
भारतीय नौसेना को जल्द ही बड़ी ताकत मिलने वाली है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी बहुत जल्द MH-60 रोमियो मल्टीरोल हेलीकॉप्टरोंके दूसरे स्क्वॉड्रन INAS 335 ‘ऑस्प्रे’ को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल करेंगे। ये हेलीकॉप्टर दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजने, समुद्रीनिगरानी, राहत-बचाव और लड़ाकू अभियानों में इस्तेमाल किए जाते हैं। भारतीय नौसेना ने ऐसे कुल 24 MH-60 रोमियो हेलीकॉप्टर अमेरिका सेखरीदने का ऑर्डर दिया है।इन आधुनिक हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से नौसेना की समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता और मजबूत होगी। खास तौरपर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की ताकत बढ़ेगी और किसी भी खतरे से निपटने में नौसेना को बड़ी मदद मिलेगी।
60आर हेलीकॉप्टर खरीदने का समझौता
बता दें कि एमएच 60 आर हेलीकॉप्टर्स एक मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर है। नौसैन्य तौर पर इसे सबसे आधुनिक हेलीकॉप्टर्स में शुमार किया जाता है।समुद्री सीमा की निगरानी करने, मेरीटाइम गतिविधियों पर नजर रखने और पानी के भीतर के खतरों से निपटने में यह हेलीकॉप्टर बेहद अहम है। नौसेनाआईएनएस विक्रांत पर इस हेलीकॉप्टर की सफलतापूर्वक लैंडिग करा चुकी है। इसकी मदद से भारत की हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में स्थिति मजबूतहुई है। भारत ने साल 2020 में अमेरिका से लगभग 15,000 करोड़ रुपए में 24 एमएच-60आर हेलीकॉप्टर खरीदने का समझौता किया था।
सबमरीन को पूरी तरह बर्बाद करने में सक्षम
समुद्री इलाके के लिए इसे दुनिया का सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसकी मारक क्षमता करीब 834 किलोमीटर हैऔर वजन 689 किलो है। इसे विमानन क्षेत्र की आधुनिक और चुनौतीपूर्ण नई प्रौद्योगिकियों के साथ कई मिशनों में सहयोग देने के लिए डिजाइनकिया गया है। यह हेलीकॉप्टर हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों की मौजूदगी का भी पता लगाने में भी माहिर है। ये हेलीकॉप्टर ऐसे समय में भारतीयनौसेना में शामिल किए जा रहे हैं जब चीनी पनडुब्बियों और जंगी जहाजों के हिंद महासगर में घुसपैठ की रिपोर्टस मिलती रही हैं। एमएच-60आरमल्टी-रोल हेलीकॉप्टर में निगरानी और हमला करने की कई गुणा अधिक क्षमता इसे खास बनाते हैं। इसमें कई रेडार,रात में दिखाई देने वालेउपकरण, हेलिफायर मिसाइलें, टॉरपीडो और रॉकेट लगे हैं जो दुश्मन की सबमरीन को पूरी तरह बर्बाद करने में सक्षम हैं।