
इस साल केरल, असम, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार (04 जनवरी) को पार्टी नेताओं को बड़ी नसीहत दी है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के बारे में खुद घोषणा करने से बचना चाहिए। दरअसल, केसी वेणुगोपाल वायनाड के सुल्तान बाथेरी में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत आयोजित दो दिवसीय नेतृत्व शिविर ‘लक्ष्य 2026’ के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। जहां उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीदवारी के बारे में खुद घोषणा नहीं करनी चाहिए। हमें पार्टी के घोषित फैसले का इंतजार करना चाहिए।’
प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकती
उन्होंने कहा कि नेताओं को पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा करने की आजादी है। साथ ही कहा, ‘आप नेतृत्व के सामने अपनी मांगें रख सकते हैं और ऐसे सभी अवसरों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उम्मीदवारी से संबंधित चर्चाएं सार्वजनिक मंचों पर सीमित होनी चाहिए।’ ‘लक्ष्य 2026’ के उद्घाटन सत्र के दौरान वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के लिए सीपीआई (एम) और भाजपा दोनों ही आम प्रतिद्वंद्वी हैं। हालांकि, हाल के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से पता चला है कि कांग्रेस दोनों पार्टियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकती है।
विनम्रता से अपनी राजनीतिक गतिविधियों को मजबूत करना
उन्होंने कहा, ‘जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाया है कि अगर सीपीआई (एम) और भाजपा एक साथ भी आ जाएं, तो भी हम उनका सामना कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव की जीत से कांग्रेस नेताओं को और विनम्र होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘जनता लोकतंत्र के मालिक हैं। हमें अगले चार महीनों में जनता के सामने विनम्रता से अपनी राजनीतिक गतिविधियों को मजबूत करना चाहिए।’ वेणुगोपाल ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन पिनराई चुप नहीं बैठेंगे। पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच एक गुप्त गठबंधन है, जो उनके दावे के अनुसार हाल के महीनों में साफ हो गया है।