
देश की सबसे पुरानी एयरलाइन, एयर इंडिया, इन दिनों नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की कड़ी निगरानी में है। DGCA ने एयर इंडिया से2024 से अब तक हुए सभी सुरक्षा ऑडिट्स और जांचों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। इसमें कॉकपिट, रनवे, केबिन और रैम्प से जुड़ी खामियों की पूरीजानकारी देने को कहा गया है। DGCA की यह सख्ती उस समय बढ़ी जब मई 2025 में बैंगलोर से लंदन जा रही दो उड़ानों (AI133) में पायलटोंद्वारा फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का उल्लंघन सामने आया। इन उड़ानों में पायलटों को तय 10 घंटे से अधिक समय तक ड्यूटीपर रखा गया, जो स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इस मामले को गंभीर मानते हुए DGCA ने एयर इंडिया के अकाउंटेबल मैनेजर कोकारण बताओ नोटिस जारी किया और सात दिन में जवाब मांगा।
जांच में यह सामने आया कि क्रू शेड्यूलिंग में गंभीर लापरवाही हुई थी। इसके लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों—चूराह सिंह (डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट, IOCC), पिंकी मित्तल (चीफ मैनेजर, क्रू शेड्यूलिंग), और पायल अरोड़ा (क्रू शेड्यूलिंग प्लानिंग)—को जिम्मेदार ठहराया गया और तुरंत उनकेऑपरेशनल रोल्स से हटाने का आदेश दिया गया। DGCA ने 10 दिन के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। अब ये अधिकारीनॉन-ऑपरेशनल भूमिकाओं में काम करेंगे ताकि फ्लाइट सेफ्टी पर असर न पड़े।
इस सख्ती के पीछे एक बड़ी वजह 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ एक भयावह विमान हादसा भी है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 270 से ज्यादा यात्रियों और क्रू की जान चली गई थी। इस घटना ने एयरलाइन की सुरक्षाप्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद DGCA ने एयर इंडिया की सभी प्रणालियों की गहन जांच शुरू की और 20 जून को एयरलाइनको सभी पिछली जांचों और ऑडिट्स की जानकारी देने का आदेश जारी किया।
जांच में यह भी पाया गया कि फरवरी 2025 में हुई इंटरनल ऑडिट में क्रू शेड्यूलिंग में पहले से कई खामियां उजागर हुई थीं, जिन्हें नजरअंदाज करदिया गया। इसके अलावा, मई 2024 में जब एयर इंडिया ने पुराने ARMS सिस्टम को हटाकर नया CAE सिस्टम लागू किया, तब भी कईतकनीकी और नियामकीय चूकें हुईं—जैसे गलत क्रू पेयरिंग, पायलटों को पर्याप्त आराम न देना, और लाइसेंसिंग नियमों की अनदेखी। DGCA नेइसे एक “सिस्टम फेल्योर” करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एयर इंडिया ने DGCA के निर्देशों को मानते हुए कहा है कि वह सभी नियमों का पालन कर रही है। कंपनी ने बयान में कहा कि अब चीफ ऑपरेशंसऑफिसर बेसिल क्वॉक इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर की निगरानी करेंगे और एयरलाइन सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धहै। हालांकि, अहमदाबाद विमान हादसे की जांच अभी जारी है, और इसके परिणाम एयर इंडिया की प्रतिष्ठा और संचालन पर बड़ा असर डाल सकतेहैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या एयर इंडिया इस संकट से उबरकर अपनी पुरानी साख और यात्रियों का भरोसा दोबारा हासिल कर पाएगी।