
कर्नाटक के कागवाड़ से कांग्रेस विधायक भरमगौड़ा अलगौड़ा कागे ने सोमवार को संकेत दिए कि वह जल्द ही विधानसभा से इस्तीफा दे सकते हैं।बेलगावी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा चुकाहै। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत दुख है। मैं इस्तीफे पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं। अगर दो दिन के भीतर मैंने मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंप दिया, तो यहकिसी के लिए चौंकाने वाली बात नहीं होगी।”
विकास कार्यों में देरी को लेकर जताई नाराजगी
कागे ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र कागवाड़ में पिछले दो वर्षों से कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन तक नहीं हुआ औरजनता की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 25 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, जिनमेंसे 12 करोड़ सड़क निर्माण के लिए थे, अब तक सिर्फ कागजों तक सीमित हैं क्योंकि प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुए।
बी.आर. पाटिल के आरोपों का समर्थन किया
भरमगौड़ा कागे ने अपने सहयोगी विधायक बी.आर. पाटिल का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो बातें कहीं हैं, वे पूर्णतः सत्य हैं। पाटिल पहले हीसरकारी आवास योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि लाभार्थियों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। हालांकि, मंत्रीबी.जेड. जमीर अहमद खान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमला
कांग्रेस विधायकों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राज्य अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार और अव्यवस्था अब कांग्रेस सरकार की पहचान बन चुकी है।” विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार राज्य पर एकअभिशाप बन गई है, और अब कांग्रेस के अपने विधायक ही सरकार की असलियत उजागर कर रहे हैं।
सत्ता संघर्ष का भी लगाया आरोप
विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच आंतरिक टकराव चल रहा है, जिससे सरकारकमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जो कांग्रेस विधायक भाजपा की जनआंदोलनों का मज़ाक उड़ाते थे, आज वही सरकार के खिलाफ आवाज़ उठारहे हैं।