
पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर लोकदल नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर लोकदल नेतासुनील सिंह ने कहा कि चौधरी साहब किसान, गांव और खेत-खलिहान की आत्मा थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के हक और सम्मान के लिएसमर्पित किया। सुनील सिंह ने कहा कि आज चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सरकार बड़े-बड़े कार्यक्रम कर रही है, लेकिन किसानों के नाम पर उनकीविरासत का राजनीतिक और निजी लाभ उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, यदि सरकार वास्तव में चौधरी साहब की विचारधारा पर चलती, तो किसानआज खाद, गन्ना भुगतान और फसल के दाम के लिए परेशान न होता।” किसान सम्मान दिवस के सरकारी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील सिंह नेकहा, ‘किसान ऊर्जा प्रवाहित करता है, तो धरती सोना उगलती है’ जैसे काव्यात्मक कथन जमीनी सच्चाई नहीं बदलते। धरती तभी सोना उगलेगी, जबकिसान को फसल का पूरा दाम, समय पर भुगतान और सुरक्षा मिलेगी।”
लोकदल ने सरकार के कार्यक्रमों को केवल नाम और फोटो सेशन तक सीमित बताते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह की जयंती केवल नाम की नहीं, बल्कि नीति की होनी चाहिए।
सुनील सिंह ने कहा
चुनिंदा किसानों को ट्रैक्टर की चाबी देना असली सम्मान नहीं, बल्कि दिखावटी राजनीति है।
असली सवाल अभी भी जस का तस हैं:
सभी फसलों पर कानूनी एमएसपी कब लागू होगा?
गन्ना भुगतान समय पर क्यों नहीं हो रहा?
खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के उपाय क्यों नहीं?
आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं?
सुनील सिंह ने चेतावनी दी कि चौधरी चरण सिंह की असली श्रद्धांजलि तभी होगी जब किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य, सुरक्षा और सम्मानमिलेगा। उन्होंने कहा,
जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक जयंती पर होने वाले आयोजन किसानों की नजर में खोखले ही रहेंगे। सरकार भाषण नहीं, बल्कि नीतिगत फैसलों सेकिसानों को जवाब दे.