
ब्रिटेन के कई प्रसिद्ध वकीलों और पूर्व मंत्रियों ने बांग्लादेश में लेबर सांसद ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामले की न्यायिक प्रक्रियापर गंभीर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ढाका में चल रहा यह ट्रायल न केवल अनुचित है बल्कि इसे एक “मनगढ़ंत प्रक्रिया” बनाकर पेशकिया जा रहा है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हाल ही में अनुपस्थिति में मौत की सजासुनाई गई है। लंदन स्थित बांग्लादेशी हाई कमिश्नर अबीदा इस्लाम को लिखे एक पत्र में ब्रिटेन की जानी-मानी कानूनी हस्तियों, जिनमें चेरी ब्लेयर, पूर्व मंत्री रॉबर्ट बक्लैंड और डॉमिनिक ग्रीव शामिल हैं। इन सब ने कहा कि सिद्दीक को ढाका ट्रायल में बुनियादी अधिकार भी नहीं दिए गए हैं।वकीलों ने बताया कि ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ अगस्त में ढाका में ट्रायल शुरू हुआ था और भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) का फैसला इसीसप्ताह आने की उम्मीद है।
पूरा मामला उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा
पत्र में कहा गया कि यह ट्रायल कृत्रिम, मनगढ़ंत और पूरी तरह अनुचित तरीके से आगे बढ़ाया गया है। वकीलों के अनुसार, ट्यूलिप सिद्दीक कोआरोपों की प्रति नहीं दी गई, न ही सबूतों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। जिस वकील को उन्होंने बांग्लादेश में नियुक्त किया था, उसे कथित रूपसे नजरबंद किया गया और बताया कि उसकी बेटी को धमकी दी जा रही है। पत्र में कहा गया कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में न्यायिक प्रक्रिया इसरूप में नहीं चल सकती और यह सीधा हस्तक्षेप दर्शाता है। विशेषज्ञों ने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद न्यायिकप्रणाली में दखल और डराने-धमकाने की घटनाओं का पैटर्न देखने को मिला है। एसीसी ने आरोप लगाया है कि सिद्दीक ने 7,200 वर्ग फीट का प्लॉटबांग्लादेश के डिप्लोमैटिक जोन में पद और प्रभाव का दुरुपयोग करके हासिल किया था। लेकिन 43 वर्षीय सिद्दीक लगातार इन आरोपों कोराजनीतिक प्रेरित बताती रही हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मामला उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
हाई कमिशन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई
साल की शुरुआत में, इन विवादों के बाद उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने पत्र में कहा थाकि प्रधानमंत्री के स्वतंत्र सलाहकार ने उन्हें किसी भी नैतिक उल्लंघन में दोषी नहीं पाया। सिद्दीक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन केवकीलों और सांसदों का आभार जताया और कहा कि बांग्लादेश की न्याय प्रणाली अब मुझे दोषी ठहराने के लिए तैयार दिखती है। उन्होंने इस ट्रायलको एकतरफा और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। यह विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराधन्यायाधिकरण ने 17 नवंबर को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला छात्र आंदोलन पर किए गए दमन केमामले में आया है, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार ऐसे फैसले आने से बांग्लादेश के न्यायिकमाहौल और राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाई कमिशन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।