वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भाजपा और आरएसएस जातिगत जनगणना को रोकने की कोशिश कर रहेहैं, लेकिन यह प्रक्रिया अब नहीं रुकने वाली। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत खुद इसके विरोध में हैं, जबकि कांग्रेस इसे सामाजिकक्रांति का जरिया मानती है।
‘जातिगत जनगणना से उजागर होगा असमानता का सच’
पटना में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश की 90% से अधिक आबादी जिन वर्गों से आती है, उन्हें उच्च पदों पर जगह नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से पता चलेगा कि कौन-से वर्गों के पास संसाधनों पर कितना अधिकार हैऔर कौन-से लोग किन पदों पर हैं।
उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा कराई गई जातिगत गणना का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट हुआ कि वंचित वर्गों की निजी औरसरकारी संस्थानों में भागीदारी नगण्य है।
दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को बताया ‘सेकंड क्लास नागरिक’
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और महिलाएं अब भी द्वितीय श्रेणी के नागरिक जैसे हालात में जी रहेहैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन वर्गों को उनका हक दिलाने के लिए 50% आरक्षण की सीमा तोड़ने को तैयार है।
संविधान को बताया समता का प्रतीक, भाजपा पर हमला
भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि संविधान में महात्मा गांधी, अंबेडकर और नेहरू जैसे नेताओं की सोच है, न कि सावरकरकी। राहुल ने कहा कि भाजपा ‘400 पार’ की बात कर संविधान बदलना चाहती थी, लेकिन जनता के जागने और इंडिया गठबंधन के खड़े होने केबाद उन्हें संविधान का सम्मान करना पड़ा।
‘बिहार सरकार के फैसले उद्योगपतियों के पक्ष में’
नीतीश कुमार की सरकार की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां अडाणी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों कोफायदा पहुंचा रही हैं।
‘कांग्रेस सामाजिक न्याय के रास्ते पर’
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस बिहार में सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही मेंजिला अध्यक्षों की नियुक्ति में भी सामाजिक संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है, ताकि वंचित तबकों को आगे लाया जा सके।