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प्रियंका गांधी का प्रहार प्रदूषण–SIR पर बहस क्यों नहीं? संसद में सरकार पर निशाना

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर संवाद करने केलिए तैयार नहीं है, जिससे सदन का सुचारू रूप से चल पाना कठिन हो रहा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीपर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों से जुड़े मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं है, लेकिन उन पर चर्चा न होने देना ड्रामा है। संसद के शीतकालीन सत्र के पहलेदिन मोदी के बयान पर जवाब देते हुए, प्रियंका गांधी ने वायु प्रदूषण और एसआईआर जैसे जरूरी मुद्दों पर बहस की मांग की और कहा कि ये आमलोगों बड़े मुद्दे हैं जिन पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद किस लिए है। यह ड्रामा नहीं है। मुद्दों पर बोलना और मुद्दे उठाना ड्रामानहीं है। ड्रामा का मतलब है चर्चा न होने देना। ड्रामा का मतलब है उन मुद्दों पर डेमोक्रेटिक चर्चा न होना जो जनता के लिए मायने रखते हैं। उन्होंनेपूछा, हमने प्रदूषण के बारे में बात की है, हम इसे क्यों नहीं उठा रहे हैं। हमें इन चीजों पर चर्चा करने की इजाजत क्यों नहीं है।प्रधानमंत्री ने सभी से मौसम का आनंद लेने को कहाउन्होंने दिल्ली में एयर क्वालिटी के मुद्दे को शर्मनाक बताया और कहा कि इस समस्या से निपटने और बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही सांस कीसमस्याओं से जूझ रहे लोगों की सेहत बचाने के लिए सभी को एक साथ आकर कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, मुझे सच में लगता है कि यहस्थिति शर्मनाक है। यह हमारे देश की राजधानी है। मुझे लगता है कि हमें पार्टियों को अलग रखना चाहिए और सभी को अपनी पूरी ताकत लगानीचाहिए। सोमवार को एसआईआर पर चर्चा की मांग के चलते दिनभर के लिए लोकसभा स्थगित कर दी गई। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, सरकारकिसी भी विषय पर चर्चा नहीं करना चाहती। फिर सदन कैसे चलेगा? हमारी कम से कम एक बात तो सुननी चाहिए। अगर एसआईआर पर नहीं, तोचुनाव सुधार या किसी अन्य संबंधित मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है। लेकिन यदि वे किसी चीज पर चर्चा ही नहीं करेंगे, तो सदन कैसे चलेगा? उन्होंनेप्रधानमंत्री पर भी टिप्पणी की और कहा, प्रधानमंत्री ने सभी से मौसम का आनंद लेने को कहा है। दिल्लीवासी कौन-से मौसम का आनंद लें? उन्हें बाहरझांककर देखना चाहिए कि देश में क्या-क्या हो रहा है। विपक्ष को राजनीति में सकारात्मकता लाने के टिप्स देने की पेशकशएक शोध का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 22 लाख बच्चों के फेफड़ों को पक्का नुकसान हुआ है, इसकी वजह वायु प्रदूषण है। कोई हमारे बच्चोंके साथ ऐसा कैसे कर सकता है। बूढ़े लोग परेशान हैं, जिन लोगों को पहले से अस्थमा है और लोगों को सांस की दूसरी दिक्कतें हैं, हॉस्पिटल सांसकी दिक्कतों से भरे हुए हैं। हम यहां बैठकर कुछ कैसे नहीं कर सकते। कांग्रेस नेता ने कहा, मुझे सच में लगता है कि हम सभी को एक साथ आकर कड़ेकदम उठाने चाहिए। हम यहां सरकार का सपोर्ट करने के लिए हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। शीतकालीन सत्र केपहले पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा था, हमें जिम्मेदारी की भावना से काम करने की जरूरत है। संसद ड्रामा करने की जगह नहीं है, यह कामकरने की जगह है। उन्होंने कहा कि सत्र को राजनीतिक नाटक का स्टेज नहीं, बल्कि रचनात्मक और परिणामोन्मुख बहस का प्लेटफॉर्म बनना चाहिए, और उन्होंने विपक्ष को राजनीति में सकारात्मकता लाने के टिप्स देने की पेशकश की।

नगालैंड स्थापना दिवस पर देशभर के नेताओं की शुभकामनाएँ, समृद्ध संस्कृति और प्रगति की कामना

आज के दिन ही 63 साल पहले भारत के 16वें राज्य के तौर पर नगालैंड की स्थापना हुई थी। ऐसे में आज नगालैंड के 63वें स्थापना दिवस परप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राहुल गांधी समेत देशभर के कई दिग्गज नेताओं ने बधाई दी। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडियाप्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर वहां की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नगालैंड की समृद्ध संस्कृति, साहस और सेवा की भावना पूरे देश में प्रशंसाकी जाती है। उन्होंने राज्य के लोगों के उज्ज्वल भविष्य और विकास की कामना की। दूसरी ओर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी नगालैंड के लोगों कोशुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नगालैंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और जनजातीय विविधता के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने राज्यमें शांति, समृद्धि और प्रगति की कामना की। कांग्रेस सांसद राहुल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पोस्ट कर शुभकामनाएं दी। राहुल गांधी ने कहा किनगालैंड की खूबसूरत पहाड़ियां, जैव विविधता और जीवंत संस्कृति भारत की विविधता को और समृद्ध बनाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्थायी विकासके साथ आगे बढ़े और और भी सफलता हासिल करे। आइए मिलकर इसकी अनोखी विरासत को संरक्षित करें। समृद्धि के साथ आगे बढ़ता रहेगृह मंत्री अमित शाह ने नगालैंड के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्वी राज्य की समृद्ध परंपराएं और वहां केलोगों की मजबूत भावना देश की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत बनाती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में अमित शाह ने लिखा किनगालैंड के भाई-बहनों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। राज्य की जीवंत परंपराएं और लोगों की दृढ़ता हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहरको मजबूत करती हैं। अमित शाह मैं कामना करता हूं कि नगालैंड शांति, प्रगति और समृद्धि के साथ आगे बढ़ता रहे। हर साल स्थापना दिवस के रूप में मनाया जातासर पर नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि 63वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हम अपने उन नेताओं को सम्मान देते हैं जिन्होंनेहमारी पहचान और अधिकारों की रक्षा की, और उन दूरदर्शी लोगों को भी जिन्होंने हमारे भविष्य की नींव रखी। सीएम रियो ने इस बात पर जोर दियाकि आइए मिलकर एक समृद्ध, समावेशी और टिकाऊ नगालैंड बनाने की दिशा में काम करें। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी नगालैंड केलोगों को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नगालैंड के स्थापना दिवस पर वहां के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, मजबूत जज़्बा और राष्ट्र के विकास में उसका योगदान हम सबके लिए गर्व की बात है। आने वाले साल राज्य के लिए नई संभावनाएँ, प्रगति औरखुशहाली लेकर आएँ। बता दें कि नगालैंड को 1 दिसंबर 1963 को भारत का 16वां राज्य घोषित किया गया था और तब से यह दिन हर सालस्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

एसआईआर के खिलाफ ममता की मेगा मुहिम, मालदा, मुर्शिदाबाद और कूच बिहार में विशाल रैलियों की तैयारी

बंगाल में जारी एसआईआर का ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी द्वारा विरोध किया जा रहा है। हालांकि विरोध के बावजूद एसआईआर की प्रक्रियातेजी से चल रही है। ऐसे में अब ममता बनर्जी ने एसआईआर की धार को कुंद करने के लिए जनमत जुटाने का फैसला किया है। इसी के तहत ममताबनर्जी चुनावी मोड में लगातार रैलियां करने जा रही हैं। इस हफ्ते ममता बनर्जी मालदा और मुर्शिदाबाद में विशाल रैलियां करेंगी और फिर अगले हफ्तेकूच बिहार में एक बड़ी रैली को संबोधित कर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करेंगी। गौरतलब है कि इससे पहले ममता बनर्जी ने बीते हफ्तेबोनगांव में एसआईआर के खिलाफ रैली की थी। यह रैली मतुआ समुदाय के प्रभाव वाले इलाके में की गई, जो एसआईआर को लेकर डरे हुए हैं।रैली के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर का इस्तेमाल परिवारों को डराने के लिए किया जा रहा है। टीएमसी ने जिला स्तर पर भीएसआईआर के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। टीएमसी नेताओं ने बताया कि ममता बनर्जी 3 और 4 दिसंबर को मालदा और मुर्शिदाबाद मेंरैलियों को संबोधित करेंगी। वहीं 9 दिसंबर को कूच बिहार में रैली करेंगी। पार्षद और पंचायत अधिकारी मुख्यमंत्री की रैली की योजना पर चर्चा की जाएगीये तीनों ही जिले सीमावर्ती है और यहां पर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय, प्रवासी और विस्थापित लोग रहते हैं। इन समुदायों में एसआईआर कोलेकर ज्यादा आशंकाएं हैं। यही वजह है कि टीएमसी लोगों के इस डर और आशंका को भुनाने और 2026 के विधानसभा चुनाव में फायदा लेने कीकोशिश कर रही है। इन रैलियों को टीएमसी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। मालदा की रैली गजोले में और मुर्शिदाबाद की बेहरामपुरस्टेडियम में होनी है। वहीं 9 दिसंबर को ऐतिहासिक रास मेला मैदान में होने वाली कूच बिहार रैली को ममता बनर्जी की सबसे बड़ी लामबंदी के तौरपर पेश किया जा रहा है। तैयारियों की घोषणा करते हुए, जिला टीएमसी अध्यक्ष अभिजीत डे भौमिक ने बताया कि 1 दिसंबर को ब्लॉक अध्यक्षों केसाथ एक आपात बैठक होगी, जिसके बाद 2 दिसंबर को रवींद्र भवन में जिला स्तर पर तैयारी का सत्र आयोजित होगा, जिसमें मंत्री, पार्टी सांसद औरविधायकों के साथ ही पार्षद और पंचायत अधिकारी मुख्यमंत्री की रैली की योजना पर चर्चा की जाएगी।

आईपीएस प्रशिक्षुओं को सीएम योगी का संदेश, ‘संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता’ से बनें सिटीजन-सेंट्रिक पुलिस ऑफिसर

सीएम योगी ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) 2023 और 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को सफल, प्रभावी और सिटीजन सेंट्रिक पुलिसअधिकारी बनने के लिए ‘संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता’ का मंत्र दिया है। सोमवार को 23 प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ औपचारिक भेंट केदौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसा विशाल राज्य पुलिस के लिए अनेक चुनौतियां लेकर आता है, इसलिए प्रशिक्षु अवधि को सीखने, समझने औरअपने पुलिसिंग मॉडल को मजबूत बनाने का सुनहरा अवसर मानें। मुख्यमंत्री ने कहा, जनपदों में प्रशिक्षण के दौरान यह सीखना सबसे आवश्यक है किवास्तविक समस्याओं का प्रभावी और संतुष्टिपरक समाधान कैसे किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस हमेशा फर्स्ट रिस्पांडर होती है। आपकीतत्परता, भाषा और प्राथमिकता पर ही पीड़ित का विश्वास टिका होता है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को यह सलाह दी कि प्रशिक्षण अवधि में थाने का चार्ज, उसके प्रशासन, विवेचना, ड्यूटी मैनेजमेंट और स्थानीय विवादों की प्रकृति को बहुत बारीकी से समझें। मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना पुलिसिंग की नींवहै। ह्यूमन इंटेलिजेंस आज भी किसी भी पुलिस अधिकारी का सबसे बड़ा हथियार है। स्थानीय लोगों से संवाद, फील्ड में उपस्थिति और विश्वास हीआपको मजबूत बनाते हैं। ड्रग्स नेटवर्क पर त्वरित कार्रवाई पर जोर दियामुख्यमंत्री ने ‘थाना, सर्किल तथा पुलिस लाइन’ तीनों की कार्यप्रणाली, संसाधनों और चुनौतियों को समझने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन तीनोंस्तरों का सामंजस्य ही किसी जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है। जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवादगरिमापूर्ण और संयत होना चाहिए। कैजुअल अप्रोच पुलिस अधिकारी के लिए उचित नहीं है। जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं, उनके साथतालमेल कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाता है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के प्रति अपराध, साइबर क्राइम और अवैध ड्रग्स के नेटवर्कके खिलाफ सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, अपराध की प्रकृति तेजी से बदल रही है, इसलिए आपकी प्रतिक्रिया और तैयारी भी उतनी हीआधुनिक और त्वरित होनी चाहिए। डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर टूल्स और तकनीक का कुशल उपयोग सीखें। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा किपुलिस सेवा में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और मानवीय दृष्टि ही सबसे बड़ी पूंजी है। आपका आचरण आने वाले वर्षों में न केवल कानून-व्यवस्था को दिशादेगा, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा और जनता के विश्वास को भी मजबूत करेगा। सीएम योगी ने आईपीएस प्रशिक्षुओं को संवेदनशील, संवाद-प्रधान औरआधुनिक पुलिसिंग अपनाने की नसीहत दी, खासकर साइबर क्राइम और ड्रग्स नेटवर्क पर त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया।

हिमाचल में ‘राधे-राधे’ विवाद बढ़ा बच्चों से सवाल पर सीएम सुक्खू घिरे, BJP और कथावाचक देवकीनंदन ने बोला हमला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बीते दिनों साई मैदान में बच्चों के साथ बात कर रहे थे। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री को नमस्कारके बजाय राधे-राधे कहा था। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूछा कि राधे-राधे क्यों बोल रहे हो। इसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल्स से इस वीडियो को काफी ज्यादा वायरल किया जा रहा था। मामला तब और ज्यादा बढ़ गया जब कथावाचकदेवकीनंदन ने भी मुख्यमंत्री सुक्खू पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक प्रदेश का मुखिया बच्चों को यह कहने से रोकते हैं कि तुम राधे-राधे क्योंकहते हैं? प्रदेश का मुखिया विधर्मी नहीं हैं, सनातनी (हिंदू) है, लेकिन मुखिया कह रहे हैं कि आप राधे-राधे क्यों कह रहे हैं, क्या ये भारत है, जबकिहिमाचल देवभूमि है। देवकीनंदन महाराज कहते हैं कि अगर आपको नहीं बोलना है तो मत बोलिये। वह कहते हैं कि जैसे पति को छोड़ने पर पत्नीविधवा हो जाती है, वैसे ही धर्म को छोड़ने पर मनुष्य विधवा हो जाता है। वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंहसुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी मानसिकता को सनातन विरोधी करार दिया। परंपराओं के सम्मान का प्रश्नइसी बीच सोमवार को विवाद के चलते मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मशाला में वॉकथॉन के आयोजन के दौरान मंच से राधे-राधे, राम-राम नारे लगाए हैं। अबउनका यह वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अभी तो जनता की भावना के सामने मुख्यमंत्रीको एक रात में अपने विषय बदलने पड़े हैं, लेकिन यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के 97 प्रतिशतसे अधिक सनातनी और हिंदू समाज 2027 में कांग्रेस सरकार को पूरी तरह सत्ता से बाहर बैठाने का मन बना चुका है। अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहाकि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं के सम्मान का प्रश्न है। भाजपा सनातनमूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रकार के अपमान को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिहार विधानसभा शपथ ग्रहण से शुरू हुआ पहला दिन, विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार मुद्दे पर सरकार को चुनौती देने को तैयार

बिहार में 18वीं विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो गया है। पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा चुनाव में जीत कर आयेविधायकों ने एक एक कर शपथ लिया। करीब छह विधायक शपथ नहीं ले पाए। वह मंगलवार को शपथ लेंगे। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादवसभी को शपथ दिलाईं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शपथ लिया। इस बार तेजस्वी यादव का अलग अंदाज देखनेको मिला। उन्होंने सम्राट चौधरी से हाथ मिलाया और सीएम नीतीश कुमार से इशारों में बात की। वहीं शपथ लेने के बाद मंत्री रामकृपाल यादवतेजस्वी से गले मिले। इधर, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शपथ लेने के बाद सीएम नीतीश कुमार का पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। वहीं आठवींबार जीतकर सदन पहुंचे प्रेम कुमार ने सदन को नमन किया तब अंदर गए। बाहुबली राजवल्लभ यादव की पत्नी और जदयू विधायक विभा देवी ठीकसे शपथ नहीं पढ़ पाईं। वहीं मोकामा विधायक अनंत सिंह आज शपथ लेने जेल से नहीं पहुंच पाए। इधर, सदन के अंदर पहली पंक्ति में सीएमनीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय और दिलीपजायसवाल बैठे दिखे। इधर, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए विधायक प्रेम कुमार ने नामांकन कर दिया है। अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारीइस बार विधायक अरुण शंकर प्रसाद, सुजीत पासवान, विनोद नारायण झा, आसिफ़ अहमद, माधव आनंद, मीणा कुमारी, नीतीश मिश्रा और सबसेकम उम्र की विधायक मैथिली ठाकुर ने मैथिली भाषा में शपथ ली। मैथिली ठाकुर ने मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी और पाग पहन कर आईं। वहींविधायक आबिदुर रहमान, कमरूल होदा, सरबर आलम, विधायक व AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और विधायक मुर्शीद आलम ने उर्दू मेंशपथ ली। इस बार सदन की तस्वीर काफी बदली हुई है। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत मिला। इनके 202 विधायक इस बातजीतकर आये हैं। वही महागठबंधन के 35 विधायक ही इस बार सदन पहुंच पाए हैं। पिछली विधानसभा की तुलना में इस बार विपक्ष संख्या बल मेंकमजोर है। हालांकि इसके बावजूद विपक्ष के नेता सरकार को गर्ने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं। इसको लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व मेंमहागठबंधन की बैठक भी हो चुकी है। विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारी में है। सदन की तस्वीर काफी बदली हुईइस बार सदन की तस्वीर काफी बदली हुई है। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत मिला। इनके 202 विधायक इस बात जीतकर आयेहैं। वही महागठबंधन के 35 विधायक ही इस बार सदन पहुंच पाए हैं। पिछली विधानसभा की तुलना में इस बार विपक्ष संख्या बल में कमजोर है।हालांकि इसके बावजूद विपक्ष के नेता सरकार को गर्ने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं। इसको लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन कीबैठक भी हो चुकी है। विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारी में है। बिहार चुनाव के बाद बुलाए गए सत्र पहले दिनयानी एक दिसंबर को विधायकों का शपथग्रहण होगा। वहीं दो दिसंबर को विधानसभा के अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। अध्यक्ष पद की रेस में भारतीयजनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार का नाम सबसे आगे हैं। हालांकि, जनता दल यूनाईटेड इस बार अपने पास विधानसभा अध्यक्ष का पद रखनाचाहती है। इस पर मंथन चल रहा है। अगले 24 घंटे के अंदर अध्यक्ष पद पर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। तीन दिसंबर को राज्यपाल काअभिभाषण होगा। चार दिसंबर को सरकार का फ्लोर टेस्ट और पांच दिसंबर को विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा।

कोहली के करियर का 52वां शतक, डेल स्टेन बोले, उम्र सिर्फ संख्या है, जूनून बरकरार

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि जहां 38 साल के अधिकतर खिलाड़ी घर से बाहर निकलने में कतराते हैं वहीं विराटकोहली की खेल के प्रति प्रतिबद्धता बेजोड़ है। कोहली ने रांची में खेले गए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में अपने करियर का 52वां शतकलगाया। टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले कोहली ने दिखाया कि वनडे क्रिकेट में अब भी उनका कोई सानी नहीं है। स्टेन ने जियोस्टार सेकहा, ‘जब आप 37 या 38 साल के अधिकतर खिलाड़ियों से बात करते हैं तो वे कहते हैं कि उन्हें घर, अपने कुत्ते, अपने बच्चों को छोड़ना पसंद नहींहै, लेकिन कोहली मानसिक रूप से ऐसी स्थिति में हैं जहां वह पहले की तरह भारत के लिए खेलने के लिए उत्सुक हैं। आप इसे विकेटों के बीच दौड़, फ़ील्डिंग करते और डाइव लगाते हुए देख सकते हैं। वह मानसिक रूप से युवा और तरोताजा हैं और क्रिकेट में बने रहना चाहते हैं।’ वह काफी अनुभव रखतेउन्होंने कहा, ‘कोहली ने पिछले 15-16 साल में 300 से अधिक वनडे खेले हैं, इसलिए वह काफी अनुभव रखते हैं। यह उनके शरीर और दिमाग में है।अगर वह तीन दिन की बारिश के बाद भी यहां पहुंचते तो भी उनकी तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ता। वह मानसिक रूप से मजबूत हैं, अच्छी तरह सेसोच सकते हैं और गेंद को बल्ले पर आते हुए देख सकते हैं। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यही करते हैं।’ स्टेन ने कहा, ‘कोहली खुद पर भरोसा रखते हैंक्योंकि वह पिछले लंबे समय से खेल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अब भी पहले की तरह खेलने कोलेकर उत्साहित रहते हैं।’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना 83वां शतक लगाने के बाद कोहली ने अपने करियर के इस दौर में अपनी मानसिकता और तैयारी के बारे में बात की थी। उन्हें घर, अपने कुत्ते, अपने बच्चों को छोड़ना पसंद नहींकोहली ने कहा, ‘मैं बहुत अधिक तैयारी में यकीन नहीं रखता। मेरा सारा क्रिकेट मानसिक रहा है। मैं शारीरिक रूप से बहुत मेहनत करता हूं। जब तकमेरी फिटनेस का स्तर अच्छा है और मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं तब तक सब ठीक है।’ स्टेन ने जियोस्टार से कहा, ‘जब आप 37 या 38 साल केअधिकतर खिलाड़ियों से बात करते हैं तो वे कहते हैं कि उन्हें घर, अपने कुत्ते, अपने बच्चों को छोड़ना पसंद नहीं है, लेकिन कोहली मानसिक रूप सेऐसी स्थिति में हैं जहां वह पहले की तरह भारत के लिए खेलने के लिए उत्सुक हैं।

शीतकालीन सत्र से पहले सियासी टकराव तेज़, विपक्ष का हमला, सरकार ने कहा ‘संसद शांत चलेगी’

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। केंद्र और विपक्ष के बीच इस शीतकालीन सत्र में कई मुद्दों को लेकर हंगामा छिड़ने के आसारअभी से नजर आ रहे हैं। शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को हुई केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक मेंजेपी नड्डा, किरेन रिजिजू समेत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और अन्य नेता शामिल हुए। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस केलोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि सरकार, भाजपा, प्रधानमंत्री भारत के लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म करना चाहतेहैं।’ उन्होंने कहा, ये संभवतः सबसे छोटा शीतकालीन सत्र; ऐसा लगता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना चाहती है। उन्होंने संसद में पार्टी कीरणनीति को लेकर कहा, सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा, मतदाता सूची की सुरक्षा पर चर्चा की मांग की।सर्वदलीय बैठक के बाद माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने कहा, दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने सरकार की पोल खोल दी है। हमारी पार्टीसुरक्षा से मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहती है। उन्होंने कहा कि यदि संसद बाधित होती है और ठप्प होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार कीहोगी। कोई व्यवधान नहीं होगासर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘किसी ने नहीं कहा कि संसद नहीं चलेगी या चलने नहीं देंगे। कुछ नेताओं ने कहाकि वे SIR पर सदन में हंगामा कर सकते हैं। मैं सकारात्मक रूप से कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार हैं। संसद सबकी है, देशकी है। संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका होता है। नियम होते हैं, परंपराएं होती हैं।’ किरेन रिजिजू ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र में हम आशाकरते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे। संसद में बहस होगी और मुझे उम्मीद है कि कोई व्यवधान नहीं होगा।अगर हम शांत मन से काम करेंगे, तो यह देश के लिए फायदेमंद होगा और संसद सत्र सुचारू रूप से चलेगा’ संसद में बहस होगी और मुझे उम्मीदशीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक के साथ अपने सुधार एजेंडे को आगेबढ़ाएगी। वहीं, विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। संसद का तीन सप्ताह लंबासत्र बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की भारी जीत के बाद आयोजित हो रहा है। विपक्ष की ओर से शीतकालीन सत्र मेंसोनिया-राहुल गांधी पर नई प्राथमिकी, दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली आतंकी हमला और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाने की संभावना है। सर्वदलीय बैठकपर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र में हम आशा करते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस सेबचेंगे। संसद में बहस होगी और मुझे उम्मीद है कि कोई व्यवधान नहीं होगा।’

किंग कोहली का कमाल, होम ODI में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर, सचिन भी पीछे

भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने रविवार को इतिहास रच दिया। वह घर में वनडे में सबसे ज्यादा बार 50 से ज्यादा रन बनाने वालेबल्लेबाज बन गए। इस मामले में उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। बता दें कि, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आजतीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रांची में खेला जा रहा है। इस मैच में मेहमानों ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया है।इस मुकाबले में किंग कोहली का बल्ला जमकर गरजा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महज 48 गेंदों में अपने वनडे करियर का 76वां अर्धशतकपूरा किया। इसी के साथ उन्होंने बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली। वह घर में वनडे खेलते हुए 50 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए।कोहली ने यह कारनामा 59 बार किया। वहीं, सचिन तेंदुलकर ने 58 बार वनडे में 50 से ज्यादा रनों की पारी खेली। तीसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीकाके जैक्स कैलिस हैं जबकि चौथे पायदान पर ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग हैं। 109 गेंदों पर 136 रनों की साझेदारी हुईविराट कोहली ने इस दौरान रोहित शर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाई। नांद्रे बर्गर ने यशस्वी जायसवाल को आउट कर भारतको पहला झटका दिया। यशस्वी ने तेज शुरुआत दिलाई थी, लेकिन वह इस लय को बरकरार नहीं रख सके और विकेट के पीछे डि कॉक को कैचथमा बैठे। इसके बाद रोहित ने कोहली के साथ मिलकर मोर्चा संभाला और दोनों बल्लेबाजों के बीच 109 गेंदों पर 136 रनों की साझेदारी हुई।रोहित अच्छी लय में दिख रहे थे, लेकिन मार्को यानसेन ने एलबीडब्ल्यू आउट कर उन्हें पवेलियन की राह दिखाई। इस तरह रोहित और कोहली के बीचयह साझेदारी टूट गई। रोहित 51 गेंदों पर पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 57 रन बनाकर आउट हुए।इसी के साथ रोहित और कोहली के बीच घर में वनडे में सबसे ज्यादा रनों की साझेदारी हुई। 41 पारियों में दोनों के बीच 2598 रनों की साझेदारीहुई। इस मामले में दूसरे स्थान पर कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने हैं, जिन्होंने 57 पारियों में 2596 रनों की साझेदारी की। भारतीय टीम के स्टारबल्लेबाज विराट कोहली ने रविवार को इतिहास रच दिया। वह घर में वनडे में सबसे ज्यादा बार 50 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। इसमामले में उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया।

यौन शोषण केस की पीड़िता पर बढ़े साइबर हमले, पुलिस ने सोशल मीडिया निगरानी तेज “कांग्रेस विधायक राहुल ममकुटाथिल के खिलाफयौन शोषण की शिकायत”

निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल ममकुटाथिल के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत करने वाली महिला पर साइबर हमले बढ़ गए हैं। ऐसे में पुलिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी तेज तेज कर दी है। शिकायतकर्ता महिला की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं, जिसके चलतेयह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अभियान शाखा अपनी नियमितसाइबर निगरानी के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखेगी। साइबर अपराध शाखा, साइबर थानों और विशेष साइबरडोम इकाई की निगरानीभी संभालता है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि शिकायतकर्ता की सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल करके उन्हें निशानाबनाया जा रहा है। केरल में निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल ममुकाथिल पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़िता पर साइबर हमले बढ़ गएहैं। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही उनकी तस्वीर साझा करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया खाते से ऐसे साइबर हमले नहीं किए गएएक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, अगर कोई शिकायत मिलती है तो साइबर थानों में मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जाएगा। हमारी नियमितसाइबर निगरानी के दौरान अगर किसी सोशल मीडिया खाते को पीड़िता की तस्वीरें फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्जकिया जाएगा। इस बीच, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि कांग्रेस के किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया खाते से ऐसेसाइबर हमले नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा, अगर कांग्रेस से जुड़ा कोई व्यक्ति ऐसी हरकत करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभीतक किसी भी आधिकारिक खाते या पार्टी से जुड़े लोगों की ओर से ऐसी गतिविधि नहीं की गई है। केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सनी जोसेफने भी कहा कि पार्टी के किसी नेता का साइबर हमलों में कोई हाथ नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पार्टी का कोई कार्यकर्ता ऐसीगतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।