
भारत की सशस्त्र और गौरवशाली सेना को शनिवार को 491 नए युवा अफसर मिल गए। इन अफसरों में देश की आन, बान और शान की रक्षा करनेका जोश साफ देखा गया। पासिंग आउट परेड (पीओपी) की सलामी भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ली। हालांकि इस दौरान भीसबकी निगाहें जनरल द्विवेदी की ओर हीं थी। कारण है कि देहरादून आईएमए परेड में हुई इस पासिंग आउट परेड में सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कुछऐसा किया, जिसने हर अधिकारी और कैडेट को जोश से भर दिया। बता दें कि 61 वर्षीय जनरल द्विवेदी ने सेना के जवानों के साथ मिलकर 20 पुश-अप्स लगाकर नए अफसरों में जोश और उत्साह की लहर भर दी। इतना ही नहीं, उन्होंने बेहद अनौपचारिक अंदाज में नए अफसरों और उनके परिवारवालों से मुलाकात भी की। इस तरह का व्यवहार नए अफसरों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गया। साथ ही सेना प्रमुख का ये कृत्य खूब चर्चा में भी रहा।
अनौपचारिक मुलाकात की
दूसरी ओर देहरादून आईएमए परेड के दौरान शनिवार को अनुशासन और गर्व का ऐतिहासिक पल देखने को मिला। थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्रद्विवेदी ने परेड की समीक्षा की और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों से भारतीय सेनाकी परंपराओं का पालन करते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेना में कमीशन मिलना जिम्मेदारी भरेजीवन की शुरुआत है। कैडेट्स को संबोधित करते हुए थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि सैन्य सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि ऐसादायित्व है जो सर्वोच्च त्याग की मांग करता है। उन्होंने कहा कि अकादमी से पास आउट होने के बाद भले ही हर कदम पर कोई मार्गदर्शक साथ न हो, लेकिन तब आपके कंधों पर कहीं बड़ी जिम्मेदारी होगी। कहा कि एक अधिकारी के रूप में आपके आचरण, अनुशासन और निर्णय लाखों लोगों केलिए प्रेरणा बनेंगे। देहरादून में आईएमए पासिंग आउट परेड में 491 नए अफसरों ने कमिशन लिया। 61 वर्षीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी नेजवानों में जोश और उत्साह भरने के लिए 20 पुश-अप्स लगाए और अफसरों व उनके परिवार से अनौपचारिक मुलाकात की, जिसे देखकर हर कोईप्रेरित हुआ।