
चीन की मेजबानी में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का दो दिवसीय शिखर सम्मेलन रविवार शाम तिनजियान में औपचारिक तौर पर शुरू हो गया. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बंदरगाह शहर तिनजियान में जुटे विश्व नेताओं के लिए विशाल भोज का आयोजन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, एससीओ सुरक्षा मंच पर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की रक्षा करने के साथ अपने सदस्य देशों के विकास व समृद्धि को बढ़ावा देने की अधिक जिम्मेदारीहै. जिनपिंग ने स्वागत भोज में कहा कि मौजूदा एससीओ शिखर सम्मेलन सभी पक्षों के बीच आम सहमति बनाने और सहयोग को गति देने केमहत्वपूर्ण मिशन पर केंद्रित है जिनपिंग ने कहा, क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की रक्षा करने और वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती अनिश्चितताओं को देखते हुएएससीओ की जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं.
14 संवाद साझेदार शामिल
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पक्षों के साझा प्रयासों से, शिखर सम्मेलन सफल होगा और एससीओ निश्चित तौर पर और भी बड़ी भूमिका निभाएगाऔर अधिक प्रगति हासिल करेगा. जिनपिंग ने कहा, यह संगठन सदस्य देशों के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देने, वैश्विक दक्षिण की ताकत कोएकजुट करने और मानव सभ्यता की और अधिक प्रगति को आगे बढ़ाने में और बड़ा योगदान देगा. गौरतलब है कि जून, 2001 में शंघाई में स्थापितएससीओ छह संस्थापक सदस्यों से बढ़कर 26 देशों के परिवार में बदल चुका है, जिसमें 10 सदस्य देश, दो पर्यवेक्षक और एशिया, यूरोप औरअफ्रीका में फैले 14 संवाद साझेदार शामिल हैं.
दस्तावेजों को अपनाने की उम्मीद
शिखर सम्मेलन में परस्पर संवाद का मुख्य आयोजन सोमवार को होगा, जिसमें 10 सदस्य देशों के साथ ही आमंत्रित वैश्विक नेता तमाम अंतरराष्ट्रीयमुद्दों पर अपनी-अपनी बात रखेंगे. चीन ने इस बार सदस्य देशों के अलावा 20 विदेशी नेताओं और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों को आमंत्रित किया है. एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के भाषण पर दुनियाभर की उत्सुकता से नजरें टिकी हुईहैं. इस सम्मेलन से सदस्य देशों के संबंधों के लिए एक नया रोडमैप तैयार होने की व्यापक उम्मीद है. प्रमुख उभरते बाजारों और चीन, रूस और भारतजैसे विकासशील देशों के साथ एससीओ दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. सदस्य देशों से अगले दशक के लिए संगठन की विकास रणनीति सहित प्रमुख दस्तावेज को अपनाने की उम्मीद है.