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संजय सिंह का आरोप यूपी में वोटर लिस्ट से काटे जाएंगे 1 करोड़ नाम, ‘मोदी वोट चोर है’ नारा अब यूपी में भी गूंजेगा

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह का कहना है कि ‘गली–गली में शोर है, मोदी वोट चोर है‘ का नारा अब उत्तर प्रदेश में भीगूंजेगा. चर्चा है कि यूपी में पंचायत चुनाव से पहले भाजपा लगभग एक करोड़ वोट कटवाने जा रही है. पंचायत चुनाव से पहले एसआईआर के जरिएएक बड़ा चुनावी घोटाला करने की तैयारी शुरू हो गई है. भाजपा जनता के बीच अपना आधार खो चुकी है. इसलिए अब वोट चोरी के जरिए चुनावजीतना चाहती है. संजय सिंह ने यूपी की जनता से अपील की कि अपने लोकतंत्र और वोट के अधिकार को बचाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ाईलड़ने को तैयार हो जाएं. राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पंचायत चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने को लेकर रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले एसआईआर के जरिए एक बड़ा चुनावी घोटाला करने की तैयारी शुरू होगई है. यह वही एसआईआर है, जिस पर पूरा बिहार आंदोलित है और जिसके जरिए महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा ने चुनाव जीता और दिल्ली मेंतो सारी हदें पार कर दीं.मोदी है वोट चोर– संजय सिंहसंजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की विधानसभा (नई दिल्ली) में चुनाव शुरू होने से पहले 42,000 वोट काट दिए गए. दिल्ली की 14 विधानसभाओं में भाजपा के चंद कार्यकर्ताओं ने हजारों वोट कटवा दिए. केंद्रीय मंत्रियों के घरों में फर्जी वोट बनवाए गए। वोट और वोटर सूची मेंधोखा देकर वोट चोरी करके चुनाव जीतने का यह खेल अब उत्तर प्रदेश में शुरू होने वाला है. इस बात की चर्चा है कि पंचायत चुनाव से पहले पूरे उत्तरप्रदेश में 1 करोड़ वोट काटे जाएंगे. कल्पना कीजिए, यह कितना बड़ा घोटाला करने की तैयारी है. संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील करतेहुए कहा कि अगर लोग अपने राज्य के लोकतंत्र, चुनाव और अपनी पंचायतों को बचाना चाहते हैं तो बाहर निकलकर अपनी आवाज बुलंद कीजिए. केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ न्यायालय तक अपनी आवाज पहुंचाइए. सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने कोतैयार हो जाइए, क्योंकि यह एसआईआर उनके वोट के अधिकार को खत्म कर देगा और पूरे देश में जो नारा है, वह अब उत्तर प्रदेश में भी लोगों कोलगाना पड़ेगा कि “गली–गली में शोर है, मोदी वोट चोर है.

Delhi Police, राहुल गांधी के अभद्र बयान पर बीजेपी का तीखा विरोध, माफी की मांग और कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी

राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखा विरोध जताया है और प्रचंड प्रदर्शनकिया. बीजेपी नेताओं ने इसे न केवल अनावश्यक बल्कि अनुशासनहीनता का प्रतीक भी करार दिया. बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के बयानको “निंदनीय” और “राजनीतिक गरिमा के खिलाफ” बताया और इस पर पार्टी ने विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत कर दी. बीजेपी का कहना है कि राहुलगांधी को अपनी भाषा और आचरण में संयम रखना चाहिए, खासकर जब वे एक राष्ट्रीय नेता हैं पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकरप्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं. लोकतंत्र के संस्थानों का भी अपमानबीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और उनके बयान का विरोध किया. पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजितकर राहुल गांधी से इस विवादास्पद टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग की. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के बयान पर तीखाहमला किया और कहा कि “यह राजनीति की मर्यादा को लांघने जैसा है. हालांकि राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दियाहै, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने यह तर्क दिया कि उनका बयान “राजनीतिक आलोचना” के दायरे में आता है और यह भारतीय राजनीति की एक सामान्यप्रक्रिया है. बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है, और इस मुद्दे को संसद में उठाने की योजना बनाई है. पार्टी काकहना है कि यह मामला सिर्फ एक अपमानजनक बयान नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र के संस्थानों का अपमान है. चुनाव में बन सकता है मुद्दायह मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है. बीजेपी के प्रदर्शनों और कांग्रेस की प्रतिक्रियाओं के बीच राजनीतिक गलियारों में गर्मा-गर्मी हैकई विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी चुनावों में भी एक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि यह पार्टी की छवि और उनके चुनावी रणनीतियोंको प्रभावित करेगा. कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर एक प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा गया कि उनके बयानका उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत छवि पर हमला करना नहीं था, बल्कि यह सरकार की नीतियों पर आलोचना करने की प्रक्रिया थी कांग्रेस ने यह भीबताया कि राहुल गांधी हमेशा से सरकार की नीतियों का विरोध करते रहे हैं, जो गरीबों, किसानों और आम जनता के खिलाफ हैं.

कालकाजी मंदिर के पुजारी की निर्मम हत्या पर AAP का बीजेपी पर हमला, दिल्ली में कानून व्यवस्था की नाकामी

दिल्ली में भाजपा की चार इंजन की सरकार होने के बावजूद कालकाजी मंदिर के एक पुजारी की पीट-पीट कर निर्मम हत्या कर दी गई. यह सिर्फ हत्यानहीं, बल्कि हमारी आस्था पर भी हमला है. यह सब भाजपा सरकार-दिल्ली पुलिस की नाकामी की वजह से हुआ. भाजपा कानून व्यवस्था को संभालनेमें पूरी तरह फेल है शनिवार को आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा ने प्रेसवार्ता के दौरान यह बातें कहीं उन्होंने कहा कि वैसे तो देश भर मेंभाजपा धार्मिंक उन्माद फैलाती है, लेकिन दिल्ली में धर्म की रक्षा कर रहे पुजारी की जान नहीं बचा पाई. दिल्ली में कानून व्यवस्था का बुरा हाल हैऔर अपराधियों के हौसले बुलंद है। कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथों में होने के कारण ही हत्या, लूटपाट, चोरी, रेप की घटनाएं बढ़ रही हैं. मामला बेहद हैरान करने वालाशनिवार को “आप” मुख्यालय पर अनिल झा ने कहा कि दिल्ली की बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी अत्यंत चिंचित है केंद्र और दिल्ली में भाजपा की सरकार है एमसीडी, कैंटोमेंट बोर्ड, एनडीएमसी, डीडीए ओर एलजी सब भाजपा के अधीन है भाजपा खुद को धर्म का सबसे बड़ा पैरोकार मानती है. मंदिरों के लिए आंदोलन, मंदिरों को बचाने और पुजारियों के रख-रखाव का प्रयास करती रही है इसके बावजूदआज देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी स्थिति बन गई है कि भाजपा सरकार की इंटेलिजेंस फेल नजर आ रही है. अनिल झा ने कहा कि नई दिल्ली सेमहज 6-7 किलोमीटर दूर कालकाजी का प्रतिष्ठित मंदिर दुर्गापूजा के दौरान कालकाजी मंदिर में हजारों लाखों लोग दर्शन करने के लिए आते हैं. भाजपा दिल्ली मे ंहमेशा कानून व्यवस्था पुख्ता होने का दावा करती रही है इसके बावजूद कालकाजी मंदिर के पुजारी की निर्मम हत्या कर दी गई. यह घटना सिर्फ चिंता का विषय नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार की विफलता है दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस, स्थानीय सूचना तंत्र ने घटना का अंदेशाहोने के बावजूद सुरक्षा में ढील रखा और कालकाजी मंदिर के पूजारी की हत्या कर दी गई. यह मामला बेहद हैरान करने वाला है. पीट रही झूठा ढिंढोराअनिल झा ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अभिषेक धारिया पूर्वी दिल्ली के डीसीपी हैं 25 लाख रुपए की फिरौती कोलेकर प्रेस कांफ्रेंस करने के दौरान अभिषेक धारिया ने कहा कि लॉरेंस विश्नोई ‘साहब’ का इसमें नाम आया है यह दिल्ली पुलिस का मानसिकदिवालियापन है दिल्ली की कानून व्यवस्था अक्षम लोगों के हाथ में है एक तरफ भाजपा कहती है कि वह धार्मिक अस्था पर पीछे नहीं हट सकती औरदूसरी तरफ भाजपा के ही राज में मंदिर का पुजारी, गुरुद्वारे का ग्रंथी और मस्जिद का मौलाना, गिरजाधर का पादरी सुरक्षित नहीं है तो क्या भाजपा उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक मजबूत कानून व्यवस्था का सिर्फ झूठा ढिंढोरा पीट रही है?

राहुल गांधी की बिहार जनसभा में बीजेपी पर निशाना, वोट चोर गद्दी छोड़ो” का जोरदार नारा

राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा– कैसे हैं आप लोग? मूड कैसा है? सबसे पहले मैं आप जैसेकरोड़ों बिहार के युवाओं का दिल से धन्‍यवाद करना चाहता हूं कि आपने अपनी आवाज इस संविधान को बचाने में लगाई (संविधान की प्रति दिखातेहुए कहा) आपने अपनी शक्ति इस संविधान को, अंबेडकर जी के संविधान को, गांधी जी के संविधान को बचाने में… इसकी रक्षा करने में आपनेअपनी आवाज रखी. भाईयो और बहनो, बिहार से क्रांति शुरू होती है और आपने दिखाया कि बिहार से ही क्रांति… वोटर अधिकार यात्रा शुरू हुई और पूरे देश में फैलने जारही है। अब आप पूरी दुनिया को यह नारा सुनाइए- वोट चोर– (जनसभा ने नारा पूरा किया– गद्दी छोड़), वोट चोर– (जनसभा ने फिर से नारा पूरा करतेहुए कहा – गद्दी छोड़), वोट चोर– (जनसभा ने एक बार फिर नारा पूरा करते हुए कहा – गद्दी छोड़), वोट चोर – (जनसभा ने एक और बार नारा पूराकरते हुए कहा – गद्दी छोड़)। यह चोरी सिर्फ आपके वोट की नहीं है, यह चोरी आपके अधिकार की है, आपके भविष्‍य की है. आपको पहले रास्‍ते दिए जाते थे, पब्लिक सेक्‍टर था, यह सारे के सारे रास्‍ते आपके हाथ से छीन लिए गए है नरेंद्र मोदी, बीजेपी-आरएसएस अडानी-अंबानी की सरकार चलाती है और इसीलिए वह चाहते हैं कि गरीबों की आवाज इस देश में ना सुनी जाए, दबाई जाए और हमने साफ कह दिया है किपूरे देश में गरीब युवाओं की आवाज गूंजेगी, सुनाई देगी और हम बिहार में एक वोट चोरी नहीं होने देंगे. भाईयो और बहनो, इन्‍होंने महाराष्‍ट्र में चुनावचोरी किया, हरियाणा में किया, लोकसभा में किया, मगर हम बिहार का चुनाव इनको चोरी नहीं करने देंगे… बात मंजूर है –(जनसभा ने कहा– हां), पक्‍का– (जनसभा ने कहा– हां)। वोट चोरी होगी बिहार में – जनसभा ने कहा– नहीं), होगी- (जनसभा ने कहा – नहीं) बिल्‍कुल नहीं होगी. आप सबकादिल से धन्‍यवाद करता हूं. नमस्‍कार, जय हिंद, जय बिहार.

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कांग्रेस और विपक्ष पर हमला, “सेवानिवृत्त जजों का हस्ताक्षर अभियान असंवैधानिक”

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को बंगलूरू में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकरकुछ सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ चलाए गए हस्ताक्षर अभियान को असंवैधानिक और अनुचित करार दिया. रिजिजू ने कहा कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक है और रिटायर्ड जजों की भागीदारी से यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल में भीविचारधारात्मक झुकाव रखते थे. रिजिजू ने कहा कि कुछ रिटायर्ड जजों ने गृह मंत्री के खिलाफ पत्र लिखे और अभियान शुरू किया, जो न्यायपालिकाकी गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव एक राजनीतिक प्रक्रिया है. यह नहीं है उचितरिटायर्ड जजों को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। इससे यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल में भी किसी खास विचारधारा से प्रभावित थे. यहठीक नहीं है कि गृह मंत्री के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाए. रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार केखिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने राहुल गांधी और तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा का नाम लेते हुए कहा कि यहरवैया लोकतंत्र और देश के भविष्य के लिए खतरनाक है. रिजिजू ने कहा, “हम लोकतांत्रिक लोग हैं और सम्मानपूर्वक बात करते हैं लेकिन विपक्ष केनेता प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, यह उचित नहीं है. ठीकरा फोड़ती है चुनाव आयोग परकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा और एनडीए हमेशा संवैधानिक दायरे में चुनाव लड़ते हैं.जबकि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़तीहै. उन्होंने कहा कि अगर जनता आपको वोट नहीं दे रही तो चुनाव आयोग को कोसने का क्या मतलब? राहुल गांधी ने तीन चुनाव हारे हैं और अबउनका गुस्सा देश, जनता और संविधान पर निकल रहा है. यह जनता की पसंद है कि वे आपको वोट नहीं दे रहे, इसमें हमारी गलती नहीं.

महाराष्ट्र सरकार मराठा आरक्षण पर कर रही है काम, फडणवीस, पवार ने संविधान संशोधन की आवश्यकता जताई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे की मांगों को कानूनी औरसंवैधानिक ढांचे के भीतर पूरा करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले साल मराठा समुदाय को (सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ेवर्ग श्रेणी के तहत) दिया गया 10 प्रतिशत आरक्षण अभी भी लागू है, जबकि ओबीसी कोटे में आरक्षण के लिए जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशनदूसरे दिन भी जारी रहा. ताजा आंदोलन किया शुरुफडणवीस ने कहा कि मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार प्रदान करने के लिए सबसे ज्यादा फैसले 2014 और 2025 के बीच लिए गए. यह वहअवधि है, जब ज्यादातर समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें सत्ता में रही हैं जरांगे के हजारों समर्थक दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान और उसकेआसपास डेरा डाले हुए हैं, जहां से जरांगे ने अपना ताजा आंदोलन शुरू किया है. समाज में न रहे कोई कटुताइस बीच राकांपा (सपा) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, क्योंकि कुल आरक्षण की एकसीमा है. उन्होंने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत मराठा खेती पर निर्भर हैं, लेकिन केवल कृषि ही उनका भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती, इसलिएआरक्षण ही एकमात्र विकल्प है. पवार ने यहां समारोह में कहा कि वह अन्य सांसदों के साथ संविधान संशोधन की आवश्यकता पर चर्चा कर रहे हैं. पवार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने आरक्षण पर 52 प्रतिशत की सीमा लगाई है, लेकिन तमिलनाडु में न्यायालय ने 72 प्रतिशत आरक्षण कोमंजूरी दे दी है इस मुद्दे पर केंद्र की भूमिका पारदर्शी और स्पष्ट होनी चाहिए. देश को एक समान नीति की आवश्यकता है ताकि समाज में कोई कटुता नरहे.

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण का एमके स्टालिन पर हमला:,”तमिलनाडु में मूपनार को प्रधानमंत्री बनने से रोका गया”

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कुछ ताकतों नेतमिल मनीला कांग्रेस के संस्थापक और दिवंगत नेता जी के मूपनार को देश का प्रधानमंत्री बनने से रोका. मूपनार की 24वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलिअर्पित करने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि ये ताकतें जो अक्सर तमिल, तमिल संस्कृति और तमिल भाषा को बढ़ावा देने की बात करती हैं, येवहीं ताकतें हैं जिन्होंने अवसर आने पर मूपनार को प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने से रोका. एकजुट होकर करते है कामसीतारमण ने कहा कि अपने कॉलेज के दिनों में जब उनकी राजनीति में रुचि उभर रही थी, तब वे मूपनार को तमिलनाडु के एक व्यापक रूप सेसम्मानित व्यक्ति के रूप में देखती थीं मूपनार अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं और वह एक राष्ट्रवादी नेता थे. वह देशभर में एकसम्मानित नेता थे उन्हें बिहार ही नहीं, हरियाणा और देश के कोने-कोने में जाना जाता था. सीतारमण ने आरोप लगाया कि मूपनार का कद प्रभावशालीथा. उन्हें जानने वाले लोग उनकी बातों का सम्मान करते थे और एकजुट होकर काम करते थे. शराब बेचकर कर रहे है अपना गुजाराहालांकि, जब उनके प्रधानमंत्री बनने का अवसर आया तो कुछ ताकतों ने उन्हें रोक दिया हम सभी जानते हैं कि वे कौन सी ताकतें थीं जिन्होंने उन्हेंप्रधानमंत्री बनने से रोका सीतारमण ने कहा कि ऐसी घटना को भुलाया नहीं जा सकता. मुझे लगता है कि यह तमिलनाडु के लिए अब तक का सबसेबड़ा विश्वासघात है उन्होंने कहा कि मेरी टिप्पणी को राजनीतिक नहीं समझा जाना चाहिए, क्योंकि यह कार्यक्रम मूपनार को श्रद्धांजलि देने के लिएआयोजित किया गया था. तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में केंद्रीय मंत्री ने आगामी चुनावों के दौरान तमिलनाडु कीराजनीति में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि लोग सुशासन चाहते हैं इस गठबंधन को साथ लेकर इसे लागू करना हमाराकर्तव्य है उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में एक परिवार ड्रग्स और शराब बेचकर अपना गुजारा कर रहा है.

दिल्ली सरकार ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं के लिए ऐतिहासिक नकद पुरस्कार की घोषणा, सीएम रेखा गुप्ता ने किया ऐलान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं के लिए ‘सबसे अधिक नकदपुरस्कार’ की घोषणा की है. उन्होंने कहा, ‘खेलों में सिर्फ पदक और ट्रॉफी ही नहीं जीती जातीं, बल्कि जीवन भर के लिए सम्मान भी मिलता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले किसी भी सरकार में खेलों पर इतना ध्यान नहीं दिया गया उन्होंने देश भर में खेलों का परिदृश्य पूरी तरह से बदल दियाहै. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः सात करोड़ रुपये, पांच करोड़ रुपये औरतीन करोड़ रुपये का पुरस्कार देगी. राष्ट्रमंडल खेलों के लिए यह पुरस्कार क्रमशः तीन करोड़ रुपये, दो करोड़ रुपये और एक करोड़ रुपये होगा. उन्होंने कहा, ‘ऐसे पुरस्कारों के साथ-साथ हमने अपने खिलाड़ियों के लिए रोजगार की सुरक्षा भी सुनिश्चित की है जब कोई खिलाड़ी पदक जीतता है, तो 140 करोड़ भारतीयों को गर्व होता है प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में खेलों को सराहा जाता है और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है यह नया भारत है, जहां हमारे खिलाड़ियों के लिए हर सुविधा सुनिश्चित की जाती है. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकविजेताओं को क्रमशः सात करोड़ रुपये, पांच करोड़ रुपये और तीन करोड़ रुपये का पुरस्कार देगी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए यह पुरस्कार क्रमशः तीनकरोड़ रुपये, दो करोड़ रुपये और एक करोड़ रुपये होगा.

मनोज जरांगे की मुंबई में भूख हड़ताल शुरू, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आजाद मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की मुंबई में भूख हड़ताल शुरू हो गई है. मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे, जहांमराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे और उनके समर्थक एक दिवसीय भूख हड़ताल कर रहे हैं. सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ मनोज जरांगे नेबुधवार को जालना जिले के अपने गांव से मार्च शुरू किया था. शुक्रवार को मुंबई में प्रवेश करते ही वाशी में समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उनकेहजारों समर्थक पहले ही मुंबई पहुंच चुके हैं. 43 वर्षीय जरांगे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षणकी मांग कर रहे हैं. जरांगे ने कहा है कि उनके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और गणेश उत्सव में कोई बाधा नहीं डालेंगे. जरांगे कीमांग है कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए. शिक्षा में मिलेगा आरक्षण का फायदाकुनबी एक कृषक वर्ग से जुड़ी जाति है, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है. जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का फायदा मिलेगा. जालना पुलिस ने जरांगे और उनके समर्थकों पर 40 शर्तें लगाने के बाद उन्हें मार्च जारी रखने की अनुमति दी थी, जिसमें उन्हें कानून-व्यवस्था बनाएरखने, वाहनों की आवाजाही में बाधा न डालने और आपत्तिजनक नारे लगाने से बचने का निर्देश दिया गया. मुंबई पुलिस ने जरांगे को 29 अगस्त कोसुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच आजाद मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी. पुलिस ने कहा कि शाम 6 बजे सभीप्रदर्शनकारियों को वहां से चले जाना होगा. पुलिस ने यह भी शर्त रखी है कि प्रदर्शनकारियों के केवल पांच वाहन ही आजाद मैदान जा सकते हैं औरवहां प्रदर्शनकारियों की संख्या 5,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए. पुलिसकर्मियों को किया तैनातकानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. जरांगे के समर्थकों को ध्यान में रखतेहुए रेलवे पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है. मनोज जरांगे के मराठा आरक्षण आंदोलन में भाग लेने के लिए आजादमैदान पहुंचे नांदेड़ के एक किसान मारुति पाटिल ने कहा, ‘अगर आप हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो हमें गोली मार दो. अन्य प्रदर्शनकारियों ने भीमारुति पाटिल के आक्रामक रुख को दोहराया और कहा कि वे तब तक नहीं जाएंगे जब तक आरक्षण आंदोलन की जीत नहीं हो जाती.

डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामला, कोर्ट ने दर्ज करने का दिया जीरो एफआईआर का आदेश “जांच लखनऊ पुलिस को ट्रांसफर”

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की पत्नी व मैनपुरी से लोकसभा सांसद डिंपल यादव पर अभद्र टिप्पणी के मामले में कोर्ट ने अपर मुख्य न्यायिकमजिस्ट्रेट-प्रथम गौतमबुद्धनगर की न्यायालय ने बीटा-2 थानाध्यक्ष को जीरो एफआईआर दर्ज कर अनुपालन आख्या एक सप्ताह में अदालत में प्रस्तुतकरने के आदेश दिया है. साथ ही केस की विवेचना थाना विभूति खंड लखनऊ पुलिस को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है. जहां पहले से इस मामलेमें मुकदमा दर्ज है. की अपमानजनक टिप्पणीअधिवक्ता व समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव रामशरण नागर ने प्रार्थना पत्र दाखिल कर आरोप लगाया कि 26 जुलाई 2025 कीसुबह एक टीवी चैनल पर मुस्लिम स्कॉलर व ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष बताए जाने वाले मौलाना साजिद रसीदी का वीडियोप्रसारित हुआ. जिसमें उन्होंने डिंपल यादव को लेकर आपत्तिजनक व अपमानजनक टिप्पणी की. उस वक्त उनके साथ कई अधिवक्ता और परिचितमौजूद थे. जिन्होंने इस टिप्पणी पर गहरा आक्रोश जताया. इस तरह के बयान से न केवल एक महिला सांसद का अपमान हुआ। बल्कि देशभर कीकरोड़ों महिलाओं की गरिमा भी आहत हुई इस टिप्पणी से साम्प्रदायिक तनाव फैलने और शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा भी पैदा हो गया था. बनता है संज्ञेय मामलापहले बीटा-2 कोतवाली और बाद में पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. इसके बादउन्होंने न्यायालय की शरण ली. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि लखनऊ के थाना विभूति खंड में पहले से ही इस विषय पर मुकदमा दर्जहै बावजूद इसके कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय मामला बनता है जिसकी सत्यता विवेचना से स्पष्ट होगी. इसलिए अदालत ने बीटा-2 थानाध्यक्षको आदेशित किया कि रिपोर्ट को जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कर लखनऊ पुलिस को ट्रांसफर करें. पहले बीटा-2 कोतवाली और बाद में पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. इसके बाद उन्होंनेन्यायालय की शरण ली मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि लखनऊ के थाना विभूति खंड में पहले से ही इस विषय पर मुकदमा दर्ज है. बावजूद इसके कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय मामला बनता है.