
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के पिता, वरिष्ठ वकील और पूर्व मिजोरम राज्यपाल स्वराज कौशल का गुरुवार को निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे।स्वराज कौशल का जन्म 12 जुलाई 1952 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ था। अपने जीवन में उन्होंने कानून और राजनीति के क्षेत्र मेंउल्लेखनीय योगदान दिया और समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
स्वराज कौशल सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। उन्होंने वर्षों तक वकालत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया और कानून के प्रति उनकी गहरी समझऔर न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशेष बनाती थी। वे केवल एक कुशल वकील ही नहीं, बल्कि समाज सेवा और देशभक्ति के क्षेत्र में भीसक्रिय रहे। स्वराज कौशल स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे, जो भारत की पूर्व विदेश मंत्री रही हैं। उनके परिवार में उनकी बेटी बांसुरी स्वराज भीशामिल हैं, जो वर्तमान में भाजपा सांसद हैं।
भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने
उनके निधन से राजनीतिक और कानूनी समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया (एक्स) पर अपने संदेश मेंलिखा: श्री स्वराज कौशल जी के निधन से दुख हुआ है। वे भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने और मिजोरम के लोगों पर अपने कार्यकाल केदौरान गहरा प्रभाव छोड़ा। एक सांसद के रूप में उनके विचार भी महत्वपूर्ण रहे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार केअन्य सदस्यों के साथ हैं। ॐ शांति।
निधन से देश ने एक संवेदनशील, ईमानदार और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दिया
स्वराज कौशल का राजनीतिक जीवन भी अत्यंत सक्रिय और प्रभावशाली रहा। वे भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने और मिजोरम के लोगों केबीच अपने कार्यकाल के दौरान गहरा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने अपने प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शिता के जरिए राज्य में कई महत्वपूर्ण पहल की। उनकीशोकसभा समारोह आज यानी 7 दिसंबर को दिल्ली के PSOI क्लब, चाणक्यपुरी में आयोजित की गई. यह शोकसभा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजेतक चली। इस अवसर पर उनके परिवारजन, करीबी मित्र और विभिन्न राजनीतिक व कानूनी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में उनकेयोगदान और व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। स्वराज कौशल ने अपने जीवन में कानून और राजनीति केक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके निधन से देश ने एक संवेदनशील, ईमानदार और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दिया है। उनकी उपलब्धियों औरउनके व्यक्तित्व की छवि हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।