
महाराष्ट्र में सत्तासीन महायुति गठबंधन में खटपट की खबरों को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- शरद पवार (राकांपा-एसपी) ने तंज कसा है। पार्टी केप्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना मंत्रियों के बीच पैदा हुए कथित तनाव इस ओरइशारा करता है कि भाजपा को अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की जरूरत नहीं रही। उन्होंने उन रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया था किशिंदे मंत्रियों की गैरमौजूदगी की वजह से अकेले ही मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए। क्रास्टो ने कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि फडणवीस कोशिंदे का कोई सम्मान नहीं और मंत्रियों को भी उपमुख्यमंत्री के प्रति कोई खास सम्मान नहीं है। क्रास्टो ने एक्स पर लिखा, “अगर एकनाथ शिंदे मेंथोड़ा भी आत्मसम्मान है तो उन्हें भाजपा के साथ गठबंधन छोड़ देना चाहिए। अगर वह सही समय पर बाहर नहीं निकले, तो जल्द ही उन्हें बाहर कारास्ता दिखा दिया जाएगा।”
कार्यकर्ताओं को शामिल किए जाने के खिलाफ यह नाराजगी दर्शायी
महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन भाजपा, शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा से मिलकर बना है। क्रास्टो ने दावा किया किभाजपा ने साफ संदेश दे दिया है कि उसे अब शिंदे की जरूरत नहीं है। शिवसेना के शिंदे को छोड़कर सभी मंत्री मंगलवार की साप्ताहिक कैबिनेट बैठकसे दूर रहे। माना जा रहा है कि भाजपा की तरफ से राज्य के कई हिस्सों में शिवसेना नेताओं और कार्यकर्ताओं को शामिल किए जाने के खिलाफ यहनाराजगी दर्शायी गई। इससे स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महायुति में तनाव बढ़ गया है। बाद में फडणवीस और शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना मंत्रियोंकी बैठक हुई, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने बताया कि महायुति की सहयोगी पार्टियां एक-दूसरे के नेताओं कोशामिल करने से परहेज करेंगी, ऐसा निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि भाजपा की तरफ से राज्य के कई हिस्सों में शिवसेना नेताओं औरकार्यकर्ताओं को शामिल किए जाने के खिलाफ यह नाराजगी दर्शायी गई। इससे स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महायुति में तनाव बढ़ गया है।