स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी कैलिफोर्निया के हूवर इंस्टीट्यूशन में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारत के पिछले दो केंद्रीय बजटों नेसभी क्षेत्रों में एक स्पष्ट नीति और एजेंडे के साथ बदलाव का आधार तैयार किया है. उन्होनें कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाने की यात्राकेवल एक आकांक्षा या सपना नहीं है बल्कि एक साझा राष्ट्रीय मिशन है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक कार्यक्रमके दौरान यह बात कही इस दौरान उन्होंने कहा कि अगले दो दशक में सतत वृद्धि के लिए भारत की कोशिशें एक नए आदर्श पर टिकी है. यहसाहसिक सुधारों बढ़ी हुई घरेलू क्षमताओं और उभरते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल रणनीतिक संस्थागत सहयोग पर आधारित है.स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीकैलिफोर्निया के हूवर इंस्टीट्यूशन में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले दो केंद्रीय बजटों ने सभी क्षेत्रों में एक स्पष्ट नीति और एजेंडे के साथबदलाव का आधार तैयार किया है. वित्त मंत्री के अनुसार पिछले दशक में सरकार ने संरचनात्मक सुधार किए हैं. 20,000 से अधिक नियमों कोयुक्तिसंगत बनाया गया है व्यापार से जुड़े कानूनों को अपराधमुक्त किया गया है और टकराव को कम करने के लिए सार्वजनिक सेवाओं काडिजिटलीकरण किया गया है.
2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का रखा है लक्ष्य
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास पर महत्वपूर्ण जोर देने से पिछले 10 वर्षों में निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और विनिर्माणआधारित विकास के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ. सीतारमण ने कहा कि 2017-18 और 2025-26 के बजट के बीच केंद्र सरकार के पूंजीगतव्यय में चार गुना से अधिक की वृद्धि से यह संभव हुआ. उन्होंने कहा विभिन्न राज्य सरकारों की ओर से व्यवसाय सुधार से जुड़ी कार्य योजना केक्रियान्वयन के हमारे अनुभव ने यह जाहिर किया है कि विनियमन में ढील औद्योगिक विकास के लिए एक शक्तिशाली उत्प्रेरक है. वित्त मंत्री ने कहाकि आगे बढ़ते हुए भारत की विकास गति को बनाए रखने के लिए साहसिक सुधारों और बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप अनुकूलनीय रणनीतियों केनए दृष्टिकोण की जरूरत है. उन्होंने कहा अगले दो दशकों में भारत की विकास गति को बनाए रखने के लिए साहसिक सुधारों मजबूत घरेलू क्षमताओंनई संस्थागत साझेदारियों और उभरते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल दृष्टिकोण की आवश्यकता है. भारत ने 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने कालक्ष्य रखा है.
विकसित भारत की रख रहे है नींव
इस साल देश ब्रिटिश शासन से अपनी स्वतंत्रता के 100वें वर्ष में प्रवेश करेगा. इसको लेकर उन्होंने कहा जब हम विकसित भारत की नींव रख रहे हैं. तो हमें वर्तमान वास्तविकताओं को नजरअंदाज किए बिना दीर्घकालिक लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए. वैश्विक व्यवस्था बदल रही है इससेचुनौतियां तो पैदा होती ही हैं अवसर भी मिलते हैं. हमें चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए और अवसरों का लाभ उठाना चाहिए. उन्होंनेकहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने की भारत की यात्रा महज एक आकांक्षा नहीं है. बल्कि समावेशी, टिकाऊ और नवाचार आधारित विकासके विजन से प्रेरित एक साझा राष्ट्रीय मिशन है. उन्होंने कहा कि महामारी से हुए नुकसान और बैंकिंग संकट के बावजूद पिछले दशक में हमारी प्रगतिमजबूत वृहद आर्थिक बुनियादी बातों और स्थिर सुधारों पर आधारित है. जो हमें आगे की राह के लिए आत्मविश्वास और दिशा प्रदान करती है उन्होंनेकहा कि इसके असर से भारत विश्व की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.