छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के खरोरा क्षेत्र में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में 13 लोगों की जानचली गई, जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हृदयविदारक दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों केपरिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजाररुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित राहत और उपचार के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों के समुचित उपचार की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंनेकहा, “खरोरा क्षेत्र में हुई भीषण दुर्घटना की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाकरता हूँ। राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।”
कैसे हुआ हादसा: छठी कार्यक्रम से लौट रहे थे लोग
यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात लगभग डेढ़ बजे रायपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर खरोरा के पास बंगोली गांव में हुआ। मिनी ट्रक में सवार लोगएक पारिवारिक छठी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रेलर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 9 महिलाएं, 2 बच्चियां, एक बच्चा और 6 माह की एक शिशु शामिल हैं।
घायलों को खरोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं रायपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस और स्थानीयप्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, की मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भीषण हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “रायपुर में सड़क दुर्घटना मेंलोगों की मौत से अत्यंत दुखी हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देनेकी घोषणा की है।
स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। दुर्घटनास्थल से शवों को निकालने औरघायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन ने तत्परता दिखाई।