
पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बांग्लादेश से लगते बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है।शाह ने कहा, पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार है, वह जमीन नहीं दे रही। इसके चलते सीमा पर ‘फेंसिंग’ लगाने का काम नहीं हो पा रहा है।बंगाल के लोग घुसपैठ को लेकर चिंतित हैं। भाजपा सरकार, इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। हम न केवल घुसपैठियों की पहचान करेंगे, बल्किउन्हें बाहर भी निकालेंगे। गृह मंत्री ने इसके लिए एक राष्ट्रीय ग्रिड का निर्माण करने की बात भी कही। अगले साल पश्चिम बंगाल के चुनावी दंगल में’फेंसिंग’ एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री संसद में कह चुके हैं कि 10 रिमाइंडर देने पर भी ममता सरकार, फेंसिंग लगाने केलिए जमीन नहीं दे रही। पश्चिम बंगाल से लगता 450 किमी बॉर्डर पूरी तरह से खुला पड़ा है। पिछले 11 वर्ष में बांग्लादेश से लगती सीमा के विभिन्नहिस्सों पर 21000 बांग्लादेशी घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए हैं।
कुशासन और नागरिकों के बीच चिंता देखी
मंगलवार को कोलकाता में एक प्रेसवार्ता के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पश्चिम बंगाल से घुसपैठ खत्म करने के लिए मजबूत ‘ग्रिड’ बनेगा। यह ग्रिड ऐसा होगा कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। 2026 का विधानसभा चुनाव, राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। अमित शाह नेपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि साल 2026 में यहां पर भाजपा की सरकार बनेगी। टीएमसीसरकार के 15 साल के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल ने घुसपैठ के कारण डर, भ्रष्टाचार, कुशासन और नागरिकों के बीच चिंता देखी है।
ये ऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगी
केंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा में ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल’ 2025 पर चर्चा के दौरान बताया था कि पश्चिम बंगाल से लगते बांग्लादेश बॉर्डर पर450 किलोमीटर के क्षेत्र में फेंसिंग नहीं हुई है। वजह, पश्चिम बंगाल सरकार, जमीन नहीं दे रही है। जब कभी फेंसिंग लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती हैतो टीएमसी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी और धार्मिक नारेबाजी करने लगते हैं। पश्चिम बंगाल में 2216 किलोमीटर लंबी सीमा, बांग्लादेश से सटी हुई है।इसमें से 1653 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर फेंसिंग लग चुकी है। लगभग 563 किलोमीटर लंबा बॉर्डर आज भी खुला है। इसमें से 112 किलोमीटरक्षेत्र में नदी, नाले व ऊँचाई वाली जगह हैं। यहां पर भी फेंसिंग का प्रयास किया गया है, लेकिन 450 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग होना बाकी है। शाहने लोकसभा में बताया था कि इसके लिए दस रिमाइंडर दिए गए हैं। इसके बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार ने फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दी। इस बाबतकेंद्रीय गृह सचिव और बंगाल के मुख्य सचिव के बीच आधा दर्जन से ज्यादा बार मीटिंग हुई हैं। कई जगह ऐसी हैं, जब वहां फेंसिंग होती है तोसत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता हुड़दंग मचाने लगते हैं। बांग्लादेश के साथ पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्य की सीमा लगतीहै। इसमें से पश्चिम बंगाल की सीमा सबसे लंबी है। भारत-बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई 4096.70 किलोमीटर है। इसमें से3239.92 किलोमीटर, यानी 79.08 प्रतिशत क्षेत्र पर बाड़ लगाई गई है। इस सीमा पर 856.778 किलोमीटर क्षेत्र, मतलब 20.92 प्रतिशत, येऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगी है।