प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को हरियाणा भूमि सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में काराबारी और वायनाड से कांग्रेस प्रियंका गांधी के पति रॉबर्टवाड्रा से पूछताछ की. हालांकि वाड्रा ने एजेंसी के समन राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया.उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान पहले भी ईडी के साथ घंटोंबिताए हैं.हजारों पेज साझा किए हैं लेकिन फिर भी एजेंसी उनके खिलाफ मामले उठा रही है. मैं न ही किसी दबाव में आने वाला हूं और न ही किसी सेडरने वाला हूं.56 साल के रॉबर्ट वाड्रा मध्य दिल्ली के सुजान सिंह पार्क स्थित अपने आवास से एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर स्थित ईडी मुख्यालयतक दो किलोमीटर पैदल गए. ईडी कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया ‘यह कुछ और नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोधहै. जब भी मैं अल्पसंख्यकों के लिए बोलता हूं तो वे मुझे रोकने की कोशिश करते हैं हमें कुचलने की कोशिश करते हैं. उन्होंने संसद में राहुल को भीरोकने की कोशिश की. यह एजेंसियों का दुरुपयोग है और यह राजनीतिक प्रतिशोध है. मैं पहले की तरह उनके साथ सहयोग करूंगा.इससे पहलेप्रवर्तन निदेशालय ने रॉबर्ट वाड्रा को जमीन सौदा मामले में दूसरी बार तलब किया था.
मंगलवार की सुबह पहुंचे ईडी के दफ्तर
समन के तहत वे मंगलवार सुबह ईडी दफ्तर पहुंचे थे. पहले ईडी ने उन्हें समन कर 8 अप्रैल को पेश होने को कहा था हालांकि तब वे पेश नहीं हो पाएथे. जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत वाड्रा का बयान दर्ज किया. इससे पहले संघीय जांच एजेंसी ने एक अन्य धनशोधन मामले में वाड्रा से पूछताछ की थी.दरअसल ईडी ने मंगलवार को हरियाणा के शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले मेंरॉबर्ट वाड्रा को समन भेजा है. वाड्रा पहले समन पर उपस्थित नहीं हुए थे जो 8 अप्रैल को जारी किया गया था. उन्हें पूछताछ के लिए ईडी के सामनेउपस्थित होने के लिए कहा गया. क्योंकि केंद्रीय जांच एजेंसी उनकी फर्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं कीजांच कर रही है. ईडी के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुड़गांव के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ का प्लॉट 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा था.
डीएलएफ को बेचा 59 करोड़ में
उनकी कंपनी ने इसके बाद जमीन को रियल एस्टेट दिग्गज डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया.इससे ईडी दफ्तर जाते वक्त रॉबर्ट वाड्रा ने कहाकि सरकार बदले के तहत कारवाई कर रही है. मुझे नहीं पता कि आखिर गलती क्या है मुझे किसी से भी कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं है. मैं कुछ भीगलत नहीं किया है मेरे खिलाफ जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. यह सब कुछ मुझे परेशान करने और फंसाने के लिए किया जारहा है. इस मामले में कुछ भी नहीं है। पिछले 20 सालों में मुझे 15 बार बुलाया गया और हर बार 10 घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई. मैंने 23000 दस्तावेज जमा किए हैं. मुझसे जो भी पूछा जाएगा उन्हें सब बताएंगे.