
विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के साथ शुरू हुआ. इस दौरान युद्धविराम को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपाविधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कई बार हंगामा भी हुआ. आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाया कि जब भारतीय सेना पाक अधिकृतकश्मीर के नजदीक तक पहुंच गई थी तब सरकार पीछे क्यों हटी. इस दौरान आप विधायक संजीव झा की टिप्पणी को लेकर उन्हें मार्शल आउट करदिया गया. चर्चा की शुरुआत भाजपा विधायक अभय वर्मा ने की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि नारी सम्मानऔर राष्ट्र की गरिमा की रक्षा का प्रतीक है. मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि जब देश एकजुट था और सेना मोर्चे पर थी तो ऐसी स्थिति में विपक्ष कीतरफ से सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन बहस में मोड़ तब आया जब आप विधायक कुलदीप कुमार और संजीव झा ने पूछा कि आखिर किसकेकहने पर युद्धविराम किया गया. जब सेना तैयार थी तब पीओके वापस लेने का मौका क्यों गंवाया गया.
संजीव झा ने कहा कि भारत ने अपनी रणनीतिक बढ़त खो दी और ऐसा प्रतीत होता है कि यह अंतरराष्ट्रीय दबाव खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप केबयान के चलते हुआ. उन्होंने प्रधानमंत्री के युद्ध विराम के निर्णय को कायरताचर्चा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि हम भारतीय सेना का सम्मानकरते हैं लेकिन हमें यह जानने का अधिकार है कि जब सैन्य जीत संभव थी तब राजनीतिक नेतृत्व ने क्यों कदम पीछे खींचे. देश के नागरिकों को जवाबचाहिए कि क्या भारत ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर यह निर्णय लिया. आतिशी ने यह भी कहा कि भाजपा को हर सवाल को राष्ट्रविरोध की तरहदेखना बंद करना चाहिए लोकतंत्र में सवाल पूछना गुनाह नहीं है
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आखिर आम आदमी पार्टी को ऑपरेशन सिंदूर से समस्या क्या है. यह सेना और नारी गरिमा की रक्षा का ऐतिहासिक क्षण था।राजनीतिक आरोपों की आड़ में सेना की छवि को कमजोर नहीं किया जा सकता. इस बीच भाजपा विधायक मारवाह ने आप विधायकों की टोका-टाकी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हम गुंडागर्दी भी करेंगे और पिटाई भी करेंगे. इसको लेकर भी सदन में तीखी प्रतिक्रिया हुई. अध्यक्ष ने इस बयानको कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया. वहीं भाजपा विधायकों ने कहा कि भारत ने घर में घुसकर मारा है और ऑपरेशन सिंदूर के बाद कश्मीर में कोईबड़ी आतंकी घटना नहीं हुई है. यह भारतीय सेना की रणनीति और साहस का प्रमाण है.
उन्होंने कहा कि ऐसा देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया था. उनके बयान को लेकर भाजपा विधायकों ने आक्रोश जताया. सूर्य प्रकाश खत्री नेसंजीव झा की टिप्पणी को देशद्रोह के समान बताते हुए विरोध किया. अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि यह निर्णय सेना और सरकार की संयुक्तरणनीति का हिस्सा था इसे राजनीति में घसीटना अनुचित है. इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने संजीव झा से उनकी टिप्पणी वापस लेनेको कहा लेकिन उनके मना करने पर उन्हें मार्शल बुलाकर सदन से बाहर करवाया गया. इसके बाद आप विधायकों ने सदन में विरोध किया औरअध्यक्ष पर एकपक्षीय रवैया अपनाने का आरोप लगाया.