
दिल्ली में बढ़ते दमघोटू प्रदूषण और लगातार 400 से ऊपर पहुँच रहे एक्यूआई के बीच आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव नेभाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राजधानी की बिगड़ती हवा को गैस चैंबर जैसा बताते हुए कहा कि दिल्ली की हर सांसपर संकट मंडरा रहा है और मुख्यमंत्री को तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना चाहिए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर सौंपा ज्ञापन
दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण की स्थितियों को देखते हुए आज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लगाकर दिल्ली सचिवालयपहुँचा। प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम एक विस्तृत ज्ञापन दिल्ली सरकार के पर्यावरण सचिव को सौंपा गया।ज्ञापन के साथ कांग्रेस ने यह संदेश दिया कि दिल्ली की हवा आम लोगों के लिए जानलेवा बन चुकी है और सरकार को अब प्रतीकात्मक बयानबाजीनहीं, बल्कि तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे।
दिल्ली की हर सांस संकट में, पर मुख्यमंत्री सिर्फ बयान देती हैं
देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी का लगभग हर इलाका दमघोटू धुंध की चपेट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरे हालात कोहल्के में लेते हुए यह कह रही हैं कि प्रदूषण उन्हें दहेज में मिला है। देवेन्द्र यादव के अनुसार इस तरह के बयान सरकार की संवेदनहीनता को दिखाते हैं, जबकि दिल्ली के गरीब मजदूर, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित – कांग्रेस की चिंता
देवेन्द्र यादव ने कहा कि अमीर परिवार एयर प्यूरीफायर, एयर-कंडीशंड कमरों और रेस्पिरेटर के सहारे खुद को बचा सकते हैं, लेकिन दिल्ली की 90 प्रतिशत आबादी के पास ऐसा कोई साधन नहीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का काम बंद होने पर उनकी दिहाड़ी रुक जाती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट केनिर्देशों के बाद भी रेखा सरकार ने मजदूरों के लिए राहत की कोई नीति नहीं बनाई।
सरकार सिर्फ घोषणाओं में व्यस्त, प्रदूषण नियंत्रण में विफल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 9 महीनों से भाजपा सरकार प्रदूषण रोकने की बजाय सिर्फ घोषणाएँ कर रही है। ग्रेप-3 लागू करने में भी सरकार नेआधे-अधूरे कदम उठाए दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति और प्राथमिक स्कूल बंद किए गए, पर बड़े बच्चों को प्रदूषण से बचाने की कोई योजना नहींबनाई गई। डॉक्टर भी स्वास्थ्य आपातकाल की सलाह दे रहे हैं, लेकिन सरकार टालमटोल कर रही है।
पराली, धूल और वाहनों के धुएं पर कोई नियंत्रण नहीं
देवेन्द्र यादव ने कहा कि अगर सरकार गंभीर होती तो पड़ोसी राज्यों में पराली रोकने के लिए संवाद करती। इसके अलावा टूटी सड़कों, गड्ढों, उड़ती धूलऔर वाहनों के धुएं पर नियंत्रण करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। राजधानी के कई इलाकों में सड़कों की मरम्मत महीनों से रुकी है, जिससे धूलप्रदूषण कई गुना बढ़ा है।
डीटीसी बेड़े में भारी कमी, ग्रीन कवर में कोई सुधार नहीं
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले आठ महीनों में दिल्ली की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। डीटीसी से 2000 बसें हट चुकी हैं और दिसंबर तक1032 और बसें हटने वाली हैं। ग्रीन कवर बढ़ाने के नाम पर भी सरकार ने कोई बड़ा काम नहीं किया।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण की बजाय सरकार ए़क्यूआई डेटा में हेरफेर कर लोगों को गलत जानकारी दे रही है, जो लोगों की सेहत के साथखिलवाड़ है।
शीला दीक्षित सरकार के सुधारों का उल्लेख
देवेन्द्र यादव ने कहा कि जब 1998 में कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार सत्ता में आई, तब दिल्ली में सिर्फ 1% ग्रीन कवर था। 15 वर्षों में इसेबढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया, पूरी परिवहन व्यवस्था को सीएनजी पर लाया गया, मेट्रो के दो फेज पूरे किए गए और दिल्ली को किरोसीन मुक्तबनाकर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े सुधारों की तुलना में मौजूदा भाजपा और पूर्व AAP सरकारों ने 11 वर्षोंतक कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया।
भाजपा और आप दोनों जिम्मेदार, दिल्ली का दम घुट रहा है
देवेन्द्र यादव ने कहा कि आज दिल्ली की जनता जिस गंभीर प्रदूषण संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार और उससेपहले की AAP सरकार, दोनों बराबर जिम्मेदार हैं। 11 वर्षों तक दिल्ली की सड़कों, बसों, पार्कों और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी की गई। सिर्फराजनीति और प्रचार किया गया।
तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल और सर्वदलीय बैठक
देवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदूषण से जूझ रहे दिल्लीवासियों के लिए अब एक ही रास्ता है
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें और सभी दलों को बुलाकर सर्वदलीय बैठक करें। उन्होंने कहा कि बैठक में मिले सुझावोंको लागू कर सरकार को स्थायी और स्पष्ट प्रदूषण नियंत्रण नीति बनानी चाहिए, ताकि दिल्ली के लोग राहत की सांस ले सकें।