नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा ऐतिहासिक बाजारों को स्थानांतरित करने की योजना को लेकरभारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि दिल्ली सरकारव्यापारियों को दिल्ली से बाहर भेजने की सुनियोजित साजिश कर रही है।
“मुख्यमंत्री को देना होगा बयान वापस”: सौरभ भारद्वाज
भारद्वाज ने कहा कि 2 मई को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में भाजपा समर्थित संस्था CAIT द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नेकहा कि चांदनी चौक, सदर बाजार और दरियागंज जैसे बाजार अत्यधिक भीड़भाड़ वाले हो गए हैं, जिनमें अब सांस लेना भी मुश्किल है। उन्होंने कहाकि सरकार इन बाजारों को कहीं और स्थानांतरित करने की योजना पर काम कर रही है। इस बयान से दिल्ली के व्यापारियों में घबराहट फैल गई है।
2022 से चल रही है साजिश
AAP नेता ने दावा किया कि भाजपा द्वारा यह साजिश 2022 में ही शुरू हो गई थी, जब पार्टी नेता कुलजीत चहल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के साथ दिल्ली के व्यापारियों की बैठक कराई थी। इस बैठक में व्यापारियों को हरियाणा में कारोबार स्थानांतरित करने के लिए लुभावनेप्रस्ताव दिए गए थे। भारद्वाज ने कहा कि अब सोनीपत में ‘भागीरथ पैलेस’ और ‘चांदनी चौक’ नामक बाजारों का निर्माण इस योजना का हिस्सा है।
“दिल्ली के व्यापारी नहीं जाएंगे बाहर”
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इन बाजारों में पीढ़ियों से व्यापार कर रहे व्यापारी अपनी जड़ों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इसे दिल्ली कीसांस्कृतिक धरोहर बताया और कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों के साथ अन्याय कर रही है।
“केजरीवाल सरकार ने शुरू किया था नवीनीकरण”
भारद्वाज ने याद दिलाया कि 2022 में जब केजरीवाल सरकार सत्ता में थी, तब व्यापारियों की मांग पर चांदनी चौक बाजार का कायाकल्प किया गयाऔर अन्य बाजारों के लिए भी ₹100 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय AAP सरकार ने व्यापारियों को आश्वस्तकिया था कि बाजारों को दिल्ली से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
आम आदमी पार्टी का ऐलान: भाजपा के फैसले का करेंगे विरोध
AAP नेता ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली के व्यापारियों के साथ खड़ी है और भाजपा की सरकार द्वारा बाजारों को दिल्ली से बाहर स्थानांतरित करनेके किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपना बयान तुरंत वापस लें और दिल्ली के व्यापारियों कीभावनाओं का सम्मान करें।