
बच्चों से मिलने पहुँचे शिक्षा मंत्री
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने एमसीडी स्कूल लाजपत नगर-III का दौरा किया। यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्किबच्चों से सीधी मुलाक़ात का ऐसा अवसर था जिसने पूरे माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन बाल दिवस समारोह के साथ-साथउस परिवर्तन यात्रा के दस वर्ष पूरे होने का प्रतीक भी रहा, जिसने इस स्कूल और आसपास के वार्ड के स्कूलों को नई पहचान दिलाई है।
बच्चों को मिले सपनों से भरे नए बैग
समारोह के दौरान नर्सरी से लेकर पाँचवीं तक के विद्यार्थियों को नए स्कूल बैग दिए गए। कुल 2,200 से अधिक बैग वितरित किए गए, जिनसे बच्चोंके चेहरे खिल उठे। यह पूरी पहल गेल (GAIL) के साथ हुई साझेदारी के तहत संभव हुई। कार्यक्रम में 500 से अधिक बच्चे शामिल हुए, जिन्होंनेरंगारंग प्रस्तुतियों, नृत्य और स्वागत बैंड के ज़रिए आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
ये बैग सिर्फ किताबें रखने के लिए नहीं, सपनों को सँभालने के लिए हैं
मंच से बोलते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बच्चों के भविष्य को लेकर अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे भी एक समय सरकारीस्कूल में पढ़े हैं और इसलिए यहाँ आना उन्हें घर जैसा लगता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी का यह अधिकार है कि उसे ऐसा स्कूल मिले जहाँ वहसुरक्षित महसूस करे और खुले मन से सीख सके। उन्होंने कहा आज हम जो बैग दे रहे हैं, वे बच्चे सिर्फ किताबों से नहीं भरेंगे, बल्कि अपने सपनों औरउम्मीदों को इन बैगों में लेकर आगे बढ़ेंगे। यही सपने कल देश का भविष्य बनेंगे।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य आधुनिक और एआई–सक्षम स्कूल
अपने संबोधन में सूद ने दिल्ली सरकार की उस दृष्टि का विस्तार से वर्णन किया, जिसके तहत आने वाले पाँच वर्षों में सभी सरकारी स्कूलों कोअत्याधुनिक सुविधाओं वाला बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में एआई तकनीक, उन्नत फर्नीचर, आधुनिक उपकरणों वाली कक्षाएँ और नईशिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप सीखने का वातावरण तैयार किया जा रहा है। उनका मानना है कि आने वाली पीढ़ियाँ दिल्ली के सरकारीस्कूलों में पढ़ने को ही गर्व का विषय समझेंगी।
सीएसआर फंडिंग से बदलेगा स्कूलों का स्वरूप
सूद ने स्पष्ट किया कि चाहे एमसीडी के स्कूल हों या दिल्ली सरकार के, सभी को एक समान महत्व दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीएसआर फंडिंगका उपयोग करके स्कूलों को विश्वस्तरीय संस्थानों में बदला जाएगा। ये संसाधन न केवल ढाँचागत विकास में काम आएँगे, बल्कि सीखने के माहौलको भी बेहतर बनाएँगे।
दस वर्षों की यात्रा स्कूल से समाज तक
लाजपत नगर स्कूल उस चुनिंदा सरकारी स्कूलों में से है जहाँ वर्ष 2015 में एनजीओ पीपल की मदद से व्यापक सुधार की शुरुआत हुई थी। तब सेलगातार स्कूल में एक ऐसा माहौल तैयार हुआ है जहाँ शिक्षक, बच्चे और समुदाय—तीनों स्कूल विकास की इस यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर चलतेहैं। पीपल की सह-संस्थापक उर्मिला चौधरी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि दस साल पहले जिस स्कूल से उनकी यात्रा शुरू हुई, आज वही इस उत्सव का केंद्र बना हुआ है।
शिक्षा को सामाजिक अभियान बनाने का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने इस बात पर सहमति जताई कि शिक्षा का विकास सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिकदायित्व है। बच्चे तभी बेहतर सीख पाते हैं जब शिक्षक उनका मार्गदर्शन करें, माता-पिता उनका साथ दें और समुदाय स्कूलों के प्रति संवेदनशील हो।इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब सभी मिलकर प्रयास करते हैं तो सरकारी स्कूल भी उत्कृष्टता की मिसाल बन सकते हैं।