
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। व्यापार एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौतेको भारत के किसानों, व्यापारियों, एमएसएमई क्षेत्रों, युवाओं और मछुआरों के लिए परिवर्तनकारी बताया. गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि अबतक हस्ताक्षरित सभी एफटीए में से भारत-ब्रिटेन एफटीए सबसे बड़ा, सबसे व्यापक और सबसे महत्वपूर्ण है. यह अब तक का व्यापक समझौता है, जिसमें 30 अध्याय शामिल हैं। मुझे याद नहीं आता कि किसी अन्य एफटीए में इतने सारे अध्याय हों. गोयल ने कहा, भारत में कैबिनेट की मंजूरी मिलचुकी है। अब इस समझौते को ब्रिटेन में संसदीय मंजूरी की प्रतीक्षा है. इसके लागू होने पर, 99% भारतीय निर्यात ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच सकेंगे, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की मजबूत और निर्णायक नेतृत्व क्षमता, तेजी से बढ़ता मध्यमवर्ग और लोगों की बढ़ती आय ने भारत को वैश्विक साझेदार के रूप में एक पसंदीदा देश बना दिया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि यह ब्रिटेनका ब्रेक्जिट के बाद का सबसे महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता है. उन्होंने कहा, हमने लैंगिक, पर्यावरण, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) जैसेमुद्दों पर भी सहमति बनाई है.
सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण
गोयल ने कहा, कुछ गलत धारणाएं फैली हैं, जिन्हें मैं स्पष्ट करना चाहता हूं. हमने भारत के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा की है. हर देश के कुछक्षेत्र होते हैं जो संवेदनशील होते हैं, और ‘वन साइज फिट्स ऑल’ का सिद्धांत यहां लागू नहीं होता. उदाहरण के तौर पर, हमने डेयरी, चावल और चीनीजैसे क्षेत्रों को ब्रिटेन के लिए नहीं खोला है. उन्होंने कहा, यह समझौता निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा. भारत- ब्रिटेन के लिए टेक्नोलॉजी औरइनोवेशन में साझेदार बन सकता है. पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि अब तक हस्ताक्षरित सभी एफटीए में से भारत-ब्रिटेन एफटीए सबसेबड़ा, सबसे व्यापक और सबसे महत्वपूर्ण है.
एफटीए में है अध्याय
यह अब तक का व्यापक समझौता है जिसमें 30 अध्याय शामिल हैं. मुझे याद नहीं आता कि किसी अन्य एफटीए में इतने सारे अध्याय हों. पीयूषगोयल ने कहा कि यह एफटीए अब तक भारत द्वारा हस्ताक्षरित सभी समझौतों में सबसे व्यापक और गहरा है. इस समझौते में 30 अध्याय शामिल हैंजो इसे अत्यधिक विस्तृत और व्यापक बनाते हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें याद नहीं आता कि किसी अन्य एफटीए में इतने विषयों पर सहमति बनीहो. “यह अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक एफटीए है। इसमें 30 अध्याय हैं जो व्यापार, निवेश, नवाचार, बौद्धिक संपदा, पर्यावरण और श्रमिकअधिकारों जैसे अनेक पहलुओं को समेटते हैं. “भारत के किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए यह गेम-चेंजर साबित होगा. हमने अपने संवेदनशीलक्षेत्रों की पूरी सुरक्षा की है.