"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

पोप फ्रांसिस अब हमारे बीच नहीं रहे सोमवार 21 अप्रैल, 2025 को 88 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. उन्होंने वेटिकन के कासा सांता मार्टास्थित अपने निवास पर सुबह 7.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) अंतिम सांस ली. वेटिकन समाचार के मुताबिक वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. बीतेदिन ईस्टर के अवसर पर लंबे समय के बाद वे लोगों के सामने आए थे. पोप फ्रांसिस जेसुइट ऑर्डर से पहले पोप थे 8वीं शताब्दी के बाद से यूरोप केबाहर से पहले पोप थे. अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो के रूप में जन्मे पोप फ्रांसिस 1969 में कैथोलिक पादरी नियुक्त कियागया था. 28 फरवरी, 2013 को पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद 13 मार्च को एक पोप सम्मेलन ने कार्डिनल बर्गोग्लियो को उनकाउत्तराधिकारी चुना. उन्होंने सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी के सम्मान में फ्रांसिस को अपना पोप नाम चुना. अब आधिकारिक शोक की 14 दिन की अवधिहोगी जिसके बाद कार्डिनल मसीह के नए विकर का चुनाव करने के लिए सम्मेलन में जाएंगे.पोप फ्रांसिस लंबे समय से बीमार चल रहे थे। लगभग एकमहीने तक अस्पताल में इलाज कराने के बाद पोप 24 मार्च को अपने निवास स्थान कासा सांता मार्टा लौटे थे.

अस्पताल से लौटने पर लोगों ने दिया था आशीर्वाद
अस्पताल से लौटने पर उन्होंने बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर जमा हुए लोगों को आशीर्वाद दिया था. सार्वजनिक रूप से पोप को देखने के बादलोग काफी खुश दिखे थे और जयकारे भी लगाए थे.पोप फ्रांसिस को 14 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें डबल निमोनिया हो गयाथा अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका चला था. एक महीने से ज्यादा समय अस्पताल में बिताने के बाद उन्हें छुट्टी दी गई थी. पोप कीदेखभाल करने वाले सर्जरी प्रमुख सर्जियो अल्फिएरी ने बताया था कि उन्हें दवाइयां की जरूरत पड़ती रहेगी.पोप फ्रांसिस जब जवान थे, तब उनके एकफेफड़े में संक्रमण के कारण उसे हटाना पड़ा था. इस कारण उन्हें सांस से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा था. 2023 में भी उन्हें फेफड़ों मेंसंक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था.पोप फ्रांसिस भारत आने वाले थे। पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बताया थाकि पोप फ्रांसिस के 2025 के बाद भारत दौरे पर आने की संभावना है.

भारत कर चुका है पहले पोप फ्रांसिस को आधिकारिक तौर पर आमंत्रित
दरअसल 2025 को कैथोलिक चर्च ने जुबली वर्ष के रूप में घोषित किया है भारत पहले ही पोप फ्रांसिस को आधिकारिक तौर पर आमंत्रित कर चुकाहै. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें सीधे तौर पर निमंत्रण दे चुके हैं यात्रा पोप की सेहत और सुविधा के अनुसार निर्धारित की जाने वाली थी.पोप फ्रांसिसने अपने आखिर संदेश में जरूरतमंदों की मदद करने भूखों को खाना देने और विकास को बढ़ावा देने वाली पहलों को प्रोत्साहित करने की अपील कीथी. ईस्टर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने लिखा’मैं हमारी दुनिया में राजनीतिक जिम्मेदारी के पदों पर बैठे सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे डर केआगे न झुकें. डर दूसरों से अलगाव की ओर ले जाता है सभी जरूरतमंदों की मदद करने भूख से लड़ने और विकास को बढ़ावा देने वाली पहलों कोप्रोत्साहित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करें. ये शांति के हथियार हैं हथियार जो मौत के बीज बोने के बजाय भविष्य का निर्माण करतेहैं. मानवता का सिद्धांत हमारे दैनिक कार्यों की पहचान बनने से कभी न चूके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *