की राजनीति करती है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा इसके जरिए अपने वोट बढ़ाने के बजाय विरोधियों के वोट कम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि बंगाल, बिहार और यूपी जैसे राज्यों में यह अभ्यास सिर्फ विपक्ष को कमजोर करने का एक जरिया बन गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ दीदी ही भाजपा का मुकाबला कर सकती हैं। अखिलेश ने भाजपा पर जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल और चुनाव में धांधली का आरोप लगाया।
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने क्रिकेट से लिया संन्यास, 2021 टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का रहे हिस्सा

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। 34 साल के इस तेज गेंदबाज ने मंगलवार को इसका एलान किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम का 25 वनडे और 36 टी20 में प्रतिनिधित्व किया। साथ ही वह 2021 में टी20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी हिस्सा रहे थे। घरेलू क्रिकेट में नॉर्दर्न टेरिटरी और साउथ ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करने वाले रिचर्डसन ने लिस्ट-ए डेब्यू 2008-09 सीजन में किया था, जबकि अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2013 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच से हुई। रिचर्डसन बिग बैश लीग (BBL) के लगातार सभी सीजन खेलने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे। मैंने एक क्रिकेटर बनने का सपना देखाउन्होंने एडिलेड स्ट्राइकर्स के लिए छह सीजन खेले, उसके बाद 2017-18 में मेलबर्न रेनेगेड्स से जुड़े और आठ सीजन तक टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद 2025-26 सीजन से पहले उन्होंने सिडनी सिक्सर्स के साथ एक साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। वे अपने BBL करियर को 142 विकेट के साथ प्रतियोगिता के पांचवें सबसे सफल गेंदबाज के रूप में समाप्त करते हैं। रिचर्डसन ने कई देशों में फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट भी खेला, जिसमें इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) भी शामिल है। संन्यास की घोषणा करते हुए रिचर्डसन ने कहा, ‘2009 में डेब्यू करने से लेकर अब तक, मुझे लगता है कि मैंने खुद से जितना निकाल सकता था, निकाल लिया है और यह एक बेहद खूबसूरत सफर को खत्म करने का सही समय है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे अपने देश और दुनिया भर में कई फ्रेंचाइज़ी टीमों के लिए खेलने का मौका मिला। मैंने कभी इन मौकों को हल्के में नहीं लिया और मैं उम्मीद करता हूं कि लोग समझ पाए हों कि बचपन से डार्विन में मैंने एक क्रिकेटर बनने का सपना देखा था।’
अमेरिका से दूरी, चीन से नज़दीकी? ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर का सात साल बाद चीन दौरा

वैश्विक हालात इन दिनों तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका का दबदबा सिमट रहा है और एक समय अमेरिका के करीबी सहयोगी ही अब उसे आंखें दिखा रहे हैं। हाल ही में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने चीन का दौरा किया था और चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने की बात कही। इसे लेकर ट्रंप ने कड़ी नाराजगी जताई थी, लेकिन अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी चीन दौरे पर पहुंच रहे हैं। इसे भी यूरोप के अमेरिका के पाल से दूर जाने के तौर पर देखा जा रहा है। कीर स्टार्मर और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात बुधवार को होगी। इस दौरे की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आखिरी बार साल 2018 में किसी ब्रिटिश पीएम ने चीन का दौरा किया था और अब करीब सात साल बाद अब कीर स्टार्मर चीन पहुंच रहे हैं। स्कॉच व्हिस्की को बड़ा बाजार मिल सकेइस दौरे से ब्रिटेन और चीन अपने व्यापारिक संबंधों को बेहतर करने की कोशिश करेंगे। हालांकि चीन दौरे के चलते कीर स्टार्मर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गुस्से का भी शिकार होना पड़ सकता है। कीर स्टार्मर से पहले कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने भी चीन का दौरा किया था। जिस पर ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि अगर कनाडा ने चीन से व्यापार समझौता किया तो वे कनाडा से होने वाले आयात पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देंगे। अमेरिकी धमकी के बाद कनाडा के पीएम ने साफ किया कि वे, चीन के साथ व्यापार समझौता नहीं करने जा रहे। कीर स्टार्मर के साथ ही उनके व्यापार मंत्री और कई कंपनियों के प्रमुख भी चीन दौरे पर जा रहे हैं। ब्रिटेन की मंशा है कि दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बाजार चीन में एंट्री मिले, जिससे उसकी कारों और स्कॉच व्हिस्की को बड़ा बाजार मिल सके। चीनी निवेश रोककर चीन को नाराज किया हुआवहीं यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को बेहतर कर चीन अपने वैश्विक दबदबे में इजाफा करने की इच्छा रखता है। हालांकि ब्रिटेन और चीन के बीच कई मुद्दों पर मतभेद भी हैं, जिनमें रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चीन का रूस को समर्थन देना, चीन का ब्रिटेन की जासूसी करना, हॉन्गकॉन्ग में चीन द्वारा किया जा रहा अत्याचार आदि कई वजह हैं, जिन्हें लेकर ब्रिटेन द्वारा चीन के साथ अपने संबंधों को शक की निगाह से देखा जाता है। ब्रिटेन ने भी अपने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर से चीनी कंपनियों को निकालकर और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में चीनी निवेश रोककर चीन को नाराज किया हुआ है। ऐसे में अब दोनों देशों के रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघलाना आसान नहीं है, लेकिन कीर स्टार्मर के इस दौरे से शुरुआत हो सकती है।