
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने मंगलवार को बताया कि पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने सॉल्ट लेक स्टेडियम में लियोनेलमेसी इवेंट के “कुप्रबंधन” को लेकर हुए हालिया विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री ममताबनर्जी को पत्र लिखाकर पद मुक्त करने का अनुरोध किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर कुणाल घोष ने अरूप बिस्वास द्वारा मुख्यमंत्रीममता बनर्जी को लिखे इस्तीफे की कॉपी साझा की है। इस पत्र में बिस्वास ने राज्य के खेल मंत्री के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियों से मुक्त होने कीगुजारिश की है। यह घटनाक्रम 13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुए हाई-प्रोफाइल फुटबॉल इवेंट के दौरान कथित कुप्रबंधन और सुरक्षा में चूकको लेकर बढ़ती आलोचना और राजनीतिक विरोध के बीच सामने आया है। इस घटना के चलते गुस्साए दर्शकों ने तोड़फोड़ की थी और पुलिस सेझड़प हुई थी, जिससे स्टेडियम के फर्नीचर को लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
गड़बड़ियों की जांच कर रही
कुणाल घोष ने अपनी पोस्ट में कहा, खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर खेल विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त करने काअनुरोध किया है और इस कदम की वजह मेसी इवेंट की गड़बड़ी से शुरू हुआ विवाद बताया। हालांकि टीएमसी नेता द्वारा शेयर किया गया पत्रबिस्वास के ऑफिशियल लेटरहेड पर नहीं है, जिससे बाद विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी इस बात कीकोई पुष्टि नहीं हुई कि इस्तीफे का अनुरोध माना गया है या नहीं। टीएमसी नेता और मुख्यमंत्री के करीबी बिस्वास ने अब तक इस मामले पर कोईबयान साझा नहीं किया है। राज्य सरकार ने पहले इस इवेंट के दौरान हुई कथित कमियों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई है, जोप्रबंधन में हुए गड़बड़ियों की जांच कर रही है।
मेसी मैदान पर सिर्फ कुछ मिनट ही मौजूद रह सके
इससे पहले मेसी के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने के मामले में विधाननगर के डीसीपी अनीश सरकार को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबितकर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस मामले में राज्य के खेल सचिव राजेश कुमार सिन्हा को भी कारणबताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा साल्ट लेक स्टेडियम के सीईओ डीके नंदन की सेवाएं वापस ले ली गई हैं। मुख्य सचिव ने कहा किइस पूरे मामले की गहन जांच के लिए राज्य सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है।यह टीम साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था और लापरवाही की जांच करेगी। 13 दिसंबर का दिन कोलकाता के सॉल्टलेक स्टेडियम के लिए कभी न भूलने वाला बन गया। इस दिन फुटबॉल जगत के सबसे बड़े सितारों में से एक लियोनल मेसी पहली बार कोलकाता मेंमैदान पर उतरे। हजारों की संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचे थे। लोगों ने सिर्फ मेसी की एक झलक पाने के लिए भारी-भरकम टिकट कीमतें चुकाईं, लेकिन जो उम्मीद लेकर आए थे, वही सबसे बड़ी निराशा में बदल गई। मेसी मैदान पर सिर्फ कुछ मिनट ही मौजूद रह सके, जिसके बाद उन्हें सुरक्षाकारणों से स्टेडियम से बाहर ले जाया गया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।