
अलग-अलग राज्यों में कुछ बूथ लेवल अफसरों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इनमें से कई मौतों के पीछे एसआईआर के काम के भारी दबाव कोवजह बताया जा रहा है। अब इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि काम काबोझ बीएलओ और पोलिंग अफसरों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि एसआईआर को जल्दबाजी में लागू कियागया और ये नोटबंदी और लॉकडाउन के फैसलों की याद दिलाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा की वोट चोरी अबजानलेवा हो गई है। खरगे ने X पर साझा एक पोस्ट में दावा किया कि ’19 दिनों में, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 16 BLO कीमौत हो गई है। काम का बोझ बीएलओ और पोलिंग अफसरों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर रहा है।’ खरगे ने लिखा कि, ‘हर उस परिवार केसाथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं जिन्होंने अपनों को खोया है। जमीनी हकीकत के हिसाब से, यह संख्या बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है, जो बहुत चिंताकी बात है। इन परिवारों को इंसाफ कौन दिलाएगा?’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘भाजपा चोरी की सत्ता का मजा ले रही है, जबकि चुनाव आयोगमूकदर्शक बनकर देख रहा है।’
मौत के लिए जिम्मेदार
खरगे ने दावा किया, ‘एसआईआर को जल्दबाजी में, बिना किसी योजना के जबरदस्ती लागू करना नोटबंदी और कोरोना लॉकडाउन की याद दिलाताहै।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सत्ता की भूख संस्थाओं को आत्महत्या करने, संविधान को खत्म करने और सत्ता का गलत इस्तेमाल करकेलोकतंत्र को कमजोर करने पर मजबूर कर रही है। खरगे ने कहा, ‘बस बहुत हो गया! अगर हम अब भी नहीं जागे, तो लोकतंत्र के आखिरी खंभों कोगिरने से कोई नहीं बचा सकता। जो लोग एसआईआर और वोट चोरी पर चुप रहते हैं, वे इन बेगुनाह बीएलओ की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।’ शनिवारको पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के तौर पर काम करने वाली एक महिला शनिवार को अपने घर पर मृत मिली।उसके परिवार वालों का कहना है कि वह एसआईआर काम से जुड़े बहुत ज्यादा तनाव में थी और उसने सुसाइड कर लिया। खरगे ने कहा, ‘बस बहुतहो गया! अगर हम अब भी नहीं जागे, तो लोकतंत्र के आखिरी खंभों को गिरने से कोई नहीं बचा सकता। जो लोग एसआईआर और वोट चोरी पर चुपरहते हैं, वे इन बेगुनाह बीएलओ की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।’