
लोकसभा में चुनावी सुधारों पर चर्चा के दौरान सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद का पूरा साल विपक्ष केहंगामे में बीता और नए सांसद होने के नाते यह अनुभव उनके लिए परेशान करने वाला रहा। कंगना ने विवादों, नारेबाजी और सदन की कार्यवाही रोकनेके विपक्ष के तरीकों को लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया। इस दौरान विपक्ष के ईवीएम हैक करने वाले आरोपों पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदीईवीएम हैक नहीं करते बल्कि लोगों को दिलों को हैक करते हैं। कंगना ने अपने भाषण की शुरुआत विपक्ष के एसआईआर नारे और विपक्ष द्वारा किएगए हंगामे को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि जब भी सरकार कोई काम आगे बढ़ाती, विपक्ष उसका विरोध करने के लिए नियमों को तोड़ता।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास न तो ठोस तथ्य हैं और न ही कोई स्पष्ट रणनीति। कंगना ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलनेउठे तो उनसे उम्मीद थी कि कोई बड़ा खुलासा होगा, पर उनका भाषण बिना तथ्यों और गंभीरता के था।
चुनावी धांधली में एक प्रधानमंत्री तक दोषी पाई गई
कंगना ने विपक्ष द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय मूल की महिला की तस्वीर उठाने को गंभीर अपमान बताया। उन्होंने कहा कि उस महिला ने खुद सोशल मीडियापर कहा था कि उसका भारत से कोई संबंध नहीं है और वह भारत कभी नहीं आई। इसके बावजूद विपक्ष ने उसकी तस्वीर का दुरुपयोग किया। कंगनाने सदन की ओर से उस महिला से माफी भी मांगी और इसे महिलाओं के सम्मान पर चोट बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार महिलाओं केअपमान में शामिल होती रही है, जबकि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंगना ने ईवीएम परविपक्ष के आरोपों को आधारहीन कहा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव में गड़बड़ी की असल घटनाएं कांग्रेस शासन के दौरान बैलेट पेपर के समय हुईथीं। उन्होंने इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण केस का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनावी धांधली में एक प्रधानमंत्री तक दोषी पाई गई थीं।
यह उत्सव एकसाथ होना चाहिए
कंगना ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि आज कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाती है, जबकि वास्तविक धांधलियां उसके शासन में होती थीं। उन्होंनेप्रियंका गांधी के बयान “पुरानी बातें न करें” पर भी तंज कसते हुए कहा कि सोनिया गांधी बिना पूरी नागरिकता के भी वोट डालती रही थीं। कंगना नेकहा कि बिहार में एसआईआर लागू होने के बाद 60 लाख से ज्यादा गैर-वैध वोटर आईडी रद्द किए गए। इनमें घुसपैठियों के अलावा ऐसे लोग भीशामिल थे जो इस दुनिया में नहीं रहे या कहीं और स्थानांतरित हो चुके थे। उन्होंने कहा कि अगर ये वोटर असली होते तो कोई न कोई विरोध में सामनेआता। कंगना ने बताया कि इन सुधारों के बाद ही बिहार में 67% की रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो लोगों के विश्वास की बड़ी मिसाल है।
कंगना ने वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करने की जोरदार मांग की और कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश को भारी आर्थिक नुकसान होता है।10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ बार-बार चुनावों में खर्च होता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों, प्रशासन और पूरे सिस्टम पर इसकी भारी मारपड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावों को लोकतंत्र का उत्सव कहा है और यह उत्सव एकसाथ होना चाहिए। कंगना ने अपने भाषणका अंत जय हिंद के नारे के साथ किया।