पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का माकूल जवाब देते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थितआतंकी ठिकानों पर बीती रात एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेकैबिनेट बैठक में अपना पहला बयान दिया और सेना के शौर्य की सराहना की। उन्होंने कहा, “सेना ने बेहतरीन कार्य किया है। यह पूरे देश के लिए गर्वका पल है।”
सैन्य कार्रवाई का स्वरूप और परिणाम
सेना द्वारा की गई इस कार्रवाई में पाकिस्तान और PoK में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इसऑपरेशन में भारी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर कापूरा परिवार इस हमले में मारा गया है। उसके परिवार के कुल 14 सदस्य इस सैन्य कार्रवाई में मारे जाने की खबर है। यह भारतीय सुरक्षा बलों की एकबड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
कैबिनेट की विशेष बैठक में पीएम मोदी ने कहा, “भारतीय सेना ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि भारत की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वालों कोकरारा जवाब दिया जाएगा। तीनों सेनाओं ने जो साहस और सामरिक सूझबूझ दिखाई है, उस पर पूरे देश को गर्व है।” बैठक के दौरान पीएम मोदी केदाईं ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बाईं ओर गृह मंत्री अमित शाह उपस्थित थे।
बैठक में जब प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की जानकारी दी, तो कैबिनेट के सभी सदस्यों ने मेज थपथपा कर सेना के इस पराक्रम कीसराहना की। बैठक का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री गंभीर और गर्वित मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं।
राष्ट्रपति को दी जाएगी जानकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मोदी आज शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे और उन्हें देश के मौजूदासुरक्षा हालात और सेना की कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे। राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां देने की यह प्रक्रियाभारतीय लोकतंत्र की संवैधानिक परंपराओं का हिस्सा है।
सर्वदलीय बैठक का ऐलान
कैबिनेट की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गुरुवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहकरेंगे और गृह मंत्री अमित शाह भी इसमें शामिल होंगे। इस बैठक का उद्देश्य विपक्षी दलों को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देना और उन्हें विश्वास मेंलेना है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एकजुटता दिखाई जा सके।
कूटनीतिक पहल भी तेज
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने कई मित्र देशों को इस सैन्य कार्रवाई के बारे में अवगतकराया है और बताया है कि यह कदम आत्मरक्षा और आतंकी गतिविधियों के खिलाफ था। भारत यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि वैश्विक समुदायइस कदम को आतंकवाद के विरुद्ध एक निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखे।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस सैन्य कार्रवाई के बाद देशभर में सेना के प्रति सम्मान और गर्व की लहर है। सोशल मीडिया पर नागरिकों ने सेना और प्रधानमंत्री मोदी की रणनीतिकी सराहना की है। कई पूर्व सैन्य अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों ने इस ऑपरेशन को “सटीक और साहसिक” बताया है।