
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे ही सदन नहीं चलाना चाहते। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष नेताओं को बोलनेनहीं दिया जाता. प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ संसद परिसर में बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर विरोधप्रदर्शन भी किया। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘जब भी विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं तो उन्हें बोलनेकी इजाजत नहीं दी जाती. हम चर्चा की मांग कर रहे हैं और उन्हें ये मांग माननी चाहिए. बीते सत्र में मैं ये देखकर हैरान रह गई कि सत्ता पक्ष ने सदन मेंहंगामा शुरू किया. उन्होंने एक मुद्दे को पकड़ा ताकि विपक्ष उस पर प्रतिक्रिया दे. जिससे हंगामा हुआ और सदन की कार्रवाई स्थगित हो गई। अगर येउन्हें सही लगता है तो फिर ठीक है. प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार संसद को चलने नहीं दे रही, क्योंकि उसे बिहार में मतदाता सूचीपुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा नहीं करवानी है “जब भी विपक्ष के नेता बोलना चाहते हैं उन्हें बोलने नहीं दिया जाता सत्ता पक्ष जानबूझ कर हंगामा खड़ाकरता है ताकि चर्चा टाल दी जाए.
अनियमुतताओं पर है केंद्रित
प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर (Makar Dwar) पर बिहार के SIR मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कियाऔर सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया प्रियंका ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विवाद को संसद में उठाना लोकतंत्र बचानेका काम है. क्योंकि इसे लेकर संदेह पूरे देश में बढ़ रहा है विपक्ष का दावा है कि सरकार संसद को निरस्त करने और चर्चा रोकने की रणनीति अपनारही है. खासकर बिहार के मतदाता सूची विवाद पर यह विरोध एक बड़े मुद्दे—मतदाता सूची में अनियमितताओं—पर केंद्रित है. जिसे लेकर विपक्ष नेसंसद में बहस और जांच की मांग की पर रोक लगा दी गई प्रियंका गांधी ने इसे संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ बताया जबकि विपक्षी दलों ने इसेलोकतांत्रिक कर्तव्य और नागरिक अधिकारों की रक्षा के रूप में स्वीकारा. प्रियंका गांधी ने एक मजबूत रुख अपनाते हुए सरकार पर संसद कीकार्यवाही रोके जाने और लोकतंत्र का हनन करने का आरोप लगाया है. बिहार में मतदाता सूची पर बहस की मांग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षाकी उनकी मांग विवाद को और तेज कर रही है