प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर केपहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कायराना हमले ने पूरे देश के खून को खौला दिया है औरदेश एकजुट होकर शहीदों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि साजिश रचने वालों को मुंहतोड़ जवाब दियाजाएगा और कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।
देश एकजुट, पीड़ितों को मिलेगा न्याय
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि पहलगाम हमले के दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी। हमले में शहीदहुए जवानों और नागरिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी गई है और जल्द ही इस हमले के पीछे के षड्यंत्रकारियों को पकड़कर सख्त सजा दी जाएगी। मोदीने विशेष रूप से उन सुरक्षाबलों की सराहना की, जो दिन-रात शांति बहाल करने और निर्दोष नागरिकों की रक्षा में लगे हुए हैं।
हमले के बाद देश का खून खौल रहा है
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस हमले ने न केवल पीड़ित परिवारों को, बल्कि पूरे देशवासियों को गहरी पीड़ा दी है। “जब निर्दोष लोगों परहमला होता है, जब देश के सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया जाता है, तो देश का खून खौल उठता है। हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैंजिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है,” प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि यह हमला आतंकियों की हताशा का परिणाम है, जो जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास के माहौल को बिगाड़ने की साजिश कर रहेहैं। लेकिन सरकार और सुरक्षाबल उनके मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे।
साजिशकर्ताओं को मिलेगा करारा जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि हमले की योजना बनाने वाले, उसे अंजाम देने वाले और उन्हें समर्थन देने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाईकी जाएगी। उन्होंने कहा, “हम न केवल हमलावरों को ढूंढ निकालेंगे, बल्कि इस साजिश की जड़ तक पहुँचकर उसे पूरी तरह से नष्ट करेंगे। भारत अबनया भारत है, जो आतंकवाद के हर चेहरे को बेनकाब कर उसे करारा जवाब देने में सक्षम है।”
शांति और विकास की राह पर कश्मीर
प्रधानमंत्री ने कश्मीर में हो रहे विकास कार्यों और बदलते माहौल पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज का कश्मीर नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहाहै। पर्यटन, बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन हो रहे हैं, वे आतंकवादियों और उनके आकाओं को रास नहीं आ रहे। “यही वजह है कि वेफिर से हिंसा का रास्ता अपना रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे,” प्रधानमंत्री ने आत्मविश्वास से कहा।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और स्थानीय जनता मिलकर शांति एवं समृद्धि की यात्रा को और गति देंगे।
देशवासियों से एकजुटता की अपील
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे इस कठिन समय में एकजुट रहें और सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाएं।उन्होंने कहा कि “देश की जनता का एकजुट संकल्प ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आतंक के खिलाफ लड़ाई में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्णहै।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब देश एक स्वर में आतंक के खिलाफ खड़ा होता है, तो दुनिया भी भारत की दृढ़ता को महसूस करती है।
पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का वादा
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार शहीदों के परिवारों और घायल लोगों को हर संभव मदद देगी। “सरकार उनकी हर ज़रूरत काध्यान रखेगी। चाहे आर्थिक सहायता हो, पुनर्वास हो या अन्य कोई ज़रूरत — सरकार और पूरा देश उनके साथ खड़ा है।”
उन्होंने कहा कि एक भी बलिदान बेकार नहीं जाएगा और जो भी इस हमले में शामिल रहा है, उसे उसकी सजा अवश्य मिलेगी।