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LoC पर घुसपैठ की बड़ी साजिश नाकाम: भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को लौटने पर किया मजबूर, विशेष इनपुट पर सेनाऔर बीएसएफ ने शुरू किया ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के heavily armed आतंकवादियों की एक घुसपैठ की साजिश को असफल कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों को 29 जून को पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र सेआतंकी घुसपैठ की योजना की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद संयुक्त अभियान शुरू किया गया। बीहड़ इलाके में दिखी संदिग्ध हलचलऑपरेशन के दौरान जवानों ने पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाके में सतर्क निगरानी रखते हुए 4-5 हथियारबंद लोगों की संदिग्ध गतिविधि देखी, जोLoC पार कर भारत में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे। आतंकवादी घने जंगल और खराब मौसम की आड़ लेकर घुसपैठ का प्रयास कर रहे थे। एक संदिग्ध पकड़ा गया, चार आतंकी लौटने पर मजबूरकार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान एक स्थानीय गाइड के रूप में हुई जो घुसपैठ में आतंकियों की मदद कर रहाथा। बाकी चार आतंकी मुठभेड़ के दौरान घायल हो गए और प्रतिकूल हालातों का फायदा उठाकर नियंत्रण रेखा पार कर वापस चले गए। तलाशी में बरामद हुई आपत्तिजनक सामग्रीसुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें पाकिस्तानी मुद्रा, मोबाइल फोन और कई संवेदनशील वस्तुएं बरामद की गईं। पूछताछमें सामने आया कि पकड़ा गया व्यक्ति पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का निवासी है और पाकिस्तानी सेना के निर्देशों पर काम कर रहा था। आतंकियों के पास था भारी जंगी सामानगिरफ्तार संदिग्ध ने बताया कि जैश के आतंकियों के पास हथियार, गोला-बारूद और बड़ी मात्रा में युद्ध सामग्री मौजूद थी। इससे यह स्पष्ट होता है किघुसपैठ के पीछे गहरी साजिश थी, जिसे भारतीय जवानों ने समय रहते विफल कर दिया। सेना ने दिखाई प्रोफेशनल मुस्तैदीपूरे ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने उच्च स्तर की सतर्कता और पेशेवर कौशल का परिचय दिया। यह सफल प्रयास न केवल सीमा की सुरक्षा कोमजबूत करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सेना किसी भी घुसपैठ या आतंकी मंसूबे को नाकाम करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। मजबूत घुसपैठ रोधी व्यवस्थाभारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर बहुस्तरीय निगरानी और अवरोधन प्रणाली के माध्यम से मजबूत घुसपैठ-रोधी व्यवस्था बनाए हुए है। भविष्य में भी इसतरह की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क और तैयार हैं।

रेलवे में बड़ा बदलाव: यात्रियों को अब आरक्षण की स्थिति पहले ही मिलेगी, तत्काल टिकट बुकिंग के नियम भी होंगे सख्त, आरक्षण चार्ट अब 8 घंटे पहले तैयार होगा

रेलवे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब ट्रेनों के आरक्षण चार्ट ट्रेन खुलने से चार घंटे पहले नहीं, बल्कि आठ घंटे पहले तैयार किए जाएंगे।इससे यात्रियों को अपनी टिकट की पुष्टि की स्थिति पहले से ही पता चल जाएगी, खासकर प्रतीक्षा सूची में होने की स्थिति में। नई प्रणाली दिसंबर2025 तक लागू की जाएगी। दूर-दराज के यात्रियों को होगी विशेष राहतट्रेन छूटने से पहले टिकट कंफर्म होने की जानकारी मिलने से विशेष रूप से उन यात्रियों को लाभ होगा, जो दूर-दराज के इलाकों से आते हैं और समयपर वैकल्पिक यात्रा योजना नहीं बना पाते। इससे उन्हें यात्रा की योजना बनाने का समय मिलेगा। दोपहर 2 बजे से पहले रवाना होने वाली ट्रेनों के लिए रात में बनेगा चार्टरेलवे बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार, जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय दोपहर 2 बजे से पहले है, उनके लिए आरक्षण चार्ट एक दिन पहले रात 9 बजे ही तैयारकर लिया जाएगा। इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्री आवश्यक निर्णय जल्दी ले सकेंगे। तत्काल टिकट बुकिंग होगी सख्त और पारदर्शीतत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए 1 जुलाई 2025 से नए नियम लागू होंगे। अब केवल प्रामाणिक यात्री ही तत्कालटिकट बुक कर पाएंगे। इसके लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा। ओटीपी व आधार आधारित पहचान होगी अनिवार्यजुलाई के अंत तक तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित पहचान सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी। इसमें यात्री की पहचान आधार कार्डया डिजीलॉकर से उपलब्ध सरकारी पहचान पत्रों से की जाएगी। इससे दलालों पर रोक लगेगी और टिकट बुकिंग अधिक सुरक्षित और विश्वसनीयहोगी। नई प्रणाली की क्षमता और सुविधाएं बढ़ेंगीरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई आरक्षण प्रणाली को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में एक मिनट में लगभग 32,000 टिकट बुक होते हैं, जबकि नई प्रणालीमें प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट बुक किए जा सकेंगे। पूछताछ क्षमता भी 4 लाख से बढ़कर 40 लाख प्रति मिनट हो जाएगी। यात्री अनुभव को बनाया जाएगा तकनीक आधारितनई प्रणाली को अधिक यात्री अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा। टिकट बुकिंग, सीट चयन, किराया जानकारी और रियायतों जैसीसुविधाएं कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगी। दिव्यांग, छात्र और मरीजों के लिए विशेष प्रावधान भी शामिल होंगे। किराया कैलेंडर की सुविधा भी उपलब्धनई प्रणाली में एक किराया कैलेंडर भी होगा, जिससे यात्री जान सकेंगे कि किस दिन का किराया कितना है। इससे टिकट बुक करने में पारदर्शिताबढ़ेगी और यात्रियों को अधिक सुविधा होगी।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर: जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़क, रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित शिमला, सोलन और मंडी में व्यापक नुकसान

रविवार को हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हुई, जिससे शिमला, सोलन और मंडी जिलों में भारी तबाही हुई। बारिश के कारणभूस्खलन और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर लोगों को घंटों तकफंसे रहना पड़ा। घर में मलबा घुसा, मां-बेटी एटिक में फंसींशिमला के जौली के बौथ वेल इलाके में शनिवार रात बारिश के चलते मलबा घर में घुस गया, जिसमें मां-बेटी एटिक में फंस गईं। राहत दल ने करीबढाई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। पेड़ गिरने और मलबा आने से मार्ग अवरुद्धपंथाघाटी में एक पेड़ गिरने से चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर रविवार सुबह सात बजे चक्की मोड़ के पास मलबा आने सेसड़क बंद हो गई। दोपहर पौने एक बजे तक इसे पूरी तरह से बहाल किया गया। बरोटीवाला-बग्गूवाला रोड और पिंजौर-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग परभी पुलिया बहने के कारण आवागमन ठप रहा। मंडी, चंबा और कुल्लू में हालात गंभीरमंडी के धर्मपुर क्षेत्र में जल निकासी धीमी होने से पानी फिर से झील की तरह भर गया। मंडी शहर के सन्यारड वार्ड में पांच मकानों के गिरने का खतरादेख लोगों ने घर खाली कर दिए हैं। चंबा के नैनीखड्ड क्षेत्र में पठानकोट-चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाले से भारी मात्रा में मलबा आ जाने से मार्गसाढ़े पांच घंटे बंद रहा। पांच मकान और तीन गौशालाएं क्षतिग्रस्तबारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में पांच मकान, तीन गौशालाएं और एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई हैं। विभिन्न इलाकों में हुए नुकसान से लोगोंको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 129 सड़कें बंद, बिजली आपूर्ति बाधितप्रदेश में कुल 129 सड़कें भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हैं। सिरमौर में 57, मंडी में 44, कुल्लू में 19, ऊना में 4 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़कफिलहाल बंद है। वहीं, 612 ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति भी ठप है। मंडी में सबसे अधिक 340 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कालका-शिमला रेलमार्ग प्रभावित, हिमाचल एक्सप्रेस देरी से पहुंचीभारी वर्षा और पेड़ गिरने के कारण कालका-शिमला रेलवे ट्रैक छह घंटे बाधित रहा। दिल्ली से आने वाली हिमाचल एक्सप्रेस ऊना में अपने निर्धारितसमय से 1 घंटा 12 मिनट और दौलतपुर चौक में लगभग 59 मिनट की देरी से पहुंची। कांगड़ा एयरपोर्ट पर दो उड़ानें रद्दमौसम की खराबी के चलते गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट पर रविवार को पांच में से दो उड़ानों को रद्द करना पड़ा। भुंतर और जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डों सेभी कोई उड़ान संचालित नहीं हो सकी। खनियारा में शव की पहचान, कुल्लू में तलाश जारीकांगड़ा जिले के खनियारा के पास मनूनी खड्ड से मिले शव की पहचान परमजीत पुत्र नेक राम, निवासी खडोना (फतेहपुर) के रूप में हुई है। कुल्लूजिले के सैंज के जीवानाला में बाढ़ में लापता दो लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

पुरी रथ यात्रा में भगदड़ से मची अफरातफरी, तीन श्रद्धालुओं की मौत, 50 घायल, तड़के भगदड़ से मचा कोहराम, तीन की गई जान

ओडिशा के पुरी में रविवार सुबह श्री गुंडिचा मंदिर के पास रथ यात्रा के दौरान भगदड़ मचने से कम से कम तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकिकरीब 50 लोग घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब हजारों श्रद्धालु जगन्नाथ रथ यात्रा के दर्शन के लिए मंदिर परिसर के पास जमा हुए थे।मृतकों की पहचान बोलागढ़ निवासी बसंती साहू (36), बालीपटना निवासी प्रेमकांत मोहंती (80), और प्रवती दास (42) के रूप में हुई है। मुख्यमंत्री माझी ने जताया दुख, मांगी माफीमुख्यमंत्री मोहन माझी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर श्रद्धालुओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा, “भगदड़ की यहघटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में अत्यधिक उत्साह के कारण धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति बन गई। हमशोकसंतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं और महाप्रभु से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस पीड़ा को सहन करने की शक्ति मिले।” मुख्यमंत्री ने इसे सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए हैं। गजपति महाराजा ने की विस्तृत जांच की मांगश्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) के अध्यक्ष और पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जासके। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के प्रति शोक संवेदना भी प्रकट की। प्रशासन में तत्काल फेरबदल, अधिकारी निलंबितघटना के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ शंकर स्वैन और पुलिस अधीक्षक विनीत अग्रवाल का तत्कालस्थानांतरण कर दिया। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले फील्ड स्तर के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।पुलिस उपायुक्त बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को भी निलंबित कर दिया गया है।

तेलंगाना बीजेपी में सियासी हलचल: टी राजा सिंह का इस्तीफा, रामचंदर राव बन सकते हैं नए प्रदेश अध्यक्ष,टी राजा सिंह ने भाजपा से दिया इस्तीफा

तेलंगाना के गोशामहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह, जो अपने कट्टर हिंदुत्ववादी रुख और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं, ने पार्टी सेइस्तीफा दे दिया है। नेतृत्व को लेकर पार्टी में चल रही खींचतान के बीच उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस्तीफे कीप्रति साझा करते हुए लिखा, “बहुतों की चुप्पी को सहमति नहीं समझा जाना चाहिए। मैं उन तमाम कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की आवाज बन रहाहूं, जो आज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। जय श्री राम।” खुद को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने क की थी मांगकुछ दिनों पहले टी राजा सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा नेतृत्व से उन्हें तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की सार्वजनिक अपील की थी।उन्होंने दावा किया था कि बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उन्हें इस पद पर देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाती है तोवे गोरक्षा के लिए एक समर्पित विंग की स्थापना करेंगे और कार्यकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को एक हिंदुत्वआधारित पार्टी के रूप में मजबूत करने की भी बात कही थी। रामचंदर राव को मिल सकती है जिम्मेदारीपार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व ने एन. रामचंदर राव को तेलंगाना का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया है। राव एक वरिष्ठ अधिवक्ताहैं और पहले विधान परिषद सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय जनता युवा मोर्चा और भाजपा के कानूनी प्रकोष्ठमें भी सक्रिय भूमिका निभाई है। माना जा रहा है कि उनका चयन पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें विवादों से दूर, समर्पित नेताओं कोप्राथमिकता दी जा रही है। उनके मंगलवार को निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है। इस्तीफे में नेतृत्व पर गंभीर आरोपअपने त्यागपत्र में टी राजा सिंह ने वर्तमान प्रदेश नेतृत्व पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा केलाखों समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं को दरकिनार कर गलत नेतृत्व थोपा गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में पर्दे के पीछे सेफैसले लिए जा रहे हैं और निजी हित, संगठन के हितों पर भारी पड़ रहे हैं। हिंदुत्व के प्रति प्रतिबद्धता बरकरारहालांकि उन्होंने भाजपा से दूरी बनाई है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी विचारधारा नहीं बदली है। टी राजा सिंह ने कहा कि वह हिंदुत्व और धर्मकी सेवा में पहले की तरह ही समर्पित रहेंगे। उन्होंने इसे एक कठिन लेकिन आवश्यक निर्णय बताया और कहा कि वह उन कार्यकर्ताओं औरमतदाताओं की आवाज बनकर लड़ते रहेंगे जो आज खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

तेलंगाना के संगारेड्डी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 12 की मौत, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान, भीषण धमाका, दर्जनों घायल

तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पासमैलारम फेज-1 क्षेत्र में सोमवार, 30 जून को एक केमिकल फैक्ट्री में जबरदस्त धमाका हुआ। इस विस्फोट में अबतक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब दो दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या में औरइज़ाफा हो सकता है। इलाज के दौरान गई कई मजदूरों की जानपुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि मौके से छह शव बरामद किए गए, जबकि कई मजदूरों ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। धमाके से उड़ गया औद्योगिक शेडप्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का औद्योगिक शेड पूरी तरह से तबाह हो गया। कई मजदूरविस्फोट के झटके से हवा में उछलकर करीब 100 मीटर दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद दमकल विभाग की 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग परकाबू पाने का प्रयास शुरू किया। फैक्ट्री में मौजूद थे 100 मजदूरघटना के समय फैक्ट्री में लगभग 100 मजदूर काम कर रहे थे। यह फैक्ट्री विभिन्न रसायनों का उत्पादन करती है। हालांकि, अभी तक सभी घायलोंऔर मृतकों की स्पष्ट संख्या सामने नहीं आ सकी है। प्रशासन द्वारा बचाव अभियान अब भी जारी है। PM मोदी ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणाकी है। इसके साथ ही घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड में हुआ विस्फोटयह विस्फोट सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड के परिसर में हुआ। यह कंपनी फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सक्रिय है और API, इंटरमीडिएट्स, एक्सिपिएंट्स औरविटामिन-खनिज मिश्रणों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। अभी नहीं मिला कोई शव: प्रशासनसंगारेड्डी के पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज ने बताया कि मौके पर अभी तक कोई शव बरामद नहीं हुआ है, हालांकि अस्पताल में भर्ती कई लोगों कोमृत घोषित कर दिया गया है। प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वृंदावन में किए बांके बिहारी के दर्शन, मांगा आशीर्वाद ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित दिल्ली’ के लिए

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को मथुरा के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने दिल्ली और देशवासियोंके कल्याण के लिए प्रभु से आशीर्वाद मांगा। अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से रेखा गुप्ता ने दर्शन का एक वीडियो साझा करते हुएलिखा, “जय श्री राधे। जय श्री बांके बिहारी लाल की। प्रभु चरणों में यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा दिल्ली सहित समस्त देशवासियों पर बनी रहे।” दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंचीं मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंची थीं, जहां उन्होंने कमर गांव, कोसी कलां में बायो-सीएनजी प्लांट का उद्घाटन किया। इसप्लांट की क्षमता 2.5 टन प्रतिदिन है। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर चिंता जताई और कहा कि उनकी सरकारप्रदूषण नियंत्रण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि यमुना की दुर्दशा उनके शासनका परिणाम है। गोवर्धन परिक्रमा के बाद मंदिर में पूजाशनिवार को मुख्यमंत्री ने श्रद्धा के साथ गोवर्धन परिक्रमा भी की थी। रविवार को बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने अपनी आत्मिक संतुष्टिव्यक्त की और कहा कि मंदिर में आकर उन्हें अत्यंत सुखद अनुभूति हुई। उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भारत और दिल्ली के विकास केलिए ईश्वर से प्रार्थना की। जनसेवा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकतामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली के नागरिकों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसके लिए वे प्रभु का आशीर्वादलेकर निष्ठा से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी सरकार विकसित भारत और विकसित दिल्ली के सपने को साकार करने में सफलहोगी। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री का दिल्ली लौटने का कार्यक्रम निर्धारित था।

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल, 8 IAS और 15 PCS अधिकारियों का हुआ तबादला

उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार द्वारा 8 आईएएस और 15 पीसीएस अधिकारियोंके तबादले किए गए हैं। स्थानांतरण सूची में शामिल पीसीएस अधिकारियों में कई उपजिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और अन्यप्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं। दीप्ति देव यादव को प्रधान प्रबंधक, सहकारी चीनी मिल संघ लखनऊ से स्थानांतरित कर अपर आयुक्त, लखनऊमंडल बनाया गया है। वहीं, राज बहादुर को ललितपुर से स्थानांतरित कर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), लखनऊ नियुक्त किया गया है। जय प्रकाशको भी प्रधान प्रबंधक पद से हटाकर गोरखपुर मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है, जबकि अजय कुमार को भी इसी पद पर गोरखपुर भेजा गया है।सहदेव कुमार मिश्र, जो पहले सोनभद्र में ADM थे, अब गोरखपुर के ADM (प्रशासन) होंगे। दशरथ कुमार को प्रयागराज से स्थानांतरित कर उपसंचालक चकबंदी, गोरखपुर बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण तबादलों में गजेंद्र कुमार को नगर मजिस्ट्रेट, सहारनपुर से स्थानांतरित कर मुख्य राजस्व अधिकारी, अयोध्या नियुक्त किया गया है।कल्पना जायसवाल को बदायूं में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि वागीश कुमार शुक्ला अब सोनभद्र के अपरजिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) होंगे। भारत, जो गोंडा में उपजिलाधिकारी थे, अब अयोध्या नगर निगम में अपर नगर आयुक्त बनेंगे। इसके अलावाअंकित कुमार, रमेश कुमार, कुलदीप सिंह और मनी अरोरा को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से सहकारी चीनी मिल संघ, लखनऊऔर नगर मजिस्ट्रेट, सहारनपुर के पद शामिल हैं। आईएएस अधिकारियों के तबादलों में आलोक कुमार-3 को नियोजन एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के प्रमुख सचिव पद पर बनाए रखते हुएपुनर्गठन समन्वय, भाषा, राष्ट्रीय एकीकरण और सामान्य प्रशासन विभाग तथा हिंदी संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राकेशकुमार सिंह-2 को मुख्यमंत्री कार्यालय से स्थानांतरित कर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कासीईओ बनाया गया है। योगेश कुमार को गृह विभाग से हटाकर प्रभारी आयुक्त एवं निबंधक, सहकारी समितियां बनाया गया है। हीरा लाल को सहकारी समितियों के आयुक्त पद से हटाकर राष्ट्रीय एकीकरण विभाग का सचिव बनाया गया है। अनामिका सिंह को अब महिलाकल्याण एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ यूपी क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अथॉरिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वन, पर्यावरण एवंजलवायु परिवर्तन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। भवानी सिंह खंगारौत को प्रतीक्षारत सूची से निकालकर विशेष सचिव, राजस्व विभागबनाया गया है। वहीं, सान्या छाबड़ा को पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर हरदोई की मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है, और ईशाप्रिया को पर्यटन निगम का प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया

चिराग पासवान का RJD पर हमला, बिहार जंगलराज की वापसी नहीं चाहेगा, 1990 के दशक की यादें आज भी ताजा

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हाजीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा किबिहार की जनता 1990 के दशक के “जंगलराज” को कभी नहीं भूलेगी और दोबारा उसे स्वीकार नहीं करेगी। पासवान ने उस दौर को बिहार के लिएप्रताड़ना का समय बताते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे इतिहास से सीखें और सही निर्णय लें।युवाओं को इतिहास से परिचित कराने की जरूरतपासवान ने कहा कि 2005 के बाद जन्म लेने वाले युवाओं को उस समय की स्थिति से अवगत कराना आवश्यक है, जब राज्य में कानून-व्यवस्थाचरमरा गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD की सरकार ने बिहार को पलायन और अराजकता के रास्ते पर ढकेला। चिराग ने युवाओं, खासकरपहली बार मतदान करने वाले नागरिकों से उस समय की सच्चाई जानने की अपील की। मुख्यमंत्री पद की घोषणा पर किया कटाक्षचिराग पासवान ने RJD द्वारा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा को गठबंधन की आंतरिक राजनीति करार दिया और कहा कि अंततः यह बिहारकी जनता तय करेगी कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता RJD को सत्ता में वापसी का मौका नहीं देगी, क्योंकि वह फिर सेजंगलराज नहीं देखना चाहती। आपातकाल से की जंगलराज की तुलनापासवान ने आपातकाल की ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जैसे देश को इमरजेंसी की सच्चाई बताना जरूरी है, उसी तरह बिहार केउस अंधेरे दौर को भी युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जंगलराज की सच्चाई को जानकर ही नई पीढ़ी सही निर्णय ले सकेगी। वोटर लिस्ट पर उठाए सवालों को बताया बेबुनियादवोटर लिस्ट अपडेट करने की प्रक्रिया पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को खारिज करते हुए पासवान ने कहा कि यह एक नियमित और पारदर्शीप्रक्रिया है। उन्होंने विपक्ष पर संस्थाओं में अविश्वास फैलाने और हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। महागठबंधन की संभावित हार की ओर इशारामहागठबंधन को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष पहले ही हार के बहाने तलाश रहा है। उन्होंने कहा, “अगर विपक्ष सामान्य प्रक्रियाओं पर भीसवाल उठाता है, तो यह साफ है कि वह हार मान चुका है।” पासवान ने विश्वास जताया कि बिहार की जनता फिर से RJD को सत्ता में आने का मौकानहीं देगी।

CJI बी.आर. गवई का बयान, अनुच्छेद 370 डॉ. अंबेडकर की सोच के विरुद्ध, नागपुर में संविधान प्रस्तावना पार्क के उद्घाटन पर बोले सीजेआई

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने शनिवार, 29 जून 2025 को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ाबयान दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370, डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक संविधान और एक राष्ट्र की सोच के विपरीत था। उनका यह वक्तव्य उससमय आया जब वे संविधान प्रस्तावना पार्क के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। अंबेडकर का दृष्टिकोण, एक राष्ट्र, एक संविधानसीजेआई गवई ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों को दोहराते हुए कहा कि बाबा साहेब कभी किसी एक राज्य के लिए अलग संविधान केपक्षधर नहीं थे। उनका मानना था कि भारत को एकजुट रखने के लिए सभी राज्यों पर समान कानून और संविधान लागू होना चाहिए। उन्होंने स्पष्टकिया कि विशेष दर्जा जैसे प्रावधान अंबेडकर की मूल सोच से मेल नहीं खाते। अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसलासीजेआई बी.आर. गवई उस पांच जजों की संविधान पीठ का हिस्सा थे, जिसने 11 दिसंबर 2023 को अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र सरकार केफैसले को संवैधानिक रूप से सही करार दिया था। इस ऐतिहासिक निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अनुच्छेद 370 केवल एक अस्थायी व्यवस्थाथी और जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। फैसले में यह भी कहा गया था कि राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने का निर्णय पूरी तरह वैधहै, और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का कदम भी संवैधानिक रूप से उचित है। साथ ही कोर्ट ने 30 सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर मेंविधानसभा चुनाव कराने के निर्देश भी दिए थे। केंद्र सरकार का ऐतिहासिक कदम5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करते हुए जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके लगभगचार साल बाद, दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को वैध ठहराते हुए सरकार के रुख की पुष्टि की थी। अब, CJI गवई के ताजा बयान नेएक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि भारतीय संविधान सभी राज्यों पर समान रूप से लागू होता है, और डॉ. अंबेडकर की सोच इसी एकता औरअखंडता की पुष्टि करती है।