
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने जानकारी दी कि सरकार ने परिवहन, कृषि, ऊर्जा, शिक्षा और शहरी विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति–2026 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के तहत उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। आगामी पांच वर्षों में इस क्षेत्र में लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है, जिससे करीब 8 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
आपूर्ति करने वाले बिडर को परियोजना आवंटित की जाएगी
शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रिमंडल ने प्रदेश की नई सोलर नीति को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत चार घंटे के लिए 300 मेगावाट, छह घंटे के लिए 300 मेगावाट तथा 24 घंटे के लिए 200 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य न्यूनतम टैरिफ पर उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर टेंडर जारी किए जाएंगे, जिसमें न्यूनतम दर पर बिजली आपूर्ति करने वाले बिडर को परियोजना आवंटित की जाएगी।
परियोजनाओं से करीब 20 हजार किसानों को लाभ होगा
प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण” को 3 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 एवं 2028-29) के लिए, 5 हजार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजनान्तर्गत मास्टर प्लान की सड़कें जिले की प्रमुख एवं अन्य रोड तथा शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, सडक सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति/सीवरेज / अन्य परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित कार्य, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य एवं राज्य शासन की प्राथमिकता के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू होने से विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएँ उपलब्ध हो सकेंगीं। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। राजगढ़ जिले की सहारनपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना के लिए 396.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 11,040 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और 26 गांवों के 10 हजार परिवारों को लाभ मिलेगा। रायसेन जिले की सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना को 115.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिससे 20 गांवों की 5700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। वहीं बरेली क्षेत्र के लिए 386.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 36 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इन तीनों परियोजनाओं से करीब 20 हजार किसानों को लाभ होगा।